खलारी। उर्सूलाइन कॉन्वेंट स्कूल खलारी में सोमवार को कथा सम्राट मुंशी प्रेमचंद की जयंती मनायी गई। कार्यक्रम का प्रारंभ प्राचार्य सिस्टर जयंती द्वारा मुंशी प्रेमचंद के चित्र पर माल्यार्पण तथा दीप जलाकर किया गया। उसके बाद विद्यालय की उप-प्राचार्या सिस्टर नेली, हिन्दी की वरिष्ठ शिक्षिका मिस अनिमा कांसीर , शिक्षिका सरोज किस्पोटा, मैडम रोजालिया तथा शिक्षक मुकेश कुमार सिंह ने माल्यार्पण किया। कक्षा सात के विद्यार्थियों ने मुंशी प्रेमचंद की जीवनी पर प्रकाश डाला तथा उनके द्वारा रचित कुछ प्रसिद्ध उपन्यासों के प्रमुख अंशों का वाचन किया गया। भूमिका कमलजीत ने दिया, आदित्य गोस्वामी और आनंद कुमार ने जीवन परिचय दिया परीक्षा कहानी का वचन अनन्य कुमारी ने तथा कविता पाठ ख़ुशबू कुमारी ने किया । मंच संचालन कोमल कुमारी और अदिति कुमारी ने संयुक्त रूप से किया। इस अवसर पर प्राचार्य सिस्टर जयंती ने अपने संबोधन में कहा की प्रेमचंद जैसे साहित्यकार विरले ही पैदा होते हैं। उनकी रचनायें समाज का प्रतिबिंब हैं। उनके द्वारा रचित उपन्यास और कहानियाँ आज की परिदृश्य में बिलकुल उचित बैठती हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा की आज की पीढ़ी पढ़ाई छोड़कर मोबाइल में व्यस्त हो गई है । वे अपना ख़ाली समय ऐसे ही मोबाइल में बिता देते हैं जबकि ऐसे ख़ाली समय का उपयोग साहित्यिक रचनाओं को पढ़ने में करना चाहिए साथ ही विद्यालय के पुस्तकालय का भी लाभ लेने को कहा है। उन्होंने कहा कि विद्यालय कि पुस्तकालय में विभिन्न प्रकार की किताबें हैं जिन्हें समय समय पर इशू करके पढ़ने से ज्ञान वृद्धि तो होती ही है साथ ही पढ़ने की आदत भी बनती है।
इस अवसर पर विद्यालय के सभी शिक्षक – शिक्षिकाएं तथा विद्यार्थी उपस्थित थे ।
अभी बरसात का मौसम है इस मौसम में बुखार सर्दी खांसी आम बात है लेकिन एक और बीमारी जो तेजी से वायरल हो रही है वह है आंखो में इन्फेक्शन यानी कंजक्टिवाइटिस जो अभी पूरे देश में तेजी से फैल रही है । यह बच्चो को ज्यादा संक्रमित करता है,यह काफी संक्रामक होता है, और बहुत तेजी से दूसरे लोगों में भी फैल सकता है। इससे कैसे बचे और क्या उपाय करे इसके लिए हजारीबाग के प्रसिद्ध होमियोपैथिक चिकित्सक डॉ आनन्द शाही (ओकानी लोहार टोली हजारीबाग) के उपाय और इलाज द्वारा बताया गया ।
आंखों के संक्रमण (इंफेक्शन) के लक्षण, कारण और घरेलू उपचार कैसे करे : आँखों का संक्रमण या आई इंफेक्शन आँखों में होने वाली सबसे आम समस्याओं में से एक होता है। यह संक्रमण बैक्टिरीया, वायरस, फंगल या अन्य किसी भी प्रकार से हो सकता है। इस बीमारी के होने के लिए कोई खास उम्र नहीं होती और यह एक साथ दोनों आँखें को भी प्रभावित कर सकता है। इसके साथ ही यह आसानी से एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति को हो सकता है।
आंख में इंफेक्शन होने पर लाल या सूजन होने के अलावा और भी लक्षण होते हैं-
