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Thursday, July 2, 2026
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दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र बरडीह में पहुंची स्वास्थ्य सेवा, 672 लोगों की स्क्रीनिंग

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गुमला (ब्यूरो प्रमुख ) – गणपत लाल चौरसिया

*दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र बरडीह में पहुंची स्वास्थ्य सेवा, 672 लोगों की स्क्रीनिंग, 107 का हुआ एक्स-रे, 4 टीबी संदिग्ध चिन्हित*

 

*टीबी मुक्त भारत अभियान को मिली नई मजबूती, ग्रामीणों ने स्वास्थ्य विभाग की पहल को बताया वरदान*

 

गुमला : – गुमला जिला अंतर्गत स्थित चैनपुर प्रखंड में राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम ( एनटीईपी) के तहत टीबी मुक्त भारत अभियान को सफल बनाने के उद्देश्य से चैनपुर प्रखंड के अत्यंत दुर्गम एवं पहाड़ी क्षेत्र बरडीह में निश्चय शिविर का आयोजन किया गया। बरडीह पंचायत अंतर्गत तबेला आयुष्मान आरोग्य मंदिर एवं केरागानी आयुष्मान आरोग्य मंदिर के कार्यक्षेत्र में आयोजित इस विशेष शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लिया और स्वास्थ्य जांच का लाभ उठाया।

 

बरडीह, तबेला, ऊपर डुमरी, कोल्दा, सोकराहातू, केवना, नवाटोली, केरागानी, छुजरी, रोरेद, मरवा, कोचागनी तथा पाकरकोना सहित आसपास के दर्जनों गांवों से ग्रामीण शिविर में पहुंचे। पहाड़ों और जंगलों से घिरे इस क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाओं की सीमित उपलब्धता के बावजूद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गांव-गांव पहुंचकर लोगों को जांच के लिए प्रेरित किया।

 

शिविर के दौरान कुल 672 लोगों की स्क्रीनिंग की गई। स्क्रीनिंग के आधार पर 107 संभावित टीबी मरीजों का डिजिटल एक्स-रे परीक्षण किया गया। इनमें 34 पुरुष एवं 73 महिलाएं शामिल थीं। जांच के दौरान 4 व्यक्ति टीबी संदिग्ध पाए गए, जिन्हें आगे की जांच एवं आवश्यक उपचार के लिए चिन्हित किया गया है।

 

*दुर्गम क्षेत्र के लोगों को मिला बड़ी राहत*

 

कार्यक्रम में उपस्थित बरडीह पंचायत के मुखिया ईश्वर खेस ने स्वास्थ्य विभाग की टीम का स्वागत करते हुए कहा कि यह क्षेत्र वर्षों से स्वास्थ्य सुविधाओं के अभाव से जूझता रहा है। यहां के अधिकांश परिवार आर्थिक रूप से कमजोर हैं और गुमला या अन्य शहरों में जांच कराने जाना उनके लिए आसान नहीं होता। ऐसे में गांव में ही एक्स-रे एवं टीबी जांच की सुविधा उपलब्ध होना ग्रामीणों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है।

 

उन्होंने कहा कि समय पर जांच होने से टीबी जैसी गंभीर बीमारी की पहचान प्रारंभिक अवस्था में ही संभव हो सकेगी, जिससे मरीजों को बेहतर उपचार मिल पाएगा और संक्रमण को फैलने से रोका जा सकेगा। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के इस प्रयास की सराहना करते हुए भविष्य में भी नियमित रूप से ऐसे शिविर आयोजित करने की मांग की।

 

*ग्रामीणों ने जताया आभार

शिविर में शामिल ग्रामीणों ने कहा कि पहाड़ी और जंगलों से घिरे इस क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना एक बड़ी चुनौती है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा गांव में ही एक्स-रे जांच एवं स्क्रीनिंग की सुविधा उपलब्ध कराने से लोगों का समय और आर्थिक खर्च दोनों बचे हैं। ग्रामीणों ने इस जनकल्याणकारी पहल के लिए स्वास्थ्य विभाग के प्रति आभार व्यक्त किया।

