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Thursday, July 2, 2026
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उपायुक्त गुमला की अध्यक्षता में शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक आयोजित

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गुमला (ब्यूरो प्रमुख ) – गणपत लाल चौरसिया

गुमला : – गुमला उपयुक्त दिलेश्वर महत्तो, की अध्यक्षता में शिक्षा विभाग की मासिक समीक्षा बैठक समाहरणालय सभागार में आयोजित की गई। बैठक में डीएसई नूर आलम खां, एडीपीओ ज्योति खलखो एवं डायट प्राचार्य प्रियाश्री भगत सहित शिक्षा विभाग के पदाधिकारियों ने उपायुक्त को बुके भेंट कर उनका स्वागत एवं अभिनंदन किया।

उपायुक्त द्वारा बैठक में शिक्षा विभाग की वार्षिक कार्य योजना अंतर्गत वर्ष 2026-27 में संचालित की जाने वाली विभिन्न गतिविधियों की विस्तृत समीक्षा की गई। उपायुक्त ने कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय एवं नेता जी सुभाषचंद्र बोस आवासीय विद्यालय में योग्य छात्राओं एवं विद्यार्थियों के नामांकन की स्थिति, टेंडर प्रक्रिया तथा आवश्यक व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

बैठक में दिव्यांग बच्चों की शिक्षा एवं उन्हें उपलब्ध कराई जाने वाली सुविधाओं, सामुदायिक सहभागिता के अंतर्गत एसएमसी एवं पीटीएम बैठकों के नियमित आयोजन, विद्यालयों में वोकेशनल कोर्स एवं करियर काउंसलिंग कार्यक्रमों पर विशेष चर्चा हुई। साथ ही पोशाक वितरण हेतु डीबीटी ट्रांसफर एवं स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से पोशाक क्रय की प्रक्रिया की भी समीक्षा की गई।

उपायुक्त ने शिक्षकों के टीचर नीड असेसमेंट, बच्चों के एक्सपोजर विजिट, क्विज प्रतियोगिता, बुक फेयर आयोजन, विद्यालयों में साइंस क्लब, मैथ्स क्लब एवं इको क्लब के गठन एवं संचालन को प्रभावी बनाने का निर्देश दिया। विद्यालयों में खेलकूद गतिविधियों एवं विभिन्न प्रतियोगिताओं के नियमित आयोजन पर भी बल दिया गया।

बैठक में जिला विज्ञान केंद्र गुमला की समुचित देखरेख, बच्चों के आधार, अपार आईडी एवं बैंक खाता खोलने की प्रगति तथा विद्यालयों में बायोमैट्रिक अटेंडेंस व्यवस्था की समीक्षा भी की गई।

उपायुक्त ने कहा कि शिक्षा उनकी पहली प्राथमिकता है। उन्होंने शिक्षा विभाग के सभी जिला एवं प्रखंड स्तरीय पदाधिकारियों को उपलब्ध संसाधनों का समुचित उपयोग करते हुए नियमित मॉनिटरिंग के साथ गुणवत्तापूर्ण एवं बेहतर कार्य करने का निर्देश दिया।
इस अवसर पर जिले के सभी बीईओ, एपीओ, सहायक अभियंता, कनीय अभियंता, प्रखंड कार्यक्रम पदाधिकारी, लेखापाल एवं फील्ड मैनेजर उपस्थित थे।

राम भक्तों के लिए

गुमला में ‘जनजातीय गरिमा उत्सव’ को लेकर उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित

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गुमला (ब्यूरो प्रमुख ) – गणपत लाल चौरसिया

25 मई तक जिले के 616 जनजातीय बाहुल्य एवं पीवीटीजी ग्रामों में चलेगा विशेष जनजागरूकता एवं सैचुरेशन अभियान

गुमला : – गुमला समाहरणालय सभागार, में उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी दिलेश्वर महत्तो की अध्यक्षता में आज ‘जनजातीय गरिमा उत्सव’ के सफल आयोजन एवं अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर विस्तृत समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई। बैठक में अभियान की रूपरेखा, विभागवार जिम्मेदारियों, लाभुकों तक योजनाओं की पहुंच तथा सैचुरेशन मोड में विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन को लेकर विस्तार से चर्चा की गई।

बैठक के दौरान उपायुक्त ने कहा कि 25 मई 2026 तक जिले के 616 जनजातीय बाहुल्य एवं पीवीटीजी ग्रामों में विशेष अभियान चलाया जाएगा। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य जनभागीदारी के माध्यम से दूरस्थ एवं वंचित गांवों तक पहुंच बनाते हुए वहां निवासरत आदिवासी एवं पीवीटीजी समुदाय के लोगों को सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से जोड़ना है। उन्होंने कहा कि यह केवल जागरूकता कार्यक्रम नहीं, बल्कि गांव स्तर पर योजनाओं की वास्तविक पहुंच सुनिश्चित करने का अभियान है।

उपायुक्त ने कहा कि पूर्व में संचालित पीएम जनमन कार्यक्रम के अंतर्गत जिन गांवों अथवा लाभुकों को विभिन्न योजनाओं के तहत पूर्ण रूप से आच्छादित नहीं किया जा सका है, उन्हें इस अभियान के दौरान प्राथमिकता के आधार पर सैचुरेशन मोड में लाने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने सभी विभागों को निर्देश देते हुए कहा कि चिन्हित गांवों में कैंप आधारित गतिविधियों का आयोजन करें तथा प्रत्येक पात्र लाभुक तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना सुनिश्चित करें।

