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Thursday, July 2, 2026
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गुमला में क्रेता- विक्रेता सम्मेलन का आयोजन, आम उत्पादों के विपणन एवं निर्यात को मिलेगा बढ़ावा

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गुमला (ब्यूरो प्रमुख ) – गणपत लाल चौरसिया

गुमला: – गुमला उपायुक्त, दिलेश्वर महत्तो की अध्यक्षता में समाहरणालय सभागार में क्रेता- विक्रेता सम्मेलन का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य जिले में उत्पादित फल विशेषकर आम के प्रभावी विपणन, संग्रहण एवं निर्यात के लिए क्रेताओं एवं उत्पादकों के बीच समन्वय स्थापित करना था।

जिले में मनरेगा अंतर्गत संचालित बिरसा हरित ग्राम योजना के तहत लगभग 20,000 एकड़ भूमि पर आम एवं अन्य फलदार पौधों का रोपण किया गया है। इस योजना के अंतर्गत क्लस्टर आधारित पहचान के माध्यम से कुल 2000 मैट्रिक टन फलों (मुख्यतः आम—आम्रपाली, मल्लिका, हिमसागर, मालदा) के निर्यात का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

बैठक में जेएसएलपीएस, प्रदान, नाबार्ड द्वारा प्रोत्साहित किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ) एवं अन्य संस्थाओं के मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी (सीईओ ), बोर्ड सदस्य एवं दीदियों की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला गया। इनके माध्यम से बिरसा हरित ग्राम योजना से जुड़े किसानों से आम फलों का संग्रहण, पैकेजिंग एवं निर्यात सुनिश्चित किया जाएगा।

विभिन्न प्रखंडों एवं राज्य के अन्य जिलों से आए क्रेताओं ने गुणवत्ता पर विशेष जोर देते हुए कहा कि निर्यात के लिए फलों का उच्च गुणवत्ता का होना आवश्यक है, जिससे किसानों को बेहतर मूल्य मिल सके तथा अन्य राज्यों में भी गुमला के उत्पादों की पहचान स्थापित हो।

उपायुक्त ने अपने संबोधन में कहा कि इस सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य जिले में हो रहे उत्पादन को बेहतर विपणन से जोड़ना है। उन्होंने कहा कि जिले के एफपीओ एवं अन्य संस्थाएं सीधे किसानों के बागानों से फल संग्रहित कर उसे झारखंड सहित अन्य राज्यों के बाजारों तक पहुंचाएंगी, जिससे किसानों को बेहतर आय प्राप्त होगी।

उन्होंने आगे बताया कि इस वर्ष आम की बिक्री से जिले के किसानों को लगभग 4 से 5 करोड़ रुपये की आय होने की संभावना है। उपायुक्त ने सभी क्रेता एवं विक्रेताओं को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि इस पहल से जिले के किसान आत्मनिर्भर बनने की दिशा में सशक्त होंगे।

उपायुक्त ने भविष्य की योजनाओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आम बागवानी की सफलता को देखते हुए अब अन्य फलदार पौधों जैसे सीताफल एवं नाशपाती को भी विशेषकर पाट क्षेत्र में प्रोत्साहित किया जाएगा, ताकि किसानों की आय में निरंतर वृद्धि हो सके।

कार्यक्रम में सहायक परियोजना पदाधिकारी, जिला ग्रामीण विकास शाखा, जिला कार्यक्रम प्रबंधक जेएसएलपीएस, प्रदान, विकास भारती, अजीम प्रेमजी संस्था, के प्रतिनिधि, किसान उत्पादक संगठन के पदाधिकारी एवं सदस्य तथा बिरसा हरित ग्राम योजना से जुड़े कृषक उपस्थित थे।

राम भक्तों के लिए

झुंड से बिछड़े हाथी द्वारा मिट्टी के घर को तोड़ फोडकर , घरेलू सामान बर्बाद करते हुए, घर में रखे धान को खाकर चला बना, इस क्रम में एक मासूम बच्ची हुई गंभीर रूप से घायल, अस्पताल में इलाजरत

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गुमला (ब्यूरो प्रमुख ) – गणपत लाल चौरसिया

संबंधित वन विभाग मूकदर्शक बनकर तमाशा देखती रहती है

पीड़ितों को मुआवजा देने के नाम पर होता है रहस्य में घोटाला, कोई देखन हारा नहीं

गुमला : – गुमला जिले में प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष भी बिगड़ैल जंगली हाथियों का तांडव, जारी है,वही संबंधित वन विभाग मूकदर्शक बनकर तमाशा देख रही हैं, जबकि सर्वविदित है कि प्रत्येक वर्ष सारंडा जंगल से बिगड़ैल हाथियों का झुंड उक्त जिलों में प्रवेश करता है , जैसे गुमला, खूटी, लोहरदगा और सिमडेगा जिले के विभिन्न जंगली और पहाड़ी क्षेत्रों में निवास करने वाले सुदूर ग्रामीण क्षेत्रो में प्रवेश कर ग्रामीणों के मिट्टी के घर, घरेलू सामान, खेती बाड़ी, सहित जानमाल का नुकसान पहुंचाया रहता है, और संबंधित वन विभाग मूकदर्शन बनकर तमाशा देखती रहती है, और मुआवजा देने के नाम पर बड़े पैमाने पर रहस्यमय तरीके से हेरा फेरी की जाती है,