*आँखों में लाल होने एवं सूजन के साथ दर्द होना। *पलकों को छूने पर दर्द महसूस होना। *आँख से पीले या हरे रंग का या रंगहीन पदार्थ आना। *आँखों की पलकों के पास पपड़ी जमना खासकर सुबह के समय। *आँखों से कीचड़ आना। दृष्टि का धुंधला होना। *आँखों से लगातार पानी बहना। जलन होना।
आंख में संक्रमण से बचने के उपाय
आंख में संक्रमण न हो इससे बचने के लिए इन बातों का ध्यान रखना चाहिए-
*अपने हाथों को अच्छी प्रकार बार-बार धोते रहें। *अपने तौलिए, रूमाल और आई ड्रॉप किसी के भी साथ शेयर न करें क्योंकि इससे दूसरे व्यक्ति को भी संक्रमण हो सकता है। *आँखों को तेज धूप व धूल भरे वातावरण से बचा कर रखें। *आँखों को हाथों से न रगड़े और गन्दे हाथों को आँखों पर न लगाए। *आँखों को किसी भी प्रकार के उत्तेजक पदार्थ के सम्पर्क में न आने दें जैसे धुआँ या केमिकल आदि की तेज गन्ध। *बाहर जाते वक्त आँखों पर काला चश्मा पहन कर रखें। *कान्टेक्ट लेन्स का प्रयोग न करें।
कंजक्टिवाइटिस के लिए होमियोपैथिक चिकित्सक डॉ आनन्द कुमार शाही के द्वारा होमियोपैथिक दवा क्या है और कैसे उपयोग कर सकते है
आइए जाने आंखो के इन्फेक्शन( कंजक्टिवाइटिस)की होमियोपैथिक दवा – BELLADONA 30 EUPHRASIA OFF 30 PULSATILA 30
एक्यूट कंजक्टिवाइटिस के लिए बेलाडोना सबसे अच्छा विकल्प है। इसका उपयोग तब किया जाता है जब आंखें स्पष्ट रूप से लाल, सूखी और सूजी हुई हों।
जब आंखों में सूजन के साथ तीखा स्राव हो तो यूफ्रेशिया की दी जाती है।
आंखों में लालिमा, जलन और खुजली देखी जाती है। कंजक्टिवाइटिस के लिए उपर्युक्त होम्योपैथिक दवाओं में से, पल्सेटिला का उपयोग तब किया जाता है जब आंखों से डिस्चार्ज मौजूद होता है। डिस्चार्ज हरे रंग का होता है।
पिपरवार। पिपरवार क्षेत्र के बहेरा कर्बला मैदान में बहेरा अंजुमन और नौजवान कमेटी की एक आवश्यक बैठक संपन्न हुई। इस बैठक की अध्यक्षता कासिम उर्फ मुन्ना और संचालन फहीम रजा एवं खुर्शीद आलम ने संयुक्त रूप से किया। बैठक में प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष भी बहेरा में मुहर्रम मेला सह लाठी खेल प्रतियोगिता का आयोजन करने का निर्णय लिया गया। सर्वसम्मति से 31 जुलाई को मुहर्रम सद्भावना मेला सह लाठी खेल प्रतियोगिता का आयोजन करने पर सहमति बनी। इस कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए एक समिति का गठन किया गया। जिसमे अध्यक्ष कासिम उर्फ मुन्ना, उपाध्यक्ष मो. जुलफान, सचिव वसीम रजा,उपसचिव नौशाद आलम,खुर्शीद आलम,कोषाध्यक्ष मो. गुड्डे और मो. सद्दाम को बनाया गया। इसके अलावा इरफान आलम,मो. असगर,मो. नदीम,मो. आजाद,मो. प्रिंस, मो. सजल,मो. मोहसिन, राजा,समीर,छोटन,मुमताज, इमरोज,अफरोज सहित कई लोगों को कार्यकारिणी सदस्य बनाया गया है।