उन्होंने कहा कि अभियान के दौरान आधार कार्ड, राशन कार्ड, आयुष्मान भारत कार्ड, जाति प्रमाण पत्र, आवासीय प्रमाण पत्र, बैंक खाता, पीएम जन धन योजना, किसान क्रेडिट कार्ड, पीएम किसान, मनरेगा, पोषण अभियान, मातृत्व लाभ योजना, टीकाकरण, स्वास्थ्य जांच, सामाजिक सुरक्षा योजनाएं, वनाधिकार, कृषि एवं आजीविका से संबंधित योजनाओं सहित अन्य कल्याणकारी योजनाओं को लेकर व्यापक कार्य किया जाएगा।

उपायुक्त ने सभी प्रखंड स्तरीय पदाधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि अभियान के दौरान गांव स्तर पर विशेष शिविर आयोजित कर लाभुकों की समस्याओं का ऑन-द-स्पॉट समाधान सुनिश्चित करें। साथ ही योजनावार लाभुकों का अद्यतन डाटाबेस तैयार करने, शत-प्रतिशत पात्रता सत्यापन करने तथा सभी गतिविधियों का फोटो एवं वीडियो दस्तावेजीकरण कर निर्धारित पोर्टल पर अपलोड करने का भी निर्देश दिया गया।

बैठक में यह भी निर्देश दिया गया कि अभियान के दौरान स्वास्थ्य, पोषण, शिक्षा, वित्तीय समावेशन एवं आजीविका से संबंधित विभाग आपसी समन्वय स्थापित करते हुए कार्य करें, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में योजनाओं का समेकित प्रभाव दिखाई दे। उपायुक्त ने कहा कि जिले के दूरस्थ एवं संवेदनशील क्षेत्रों में रहने वाले आदिवासी समुदाय तक योजनाओं की पहुंच प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा इस अभियान के माध्यम से अंतिम व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा।उन्होंने कहा कि सभी विभाग निर्धारित समयसीमा के भीतर अपने-अपने दायित्वों का निर्वहन सुनिश्चित करें तथा अभियान के दौरान किसी प्रकार की लापरवाही नहीं हो।

बैठक में अपर समाहर्ता, जिला कल्याण पदाधिकारी,, जिला आपूर्ति पदाधिकारी,जिला योजना पदाधिकारी, एलडीएम गुमला, सिविल सर्जन, विभिन्न प्रखंड विकास पदाधिकारी, प्रखंड कल्याण पदाधिकारी सहित संबंधित विभागों के पदाधिकारी उपस्थित थे।

राम भक्तों के लिए

एसआईआर को लेकर आजसू का बड़ा अभियान, बूथ स्तर तक संगठन मजबूत करने पर जोर

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न्यूज – कहकशां फारुकी

गोमिया_आजसू पार्टी की ओर से तेनुघाट स्थित जल संसाधन विभाग अतिथि गृह में गोमिया विधानसभा स्तरीय एसआईआर एवं बीएलए-2 बूथ स्तरीय एकदिवसीय प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में गोमिया विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न पंचायतों एवं बूथों से बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता, बूथ स्तरीय पदाधिकारी तथा संगठन के प्रतिनिधि शामिल हुए।
प्रशिक्षण शिविर का मुख्य उद्देश्य संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत बनाना, मतदाता सूची पुनरीक्षण कार्य को प्रभावी बनाना तथा आगामी राजनीतिक गतिविधियों के लिए कार्यकर्ताओं को तकनीकी एवं संगठनात्मक रूप से तैयार करना था।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि गोमिया के पूर्व विधायक डॉ. लंबोदर महतो ने कार्यकर्ताओं को एसआईआर प्रक्रिया एवं बीएलए-2 की जिम्मेदारियों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए शुद्ध एवं त्रुटिरहित मतदाता सूची अत्यंत आवश्यक है। बूथ स्तर पर कार्यकर्ताओं की सक्रियता से योग्य मतदाताओं का नाम सूची में शामिल होगा तथा फर्जी नामों की पहचान भी समय रहते हो सकेगी।


उन्होंने नए मतदाताओं का नाम जोड़ने, मृत अथवा स्थानांतरित मतदाताओं के नाम हटाने और त्रुटिपूर्ण प्रविष्टियों में सुधार करने की प्रक्रिया को गंभीरता से लेने की अपील की। साथ ही घर-घर संपर्क अभियान चलाकर मतदाताओं का सत्यापन करने तथा निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित प्रक्रियाओं की जानकारी आम लोगों तक पहुंचाने का निर्देश दिया।
कार्यक्रम में बोकारो जिला अध्यक्ष सचिन कुमार महतो सहित कसमार, पेटरवार एवं गोमिया प्रखंड अध्यक्षों ने भी अपने विचार रखे।
शिविर के अंत में पूर्व मंत्री एवं वरिष्ठ नेता माधव लाल सिंह के आकस्मिक निधन पर दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
इस अवसर पर जिला अध्यक्ष सचिन कुमार महतो, जिप सदस्य अरविंद करमाली, जिप सदस्या मुखिया समेत दर्जनों कार्यकर्ता एवं स्थानीय लोग उपस्थित थे।

 