फिलहाल गुमला जिला अंतर्गत स्थित भरनो प्रखंड मुख्यालय से सटे कुम्हरों गांव में देर रात जंगली हाथी ने जमकर उत्पात मचाया। बताया जाता है कि झुंड से बिछड़े हाथी ने उक्त गांव के निवासी मंगरीता कुमारी के मिट्टी के घर को दो अलग-अलग हिस्से में तोड़फोड कर बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया हैं । घटना के समय मंगरीता अपने दो बेटी सात वर्षीय अनुष्का और ढाई वर्षीय अंशु के साथ घर में सो रही थी। इसी क्रम बिगड़ैल हाथी द्वारा एकाएक हुए उक्त हमले से पूरे परिवार बुरी तरह सहम गया है।

उनके घर को तोड़कर घरेलू सामान बर्बाद कर , घर के अंदर रखें धान को खाकर चला गए, गलीमत यह रही की इस क्रम में किसी की जान माल की नुकसान नहीं हुई, और तो और उक्त हाथी के द्वारा घर के अंदर रखा पलंग, अलमारी, कुर्सी, टेबल और बर्तन समेत कई अन्य घरेलू सामानो को क्षतिग्रस्त करते हुए घर में रखे लगभग दस क्विंटल धान भी हाथी खा गया और काफी मात्रा में बर्बाद कर दिया। मंगरीता के अनुसार, हाथी करीब एक घंटे तक घर के आसपास घूमता रहा।

जिससे पूरे गांव में भय का माहौल बना रहा। बाद में उक्त घटना की सूचना ग्रामीणों ने वन विभाग को दे दी है। वन विभाग की टीम पहुंची और घटना के बारे में जानकारी लेते हुए, पीड़ित महिला को बच्ची के इलाज हेतु तत्काल 10 हजार रुपए दिए और बाकी प्रक्रिया के बाद मुआवजा देने का आश्वासन दिया।

उक्त घायल बच्ची के कमर में गंभीर चोट आई है, बताया जाता है कि

उक्त घटना के बाद आसपास के क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई, और उक्त कोलाहल को सुनकर आसपास के ग्रामीण घटनास्थल पर पहुंचकर आनन फानन में परिजनों और ग्रामीणों की मदद से उक्त घायल बच्ची को तुरंत भरनो सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। जहां उसका इलाज चल रहा है। डॉक्टरों के अनुसार, अनुष्का के कमर में गंभीर चोट आई है।

ग्रामीणों ने बताया कि मंगरीता कुमारी के पति शंकर उरांव रोजी-रोटी की तलाश में दूसरे प्रदेश में ईंट भट्ठा में काम करने गए हुए हैं, फलस्वरूप उक्त महिला घर में अपनी दोनों बेटियों के साथ अकेली रहती है। अचानक हुए इस हमले से परिवार पूरी तरह सहम गया है।

घर के सभी घरेलू सामान तबाह, कर उक्त बिगड़ैल हाथी धान खाकर चला गया हैं, फिर भी उसके आने की संभावना से पूरा क्षेत्र भयभीत है

और पूरे गांव में भय का माहौल व्याप्त है । परिजनों ने बताया कि

उक्त बिगड़ैल हाथी द्वारा घर की दीवार तोड़ से और दीवार का मलबा सीधे उस पलंग पर गिरा था , जहां तीनों मां बेटी सो रही थी। इस हादसे में अनुष्का कुमारी मलबे में दबकर गंभीर रूप से घायल हो गई थी। जबकि उक्त मां ने जल्दी बाजी में अपनी छोटी बेटी को लेकर किसी तरह खुद को बचाया और बिगड़े हाथी के जाने के बाद वह जोर-जोर से चिल्ला कर ग्रामीणों को इकट्ठा कर मालवे में दबी बच्चों को बचाया और इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया ।

राम भक्तों के लिए

‘हमारे यहां समस्याएं भी संस्कारी होती हैं; चुनाव होने तक चुपचाप कोने में बैठी रहती हैं’

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मनोज कुमार झा

आख़िरकार देश को वह ऐतिहासिक क्षण प्राप्त हुआ जिसका इंतज़ार शायद वैश्विक अर्थशास्त्री, नीति आयोग, राशिफल विशेषज्ञ और टीवी डिबेट एंकर- सभी मिलकर कर रहे थे. पांच राज्यों के चुनाव समाप्त होते ही राष्ट्र को संयम, त्याग और मितव्ययिता का संदेश प्राप्त हुआ.

लोकतंत्र का यह सौंदर्य अद्भुत है कि जनता पहले कई सप्ताह तक विकास, राष्ट्रवाद, सभ्यता-संकट और भावनात्मक ध्रुवीकरण के महास्नान में भाग लेती है, फिर मतदान समाप्त होते ही उसे बताया जाता है कि अब पेट्रोल कम जलाइए, तेल कम खाइए, सोना मत खरीदिए, विदेश मत जाइए और घर बैठकर काम कीजिए.