*टीबी उन्मूलन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम*

स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत ऐसे क्षेत्रों को विशेष प्राथमिकता दी जा रही है, जहां स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच सीमित है। निश्चय शिविरों के माध्यम से संभावित मरीजों की पहचान कर समय पर जांच एवं उपचार सुनिश्चित किया जा रहा है, ताकि वर्ष 2028 तक देश को टीबी मुक्त बनाने के लक्ष्य को प्राप्त किया जा सके।

*इनकी रही महत्वपूर्ण भूमिका*

 

इस शिविर को सफल बनाने में जिला यक्ष्मा पदाधिकारी डॉ. के.के. मिश्रा, चैनपुर प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. दीपशिखा किंडो, वरीय चिकित्सा पर्यवेक्षक रणधीर, तबेला आयुष्मान आरोग्य मंदिर के सीएचओ अजीत एक्का, केरागानी की सीएचओ सुजाता कुमारी, एक्स-रे टेक्नीशियन उपेंद्र कुमार साहू, विनय कुमार, कंचन किशोर श्रीवास्तव, प्रेम लकड़ा, मिनी जोसिमा कुल्लू, मोनिका कुमारी, बीना देवी, अनिमा मिंज, सुशीला उरांव, सोशन्ति मिंज, रितु देवी, मयंती लकड़ा, शोभा देवी, मनियारो उरांव, रूनी देवी सहित स्वास्थ्य विभाग के अन्य कर्मियों की सराहनीय भूमिका रही।

 

ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने स्वास्थ्य विभाग की पूरी टीम के प्रति धन्यवाद ज्ञापित करते हुए इस अभियान को क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक और जनहितकारी पहल बताया।

राम भक्तों के लिए

मध्य प्रदेश एस आर एल एम के सदस्यों ने क्षेत्र भ्रमण कर समझा सामुदायिक आजीविका संवर्धन मे सामुदायिक सौर ग्रिड के योगदान को

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गुमला (ब्यूरो प्रमुख ) – गणपत लाल चौरसिया

गुमला : – गुमला जिला में मध्य प्रदेश राज्य आजीविका मिशन के पदाधिकारियों के प्रतिनिधिमण्डल ने दो दिवसीय क्षेत्र परिभ्रमन के दौरान गुमला जिला के घाघरा और गुमला सदर प्रखण्ड मे प्रदान संस्था के सहयोग से स्थापित सौर ग्रिड व्यवस्था और उसके माध्यम से की जा रही आजीविका गतिविधियों का अवलोकन किया. प्रतिनिधिमण्डल के क्षेत्र परिभ्रमण का मुख्य उद्देश्य गुमला जिला मे समुदाय के द्वारा संचालित सौर ग्रिड मॉडल के सामुदायिक प्रबंधन, इसके घरेलु उपभोग तथा आजीविका गतिविधियों मे किये जा रहे उपयोग को समझना था. क्षेत्र परिभ्रमण के दौरान पहले दिन घाघरा प्रखंड के बुरजू, सेहल और दूसरे दिन लालमाटी गाँव के स्वयं सहायता समूह के सदस्यों से प्रतिनिधिमण्डल ने सौर ऊर्जा से मिलने वाले लाभोँ और आजीविका गतिविधियों पर गहन चर्चा की गयी. इसके अतिरिक्त प्रतिनिधिमण्डल ने गुमला जिला मे चल रहे रागी प्रोसेसिंग इकाई करौदी, मॉडल मीटिंग कटिंग इकाई और समाहरणालय परिसर गुमला मे अवस्थित गुमला हाट का विशेष भ्रमण किया.