राम भक्तों के लिए

श्रमिक समस्याओं का निराकरण पहली प्राथमिकता : जीएम ए के बी सिंह

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न्यूज – कहकशां फारुकी

स्वांग वाशरी में यूनियन ने नवपदस्थापित महाप्रबंधक का किया स्वागत

गोमिया_स्वांग वाशरी में राष्ट्रीय कोलियरी मजदूर यूनियन की ओर से नवपदस्थापित महाप्रबंधक ए के बी सिंह का भव्य स्वागत किया गया। कार्यक्रम का नेतृत्व यूनियन के क्षेत्रीय कार्यकारी अध्यक्ष अवधेश कुमार सिंह ने किया। इस दौरान यूनियन पदाधिकारियों ने महाप्रबंधक को पुष्पगुच्छ भेंट कर तथा शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया।
परियोजना कार्यालय के सभागार में आयोजित बैठक में श्रमिकों की विभिन्न समस्याओं एवं सुविधाओं को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। यूनियन प्रतिनिधियों ने श्रमिक आवासों की मरम्मत, पदोन्नति, जर्जर जलपान गृह के सौंदर्यीकरण, परियोजना कार्यालय परिसर में महिला शौचालय निर्माण, कॉन्फ्रेंस हॉल की मरम्मत तथा गुणवत्ता युक्त कोयला आपूर्ति सहित कई महत्वपूर्ण मांगें प्रबंधन के समक्ष रखीं।


महाप्रबंधक ए के बी सिंह ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त करते हुए कहा कि श्रमिकों की समस्याओं का समय-सीमा के भीतर समाधान सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि श्रमिक हितों की अनदेखी किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी तथा लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के लिए यह अच्छा संकेत नहीं होगा। उन्होंने सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए कहा कि सभी को मिलजुल कर सुरक्षित वातावरण में उत्पादन लक्ष्य हासिल करना होगा।
क्षेत्रीय कार्यकारी अध्यक्ष अवधेश कुमार सिंह ने श्रमिकों की समस्याओं को विस्तारपूर्वक रखते हुए उनके त्वरित समाधान की मांग की।
मौके पर परियोजना पदाधिकारी वी मोहन बाबू, अभिजीत महतो, अमित कुमार, अमन कुमार एवं निखिल कुमार उपस्थित थे। वहीं यूनियन की ओर से क्षेत्रीय अध्यक्ष अजय कुमार सिंह सहित कई लोग उपस्थित थे।

 

राम भक्तों के लिए

“सलैया-सिकदारडीह-तुलसीडीह सड़क बनी दलदल

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News – Naveen Sharma – Giridih

करोड़ों की योजनाओं के बावजूद ग्रामीणों की जिंदगी बदहाल, जनप्रतिनिधियों को बार-बार कराया गया अवगत, फिर भी सड़क बदहाल।

2025 में अखबारों और डिजिटल मीडिया में खबर प्रकाशित होने के बाद भी नहीं हुई कार्रवाई, हल्की बारिश में ही सड़क बनी कीचड़ का समंदर — ग्रामीणों ने पूछा, आखिर पंचायतों को मिले लाखों रुपये गए कहाँ?

गिरिडीह जिला के जमुआ प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत बदडीहा-1 पंचायत के सलैया-सिकदारडीह-तुलसीडीह मुख्य मार्ग की स्थिति आज भी बद से बदतर बनी हुई है। वर्ष 2025 में 04 मई और 04 जुलाई को इस सड़क की बदहाली को लेकर दैनिक भास्कर सहित कई डिजिटल न्यूज़ मीडिया द्वारा प्रमुखता से खबर प्रकाशित कर जनप्रतिनिधियों और प्रशासन को अवगत कराया गया था। उस समय ग्रामीणों ने सड़क निर्माण की मांग को लेकर आंदोलन और प्रदर्शन तक किया था, लेकिन एक वर्ष बीत जाने के बाद भी स्थिति जस की तस बनी हुई है।
आज हालत यह है कि हल्की बारिश में ही सड़क पूरी तरह कीचड़ और दलदल में तब्दील हो गई है। पैदल चलना तक मुश्किल हो गया है। बाइक और साइकिल तो दूर, कई जगहों पर लोगों का पैदल निकलना भी खतरे से खाली नहीं है। सबसे ज्यादा परेशानी स्कूली बच्चों, मरीजों, गर्भवती महिलाओं और रोजमर्रा के काम से आने-जाने वाले ग्रामीणों को हो रही है।

ग्रामीणों का कहना है कि अभी तो बरसात की शुरुआत हुई है। अगर थोड़ी सी बारिश में सड़क की यह हालत है, तो पूरे मानसून में इस सड़क पर चलना नामुमकिन हो जाएगा। कई गांवों का संपर्क मुख्य मार्ग से कटने की स्थिति में पहुंच जाएगा।