खलारी। डीएवी स्कूल खलारी में सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड निगमित सामाजिक दायित्व के तहत केंद्रीय अस्पताल डकरा एनके एरिया के द्वारा बच्चों के लिए स्वास्थ्य जांच शिविर लगाया गया। इसमें विद्यालय के सभी बच्चों और स्टाफ के स्वास्थ्य की जांच अस्पताल के चिकित्सकों द्वारा की गई साथ ही बच्चों को उचित परामर्श भी दिया गया।
शिविर में केंद्रीय अस्पताल डकरा की डॉ प्रभा कुमारी एवं डॉ राहुल विश्वास ने विद्यार्थियों के स्वास्थ्य की जाँच की जिसमें सर्दी, जुकाम, बुखार, पेट दर्द, सिर दर्द, रक्तचाप आदि से संबंधित जाँच की गई। चिकित्सकों ने ज्यादातर बच्चों को सामान्य पाया। इस बात पर उन्होंने खुशी भी जाहिर की कि डीएवी स्कूल खलारी में पढ़ने वाले ज्यादातर विद्यार्थियों का स्वास्थ्य अच्छा है । कुछ बच्चों को पेट दर्द की शिकायत मिली। इस पर डॉ प्रभा कुमारी ने कहा कि माता-पिता को बच्चों के खाने पर विशेष ध्यान देना चाहिए। उनको फास्ट फूड, मैगी कुरकुरे, चौमीन , पास्ता आदि से विशेष रूप से बचना चाहिए क्योंकि पेट दर्द की शिकायत ज्यादातर बच्चों की इसी कारण से मिलती है। यह क्षेत्र धूल मिट्टी वाला है इसलिए कुछ बच्चों को एलर्जी की समस्या भी मिली। उन्हें मास्क लगाने धूल मिट्टी से दूर रहने की सलाह दी गई ।
परामर्श कार्यक्रम में डॉ प्रभा कुमारी और डॉ. राहुल विश्वास ने बताया कि परीक्षा के दिनों में बच्चे तनाव से दूर रहें। साथ ही वे योग और ध्यान करें। बच्चों विशेषकर लड़कियों को चाहिए कि वे अपनी माँ से हर समस्या साझा करें। माता-पिता भी अपने बच्चों को सक्षम बनाएँ परंतु अपने सपनों और लक्ष्य को पूरा करने के लिए उन पर जबरदस्ती अपनी जिद ना थोपी जाए। ध्यान दें कि बच्चे अवसाद का शिकार तो नहीं हो रहे हैं। माता पिता को चाहिए कि वे अपने बच्चों को दोस्त बनाएँ। चिकित्सकों ने बताया कि माता-पिता को चाहिए कि वे अपनी बेटियों को सर्वाइकल कैंसर की दवा अवश्य दिलवाएँ। यह दवा केंद्रीय अस्पताल डकरा में उपलब्ध है। सर्वाइकल कैंसर जो कि तेरह साल से ऊपर की लड़कियों में ज्यादा देखने को मिलता है इसलिए इस उम्र की लड़कियों को दवा की तीन खुराक अवश्य दिलवानी चाहिए। अंत में विद्यालय के प्राचार्य डॉ कमलेश कुमार ने चिकित्सकों डॉ प्रभा कुमारी, डॉ राहुल विश्वास, स्टाफ नर्स अनीता टॉपो, लैब टेक्नीशियन सुभाष बेदी और अन्य सहयोगी कर्मियों को शाल ओढ़ाकर एवं स्वामी दयानंद सरस्वती के सत्यार्थ प्रकाश की प्रति देकर सम्मानित किया। प्राचार्य ने केंद्रीय अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधिकारी का धन्यवाद किया और कहा कि ऐसे शिविर भविष्य में लगते रहने चाहिए जिससे समय-समय पर बच्चों के स्वास्थ्य की उचित जाँच होती रहे। इससे पहले विद्यालय पहुँचने पर प्राचार्य ने सभी चिकित्सकों को गुलदस्ता भेंट कर स्वागत किया।