 

इस अवसर पर प्रतिनिधि मण्डल का मार्गदर्शन प्रदान संस्था के जिला समन्वयक मो. मिराजउद्दीन तथा अन्य पदाधिकारी व जेएसएलपीएस के डीपीएम शैलेन्द्र जरिका और डीएलएम बिरेन मिंज के द्वारा किया गया

 

प्रतिनिधि मंडल में एमपीएसआरएलएम के सीईओ हर्षिका सिंह आईएएस एवं राज्य इकाई से 11 अन्य सदस्य के एलवा जेएसएलपीएस के राज्य इकाई से अरिंदम मिश्रा उपस्थिति थेl

राम भक्तों के लिए

उपायुक्त ने की आपूर्ति एवं उत्पाद विभाग की समीक्षा, पारदर्शी एवं सुचारु राशन वितरण सुनिश्चित करने के दिए निर्देश

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गुमला (ब्यूरो प्रमुख ) – गणपत लाल चौरसिया

गुमला : – गुमला उपायुक्त दिलेश्वर महत्तो की अध्यक्षता में बुधवार को आपूर्ति विभाग एवं उत्पाद विभाग अंतर्गत संचालित योजनाओं की समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई। बैठक में सार्वजनिक वितरण प्रणाली सहित विभागीय योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

बैठक के दौरान उपायुक्त ने डोर स्टेप डिलीवरी व्यवस्था की समीक्षा करते हुए कहा कि खाद्यान्न की आपूर्ति समयबद्ध एवं सुचारु रूप से सुनिश्चित की जाए। उन्होंने विशेष रूप से वर्षा ऋतु को देखते हुए आदिम जनजातीय समूह बहुल एवं दुर्गम ग्रामों में भी खाद्यान्न की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने पर बल दिया।

उपायुक्त ने ई-केवाईसी की अद्यतन स्थिति की समीक्षा करते हुए पात्र लाभुकों का शत-प्रतिशत सत्यापन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने ई-केवाईसी कार्य में तेजी लाते हुए कम-से-कम 90 प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त करने का निर्देश दिया, ताकि अपात्र व्यक्तियों को खाद्यान्न का लाभ न मिले तथा वास्तविक लाभुकों तक योजनाओं का लाभ पहुंच सके।

समीक्षा के क्रम में उपायुक्त ने मृत लाभुकों के नामों का सत्यापन कर उन्हें सूची से हटाने तथा अपात्र लाभुकों को चिन्हित कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। साथ ही मोबाइल नंबर सीडिंग, डुप्लीकेट लाभुकों की पहचान एवं डेटा शुद्धिकरण कार्य को प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण करने को कहा।

उपायुक्त ने स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली में किसी भी प्रकार की अनियमितता अथवा कालाबाजारी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। खाद्यान्न वितरण प्रक्रिया को पूर्णतः पारदर्शी एवं जवाबदेह बनाए रखने के लिए नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने सभी गोदामों का भौतिक सत्यापन करने तथा भंडारण एवं वितरण व्यवस्था की सतत निगरानी रखने का निर्देश दिया।

बैठक में जिला आपूर्ति पदाधिकारी एवं संबंधित अधिकारियों को नियमित निरीक्षण करने तथा विपणन पदाधिकारियों को औचक जांच अभियान चलाकर वितरण व्यवस्था की निगरानी करने के निर्देश दिए गए, ताकि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी पर त्वरित कार्रवाई की जा सके।

बैठक में डीसीएलआर गुमला सह जिला आपूर्ति पदाधिकारी राजीव कुमार,सभी प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी, साथ ही आपूर्ति विभाग एवं उत्पाद विभाग के संबंधित पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित थे।

राम भक्तों के लिए

पालकोट के सनसनी, जंगल में पुलिस ने बरामद किया एक 20 वर्षीय युवक का शव

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गुमला (ब्यूरो प्रमुख ) – गणपत लाल चौरसिया