हरिशंकर परसाई होते तो शायद लिखते कि यह वही देश है जहां जनता से त्याग की अपील उतनी ही सहजता से की जाती है जितनी सहजता से नेता उद्घाटन करते हैं. फर्क सिर्फ इतना है कि उद्घाटन का फीता सरकार काटती है और त्याग का बिल जनता भरती है.

राष्ट्रीय संकट भी शायद अब चुनाव आयोग की अनुमति से ही देश में प्रवेश करते हैं

मैं तो प्रधानमंत्री की इन चिंताओं को ढाई महीने बाद हासिल कर पुलकित हो बैठा. वरना असम, बंगाल, केरल, तमिलनाडु और पुदुचेरी के चुनावों ने ऐसा आभास करवा दिया था मानो युद्ध, महंगाई और वैश्विक संकटों को कोई अदृश्य कवच भारत की सीमाओं से बाहर रोके हुए हो. अब जाकर समझ आया कि प्रधानमंत्री जी गायब नहीं थे; वे बस लोकतंत्र की पवित्र प्रक्रिया पूरी होने का इंतज़ार कर रहे थे. राष्ट्रीय संकट भी शायद अब चुनाव आयोग की अनुमति से ही देश में प्रवेश करते हैं.

यह जानकर भी गहरा संतोष हुआ कि देश की आर्थिक चुनौतियां अचानक चुनाव परिणाम आने के बाद ही गंभीर हुई हैं. उससे पहले शायद महंगाई, विदेशी मुद्रा भंडार और तेल की कीमतें आदर्श आचार संहिता का सम्मान कर रही थीं. शरद जोशी होते तो शायद लिखते- ‘हमारे यहां समस्याएं भी बहुत संस्कारी होती हैं; चुनाव तक चुपचाप कोने में बैठी रहती हैं.’

प्रधानमंत्री ने नागरिकों से अपील की है कि पेट्रोल-डीज़ल कम इस्तेमाल करें, मेट्रो में चलें, कार पूल करें. यह सलाह निश्चित ही उन लोगों के लिए अत्यंत प्रेरणादायक होगी जो पहले से ही बढ़ती ईंधन कीमतों के कारण अपनी मोटर साइकिल को घर में किसी पारिवारिक विरासत की तरह खड़ी करके देखते हैं.

देश का मध्यमवर्ग पिछले कई वर्षों से अनौपचारिक रूप से इस ‘राष्ट्रीय सेवा’ में लगा हुआ है; फर्क सिर्फ इतना है कि अब उसे सरकारी मान्यता भी मिल गई है.

पहले लोग मजबूरी में कम पेट्रोल भरवाते थे, अब राष्ट्रहित में कम भरवाएंगे. इस प्रकार आर्थिक विवशता को नैतिक उपलब्धि में बदल देने की कला शायद भारतीय शासन-व्यवस्था की सबसे बड़ी प्रशासनिक उपलब्धि है.

वर्क फ्रॉम होम को बढ़ावा देने का रोचक सुझाव 

वर्क फ्रॉम होम को फिर से बढ़ावा देने का सुझाव भी कम रोचक नहीं है. यही व्यवस्था कुछ समय पहले ‘ऑफिस संस्कृति’ और उत्पादकता के लिए खतरा बताई जा रही थी. कर्मचारियों को समझाया गया था कि राष्ट्र निर्माण केवल दफ़्तर की कुर्सी पर बैठकर ही संभव है. लेकिन चुनाव समाप्त होते ही वही व्यवस्था राष्ट्रभक्ति का उपकरण बन गई.

श्रीलाल शुक्ल के ‘राग दरबारी’ का कोई पात्र शायद इस पर टिप्पणी करता- ‘व्यवस्था की सबसे बड़ी खूबी यही है कि वह हर फैसले को परिस्थिति नहीं, राष्ट्रहित साबित कर देती है.’

सबसे भावुक अपील सोना खरीदने को लेकर आई. भारतीय परिवारों से कहा गया कि वे कम-से-कम एक वर्ष तक विवाहों में सोना खरीदने से बचें. यह अपील केवल आर्थिक नहीं, सांस्कृतिक तपस्या की भी मांग करती है. भारतीय परिवारों में सोना धातु कम, सामाजिक आत्मविश्वास अधिक होता है.

सदियों से संजोए गए गहनों के सपने अब विदेशी मुद्रा भंडार के नाम समर्पित किए जाएंगे. कल्पना कीजिए- अब रिश्तेदार पूछेंगे, ‘बहू को क्या दिया?’ और जवाब मिलेगा- ‘राष्ट्रहित.’ संभव है जल्द ही विवाह कार्डों पर यह पंक्ति भी छपने लगे- ‘कृपया आशीर्वाद दें, सोना राष्ट्र निर्माण हेतु स्थगित किया गया है.’