खलारी। झारखंड पार्टी के खलारी प्रखंड महासचिव प्रकाश प्रजापति और पार्टी के सदस्य आनंद कुमार, निकेत कुमार, सुनिल पासवान एवं फलेंद्र प्रजापति से सेंट्रल अस्पताल डकरा में इलाज के नाम पर चल रहे डॉक्टरों के फीस 100 रुपये के मुद्दे पर बात करने से एनके महाप्रबंधक ने इंकार कर दिया। उनके पीए से पूछे जाने पर पीए ने बताया ये सारा पैसा सीसीएल के फंड में जा रहा है। वहीं पार्टी की ओर से सवाल किया गया है की आखिरकार प्राइवेट गरीब लोगों से पैसा लेकर सीसीएल के फंड में क्यों जा रहा है? किस रूल के तहत ये पैसा लिया जा रहा है? इसका स्पष्टीकरण करें। जबकि पहले तो पैसा नहीं लिया जा रहा था, लेकिन अचानक यह नियम क्यों लागू हुआ? पार्टी के लोगों ने कहा कि आम जनता इससे परेशान है। हॉस्पिटल की व्यवस्था दुरुस्त करने के बजाय, गरीब लोगों से इलाज के लिए पैसे लिए जा रहे हैं, जबकि अन्य सीसीएल हॉस्पिटल में ऐसी व्यवथा नहीं है। इस लूट खसोट की व्यवस्था को जल्द से जल्द बंद किया जाए। इस सम्बंध में सीएमओ से सवाल पूछे जाने पर उन्होंने कहा की गरीब बीपीएल कार्ड धारी से पैसे नहीं लिए जायेंगे। झारखंड पार्टी के टीम ने जब यह सवाल पूछा की क्या आपके तरफ से इसके लिए गाइडलाइन जारी किया गया है? तो इस पर सीएमओ का कोई जवाब नही आया।
●फर्जी दस्तावेज बना कर नामांकन करा रहे हैं सक्रिय सिंडिकेट के लोग
●सीआरपी के ऊपर बनाया जा रहा है दबाव
खलारी: शिक्षा एक ऐसा साधन है जिससे एक बेहतर, जागरूक, सुव्यवस्थित और सभ्य समाज की नीव रखी जा सकती है। शिक्षा के माध्यम से गांव, शहर, राज्य एवं देश प्रगतिशील बनाया जा सकता है। जिस समाज में शिक्षा का स्थान नहीं उस समाज का उत्थान करना मुश्किल ही नहीं नामुमकिन भी है। इस वजह से सरकारें कई योजनाएं चला रही है और देश के हर अंतिम व्यक्ति तक शिक्षा पहुंचे उसके लिए योजनाओं के साथ साथ केंद्र सरकार एवं राज्य सरकार कई कानून भी बनाई है। गरीब से गरीब बच्चा पैसों के अभाव में शिक्षा से वंचित ना रहे इसके लिए सरकारें कई सुविधाएं दे रही हैं। सरकारी स्कूलों में निशुल्क मध्यान भोजन, पाठ्य सामग्री, ड्रेस इत्यादि जैसी सुविधाएं दी जा रही हैं वहीं सूचीबद्ध निजी स्कूलों में नए नामांकन में कुल नामांकन का 25% गरीबी रेखा से नीचे जिनकी सालाना इनकम 70 हजार या उससे कम है को लेना अनिवार्य किया है।
शिक्षा के अधिकार के तहत बीपीएल परिवारों के लिए यह प्रावधान किया गया है। परंतु खलारी प्रखंड के कुछ लोग एक सिंडिकेट बनाकर इन गरीब बच्चों का हक मार रहे हैं। मिली जानकारी के मुताबिक 5 से 6 लोग का एक सिंडिकेट है जो फर्जी कागजात बनाकर और पैसों का लेनदेन कर सांठगांठ के तहत आलीशान बिल्डिंगों और कार तक रखने वालों के बच्चों का नामांकन इस योजना के तहत करा रहे हैं।
इसके एवज में बच्चों के अभिभावकों से मोटी रकम तक लिया जा रहा है। इस कार्य के लिए अभिभावकों से कहा जाता है कि एक साल का फीस और एडमिशन फीस एक बार लगेगा और हमेशा के लिए आपका बच्चा निशुल्क पढ़ाई करेगा। और वह पैसा अपनी जेब में रख लिया जाता है।