गुमला : – गुमला जिला अंतर्गत स्थित पालकोट थाना क्षेत्र से एक बड़ी और दुखद खबर प्रकाश में आई है । पालकोट थाना क्षेत्र के सेमरा स्कूल से लगभग आधा किलोमीटर दूर स्थित जंगल में एक 20 वर्षीय युवक का शव पटकोट पुलिस ने बरामद किया हैं, उक्त शव के मिलने से पूरे क्षेत्र में सनसनी लहर फैल गई है। घटना के बाद से स्थानीय ग्रामीणों में हड़कंप मचा हुआ है। मृतक की पहचान कोयनारा टोंगरटोली निवासी गौरव सिंह उर्फ जोगा उम्र करीब 20 वर्ष के रूप में हुई है, जो राम सिंह का पुत्र था। प्राप्त सुचना अनुसार, सोमवार रात गुड़मा में पत्थलगढ़ी के शुभअवसर पर एक रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया था, जिसमें गौरव सिंह भी शामिल होने गया था। जहां किसी प्रकार की घटना होने की संभावना व्यक्त की जा रही है, यह भी चर्चा में है की उक्त घटना सोमवार रात की ही है। बताया जाता है की मंगलवार को जब उक्त गांव के ग्रामीण जंगल की तरफ गए, तब उनकी नजर एक शव पर पड़ी, और लोगों की होश उड़ गई । जिसकी सूचना पालकोट थाना पुलिस को दी गई, सूचना मिलते ही पालकोट थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए, उक्त घटनास्थल पर पहुंचकर सर्वप्रथम उक्त शव को अपने कब्जे में लेते हुए, पोस्टमार्टम हेतु, गुमला सदर अस्पताल स्थित पोस्टमार्टम हाउस भिजवाया गया और पोस्टमार्टम के बाद उक्त शव को उसके परिजनों को सौप दिया गया, और पालकोट पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आने के बाद ही किसी निष्कर्ष पर पहुंचेगी, फिलहाल उक्त मामले की छानबीन जारी है l

राम भक्तों के लिए

स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक में उपायुक्त ने दिए आवश्यक दिशा-निर्देश

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गुमला (ब्यूरो प्रमुख ) – गणपत लाल चौरसिया

गुमला : – गुमला उपायुक्त दिलेश्वर महत्तो की अध्यक्षता में बुधवार को स्वास्थ्य विभाग की समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले में संचालित विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं एवं कार्यक्रमों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

बैठक के दौरान उपायुक्त ने आयुष्मान भारत कार्ड निर्माण की वर्तमान प्रगति की समीक्षा करते हुए पात्र लाभुकों का शत-प्रतिशत आयुष्मान कार्ड निर्माण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। साथ ही जिले में निक्षय रोग (टीबी) नियंत्रण कार्यक्रम की समीक्षा करते हुए बताया गया कि वर्तमान में जिले में 5,45 टीबी मरीज चिन्हित हैं। उपायुक्त ने मरीजों की नियमित जांच, उपचार एवं निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। समीक्षा के क्रम में जानकारी दी गई कि जिले की 62 पंचायतें टीबी मुक्त घोषित हो चुकी हैं। इस पर उपायुक्त ने शेष पंचायतों को भी मिशन मोड में कार्य करते हुए टीबी मुक्त बनाने हेतु आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया।

बैठक में मलेरिया नियंत्रण कार्यक्रम की समीक्षा के दौरान बताया गया कि जिले में मलेरिया संक्रमण दर घटकर 0.4 प्रतिशत तक पहुंच गई है। उपायुक्त ने इस उपलब्धि को बनाए रखते हुए सतत निगरानी एवं जागरूकता गतिविधियां संचालित करने का निर्देश दिया।

फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम, दिव्यांगता प्रमाण पत्र वितरण, एनक्यूएएस एवं कायाकल्प कार्यक्रमों की भी समीक्षा की गई। उपायुक्त ने स्वास्थ्य संस्थानों में गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने तथा निर्धारित मानकों के अनुरूप कार्यों को पूर्ण करने के निर्देश दिए।

बैठक में रक्तदान को बढ़ावा देने हेतु जिले में नियमित रूप से रक्तदान शिविर आयोजित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही मानसून एवं वर्षा ऋतु को देखते हुए सभी अस्पतालों एवं स्वास्थ्य केंद्रों में सर्पदंश पीड़ितों के उपचार हेतु आवश्यक दवाओं एवं एंटी-स्नेक वेनम की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।

उपायुक्त ने जिले में एम्बुलेंस सेवाओं की उपलब्धता एवं संचालन व्यवस्था की समीक्षा करते हुए स्वास्थ्य केंद्रों में आवश्यकतानुसार एम्बुलेंस उपलब्ध कराने तथा विशेष रूप से डुमरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में एम्बुलेंस उपलब्ध कराने हेतु आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