अब घर में रहना राष्ट्रभक्ति है

विदेश यात्राएं सीमित करने और ‘वेड इन इंडिया (Wed in India)’ का आह्वान भी समयानुकूल है. यह अलग बात है कि जिन लोगों ने पिछले वर्षों में विदेशी दौरों को विकास का राजमार्ग बताया था, वही अब घरेलू पर्यटन को त्याग और तपस्या का प्रतीक बना रहे हैं. कुछ समय पहले विदेश यात्रा आधुनिकता थी, अब घर में रहना राष्ट्रभक्ति है. संभव है जल्द ही गोवा जाना आत्मनिर्भरता और नेपाल जाना विदेशी साज़िश घोषित कर दिया जाए.

‘वोकल फॉर लोकल’ का संदेश भी फिर लौट आया है. विचार बुरा नहीं है. समस्या केवल इतनी है कि इसे हर संकट के समय ऐसे निकाला जाता है जैसे दादी मां की वह पुरानी दवा जिसे हर बीमारी में उपयोगी माना जाता था- चाहे बुखार हो, बेरोज़गारी हो, व्यापार घाटा हो या वैश्विक मंदी. परसाई जी शायद कहते- ‘हमारे यहां नारे इसलिए अमर रहते हैं क्योंकि समस्याएं कभी मरती नहीं.’

‘उत्पादन घटे तो भी मुस्कुराइए, क्योंकि यह हरित राष्ट्रवाद का हिस्सा है’

किसानों को रासायनिक उर्वरक आधे करने और प्राकृतिक खेती अपनाने की सलाह दी गई है. यह सलाह उन किसानों तक भी पहुंचेगी जो पहले ही लागत, मौसम, कर्ज़ और बाज़ार के बीच किसी त्रासद व्यंग्य के पात्र की तरह जीवन जी रहे हैं. अब उनसे कहा जा रहा है कि उत्पादन घटे तो भी मुस्कुराइए, क्योंकि यह हरित राष्ट्रवाद का हिस्सा है. भारतीय किसान शायद दुनिया का अकेला ऐसा जीव है जिससे हर संकट में त्याग की अपेक्षा की जाती है और हर चुनाव में उम्मीद की.

और हां, खाने में तेल कम इस्तेमाल करने की सलाह भी दी गई है. प्रधानमंत्री जी ने क्या ही अनुपम नारा दिया- ‘देह-सेवा भी, देश-सेवा भी.’ मैं सोचता हूं कि क्यों न अब हर मोहल्ले में एक ‘तेल निरीक्षण दस्ता’ भी गठित कर दिया जाए, जो औचक निरीक्षण कर बताए कि किस परिवार ने राष्ट्रभक्ति से अधिक सरसों का तेल प्रयोग कर लिया. भविष्य में संभव है रसोई गैस की लौ देखकर नागरिकता का स्तर तय किया जाए.

अपीलों में ‘सरकार’ कहीं दिखाई नहीं देती. त्याग हमेशा नागरिक करेंगे

सबसे दिलचस्प बात यह है कि इन सारी अपीलों में ‘सरकार’ कहीं दिखाई नहीं देती. त्याग हमेशा नागरिक करेंगे. पेट्रोल जनता कम जलाएगी, सोना जनता नहीं खरीदेगी, यात्राएं जनता रोकेगी, तेल जनता बचाएगी. सत्ता का योगदान मुख्यतः नैतिक अपीलों तक सीमित रहेगा. यह एक ऐसा आर्थिक मॉडल है जिसमें कठिनाइयां निजी हैं और भाषण सार्वजनिक.

लेकिन असली प्रश्न यह नहीं है कि ये सुझाव अच्छे हैं या बुरे. कुछ सुझाव व्यावहारिक भी हो सकते हैं. असली प्रश्न यह है कि क्या राष्ट्रीय संकटों की समझ भी अब चुनावी कैलेंडर देखकर सक्रिय होती है? यदि परिस्थितियां इतनी गंभीर थीं, तो यह आग्रह मतदान से पहले क्यों नहीं आया? क्या राष्ट्रहित भी अब आचार संहिता हटने के बाद ही लागू होता है?

भारतीय लोकतंत्र में शायद अब एक नया मौसम जोड़ देना चाहिए; गर्मी, बारिश, सर्दी और ‘चुनाव-उपरांत त्याग काल’. चुनाव के दौरान नागरिक ‘विकास’ सुनेंगे और चुनाव के बाद ‘संयम’ का पाठ पढ़ेंगे. राष्ट्र आखिरकार आत्मनिर्भर बन ही रहा है- कम-से-कम अपने त्याग और तपस्या में.

(लेखक राज्यसभा सदस्य हैं.)