ऐसा ही मामला खलारी प्रखंड में प्रकाश में आया है जहां कुछ बच्चों का नामांकन नहीं किए जाने पर सीआरपी दीपक कुमार को धमकाने तक का कार्य किया जा रहा है और यहां तक ही नहीं उन पर दबाव बनाने के लिए अभिभावकों से पैसों की मांग करने का भी आरोप लगाया जा रहा है। इस विषय पर उनसे पूछे जाने पर उन्होंने बताया कि दो व्यक्तियों के द्वारा आवेदन देकर 7 बच्चों का नामांकन नहीं होने पर शिकायत किया गया है कि इनका नामांकन क्यों नहीं कराया गया और नामांकन के नाम पर मेरे द्वारा पैसों की मांग की गई है जबकि आवेदन करता समृद्ध परिवार से आता है और वह अपने बच्चों का शिकायत नहीं कर 7 बच्चों का कर रहा है यहां तक ही नहीं इन लोगों के द्वारा किसी अन्य व्यक्ति जो अपने को डीएससी बताकर मुझे ( दीपक कुमार को ) व्हाट्सएप एवं फोन पर धमकी दे रहा है की वीडियो रोहित कुमार नूतन एवं लेखराज नाग को सस्पेंड कर चुके हैं, इनके आगे आप कुछ नहीं है। साथ ही अखबार में नाम छापने की भी बात और सूचना के अधिकार से जानकारी लेने की बात कह कर धमकाया गया है। उन्होंने खलारी बीडीओ लेखराज नाग एवं डीएससी से उक्त सन्दर्भ में आग्रह किया है कि आवेदन करने वाले सभी बच्चों का या अभी से पूर्व में भी किए गए बच्चों और अभिभावकों के दस्तावेजों की जांच होनी चाहिए और उनके घर जाकर सत्यापन होनी चाहिए कि सही में यह सारे गरीबी रेखा के नीचे आते भी हैं या नहीं। क्योंकि कई ऐसे दस्तावेज हैं जो कंप्यूटर द्वारा एडिट किए रहते हैं इन सभी पर जांच के उपरांत उचित कार्यवाही की मांग सीआरपी दीपक कुमार ने की है।
●क्यों नहीं हुआ नामांकन यह जाँच का विषय है : दीपक कुमार
सीआरपी दीपक कुमार बताते हैं कि 7 बच्चों के लिए ये दो अभिभावक आरोप लगा रहे हैं, बाकी के अभिभावक कहाँ हैं ? सामने क्यों नहीं आते? इससे आप समझ सकते हैं कि मामला क्या है।
नामांकन लेना और जाँच करना स्कूलों का कार्य होता है, शिक्षा विभाग के कर्मी सिर्फ अभिभावकों की शिकायत हेतू यानी विद्यालयों के द्वारा आवेदन नहीं जमा लिया जाता हो अथवा इस संबंधित कोई शिकायत होता है उसके लिए होते है न की नामांकन के लिए, नामांकन के लिए बीपीएल कोटा के तहत नामांकन लेने पर शत प्रतिशत विद्यालयों की भूमिका होती है। इन बच्चों का नामांकन क्यों नहीं हुआ यह जाँच का विषय है।
रांची: झारखंड अब में तृतीय और चतुर्थ वर्ग के पदों पर ऊंची डिग्रियों वाले सैकड़ों लोग अब मैट्रिक स्तर की नियुक्तियों के लिए आवेदन नहीं कर सकेंगे. राज्य सरकार ने झारखंड राज्य कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) के जरिए होनेवाली नियुक्तियों को लेकर कर्मिक विभाग की ओर से एक प्रस्ताव तैयार किया गया है। कार्मिक विभाग के अनुसार जिन नौकरियों के लिए मैट्रिक की अहर्ता निर्धारित है, उसकी परीक्षाओं के लिए मैट्रिक से ऊपर की शैक्षणिक योग्यता अभ्यर्थी भी बड़ी संख्या में आवेदन कर देते हैं। इंटर, ग्रैजुएट और पोस्ट ग्रैजुएट लोगों के आवेदन देने से सिर्फ मैट्रिक पास अभ्यर्थियों की हकमारी हो जाती है।