बैठक में वित्त आयोग की 15 वीं वित्त आयोग मद के अंतर्गत हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर , हेल्थ सब सेंटर एवं ब्लॉक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र से संबंधित कार्यों की भी समीक्षा की गई।

बैठक में मुख्य रूप से उप विकास आयुक्त अनिमेष रंजन, सिविल सर्जन डॉ. शंभूनाथ चौधरी, एसीएमओ, सदर अस्पताल के उपाधीक्षक, विभिन्न सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी , चिकित्सकगण तथा स्वास्थ्य विभाग के अन्य संबंधित पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित थे।

राम भक्तों के लिए

18 हजार जमा कराने के बाद भी नहीं मिला इलाज ! तीन माह के मासूम की मौत, धोखे की बुनियाद पर खड़ी केयर एडवांस्ड हॉस्पिटल गुमला पर लापरवाही का गंभीर आरोप

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गुमला (ब्यूरो प्रमुख ) – गणपत लाल चौरसिया

गुमलाः – गुमला जिला मुख्यालय के गोकुल नगर स्थित केयर एडवांस हॉस्पिटल एक बार फिर गंभीर विवादों के घेरे में आ गया है। अस्पताल पर इलाज में घोर लापरवाही बरतने और ₹18,000 रूपये जमा करवाने के बावजूद समय पर उपचार नहीं करने का आरोप लगा है। इस कथित लापरवाही के कारण सड़क दुर्घटना में घायल हुए तीन माह के मासूम सामर्थ साइमनस टोप्पो की मौत हो गई।

मृतक मासूम के पिता मनीष टोप्पो ने आरोप लगाया कि रविवार को वे अपनी पत्नी और तीन माह के बेटे के साथ कामडरा के पोकला से बुलेट बाइक पर गुमला लौट रहे थे। इसी दौरान अम्बवा गांव के समीप उन्हें झपकी आ गई, जिससे बाइक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे गिर गई। हादसे में तीनों घायल हो गए, लेकिन पत्नी और मासूम को गंभीर चोटें आईं। स्थानीय लोगों की मदद से उन्हें पहले सदर अस्पताल ले जाया गया, लेकिन स्थिति गंभीर होने के कारण परिजन उन्हें केयर एडवांस हॉस्पिटल लेकर पहुंचे। आरोप है कि अस्पताल पहुंचते ही चिकित्सकीय सहायता देने के बजाय पहले 18 हजार रुपये जमा कराने की मांग की गई। राशि जमा होने के बाद सीटी स्कैन और अन्य जांच तो शुरू कर दी गई। पिता का आरोप है कि वे बार-बार डॉक्टरों और कर्मियों से बच्चे का इलाज शुरू करने की गुहार लगाते रहे, लेकिन समय पर कोई ठोस उपचार नहीं किया गया। इसी बीच मासूम की हालत बिगड़ती गई और उसकी मौत हो गई। सबसे चौंकाने वाला आरोप यह है कि मौत के बाद भी उक्त अस्पताल ने उक्त गंभीर रूप से घायल बच्चे को जीवित बताकर दूसरे निजी अस्पताल भेज दिया। वहां से उसे सदर अस्पताल रेफर किया गया, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद बच्चे को मृत घोषित कर दिया।

मासूम की मौत की खबर मिलते ही परिजनों का आक्रोश फूट पड़ा। बड़ी संख्या में लोग केयर एडवांस हॉस्पिटल पहुंच गए और अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए हंगामा किया। परिजनों ने दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए लिखित शिकायत देने की बात कही है।
सिविल सर्जन गुमला डॉक्टर शंभुनाथ चौधरी ने तीन सदस्यीय जांच कमेटी गठित की है। टीम में एसीएमओ धर्नुजय सुंबरई, सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉक्टर अनूपम किशोर और ब्लड बैंक प्रभारी डॉक्टर सुनील राम को शामिल किया गया है।