(द वायर से साभार)

राम भक्तों के लिए

US-ईरान तनाव के बीच पीएम मोदी की अपील: विदेशी यात्रा टालें, सोना कम खरीदें और अपनाएं वर्क फ्रॉम होम

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अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव और युद्ध जैसे हालात के बीच प्रधानमंत्री Narendra Modi ने देशवासियों से सावधानी बरतने और आर्थिक रूप से जिम्मेदार व्यवहार अपनाने की अपील की है। हैदराबाद में आयोजित एक कार्यक्रम में प्रधानमंत्री मोदी ने लोगों से फिलहाल अनावश्यक विदेशी यात्राओं से बचने, गैर-जरूरी सोने की खरीदारी रोकने और जहां संभव हो वहां “वर्क फ्रॉम होम” अपनाने का आग्रह किया।

प्रधानमंत्री ने कहा कि पश्चिम एशिया में बढ़ते संकट का असर वैश्विक तेल बाजार और भारत की विदेशी मुद्रा भंडार पर पड़ सकता है। उन्होंने पेट्रोल-डीजल की खपत कम करने, सार्वजनिक परिवहन का अधिक उपयोग करने और कारपूलिंग को बढ़ावा देने की भी सलाह दी। मोदी ने लोगों से “मेड इन इंडिया” उत्पादों को प्राथमिकता देने की अपील करते हुए कहा कि यह समय देशहित में जिम्मेदार फैसले लेने का है।

प्रधानमंत्री के इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में भी चर्चा तेज हो गई है। विपक्ष ने इसे केंद्र सरकार की आर्थिक चिंताओं का संकेत बताया है, जबकि सरकार समर्थकों का कहना है कि यह देश को संभावित वैश्विक आर्थिक संकट से बचाने की तैयारी है।

राम भक्तों के लिए

कुत्ता को बचाने के क्रम में बाइक हुआ दुर्घटनाग्रस्त , बाइक सवार युवक घायल, सदर अस्पताल में इलाजरत

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गुमला (ब्यूरो प्रमुख ) – गणपत लाल चौरसिया

गुमला : – गुमला जिला अंतर्गत स्थित रायडीह प्रखंड क्षेत्र में रविवार शाम एक सड़क हादसे में युवक गंभीर रुप से घायल हो गया। घायल युवक की पहचान मनु महतो 23 के रूप में हुई है। वह जशपुर जिला के जोरा तराई गांव का निवासी बताया जा रहा है, बताया जाता है कि वह अपने रिश्तेदारों के घर डोबडोबी केराडीह गांव में मेहमानी आये हुए था,और वह अपने दोस्त मनु महतो के साथ सीलम बाजार गया था और बाजार से वापसी के दौरान क्रम में सीलम पुल के समीप अचानक एक कुत्ता सड़क पर दौड़ गया, जिसे बचाने के दौरान उक्त बाइक का संतुलन बिगड़ गया और उक्त बाइक दुर्घटनाग्रस्त हो गया फलस्वरूप उक्त युवक के सिर में गंभीर चोट आ गयी, बाद में घटनास्थल पर उपस्थित ग्रामीणों द्वारा आनन फानन में इलाज के लिए गुमला सदर अस्पताल भिजवाया गया, जहाँ चिकित्सकों की देखरेख में उक्त घायल युवक का इलाज चल रहा है।

राम भक्तों के लिए

पूर्व चैंबर सचिव के घर से अज्ञात चोरों द्वारा 11.70 लाख की नगद चोरी

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गुमला (ब्यूरो प्रमुख ) – गणपत लाल चौरसिया

गुमला : – गुमला जिला मुख्यालय स्थित डीएसपी रोड स्थित चैंबर्स ऑफ कॉमर्स के पूर्व सचिव दिलीप गुप्ता के घर में अज्ञात चोरों ने सेन्धमारी कर की चोरी । बताया जाता है कि चोरों ने घर से 11 लाख 70 हजार रुपए नगद और लाखों रुपए के सोने-चांदी के जेवरात चुरा लिए। यह घटना तब हुई जब दिलीप गुप्ता इलाज के लिए रांची गए हुए थे। सोमवार सुबह 7 बजे पड़ोसियों ने घर का ताला टूटा हुआ देखा और दिलीप गुप्ता को इसकी सूचना दी। घर लौटने पर उन्होंने पाया कि मुख्य दरवाजे और गोदरेज के ताले टूटे हुए थे और सारा सामान बिखरा पड़ा था। इसके बाद उन्हें चोरी का एहसास हुआ।

दिलीप गुप्ता के अनुसार, चोरों ने गोदरेज में रखे उनके लगभग सात लाख 70 हजार रुपए नगद और सरिता गुप्ता के 4 लाख रुपए नकद चुरा लिए। इसके अलावा, सोने के तीन चेन, कान के तीन जोड़े, तीन अंगूठियां, एक मांग टीका, एक ढोलना, एक जितिया, सोने के कान के दो अन्य जोड़े, चांदी के एक जोड़ा पायल और दो जोड़े बिछिया की भी चोरी हो गए हैं।

दिलीप गुप्ता ने अज्ञात चोरों के खिलाफ गुमला सदर थाना में प्राथमिकी दर्ज करने के लिए आवेदन दिया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है। दिलीप गुप्ता ने उक्त मामला दर्ज करते हुए, पुलिस प्रशासन से जल्द से जल्द कार्रवाई कर चोरी हुए उक्त सभी नकद और जेवरात की बरामदगी की मांग की है।

राम भक्तों के लिए

बालू-गिट्टी लदे 6 वाहन को किया गया जब्त

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गुमला (ब्यूरो प्रमुख ) – गणपत लाल चौरसिया