नियमावली में बदलाव का प्रस्ताव तैयार, सीएस को भेजा गया
कार्मिक विभाग ने जेएसएससी परीक्षाओं की नियमावली में बदलाव का प्रस्ताव तैयार कर राज्य के मुख्य सचिव के पास विचार के लिए भेज दिया है। अगर इस प्रस्ताव पर मुहर लग गई तो, फिर मैट्रिक स्तर की परीक्षाओं के लिए इंटर, स्नातक या अन्य तरह की उच्च शिक्षा प्राप्त छात्र-युवा आवेदन करने के लिए अयोग्य हो जाएंगे. दरअसल, पीजी, बीटेक और पीएचडी डिग्री होल्डर भी कई छोटी सरकारी नौकरियों में पदस्थापित हैं। तीसरे-चौथे दर्जे की नौकरियों की वैकेंसी निकलने पर उच्च शिक्षा प्राप्त लोग भी बड़ी तादाद में परीक्षा में शामिल हो जाते हैं। कई विभाग और दफ्तर तो ऐसे हैं, जहां मैट्रिक पास सहायक के अधीन उच्च शिक्षा की डिग्री वाले भी काम कर रहे हैं।
अगर नियमावली में संशोधन हुआ तो, विरोध संभव
प्रस्ताव भेजने के बाद परीक्षार्थियों में खलबली मच गई है. अगर नियमावली में इस तरह का संशोधन हुआ तो, विरोध निश्चित है. इस नियमावली को कोर्ट में चुनौती भी दी जा सकती है, क्योंकि पूरे देश में शायद ही कहीं ऐसी व्यवस्था हो, जिसमें उच्च शैक्षणिक डिग्री होने पर अभ्यर्थी को किसी प्रतियोगी परीक्षा से वंचित कर दिया जाए। वैसे भी झारखंड में परीक्षा और नियुक्ति की नियमावलियों को लेकर विवाद से गहरा नाता है. ऐसे विवादों के कारण पिछले तीन-चार साल में एक दर्जन से ज्यादा नियुक्ति परीक्षाएं और प्रक्रियाएं या तो रद्द की गई हैं या फिर बाधित हुई हैं। विपक्ष की ओर से भी सवाल खड़े किए जाएंगे. इसपर सरकार को जवाब देना मुश्किल हो जाएगा.
गिरिडीह : मानसून को देखते हुए गिरिडीह वन प्रमंडल ने जिला मुख्यालय के औद्योगिक क्षेत्र पूरनानगर के तिवारी टोला में मंगलवार को वन महोत्सव का आयोजन सीसीएल के सहयोग से किया गया। इस मौके पर सदर विधायक सुदिव्य कुमार सोनू की पहल पर सीसीएल ने गिरिडीह वन प्रमंडल को 70 लाख का फंड सदर प्रखंड के कई इलाकों में सिर्फ वृक्षारोपण अभियान चलाने को लेकर दिया है. वन महोत्सव में काफी संख्या में स्थानीय ग्रामीणों के साथ-साथ स्कूली बच्चे शामिल हुए। महोत्सव की शुरुआत सदर विधायक सोनू, डीएफओ प्रवेश अग्रवाल, सीसीएल के जीएम बशाक चौधरी और लोजपा के प्रदेश अध्यक्ष राजकुमार राज ने दीप जलाकर किया। इस दौरान अतिथियों ने ग्रामीणों के साथ 50 फलदार पौधे के साथ कई और पौधे लगाए।
खुद के लगाए पौधे में अपने बच्चों का नाम दें: सुदिव्य सोनू