स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि सरकार हर वर्ष पंचायतों को विकास कार्यों के लिए लाखों रुपये देती है। वर्ष 2026 में भी झारखंड सरकार द्वारा प्रत्येक पंचायत को लगभग 51 लाख 80 हजार रुपये की राशि उपलब्ध कराई गई है। इस राशि का उपयोग गांवों में सड़क निर्माण, नाली, पेयजल, स्ट्रीट लाइट और पंचायत भवनों के रखरखाव जैसे बुनियादी विकास कार्यों के लिए किया जाना है।
लेकिन सवाल यह उठ रहा है कि जब सरकार विकास के नाम पर इतनी बड़ी राशि दे रही है, तो आखिर जमीन पर विकास क्यों नहीं दिख रहा? सलैया-सिकदारडीह-तुलसीडीह सड़क की हालत देखकर ग्रामीण पूछ रहे हैं कि आखिर ये पैसे गए कहाँ?
ग्रामीणों में प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के खिलाफ भारी आक्रोश देखा जा रहा है। लोगों का कहना है कि सिर्फ आश्वासन और बयान से काम नहीं चलेगा। अगर जल्द सड़क निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ, तो ग्रामीण सड़क पर उतरकर बड़ा आंदोलन करेंगे। पंचायत कार्यालय में तालाबंदी से लेकर जनप्रतिनिधियों के विरोध तक की चेतावनी दी जा रही है।

ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि बरसात के इस मौसम को देखते हुए तत्काल सड़क की मरम्मत और स्थायी निर्माण कार्य शुरू कराया जाए, ताकि हजारों लोगों को राहत मिल सके।
ग्रामीणों का कहना है कि अगर वर्षों से उठ रही सड़क की समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो इसका असर आने वाले चुनाव में भी देखने को मिल सकता है। लोगों में जनप्रतिनिधियों के प्रति नाराजगी लगातार बढ़ रही है। ग्रामीणों का कहना है कि चुनाव के समय नेता गांवों में आकर बड़े-बड़े वादे करते हैं, लेकिन चुनाव खत्म होने के बाद जनता की मूल समस्याएं पीछे छूट जाती हैं। ऐसे में आने वाले चुनाव में जनप्रतिनिधियों को गांव की जनता के सवालों का जवाब देना पड़ सकता है। ग्रामीणों ने साफ कहा कि सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी सुविधाओं की अनदेखी जारी रही तो इसका राजनीतिक नुकसान भी उठाना पड़ सकता है। “पहले सड़क और विकास का जवाब, फिर वोट पर विचार” जैसी बातें अब गांव में खुलकर सुनाई देने लगी हैं।

राम भक्तों के लिए

छात्रा ने अपनी आत्मविश्वास और हौसले के बल पर ऑटो ( टेंपू ) से कूदकर बचाई अपनी इज्जत और जान, आरोपी चालक गिरफ्तार

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गुमला (ब्यूरो प्रमुख ) – गणपत लाल चौरसिया

जिला प्रशासन , पुलिस प्रशासन, और परिवहन विभाग से आमनागरिकों की मांग है कि

वाहन चालकों का आई कार्ड (पहचान पत्र,) ड्रेस कोड और नंबर आदि की व्यवस्था की जाए ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं का पूर्णवृद्धि न हो

गुमला : – गुमला जिला मुख्यालय सदर थाना क्षेत्र से एक मामला प्रकाश में आया है, कॉलेज जा रही एक 17 वर्षीय नाबालिग छात्रा को अगवा करने का प्रयास किया गया। हालांकि, छात्रा ने गजब की हिम्मत और सूझबूझ दिखाते हुए चलती ऑटो से कूदकर अपनी आबरू और जान बचाई। पुलिस ने आरोपी ऑटो (टेंपू) चालक को हिरासत में ले लिया है।मिली जानकारी के अनुसार, पीड़ित छात्रा अपने कॉलेज जाने के लिए ऑटो की तलाश कर रही थी। इसी क्रम में एक ऑटो चालक ने उसे कॉलेज छोड़ने के बहाने अपनी गाड़ी में बैठा लिया और कॉलेज ले जाने के बहाने उक्त छात्रा को कॉलेज न ले जाकर बाईपास रोड गुमला स्थित तरी जंगल की ओर ले जाने लगा। रास्ता सुनसान देख छात्रा को अनहोनी का अहसास हुआ, जिसके बाद उसने बिना डरे चलती ऑटो ( टेंपू ) से छलांग लगा दी और वहां से भाग निकली और अपने घर पहुंचकर छात्रा ने अपने परिजनों अपनी आपबीती सुनाई।घटना के अगले दिन जब छात्रा अपने भाई के साथ दोबारा कॉलेज आई, तो उसे वही ऑटो चालक मौके पर दिखाई दे गया। छात्रा ने तुरंत उसकी पहचान की, जिसके बाद उसके भाई ने तत्परता दिखाते हुए आरोपी ऑटो टेंपो चालक को रंगे हाथों पकड़ लिया और उसकी मौके पर उपस्थित लोगों ने जमकर की कुटाई, यह देख लोगों का हुजूम जमा हो गया और आरोपी उक्त ऑटो (टेंपो) चालक को लोगों की भीड़ ने, छात्रा के भाई ने और स्थानीय लोगों ने उसकी जमकर कुटाई करते हुए, उक्त घटना की सूचना गुमला सदर थाना पुलिस को दी गई, सूचना मिलते ही गुमला सदर थाना पुलिस ने उक्त घटनास्थल पर अपने दल बल के साथ उक्त घटनास्थल पर पहुंचकर, उक्त आरोपी चालक को भीड़ से बचाकर अपनी हिरासत में लेते हुयें, पुलिस फिलहाल गुमला थाने में ले जाकर आरोपी से कड़ी पूछताछ कर रही है। वहीं, पीड़िता की शिकायत पर गुमला थाना में मामला दर्ज कर लिया गया है और पुलिस आगे की कानूनी कार्रवाई में जुट गई है। गुमला की आम नागरिकों ने गुमला जिला प्रशासन – पुलिस प्रशासन और परिवहन विभाग गुमला से सभी वाहन चालकों का आई कार्ड – पहचान पत्र,ड्रेस कोड, पहचान नंबर आदि प्रक्रिया अपनाई जाए ताकि इस तरह की घटना की पूर्ण आवृत्ति ना हो l

