गुमला (ब्यूरो प्रमुख ) – गणपत लाल चौरसिया
गुमला : – गुमला जिले का 44वां स्थापना दिवस सोमवार को पूरे उत्साह, सांस्कृतिक उल्लास एवं गौरवपूर्ण वातावरण में मनाया गया। जिलेभर में दिनभर विविध कार्यक्रमों का आयोजन हुआ, वहीं संध्या में नगर भवन, गुमला में आयोजित मुख्य समारोह ने जिले की सांस्कृतिक पहचान, विकास यात्रा एवं सामाजिक एकता को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया। कार्यक्रम में झारखंड की समृद्ध परंपरा, आदिवासी संस्कृति और गुमला की ऐतिहासिक विरासत का सुंदर समागम देखने को मिला।
समारोह का शुभारंभ मुख्य अतिथि उपायुक्त गुमला दिलेश्वर महतो एवं अन्य अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया। अतिथियों का स्वागत पारंपरिक रीति-रिवाज एवं मांदर की मधुर थाप के साथ किया गया, जिससे पूरा वातावरण सांस्कृतिक रंग में रंग गया।

बच्चों की प्रस्तुतियों ने मोहा मन
स्थापना दिवस समारोह में जिले के विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने अपनी प्रतिभा का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। बच्चों ने कविता, गीत, लोकनृत्य, नुक्कड़ नाटक एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से झारखंड और गुमला के इतिहास, संस्कृति एवं सामाजिक मूल्यों को जीवंत रूप में मंचित किया। पारंपरिक वेशभूषा एवं लोकधुनों पर आधारित प्रस्तुतियों ने दर्शकों को भावविभोर कर दिया।
मांदर की थाप, जनजातीय नृत्य एवं लोककलाओं की प्रस्तुति ने कार्यक्रम को विशेष आकर्षण प्रदान किया। सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से नई पीढ़ी ने अपनी मिट्टी, परंपरा और विरासत से जुड़ाव का संदेश दिया।
गुमला की गौरवशाली यात्रा को किया गया याद
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने गुमला जिले के स्थापना काल से लेकर अब तक की विकास यात्रा को स्मरण किया। जिले की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि, स्वतंत्रता आंदोलन में योगदान तथा सामाजिक-सांस्कृतिक विरासत पर विस्तार से चर्चा की गई। इस अवसर पर जिले के वीर सपूतों, स्वतंत्रता सेनानियों एवं समाज के प्रेरणास्रोत व्यक्तित्वों के योगदान को नमन किया गया।
उपायुक्त दिलेश्वर महतो ने अपने संबोधन* में कहा कि गुमला प्राकृतिक सौंदर्य, सांस्कृतिक समृद्धि और प्रतिभाओं की भूमि है। शिक्षा, स्वास्थ्य, पंचायत, महिला सशक्तिकरण एवं खेल के क्षेत्र में जिले ने उल्लेखनीय प्रगति की है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाएं स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से आत्मनिर्भरता की दिशा में सराहनीय कार्य कर रही हैं और समाज को नई दिशा दे रही हैं।
उन्होंने युवाओं एवं आमजनों से जिले के विकास में सहभागी बनने का आह्वान करते हुए कहा कि पर्यटन, खेल एवं शिक्षा के क्षेत्र में गुमला में अपार संभावनाएं हैं। यदि सभी नागरिक मिलकर प्रयास करें तो आने वाले वर्षों में गुमला राज्य के अग्रणी जिलों में अपनी अलग पहचान स्थापित करेगा।
“आने वाला गुमला कैसा होगा, यह हम सभी के हाथों में”
मौके पर अपर समाहर्ता गुमला शशिंद्र कुमार बड़ाइक ने स्थापना दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि गुमला को जो गौरवशाली विरासत मिली है, उसे संरक्षित रखते हुए आगे बढ़ना हम सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि खेल, संस्कृति एवं सामाजिक समरसता के क्षेत्र में गुमला की पहचान राज्य स्तर पर विशिष्ट रही है।