टीम को 24 घंटे में जांच कर रिपोर्ट समर्पित करने का निर्देश है। सीएस ने बताया कि वे मामले में गंभीर है और कमेटी बना दी गई है। रिपोर्ट आते ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। उधर पीड़ित परिवार के मुखिया मनीष टोप्पो अपने बच्चे को खोने के बाद पत्नी को इलाज के लिए रिम्स ले गए है। जहां पत्नी जिंदगी-मौत के बीच जूझ रही है। जिस कारण थाना में अब तक लिखित शिकायत दर्ज नहीं कराई जा सकी है। जानकारी के अनुसार रविवार को मनीष पत्नी व तीन माह के बेटे के साथ बाइक से गुमला लौट रहे थे। तभी बाइक अनियंत्रित होने पर तीनों गिर कर घायल हो गए। तब गंभीर रूप से घायल पत्नी व बेटे सामर्थ साइमनस टोप्पो को मनीष ने केयर एडवांस हॉस्पीटल में भर्ती कराया। मनीष का आरोप है कि 18 हजार रुपए पहले जमा कराने के बावजूद बेटे का समय पर इलाज नहीं हुआ और उसकी मौत हो गई। मौत के बाद भी अस्पताल प्रबंधन ने बेटे को दूसरे अस्पताल भेज दिया। जिस पर परिजनों ने हंगामा किया। पुलिस ने मामला शांत कराया। वहीं सीएस ने जांच की बात कही थी।

 

 

राम भक्तों के लिए

उपायुक्त ने किया त्रैमासिक ईवीएम एवं वीवीपैट वेयरहाउस का निरीक्षण

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गुमला (ब्यूरो प्रमुख ) – गणपत लाल चौरसिया

गुमला : – जिला मुख्यालय गुमला में भारत निर्वाचन आयोग एवं मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी, झारखंड के निर्देशानुसार उपायुक्त सह जिला निर्वाचन पदाधिकारी गुमला दिलेश्वर महत्तो ने आज जिला ईवीएम एवं वीवीपैट वेयरहाउस का त्रैमासिक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान वेयरहाउस में रखी इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन ( ईवीएम) एवं वीवीपैट मशीनों की सुरक्षा, रख-रखाव तथा अभिलेखों का अवलोकन किया गया।

निरीक्षण के क्रम में उपायुक्त ने वेयरहाउस की सुरक्षा व्यवस्था, सीसीटीवी कैमरों की कार्यशीलता, अग्निशमन उपकरणों की उपलब्धता, प्रवेश एवं निकासी पंजी तथा अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं की समीक्षा की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप सभी व्यवस्थाओं को अद्यतन एवं सुदृढ़ बनाए रखने का निर्देश दिया।

उपायुक्त ने कहा कि निर्वाचन प्रक्रिया की पारदर्शिता एवं विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए ईवीएम एवं वीवीपैट मशीनों का सुरक्षित संरक्षण अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने वेयरहाउस में निर्धारित सुरक्षा मानकों का शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित करने पर बल दिया।

मौके पर निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी , उप जिला निर्वाचन पदाधिकारी , विभिन्न मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधिगण तथा निर्वाचन शाखा के संबंधित पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित थे।

राम भक्तों के लिए

जन शिकायत निवारण दिवस में अपर समाहर्ता ने सुनीं आमजनों की समस्याएं, संबंधित पदाधिकारियों को दिए आवश्यक निर्देश

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गुमला (ब्यूरो प्रमुख ) – गणपत लाल चौरसिया

गुमला : – गुमला उपायुक्त के निर्देश के आलोक में आज समाहरणालय सभागार में अपर समाहर्ता राजीव नीरज की अध्यक्षता में जन शिकायत निवारण दिवस का आयोजन किया गया। इस दौरान जिले के विभिन्न प्रखंडों एवं दूर-दराज क्षेत्रों से आए नागरिकों ने अपनी समस्याओं एवं मांगों से संबंधित आवेदन अपर समाहर्ता को सौंपे।