राम भक्तों के लिए

सांस्कृतिक गरिमा, विकास यात्रा और गौरवशाली विरासत के साथ मनाया गया गुमला का 44वां स्थापना दिवस

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गुमला (ब्यूरो प्रमुख ) – गणपत लाल चौरसिया

गुमला : – गुमला जिले का 44वां स्थापना दिवस सोमवार को पूरे उत्साह, सांस्कृतिक उल्लास एवं गौरवपूर्ण वातावरण में मनाया गया। जिलेभर में दिनभर विविध कार्यक्रमों का आयोजन हुआ, वहीं संध्या में नगर भवन, गुमला में आयोजित मुख्य समारोह ने जिले की सांस्कृतिक पहचान, विकास यात्रा एवं सामाजिक एकता को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया। कार्यक्रम में झारखंड की समृद्ध परंपरा, आदिवासी संस्कृति और गुमला की ऐतिहासिक विरासत का सुंदर समागम देखने को मिला।

समारोह का शुभारंभ मुख्य अतिथि उपायुक्त गुमला दिलेश्वर महतो एवं अन्य अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया। अतिथियों का स्वागत पारंपरिक रीति-रिवाज एवं मांदर की मधुर थाप के साथ किया गया, जिससे पूरा वातावरण सांस्कृतिक रंग में रंग गया।

बच्चों की प्रस्तुतियों ने मोहा मन

स्थापना दिवस समारोह में जिले के विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने अपनी प्रतिभा का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। बच्चों ने कविता, गीत, लोकनृत्य, नुक्कड़ नाटक एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से झारखंड और गुमला के इतिहास, संस्कृति एवं सामाजिक मूल्यों को जीवंत रूप में मंचित किया। पारंपरिक वेशभूषा एवं लोकधुनों पर आधारित प्रस्तुतियों ने दर्शकों को भावविभोर कर दिया।

मांदर की थाप, जनजातीय नृत्य एवं लोककलाओं की प्रस्तुति ने कार्यक्रम को विशेष आकर्षण प्रदान किया। सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से नई पीढ़ी ने अपनी मिट्टी, परंपरा और विरासत से जुड़ाव का संदेश दिया।

गुमला की गौरवशाली यात्रा को किया गया याद

कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने गुमला जिले के स्थापना काल से लेकर अब तक की विकास यात्रा को स्मरण किया। जिले की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि, स्वतंत्रता आंदोलन में योगदान तथा सामाजिक-सांस्कृतिक विरासत पर विस्तार से चर्चा की गई। इस अवसर पर जिले के वीर सपूतों, स्वतंत्रता सेनानियों एवं समाज के प्रेरणास्रोत व्यक्तित्वों के योगदान को नमन किया गया।

उपायुक्त दिलेश्वर महतो ने अपने संबोधन* में कहा कि गुमला प्राकृतिक सौंदर्य, सांस्कृतिक समृद्धि और प्रतिभाओं की भूमि है। शिक्षा, स्वास्थ्य, पंचायत, महिला सशक्तिकरण एवं खेल के क्षेत्र में जिले ने उल्लेखनीय प्रगति की है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाएं स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से आत्मनिर्भरता की दिशा में सराहनीय कार्य कर रही हैं और समाज को नई दिशा दे रही हैं।

उन्होंने युवाओं एवं आमजनों से जिले के विकास में सहभागी बनने का आह्वान करते हुए कहा कि पर्यटन, खेल एवं शिक्षा के क्षेत्र में गुमला में अपार संभावनाएं हैं। यदि सभी नागरिक मिलकर प्रयास करें तो आने वाले वर्षों में गुमला राज्य के अग्रणी जिलों में अपनी अलग पहचान स्थापित करेगा।

“आने वाला गुमला कैसा होगा, यह हम सभी के हाथों में”

मौके पर अपर समाहर्ता गुमला शशिंद्र कुमार बड़ाइक ने स्थापना दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि गुमला को जो गौरवशाली विरासत मिली है, उसे संरक्षित रखते हुए आगे बढ़ना हम सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि खेल, संस्कृति एवं सामाजिक समरसता के क्षेत्र में गुमला की पहचान राज्य स्तर पर विशिष्ट रही है।

उन्होंने युवाओं से नशामुक्त समाज के निर्माण का आह्वान करते हुए कहा कि सकारात्मक सोच, शिक्षा एवं सामूहिक प्रयासों से ही समाज और जिले का भविष्य मजबूत होगा। आने वाली चुनौतियों का सामना एकजुट होकर करना होगा।

खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों एवं प्रतिभाओं का हुआ सम्मान

स्थापना दिवस के अवसर पर जिला खेल विभाग द्वारा विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाले खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों एवं सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर्स को सम्मानित किया गया। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जिले एवं राज्य का नाम रोशन करने वाले खिलाड़ियों के साथ-साथ खेल प्रशिक्षण, कला-संस्कृति एवं जनजागरूकता के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाले व्यक्तियों को प्रशस्ति पत्र एवं सम्मान प्रदान किया गया।