मौके पर महोत्सव को संबोधित करते हुए सदर विधायक सोनू ने कहा कि हर एक महिला एक पौधा लगाएं और खुद के लगाए पौधे को वो अपने बच्चों का नाम दें। इससे उनमें पौधों का ध्यान रखने की भावना पैदा होगी। कहा कि महिलाएं चाहे तो वो अपने आसपास के पौधों का ध्यान अपने बच्चों की तरह कर सकती हैं। क्योंकि ईश्वर ने महिलाओं को एक बड़ा आशीर्वाद दिया है। कहा कि वो सीसीएल के सहयोग से वन विभाग को इस इलाके में सिर्फ इसलिए फंड दिलाया है, क्योंकि इस इलाके को प्रदूषण से बचाया जा सके। कहा कि वन विभाग की ओर से पूरनानगर के तिवारी टोला की 28 हेक्टयर भूमि में 70 हजार वृक्षारोपण का लक्ष्य रखा गया है। कार्यक्रम को सीसीएल के जीएम बशाक चौधरी, डीएफओ प्रवेश अग्रवाल, लोजपा नेता राजकुमार राज, मुखिया रानी देवी सहित अन्य अतिथियों ने भी संबोधित किया।
हजारीबाग : डिवीजन चतरा में संवेदक के कर्मचारियों द्वारा प्राप्त शिकायत के बाद झारखंड ऊर्जा विकास श्रमिक संघ के केंद्रीय अध्यक्ष अजय राय ने हजारीबाग के महाप्रबंधक अशोक कुमार सिन्हा से शिकायत करते हुए कहा कि चतरा साउथ के कर्मचारियों द्वारा कार्य तो हर महीने 30 दिन का लिया जा रहा है, वहीं भुगतान पहले 26 दिन का ही होता था अब उसे भी काट कर वहां के कनीय अभियंता द्वारा 25 दिन का कर दिया गया है, जिसके कारण विगत 3 माह से गीतराज एजेंसी द्वारा भुगतान नहीं किया जा रहा है। ऐसे में कर्मचारीगण एवं उनके परिवार के समक्ष भूखों मरने की नौबत आ गई है। वहीं संवेदक गीतराज एजेंसी द्वारा अभी तक कर्मचारियों को EPF एवं ESIC कार्ड उपलब्ध नहीं कराया गया है.
8 माह के वेतन बकाये से कर्मचारी अब भी वंचित
श्री राय ने कहा कि एजेंसी कर्मचारियों को सामूहिक रूप से कराए जाने वाले 5 लाख के ग्रुप बीमा से भी वंचित किया गया है. जिसके कारण मंगलवार को हन्टरगंज का विक्रम सिंह, जो पिछले दिन दुर्घटना का शिकार हो गए थे, वो रांची के एक निजी अस्पताल में जिंदगी की जंग लड़ रहा है। जबकि इकरारनामा में स्पष्ट निर्देशित है कि बिना EPF एवं ESIC के कार्य तो लेना ही नहीं है। संघ की ओर से यह भी जानकारी दी गई कि 2017 में टॉप्स कम्पनी द्वारा बार-बार सिर्फ आश्वासन मिलने के बावजूद 8 माह का वेतन भुगतान अभी तक नहीं किया गया है.
राय ने कर्मचारियों के वेतन का पैसा खा जाने का आरोप मढ़ा
उन्होंने कहा कि चतरा के वरीय प्रबंधक विनय कुमार से भी बातचीत की और कहा कि ऐसे कनीय अभियंताओं को सस्पेंड कर देना चाहिए जो कर्मचारियों के भुगतान का पैसा खा जाना चाहता है. यह कनीय अभियंता अनिल कुमार की कारस्तानी के कारण मुख्यालय स्तर पर इसे पनिशमेंट के तौर पर रांची-सिल्ली से चतरा साउथ ट्रांसफर किया गया है. उन्होंने पदाधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर समय रहते समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो, चतरा में संघ किसी ठोस कदम को उठाने के लिए मजबूर होगा।
गिरिडीह : दीपक गोस्वामी के साथ हुई छिनतई और मारपीट के साक्ष्य का वीडियो पेन ड्राइव में डीआईजी कार्यालय, हजारीबाग में किसान मंच द्वारा प्रस्तुत किए जाने और वहां से, छिनतई करनेवाले अपराधियों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज करने एवं गिरफ्तारी करने के आश्वासन मिलने के 4 दिन बाद भी पचंबा पुलिस ने अपराधियों के विरुद्ध किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं करने से आक्रोश बढ़ता जा रहा है. किसान मंच के सदस्यों ने आगे की लड़ाई लड़ने के लिए मंगलवार को झंडा मैदान में किसान पंचायत आयोजित कर पीड़ित दीपक गोस्वामी की मां को आर्थिक सहयोग करने का आह्वान किया।