गुमला : – गुमला सदर थाना क्षेत्र में अवैध बालू और गिट्टी के कारोबार पर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई की। खनन विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने विशेष जांच अभियान चलाकर कुल छह वाहनों को जब्त किया। कार्रवाई के बाद अवैध खनिज परिवहन में लगे कारोबारियों के बीच हड़कंप मच गया। जब्त किए गए वाहनों में एक हाइवा अवैध बालू से लदा मिला, जबकि दो ट्रैक्टर और तीन हाइवा गिट्टी लेकर बिना वैध कागजात के परिवहन करते पकड़े गए। प्रशासनिक टीम ने शहर के विभिन्न इलाकों में जांच के दौरान इन वाहनों को रोका और दस्तावेजों की जांच की। जांच में खनिज परिवहन से संबंधित जरूरी कागजात नहीं मिलने पर सभी वाहनों को जब्त कर सदर थाना परिसर में रखा गया।

माइनिंग ऑफिसर नीरज कुमार ने मामले में सदर थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई है। उन्होंने बताया कि गुप्त सूचना के आधार पर यह कार्रवाई की गई। खनन विभाग के अनुसार वाहन मालिकों और चालकों के खिलाफ खनन अधिनियम के तहत कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। प्रशासन ने

चेतावनी दी है कि जिले में अवैध बालू और गिट्टी उत्खनन तथा परिवहन के खिलाफ आगे भी लगातार अभियान जारी रहेगा। पुलिस और खनन विभाग की टीम संयुक्त रूप से निगरानी कर रही है।

राम भक्तों के लिए

जैक बोर्ड परीक्षा 2026 में ऐतिहासिक सफलता पर गुमला में भव्य सम्मान समारोह आयोजित

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गुमला (ब्यूरो प्रमुख ) – गणपत लाल चौरसिया

माध्यमिक एवं इंटर में उत्कृष्ट प्रदर्शन से गुमला ने राज्य में लहराया परचम

गुमला : – गुमला जिला मुख्यालय में झारखंड अधिविद्य परिषद (JAC) द्वारा आयोजित वार्षिक माध्यमिक एवं इंटरमीडिएट परीक्षा 2026 में गुमला जिले के विद्यार्थियों द्वारा राज्य स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन किए जाने के उपलक्ष्य में सोमवार, 11 मई 2026 को नगर भवन, गुमला में भव्य सम्मान समारोह का सफल आयोजन किया गया।

इस वर्ष गुमला जिले ने जैक बोर्ड परीक्षाओं में ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज करते हुए माध्यमिक स्तर पर राज्य में प्रथम स्थान, इंटर कला संकाय में प्रथम स्थान, विज्ञान संकाय में द्वितीय स्थान तथा वाणिज्य संकाय में तृतीय स्थान प्राप्त कर पूरे राज्य में अपनी शैक्षणिक उत्कृष्टता का परचम लहराया।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि उपायुक्त गुमला दिलेश्वर महत्तो सहित जिले के सभी वरीय प्रशासनिक एवं शिक्षा पदाधिकारी उपस्थित रहे। समारोह के दौरान माध्यमिक परीक्षा में राज्य स्तरीय सेकेंड टॉपर रहे विद्यार्थियों, जिला स्तर पर टॉप-10 स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों एवं 90 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने वाले कुल 310 विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया। वहीं इंटरमीडिएट परीक्षा में जिला अंतर्गत टॉप-10 स्थान प्राप्त करने वाले कुल 40 विद्यार्थियों को भी सम्मानित किया गया, जिनमें कला संकाय के 16 विद्यार्थी, वाणिज्य संकाय के 11 विद्यार्थी तथा विज्ञान संकाय के 13 विद्यार्थी शामिल रहे।

इसके अतिरिक्त मुख्यमंत्री उत्कृष्ट विद्यालयों के मैट्रिक परीक्षा में टॉप-3 स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों, कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालयों की मेधावी छात्राओं तथा नेताजी सुभाष चंद्र बोस आवासीय विद्यालय के विशेष प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को भी सम्मानित किया गया। इन विद्यालयों में एकल अभिभावक, अनाथ, अनुसूचित जनजाति, आदिम जनजाति, अभिवंचित वर्ग एवं सामाजिक रूप से वंचित बच्चों को निःशुल्क आवासीय शिक्षा उपलब्ध कराई जाती है।

समारोह में शत – प्रतिशत परीक्षा परिणाम देने वाले 100 से अधिक विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों, बोर्ड परीक्षा विजय अभियान में योगदान देने वाले लगभग 70 शिक्षकों, जिला एवं प्रखंड स्तरीय मॉनिटरिंग टीम, शिक्षा विभाग के पदाधिकारियों तथा विभिन्न स्तरों पर कार्यरत कर्मियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।