समारोह के दौरान प्रतियोगिता में एथलेटिक्स एवं फुटबॉल में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ी सुजल कुमार, दीपक यादव, आदित्य तिर्की एवं अजीत कुमार यादव को सम्मानित किया गया। वहीं टीम इंडिया का प्रतिनिधित्व कर चुकी एजिजाबेथ लकड़ा एवं सूरजमनी कुमारी को भी विशेष रूप से सम्मानित किया गया।

इसके अतिरिक्त एथलेटिक्स कोच मनोज कुमार पाल, फुटबॉल कोच रिजवान अली तथा कला एवं संस्कृति के क्षेत्र में योगदान के लिए प्रियंका मिंज को सम्मानित किया गया। साथ ही सोशल मीडिया एवं जनजागरूकता के क्षेत्र में सक्रिय भूमिका निभाने वाले अंकित साहु, मो. दिलशाद, पूजा कुमारी, जॉय उरांव, अभिषेक कुमार, लक्ष्मी साहु एवं रितिक गुप्ता को भी सम्मानित कर उनके कार्यों की सराहना की गई।

अधिकारियों एवं पदाधिकारियों की रही गरिमामयी उपस्थिति

कार्यक्रम में अपर समाहर्ता गुमला शशिंद्र कुमार बड़ाइक, एसडीओ सदर राजीव नीरज, चैनपुर पूर्णिमा कुमारी, एसडीओ बसिया जयवंती देवगम, सीडीपीओ गुमला सुरेश प्रसाद यादव , जिला शिक्षा पदाधिकारी कविता खालको, जिला शिक्षा अधीक्षक नूर आलम खान, जिला नजारत उप समाहर्ता ललन कुमार रजक, जिला योजना पदाधिकारी रमण कुमार, जिला खेल पदाधिकारी प्रवीण कुमार, जिला आपूर्ति पदाधिकारी प्रदीप भगत, सहित अन्य संबंधित पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित रहे।

सफल आयोजन में विभिन्न विभागों की रही महत्वपूर्ण भूमिका

स्थापना दिवस समारोह के सफल आयोजन में जिला प्रशासन एवं विभिन्न विभागों की सक्रिय सहभागिता रही। कार्यक्रम के सुव्यवस्थित संचालन एवं सफल आयोजन में जिला नजारत उप समाहर्ता ललन कुमार रजक, जिला खेल पदाधिकारी प्रवीण कुमार, जिला शिक्षा पदाधिकारी कविता खालको, जिला शिक्षा अधीक्षक नूर आलम खां सहित अन्य संबंधित अधिकारियों एवं कर्मियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

विकास, संस्कृति और जनभागीदारी का प्रतीक बना स्थापना दिवस

पूरा समारोह गुमला जिले की एकता, सांस्कृतिक विविधता और विकासशील सोच का प्रतीक बनकर उभरा। कार्यक्रम में प्रशासनिक अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों, शिक्षकों, विद्यार्थियों, कलाकारों, सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं बड़ी संख्या में नागरिकों की उपस्थिति रही।

स्थापना दिवस समारोह ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि गुमला केवल प्राकृतिक सौंदर्य की धरती ही नहीं, बल्कि संघर्ष, संस्कृति, प्रतिभा और संभावनाओं से परिपूर्ण एक जीवंत जिला है, जो निरंतर विकास और नई उपलब्धियों की ओर अग्रसर है।

राम भक्तों के लिए

NEET पेपर लीक करने का सबसे बड़ा उद्योग, भाजपा में इस्तीफे का रिवाज नहीं, इसलिए जवाबदेही से शिक्षा मंत्री का सरोकार नहीं, पीएम भी खामोश

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सबसे बड़ा सवाल…नीट पेपर लीक में मनीषा मंधारे की गिरफ्तारी के बाद भी धर्मेन्द्र प्रधान की बर्खास्तगी क्यों नहीं? मनीषा मंधारे से देश के शिक्षा मंत्री का कनेक्शन सामने आने के बाद सरकार खामोश. जनता को बेवकूफ बनाने के लिये छोटे दलालों को पकड़कर जेल में डाल दिया जाता है, दिखाने के लिये सीबीआई जांच होती है लेकिन लाखों बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करनेवाले मोदी जी के मंत्रियों से कोई सवाल नहीं करता.

2017 में जब नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) बनायी गई. 2020 JEE Mens का पहला पेपर लीक  हुुुआ. 2021 फिर लीक हुआ. 2024 में UGC का पेपर लीक हुआ. इसके बाद संसद में कड़ा कानून बना तो लगा अब पेपर लीक नहीं होगा. फिर नीट का पेपर लीक हो गया.