पुलिस का संरक्षण मिलने से अपराधियों को बढ़ावा मिला
किसान मंच के आह्वान पर सैकड़ों सदस्यों ने दिल खोलकर पूरे उत्साह के साथ चंदा दिया। तत्पश्चात चौथी बार झंडा मैदान में धरना दिया और पचंबा थाना प्रभारी एवं एसपी के खिलाफ शहर में प्रदर्शन किया। धरना को संबोधित करते हुए किसान मंच के अध्यक्ष अवधेश कुमार सिंह ने कहा कि यह बात सही है कि एसपी द्वारा अपराधियों एवं भ्रष्ट पुलिस पदाधिकारियों को संरक्षण देकर जिले में अपराध को बढ़ावा देने से हमसबों को काफी दुःख हुआ है. सबसे ज्यादा दुःख हमलोगों को इस बात के लिए है कि किसान मंच को छोड़कर गिरिडीह जिले का कोई भी धार्मिक- सामाजिक संगठन या राजनैतिक दल के लोगों ने स्थानीय प्रशासन के डर से अन्याय के विरुद्ध आवाज उठाने का साहस नहीं कर पा रहे हैं। मीडिया में बने रहने के लिए राज्य में सत्तासीन राजनैतिक दल के लोग मणिपुर में हुई घटना की निंदा कर रहे हैं तो, केंद्र में सत्तासीन राजनैतिक दल के लोग प. बंगाल में हुई घटना का निंदा कर रहे हैं पर किसी भी संगठन या व्यक्ति द्वारा अपने गिरिडीह जिले में पुलिस द्वारा करवाए जा रहे अपराध के खिलाफ आवाज उठाने का साहस नहीं किया जा रहा है।
बॉबी देवी ने कहा-पचंबा थाना प्रभारी का मंसूबा कभी सफल नहीं होगा
इधर, पीड़ित दीपक गोस्वामी की मां बॉबी देवी ने कहा कि पचंबा थाना प्रभारी यदि यह सोच रहे हैं कि वे हमारे निर्दोष बेटे को छेड़खानी के झूठे मामले में जेल में डालकर हमें अपनी जमीन को भू-माफिया को देने के लिए विवश कर देंगे तो यह थाना प्रभारी की गलतफहमी है. हम जान दे देंगे पर अपनी जमीन भूमाफिया को हरगिज नहीं लेने देंगे। किसान मंच के सचिव विजय कुमार ने कहा कि जब तक छिनतई करनेवाले अपराधियों को पुलिस गिरफ्तार करके जेल नहीं भेजेगी तब तक किसान मंच के सदस्य पचंबा थाना प्रभारी और गिरिडीह एसपी के खिलाफ सड़क पर उतरकर आंदोलन जारी रखेंगे. आज के धरना प्रदर्शन कार्यक्रम में तिसरी अंचल अध्यक्ष दासो मुर्मू, देवरी अंचल अध्यक्ष अन्ना मुर्मू, बेंगाबाद अंचल अध्यक्ष नबी अंसारी, डुमरी अंचल अध्यक्ष थांभी मंडल, गिरिडीह अंचल अध्यक्ष हदीश अंसारी, पूर्व महासचिव गंगाधर यादव, पूर्व सचिव देवचंद्र यादव, संचित कुमार, सनातन तिवारी, अनिता हंसदा, हेमलाल सिंह, छत्रधारी सिंह, टीपन ठाकुर महादेव विश्वकर्मा, बैजून मुर्मू, परशुराम वर्मा, अब्दुल अंसारी, घनश्याम पंडित, कुदरत अली, सुजीत दास, चिंतामणि सिंह, अहलाद मुर्मू, धनेश्वर महतों,अनिता हंसदा, ललिया देवी, प्रमिला देवी, छोटेलाल यादव, महेंद्र यादव, छोटो मरांडी, रबीना टुडू सहित सैकड़ों के संख्या में किसान उपस्थित रहे।