*उपायुक्त दिलेश्वर महत्तो ने अपने संबोधन में कहा* कि गुमला जैसे अति दुर्गम क्षेत्र के विद्यार्थियों द्वारा राज्य स्तर पर प्रथम स्थान प्राप्त करना अत्यंत गर्व की बात है और यह उपलब्धि एक दिन की नहीं बल्कि वर्षों के सतत प्रयास, सुनियोजित रणनीति और टीम वर्क का परिणाम है। उन्होंने बताया कि पूर्व उपायुक्तों के नेतृत्व में “शिक्षा कर भेंट अभियान” एवं “बोर्ड परीक्षा विजयी अभियान” के तहत प्रारंभिक स्तर पर मंथन कर रणनीति तैयार की गई थी , जिसके अंतर्गत अनुभवी शिक्षकों एवं अधिकारियों की कोर टीम का गठन कर निरंतर मॉनिटरिंग, विद्यालयों का निरीक्षण, मॉक टेस्ट, रेमेडियल कक्षाएं तथा संचालित किया गया।

उन्होंने आगे कहा कि इस सफलता में विद्यार्थियों, शिक्षकों, अभिभावकों एवं प्रशासन सभी की समान भूमिका रही है और अब सबसे बड़ी चुनौती इस उपलब्धि को निरंतर बनाए रखना है। उन्होंने विद्यार्थियों को समर्पण, दृढ़ संकल्प और अनुशासन के साथ आगे बढ़ने का संदेश देते हुए कहा कि यही तीन गुण जीवन में सफलता सुनिश्चित करते हैं।

*अपर समाहर्ता गुमला शशिंद्र कुमार बड़ाइक* ने अपने संबोधन में कहा कि इस आयोजन के वास्तविक नायक छात्र-छात्राएं हैं, जिनकी मेहनत के कारण आज पूरा जिला गौरवान्वित हो रहा है। उन्होंने कहा कि सम्मान प्राप्त करना महत्वपूर्ण है, किंतु उसे बनाए रखना उससे भी बड़ी जिम्मेदारी है। उन्होंने विद्यार्थियों को समय का महत्व समझते हुए निरंतर आगे बढ़ने का संदेश दिया तथा कहा कि हर बच्चा प्रतिभाशाली होता है, आवश्यकता केवल सही मार्गदर्शन की होती है।

*सिविल सर्जन गुमला शंभूनाथ चौधरी ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा* कि शिक्षकों के मार्गदर्शन के बिना कोई भी सफलता संभव नहीं है और निरंतर परिश्रम तथा अनुशासन ही वास्तविक सफलता की पहचान है। उन्होंने अपने अनुभव साझा करते हुए विद्यार्थियों को प्रेरित किया तथा स्वास्थ्य जागरूकता के तहत सर्वाइकल कैंसर से बचाव हेतु वैक्सीनेशन की जानकारी भी दी।

*डीसीएलआर गुमला राजीव कुमार ने कहा कि* पिछले वर्ष के अनुभवों से सीख लेकर बेहतर रणनीति बनाई गई, जिसका परिणाम इस वर्ष सामने है। उन्होंने कहा कि हर बच्चा प्रतिभावान होता है, अंतर केवल सोच और पढ़ाई के तरीके में होता है तथा सही लक्ष्य निर्धारण और दिशा मिलने पर कोई भी छात्र सफलता प्राप्त कर सकता है।

*एसडीओ सदर राजीव नीरज ने* विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि जिस प्रकार उन्होंने वर्तमान में सफलता प्राप्त की है, उसी प्रकार भविष्य में भी लक्ष्य निर्धारित कर निरंतर प्रयास जारी रखें।

*एसडीओ चैनपुर पूर्णिमा कुमारी ने कहा* कि यह उपलब्धि सभी की सामूहिक मेहनत और सटीक रणनीति का परिणाम है और आगे भी इसी प्रकार प्रयास जारी रखे जाएंगे।

*जिला शिक्षा पदाधिकारी कविता खालको ने कहा* कि गुमला जिले की यह सफलता किसी संयोग का परिणाम नहीं है, बल्कि शिक्षा विभाग और जिला प्रशासन के निरंतर प्रयासों का प्रतिफल है। उन्होंने बताया कि नियमित मॉक टेस्ट, रेमेडियल कक्षाएं, ऑनलाइन मॉनिटरिंग, प्रश्नपत्र निर्माण तथा कोर कमिटी द्वारा दैनिक अभ्यास जैसे प्रयासों से यह सफलता संभव हो सकी है। उन्होंने कहा कि यह सफलता सामूहिक प्रयास से ही प्राप्त हुई है।

कार्यक्रम में उपायुक्त गुमला, अपर समाहर्ता, सिविल सर्जन गुमला, डीसीएलआर, एसडीओ सदर, एसडीओ चैनपुर, जिला शिक्षा पदाधिकारी, जिला शिक्षा अधीक्षक, जिला परिवहन पदाधिकारी , जिला समाज कल्याण पदाधिकारी सहित शिक्षा विभाग के सभी अधिकारी, शिक्षक एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

यह सम्मान समारोह गुमला जिले की सामूहिक प्रतिबद्धता, रणनीतिक योजना और शिक्षा के प्रति समर्पण का सशक्त उदाहरण बनकर उभरा है, जिसने यह सिद्ध कर दिया है कि सीमित संसाधनों के बावजूद दृढ़ इच्छाशक्ति और समन्वित प्रयासों से उत्कृष्टता हासिल की जा सकती है।