NTA को ‘लीक प्रू्फ’ का सर्टिफिकेट

अब यह मान लेना चाहिए कि NTA इसलिए बनाया गया कि ये केंद्रीय संस्था ‘लीक प्रू्फ’ की तरह काम करे. 2014 से 2026 के बीच भारत में करोड़ों युवाओं ने प्रतियोगी परीक्षाओं के फॉर्म भरे, लेकिन पेपर लीक देश का सबसे बड़ा उद्योग बन गया। राजस्थान से बिहार तक, उत्तर प्रदेश से हरियाणा तक, भर्ती घोटालों ने लाखों युवाओं का समय खाकर पचा लिया गया।

कोई 5 साल तैयारी करता रहा, कोई 7 साल। उम्र निकल गई, नौकरी नहीं आई। लेकिन टीवी पर यह राष्ट्रीय संकट नहीं बना। क्यों? क्योंकि बेरोजगार युवा अगर गुस्से में आ जाता तो चुनावी खेल बिगड़ जाता। इसलिए उसको मोबाइल, छोटा वीडियो और भावनात्मक युद्ध दे दिया गया। उम्र निकल गई, नौकरी नहीं मिली, टीवी पर यह राष्ट्रीय संकट नहीं बना

आज हालत यह है कि युवा नौकरी मांगते-मांगते थक गया, किसान लागत से हार गया, छोटा व्यापारी कर और बाजार में पिस गया, लेकिन सोशल मीडिया पर ऐसा माहौल बनाया गया कि अगर कोई सवाल पूछ दे तो उसे ही गलत साबित कर दो।

समस्या खत्म नहीं करो, सवाल पूछनेवाले को खत्म करो

और भाजपा की सबसे बड़ी सफलता यही रही। उसने जनता को नागरिक से समर्थक बना दिया। नागरिक हिसाब मांगता है। समर्थक बचाव करता है। इसलिए आज रुपया टूटने के बाद भी जनता सड़क पर नहीं है। वह मोबाइल पर है।

जब जनता मोबाइल में लड़ने लगे और सत्ता जमीन पर सवालों से बच जाए, तब समझ लो राजनीति नहीं, मानसिक नियंत्रण चल रहा है। 2014 में भाजपा ने कहा था भारत दुनिया की सबसे ताकतवर अर्थव्यवस्था बनेगा, लेकिन 10 साल बाद हालत यह है कि भारत में आदमी नौकरी से ज्यादा “नैरेटिव” खोज रहा है।

सबसे बड़ा खेल सड़क पर नहीं, दिमाग में खेला गया। जनता को धीरे- धीरे इस तरह तैयार किया गया कि वह अपनी जिंदगी का हिसाब छोड़कर सरकार की इज्जत बचाने लगे। यही असली राजनीति थी। 2015 से 2026 के बीच पांच बार नीट पेपर लीक हो चुका है. न ही पीएम की तरफ से उनकी कोई जिम्मेदारी तय की गई है. 

मनमोहन सिंह के दौर में सिर्फ आरोप लगने पर बड़े-बड़े मंत्रियों के इस्तीफे ले लिये जाते थे. अब हालत यह है कि नैतिकता और त्याग-तपस्या की डफली बजाने वाले मोदी जी आंख मूंदकर बैठे हैं. उनकी हालत गांधी जी के तीन बंदरों से भी बुरी हो चुकी है. वो न कुछ देखते हैं, न सुनते हैं, न बोलते हैं.

नकारा क्षित्रा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान की बेटी निमिशा प्रधान अमेरिका में पढ़ी है. हो सकता है वहीं रह भी रही होगी. देश के युवाओं को पकौड़ा बनाने की सीख देने वाले मोदी के अधिकांश मंत्रियों/नेताओं के बेटे-बेटियां अमेरिका, ब्रिटेन, यूरोप, ऑस्ट्रेलिया में पढ़ते-लिखते हैं, वहीं रहते हैं. इसमें कोई दिक्कत नहीं. सवाल उठता है कि हमारा आपका जीवन बर्बाद करनेवाले ये ढोंगी स्वदेशी शिक्षा, स्वदेशी जीवन शैली अपनाने की सीख क्यों देते हैं?

 विश्वचेला बनने लायक भी नहीं है भारत 

ज्ञान और उच्च शिक्षा के प्रति जितनी हिकारत और नफरत मोदी जी के कार्यकाल में पैदा की गई है उसकी वजह से भारत विश्वचेला बनने लायक भी नहीं बचा है. इसको नोट कर रख लीजिए. भारत आज की दुनिया में विश्वचेला बनने लायक भी नहीं बचा है.

खुद मोदी जी ने हॉवर्ड बनाम हार्डवर्क की बाइनरी खड़ी करके इस घटिया सोच को समाज में स्थापित किया. जिस देश का प्रधानमंत्री ही उच्च शिक्षा का मज़ाक उड़ाता हो, जिसकी खुद की डिग्री का अता-पता न हो, जो पकौड़ानॉमिक्स का पक्षधर हो-उस देश का क्या हाल होगा?

मोदी जी के पहले कार्यकाल की शुरुआत की जेएनयू को बर्बाद करने से हुई. तब ‘एन्टी नेशनल’ स्मृति ईरानी जी शिक्षा मंत्री थीं. आज धर्मेन्द्र प्रधान शिक्षा मंत्री हैं लेकिन उच्च शिक्षा को लेकर बीजेपी सरकार के एप्रोच में दूूूूूूर-दूर तक कोई बदलाव नहीं दिखता.

व्यापम था भारत का सबसे ब़ड़ा आपराधिक शिक्षा घोटाला

भारतीय इतिहास का सबसे बड़ा और आपराधिक शिक्षा घोटाला- मध्यप्रदेश का व्यापम- बीजेपी के दौर में, बीजेपी की निगहबानी में हुआ. व्यापम शिक्षा घोटाले के लिये शिवराज सिंह की जिम्मेदारी तय की गई? नहीं.

उल्टे जिन पत्रकारों, आरटीआई एक्टिविस्ट ने इसको उजागर किया (जिन्हें इस देश का मुख्य न्यायाधीश कॉक्रोच समझता है) उनमें से कइयों की रहस्यमयी तरीके से हत्या कर दी गई.