उन्होंने युवाओं से नशामुक्त समाज के निर्माण का आह्वान करते हुए कहा कि सकारात्मक सोच, शिक्षा एवं सामूहिक प्रयासों से ही समाज और जिले का भविष्य मजबूत होगा। आने वाली चुनौतियों का सामना एकजुट होकर करना होगा।
खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों एवं प्रतिभाओं का हुआ सम्मान
स्थापना दिवस के अवसर पर जिला खेल विभाग द्वारा विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाले खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों एवं सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर्स को सम्मानित किया गया। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जिले एवं राज्य का नाम रोशन करने वाले खिलाड़ियों के साथ-साथ खेल प्रशिक्षण, कला-संस्कृति एवं जनजागरूकता के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाले व्यक्तियों को प्रशस्ति पत्र एवं सम्मान प्रदान किया गया।
समारोह के दौरान प्रतियोगिता में एथलेटिक्स एवं फुटबॉल में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ी सुजल कुमार, दीपक यादव, आदित्य तिर्की एवं अजीत कुमार यादव को सम्मानित किया गया। वहीं टीम इंडिया का प्रतिनिधित्व कर चुकी एजिजाबेथ लकड़ा एवं सूरजमनी कुमारी को भी विशेष रूप से सम्मानित किया गया।
इसके अतिरिक्त एथलेटिक्स कोच मनोज कुमार पाल, फुटबॉल कोच रिजवान अली तथा कला एवं संस्कृति के क्षेत्र में योगदान के लिए प्रियंका मिंज को सम्मानित किया गया। साथ ही सोशल मीडिया एवं जनजागरूकता के क्षेत्र में सक्रिय भूमिका निभाने वाले अंकित साहु, मो. दिलशाद, पूजा कुमारी, जॉय उरांव, अभिषेक कुमार, लक्ष्मी साहु एवं रितिक गुप्ता को भी सम्मानित कर उनके कार्यों की सराहना की गई।
अधिकारियों एवं पदाधिकारियों की रही गरिमामयी उपस्थिति
कार्यक्रम में अपर समाहर्ता गुमला शशिंद्र कुमार बड़ाइक, एसडीओ सदर राजीव नीरज, चैनपुर पूर्णिमा कुमारी, एसडीओ बसिया जयवंती देवगम, सीडीपीओ गुमला सुरेश प्रसाद यादव , जिला शिक्षा पदाधिकारी कविता खालको, जिला शिक्षा अधीक्षक नूर आलम खान, जिला नजारत उप समाहर्ता ललन कुमार रजक, जिला योजना पदाधिकारी रमण कुमार, जिला खेल पदाधिकारी प्रवीण कुमार, जिला आपूर्ति पदाधिकारी प्रदीप भगत, सहित अन्य संबंधित पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित रहे।
सफल आयोजन में विभिन्न विभागों की रही महत्वपूर्ण भूमिका
स्थापना दिवस समारोह के सफल आयोजन में जिला प्रशासन एवं विभिन्न विभागों की सक्रिय सहभागिता रही। कार्यक्रम के सुव्यवस्थित संचालन एवं सफल आयोजन में जिला नजारत उप समाहर्ता ललन कुमार रजक, जिला खेल पदाधिकारी प्रवीण कुमार, जिला शिक्षा पदाधिकारी कविता खालको, जिला शिक्षा अधीक्षक नूर आलम खां सहित अन्य संबंधित अधिकारियों एवं कर्मियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
विकास, संस्कृति और जनभागीदारी का प्रतीक बना स्थापना दिवस
पूरा समारोह गुमला जिले की एकता, सांस्कृतिक विविधता और विकासशील सोच का प्रतीक बनकर उभरा। कार्यक्रम में प्रशासनिक अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों, शिक्षकों, विद्यार्थियों, कलाकारों, सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं बड़ी संख्या में नागरिकों की उपस्थिति रही।
स्थापना दिवस समारोह ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि गुमला केवल प्राकृतिक सौंदर्य की धरती ही नहीं, बल्कि संघर्ष, संस्कृति, प्रतिभा और संभावनाओं से परिपूर्ण एक जीवंत जिला है, जो निरंतर विकास और नई उपलब्धियों की ओर अग्रसर है।