जन शिकायत निवारण दिवस में प्राप्त आवेदनों में राशन कार्ड में नाम जोड़ने एवं निरस्त करने, आवास योजना का लाभ दिलाने, भूमि विवाद एवं म्यूटेशन, मुआवजा भुगतान, सड़क एवं पेयजल सुविधा, सार्वजनिक मार्ग अवरुद्ध होने, रोजगार उपलब्ध कराने, राशन दुकान निर्माण से संबंधित विवाद, अग्निकांड पीड़ितों को सहायता प्रदान करने सहित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से संबंधित मामले प्रमुख रूप से शामिल रहे।

इसके अतिरिक्त टाना भगत समुदाय के प्रतिनिधियों द्वारा विकास प्राधिकार से संबंधित लंबित विषयों एवं महापुरुष विक्रम टाना भगत के नाम पर चौक एवं प्रतिमा स्थापना के संबंध में भी आवेदन प्रस्तुत किया गया। वहीं कई ग्रामीणों द्वारा अपने क्षेत्रों में सड़क, बिजली, पेयजल एवं स्वास्थ्य सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण की मांग रखी गई।

अपर समाहर्ता ने उपस्थित सभी आवेदकों की समस्याओं को गंभीरतापूर्वक सुना तथा संबंधित विभागीय पदाधिकारियों को प्राप्त आवेदनों का नियमानुसार त्वरित निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि आमजन की समस्याओं का समयबद्ध समाधान जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा प्रत्येक आवेदन पर निर्धारित प्रक्रिया के अनुरूप कार्रवाई की जाएगी।

राम भक्तों के लिए

समाज में सृजन करनेवालों का मजाक और शोर पैदा करनेवालों को हर क्षेत्र का विशेषज्ञ कैसे मान लिया जाए…!

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कई साथी पूछ रहे हैं कि इस पूरे विवाद पर मेरी क्या राय है और क्या मुझे उस चर्चित टीवी चेहरे पर कुछ लिखना चाहिए जिसने शिक्षकों के लिए अपमानजनक शब्दों का प्रयोग किया। सच कहूँ तो दुविधा यही है कि किसी विषय पर लिखने के लिए कम से कम इतना तो होना चाहिए कि वह विचार के योग्य लगे। हर शोर विचार नहीं होता और हर प्रसिद्ध चेहरा सम्मानजनक विमर्श का पात्र नहीं होता।

मुझे हमेशा लगता है कि किसी व्यक्ति का मूल्य उसके द्वारा पैदा किए गए शोर से नहीं, समाज में जोड़ी गई उपयोगिता से तय होना चाहिए। इस कसौटी पर देखें तो देश का एक साधारण शिक्षक, चाहे वह किसी गाँव के स्कूल में पढ़ाता हो या किसी छोटे यूट्यूब चैनल पर, उस व्यक्ति से कहीं अधिक उपयोगी है जो रोज़ घंटों कैमरे के सामने बैठकर बहस के नाम पर शोर का उत्पादन करता है।

एक शिक्षक कम से कम किसी बच्चे को कुछ सिखाने की कोशिश तो कर रहा है। वह किसी के भीतर एक कौशल, एक समझ, एक संभावना पैदा कर रहा है। उसकी सफलता और असफलता पर बहस हो सकती है, लेकिन उसके काम की सामाजिक उपयोगिता पर नहीं।

विडंबना यह है कि आज ज्ञान देने वाले लोगों का मूल्यांकन अक्सर वे लोग करने लगे हैं जिनका पूरा पेशा दूसरों की बातों पर प्रतिक्रिया देना भर है। जो लोग स्वयं कोई परीक्षा नहीं पढ़ाते, कोई पाठ्यक्रम नहीं बनाते, किसी बच्चे के भविष्य की जिम्मेदारी नहीं उठाते, वे शिक्षकों की गुणवत्ता पर अंतिम फैसला सुनाने की मुद्रा में दिखाई देते हैं। यह ऐसा ही है जैसे कोई दर्शक मैदान में उतरे खिलाड़ियों को खेल सिखाने लगे।