नीट पेपर लीक कोई हवा में नहीं हो रहा है. उस इकोसिस्टम की वजह से हो रहा है जो बीजेपी की सरकारों ने पिछले कई सालों में तैयार किया है. उस सोच की वजह से हो रहा है जिसके मुताबिक उच्च शिक्षित, पढ़े-लिखे, संभ्रात-सुसंस्कृत लोग विदेशी एजेंट होते हैं. इस सोच के शीर्ष दार्शनिक मोदी जी हैं.

जिस मोदी सरकार के नेता, मंत्रियों ने अमर्त्य सेन का मज़ाक उड़ाया हो, उसकी संवेदना पर नीट पेपर लीक से क्या फर्क पड़ेगा? अगर आपको यह अभी भी समझ नहीं आ रहा है तो आप नीट पेपर लीक और उससे होने वाली त्रासदियों को भोगने के लिये अभिशप्त रहेंगे. 

राम भक्तों के लिए

गोमिया रेल ओवरब्रिज के विस्थापितों ने जिला भू-अर्जन पदाधिकारी को सौंपा मांग पत्र

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News – Kahkashan Farooqi

गोमिया_गोमिया अंचल अंतर्गत पलिहारी गुरूडीह पंचायत में निर्माणाधीन रेल ओवरब्रिज परियोजना से प्रभावित विस्थापितों के एक प्रतिनिधिमंडल ने सोमवार को बोकारो के जिला भू-अर्जन पदाधिकारी द्वारका बैठा से मुलाकात कर अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व विस्थापित संघर्ष समिति, गोमिया के अध्यक्ष विनय महतो एवं सचिव राकेश कुमार कर रहे थे।
प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे विस्थापित नेता राकेश कुमार ने बताया कि अक्टूबर 2023 में रेल ओवरब्रिज निर्माण हेतु भूमि अधिग्रहण को लेकर आमसभा आयोजित की गई थी तथा फरवरी 2025 में संबंधित रैयतों को मुआवजा भुगतान के लिए नोटिस जारी किया गया था। इसके बावजूद लगभग 15 माह बीत जाने के बाद भी भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया शिथिल एवं लंबित बनी हुई है।

उन्होंने कहा कि किसी भी परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण की जिम्मेदारी राज्य सरकार की होती है। इस रेल ओवरब्रिज परियोजना के लिए रैयत अपनी जमीन देने को तैयार हैं, लेकिन सरकारी उदासीनता के कारण प्रक्रिया अत्यंत धीमी गति से चल रही है। इसका सीधा असर रेल ओवरब्रिज निर्माण कार्य पर पड़ रहा है और परियोजना अधूरी बनी हुई है।
राकेश कुमार ने जिला भू-अर्जन पदाधिकारी से हस्तक्षेप कर प्रभावित रैयतों को शीघ्र मुआवजा भुगतान सुनिश्चित कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि जब तक भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया पूरी नहीं होगी, तब तक रेल ओवरब्रिज का निर्माण भी पूरा नहीं हो सकेगा। यह रेल ओवरब्रिज गोमिया क्षेत्र के लोगों का वर्षों पुराना सपना है।
प्रतिनिधिमंडल में मुकेश कुमार, अरविंद कुमार, नंदकिशोर प्रसाद एवं अश्विनी कुमार शामिल थे।

राम भक्तों के लिए

जल जीवन मिशन 2.0 एवं स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण चरण-2 के सफल क्रियान्वयन पर मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने दिया जोर

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News – Kahkashan Farooqi

Gomia_सोमवार, 18 मई 2026 को रांची के कांके स्थित विश्वा सभागार में आयोजित जल जीवन मिशन 2.0 एवं स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) चरण-2 की कार्ययोजना निर्माण को लेकर राज्य स्तरीय एकदिवसीय उन्मुखीकरण कार्यक्रम में पेयजल एवं स्वच्छता तथा उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग के मंत्री योगेंद्र प्रसाद शामिल हुए। कार्यक्रम में पहुंचने पर मंत्री का पुष्पगुच्छ भेंट कर भव्य स्वागत किया गया।
कार्यक्रम के दौरान विभागीय अधिकारियों द्वारा जल जीवन मिशन एवं स्वच्छ भारत मिशन से संबंधित योजनाओं की वर्तमान प्रगति, उपलब्धियों, चुनौतियों तथा आगामी कार्ययोजनाओं पर विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया गया।
अपने संबोधन में मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने योजनाओं के समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण एवं पारदर्शी क्रियान्वयन पर विशेष बल देते हुए अधिकारियों को निर्देश दिया कि राज्य के प्रत्येक ग्रामीण परिवार तक स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी तथा सभी कार्य निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरे किए जाएं।
मंत्री ने कहा कि जल जीवन मिशन एवं स्वच्छ भारत मिशन केवल सरकारी योजनाएं नहीं, बल्कि ग्रामीण जीवन स्तर में व्यापक परिवर्तन और समग्र विकास के प्रभावी माध्यम हैं। इन योजनाओं के सफल संचालन से ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य, स्वच्छता, पेयजल सुविधा एवं जीवन गुणवत्ता को नई दिशा और गति मिलेगी।
कार्यक्रम में विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, अभियंता एवं विभिन्न जिलों के संबंधित पदाधिकारी उपस्थित रहे।

 

राम भक्तों के लिए
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