राम भक्तों के लिए

कामडारा प्रखंड के गरई गांव में उपायुक्त ने ड्रैगन फ्रूट खेती का किया निरीक्षण, महिला किसान की पहल की सराहना

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न्यूज – गनपत लाल चौरसिया – ब्यूरो प्रमुख – गुमला

गुमला : – गुमला उपायुक्त दिलेश्वर महत्तो ने कामडारा प्रखंड के भ्रमण के क्रम में गरई (सोनाटोली) गांव पहुंचे, जहां उन्होंने प्रगतिशील महिला किसान रेशमा केरकेट्टा एवं अमित केरकेटा द्वारा की जा रही ड्रैगन फ्रूट की खेती का निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने खेत में लगाए गए ड्रैगन फ्रूट के पौधों का अवलोकन करते हुए खेती की पूरी प्रक्रिया, लागत एवं आय के बारे में विस्तृत जानकारी ली। महिला किसान द्वारा बताया गया कि उन्होंने लगभग डेढ़ एकड़ भूमि में ड्रैगन फ्रूट की खेती की है, जिसमें कुल 5,15 पौधे लगाए गए हैं। इस खेती के लिए पौधे तेलंगाना से लाए गए थे और वर्तमान में इसे दो अलग-अलग प्लॉट में विकसित किया गया है।
उन्होंने यह भी बताया कि ड्रैगन फ्रूट का उत्पादन स्थानीय स्तर पर ही आसानी से बिक जाता है और उन्हें बाजार की कोई विशेष समस्या नहीं होती। उन्होंने जानकारी दी कि इस खेती से उन्हें प्रतिवर्ष लगभग 6 से 7 लाख रुपये तक की आय हो रही है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति में उल्लेखनीय सुधार हुआ है।

उपायुक्त ने महिला किसान की सराहना करते हुए कहा कि यह पहल क्षेत्र के अन्य किसानों, विशेषकर महिला स्वयं सहायता समूहों के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने संबंधित विभागों को निर्देश दिया कि इस प्रकार की उन्नत एवं आयवर्धक खेती को प्रोत्साहित करने हेतु अन्य किसानों को भी प्रशिक्षण एवं तकनीकी सहयोग उपलब्ध कराया जाए।
उपायुक्त ने कहा कि जिले में परंपरागत खेती के साथ-साथ वैकल्पिक एवं उच्च मूल्य वाली फसलों को बढ़ावा देना आवश्यक है, जिससे किसानों की आय में वृद्धि हो सके। उन्होंने आशा व्यक्त की कि ड्रैगन फ्रूट जैसी खेती से जुड़े मॉडल को अन्य क्षेत्रों में भी विस्तार दिया जाएगा।

राम भक्तों के लिए

शादी समारोह में मारपीट के बाद युवक की मौत, एक आरोपी गिरफ्तार

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न्यूज – गनपत लाल चौरसिया – ब्यूरो प्रमुख – गुमला

करंज थाना पुलिस ने कार्रवाई कर आरोपी को भेजा जेल

गुमला : – गुमला जिला अंतर्गत स्थित भरनो प्रखंड के करंज थाना क्षेत्र के दतिया गांव में शादी समारोह के दौरान हुई मारपीट और युवक की मौत मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार कर गुमला जेल भेज दिया।

गिरफ्तार आरोपी की पहचान पालकोट थाना क्षेत्र के चैनपुर कोनसलता गांव निवासी अशोक कुमार सिंह (25 वर्ष) के रूप में हुई भरनो गुमला जिला है। पुलिस ने उसे करंज थाना कांड संख्या 03/26 दिनांक 5 मई 2026 के अप्राथमिकी अभियुक्त के रूप में गिरफ्तार किया है।

जानकारी के अनुसार 3 मई को दतिया गांव निवासी फुलेद्र सिंह की बेटी की शादी थी। इस समारोह में पालकोट प्रखंड के चैनपुर बुज्जीटोली गांव से बारात पहुंची थी। जयमाला कार्यक्रम के दौरान

दोनों पक्षों के युवकों के बीच कहासुनी हो गई, जो देखते ही देखते मारपीट में बदल गई।

बताया जाता है कि बाद में लड़की पक्ष के संतोष कुमार सिंह जब कुर्सी लाने गए थे, तभी कुछ बाराती युवकों ने उन्हें अकेला पाकर बेरहमी से मारपीट की। इस दौरान उनके सिर पर गंभीर चोट लगी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो

गए। परिजनों ने उन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया, जहां से बेहतर इलाज के लिए रिम्स रांची रेफर किया गया। इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। घटना के बाद शादी का माहौल मातम में बदल गया और बारात बिना शादी संपन्न हुए वापस लौट गई। मामले में लड़की पक्ष ने अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी। जांच के दौरान अशोक कुमार सिंह की संलिप्तता सामने आने पर पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। करंज थाना पुलिस ने बताया कि मामले में शामिल अन्य आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।

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