ऊर्जा सिर्फ उत्तेजना पैदा करने से क्या हासिल होनेवाला है

यूट्यूब के शिक्षक पर सौ सवाल उठाइए। उनकी गुणवत्ता पर चर्चा कीजिए। उनके व्यावसायिक मॉडल की आलोचना कीजिए। उनके दावों की पड़ताल कीजिए। यह सब होना चाहिए। लेकिन यह भी याद रखिए कि लाखों बच्चे उन्हीं मंचों से पढ़ रहे हैं, सीख रहे हैं, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं और अपने सपनों तक पहुँचने की कोशिश कर रहे हैं। उनमें कमियाँ हो सकती हैं, पर वे कम से कम निर्माण की प्रक्रिया में शामिल हैं। दूसरी ओर कुछ लोग ऐसे हैं जिनकी पूरी ऊर्जा केवल उत्तेजना पैदा करने, बहस को लड़ाई में बदलने और दर्शकों की भावनाओं को भड़काने में खर्च होती है।

इसलिए इस विवाद में मेरा ध्यान किसी एक व्यक्ति पर नहीं है। मेरा ध्यान उस प्रवृत्ति पर है जो समाज में सृजन करने वालों का मजाक उड़ाती है और शोर पैदा करने वालों को विशेषज्ञ घोषित कर देती है। 

शिक्षक की आलोचना का अधिकार उसी को होना चाहिए जिसने शिक्षा की जिम्मेदारी का कुछ भार अपने कंधों पर उठाया हो। बाकी जहाँ तक उन चर्चित चेहरों का सवाल है, मेरी कलम हमेशा उन लोगों पर खर्च होना पसंद करेगी जो कुछ बना रहे हैं, न कि उन पर जो केवल बोल रहे हैं। इतिहास भी अंततः उन्हीं को याद रखता है जिन्होंने समाज में कुछ जोड़ा हो, न कि उन्हें जिन्होंने हर शाम स्टूडियो की रोशनी में कुछ घंटे शोर मचाया हो।

-प्रवीण त्रिवेदी

राम भक्तों के लिए

सांसद प्रतिनिधि राज आर्यन शर्मा को लोगों ने सौंपा स्मार पत्र, जलापूर्ति सुनिश्चित करने का JE को दिया निर्देश

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धनबाद : सांसद ढुलू महतो जी के निर्देशानुसार सांसद प्रतिनिधि राज आर्यन शर्मा ने सोमवार को धनबाद विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत दामोदरपुर स्थित शांति विहार कॉलोनी का दौरा कर स्थानीय लोगों के साथ समस्याओं का जायजा लिया।

श्री शर्मा ने स्थानीय लोगों के समक्ष संबंधित कनीय अभियंता (JE) से दूरभाष पर वार्ता कर तत्काल आवश्यक कार्रवाई एवं समस्या के शीघ्र समाधान का निर्देश दिया। इसके बाद जेई ने शीघ्र ही सुचारू जलापूर्ति का आश्वासन दिया. उन्होंने आश्वस्त किया कि जनता की मूलभूत सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए हरसंभव प्रयास किया जाएगा। जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान ही हमारी प्राथमिकता है।

पाइपलाइन विस्तार नहीं होने से 75 में से 60 घरों में नियमित जलापूर्ति नहीं 

इससे पूर्व क्षेत्रवासियों की शिकायत पर मौके पर पहुंचे सांसद प्रतिनिधि ने जलापूर्ति व्यवस्था की बदहाली, क्षतिग्रस्त पाइपलाइन एवं पानी की बर्बादी का निरीक्षण किया। स्थानीय लोगों ने उन्हें एक आवेदन पत्र सौंपते हुए बताया कि लगभग 8 वर्ष पूर्व मुख्य मार्ग में पेयजल पाइपलाइन बिछाई गई थी, लेकिन कॉलोनी की अधिकांश गलियों में पाइपलाइन विस्तार नहीं होने के कारण लगभग 75 घरों में से 60 घर आज भी नियमित जलापूर्ति से वंचित है।

आवेदन में यह भी उल्लेख किया गया कि पिछले कुछ समय से जलापूर्ति शुरू होने के बावजूद अधिकांश घरों तक पानी नहीं पहुंच पा रहा है, जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय निवासियों ने सभी गलियों में पाइपलाइन विस्तार, घर-घर जल कनेक्शन एवं नियमित जलापूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की।

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