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Thursday, July 2, 2026
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गढ़वा: भंडरिया में रास्ते की भूमि में अवैध निर्माण: 3 साल के अंदर 6 बार आवेदन,फिर भी CO-SDO ने काम नहीं रोका, अब फरियादी ने लगाई डीसी से गुहार

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नारायण विश्वकर्मा

गढ़वा : भंडरिया प्रखंड अंतर्गत ग्राम भंडरिया, टोला जोगिया मठ अनुमंडल रंका में रास्ते की भूमि में तार से घेराव कर एवं सर्वसाधारण की भूमि में अवैध मकान निर्माण की बार-बार शिकायत करने के बावजूद अभी तक कोई कार्रवाई नहीं किए जाने से शिकायतकर्ता परेशान हैं. शिकायतकर्ता भंडरिया अंचल में तीन साल के अंदर 6 बार आवेदन दे चुका है। 29 फरवरी 2020 को भंडरिया अंचल में आवेदन देने के बाद पूर्व बीडीओ सह सीओ विपिन भारती स्थल जांच निरीक्षण कर चुके हैं. इसके बाद वर्तमान सीओ मदन महली सर्वसाधारण भूमि का अबतक 5 बार जांच कर चुके हैं. इसके अलावा दो बार पुलिस दल-बल के साथ अवैध मकान निर्माण को रुकवाया जा चुका है। शिकायतकर्ता प्रशांत टोप्पो ने अंतत: गढ़वा डीसी को 8 अप्रैल को आवेदन देकर अविलंब हस्तक्षेप करने की गुहार लगाई है.

सीओ-एसडीओ ने अबतक कोई कार्रवाई नहीं की

बता दें कि मिंज परिवार द्वारा जीएम लैंड पर एक डिसमिल जमीन पर अवैध रूप से मकान बनाने की कोशिश की गई तो प्रशांत टोप्पो ने 20 दिसंबर 2022 को रंका दंडाधिकारी कार्यालय में धारा 144 प्रक्रिया आरंभ करने का आवेदन वकील के माध्यम से भी दिया है. इसके बाद एक बार रिमाइंडर भेजा गया. इस बीच अनुमंडल कार्यालय की ओर से न निर्माण कार्य रुकवाया गया और न धारा 144 लागू की गई. इसके अलावा सीओ द्वारा समय के साथ रिपोर्ट नहीं दी गई। बताया गया कि रास्ते भूमि पर हो रहे निर्माण कार्य होने से 7 घर के परिवार प्रभावित होंगे. वहां बसे अतुल मिंज,साइलेस मिंज और सुजीत मिंज (तीनों भाई) के खिलाफ विरोध करने से कई लोग ऐसे भी हैं,जो इनके समर्थन में उतर जाते हैं. इसके अलावा भंडरिया पंचायत के मुखिया विनय सिंह खरवार और वार्ड सदस्य रजनी टोप्पो ने शुरू में प्रशांत टोप्पो का साथ दिया था,पर अब वे भी पीछे हट गए हैं. बताया जाता है कि अतुल मिंज के परिवार से जेएमएम प्रखंड अध्यक्ष हरिदास तिर्की का मंत्री मिथलेश ठाकुर से अच्छे संबंध हैं. प्रशांत टोप्पो ने बताया कि हरिदास तिर्की ने उसे धमकाते हुए कहा कि ज्यादा होशियार बनते हो,केस करते हो, कुछ नहीं कर पाओगे…केस-फेस से कुछ नहीं होगा.

(एक डिसमिल सरकारी जमीन पर अवैध निर्माण हो चुका है)

रास्ते की भूमि पर बेरोकटोक निर्माण कार्य जारी

कागजात की छानबीन करने और प्रशांत टोप्पो से बातचीत के क्रम में पता चला कि तीन साल से अंचल कार्यालय ने सिर्फ टरकाने का काम किया है. कार्रवाई के नाम पर लीपापोती की जा रही है. यही कारण है कि रास्ते की भूमि और सर्वासाधारण भूमि, जो कि जनता के कार्यों के लिए होता है, पर आवेदन देने के बाद भी लगातार मकान निर्माण कभी रूका नहीं और थाने में फरियाद करना भी अबतक बेकार साबित हुआ है. अधिकारियों को कई बार लिखित शिकायत देने के बावजूद रास्ते की भूमि और सर्वसाधारण भूमि पर 02 अवैध मकान निर्माण कर दिया गया है और किसी भी स्तर से अधिकारी अनुमंडल अधिकारी एवं दंडाधिकारी आंखें मूंदे हुए हैं. सीओ की जांच रिपोर्ट में कोई विवाद नहीं बताया जाना दुर्भाग्यपूर्ण है. अलबत्ता जांच रिपोर्ट कब्जाधारियों के फेवर में है। वहीं सीओ मदन माली इसी अवैध मकान निर्माण को पुलिस दल-बल के साथ दोबारा जांच कर तार से घेराबंदी एवं निर्माण कार्य को दो बार रुकवा चुकी है। हालांकि कागजात में 30 डिसमिल जमीन में से 6 डिसमिल जमीन गैरमजरुआ जमीन और सार्वजनिक रास्ता पंजी-2 में दर्ज है. मिंज परिवार ने 6 डिसमिल जमीन में से एक डिसमिल जमीन में मकान बनवा लिया गया है.शेेष 5 डिसमिल जमीन में निर्माण कार्य जारी है.

रास्ते की भूमि की फर्जी रसीद भी बनवा ली गई

कागजात के अनुसार रास्ते की भूमि एवं सर्वसाधारण की भूमि, जिसका खाता नं. 456, प्लॉट नं- 426 में कुल रकबा 6 डिसमिल है, जो शिकायतकर्ता के घर के सामने सर्वसाधारण भूमि है, जो पूर्व में भी सार्वजनिक कार्यों के लिए प्रयोग में लाने के लिए कई बार आवेदन दिया गया है. बताया गया कि उक्त भूमि पूर्व में कई लोग यहां मवेशी बांधने के काम में प्रयुक्त किया जा रहा था. लेकिन जब से इस जमीन पर दबंगों की नजर गड़ी है, तबसे इस जमीन को धीरे-धीरे कब्जा किया जाता रहा. मजेदार बात ये है कि भंडरिया अंचल से इसी भूमि की फर्जी रसीद भी बनवा ली गयी है। अवैध रूप से आवास निर्माण होने से रास्ता अवरुद्ध हो गया है. लोगों को आने-जाने में भारी परेशानी हो रही है. चार पहिया वाहन या कृषि कार्य में प्रयुक्त ट्रेक्टर भी यहां से घुसाना मुश्किल है। सीओ मदन महली पर आरोप है कि शिकायतकर्ता को ही घर से बेदखली का दबाव बनाते हुए उससे एक सहमति पत्र पर हस्ताक्षर करा लिया गया है। शिकायतकर्ता ने इसकी शिकायत ऑनलाइन के माध्यम से थाना को अवगत करा दिया है।

(शेष 5 डिसमिल सरकारी जमीन पर मिंज परिवार अवैध निर्माण करा रहा है)

फरियादी को अब डीसी से ही कार्रवाई की उम्मीद

सवाल उठता है कि आखिर क्या कारण है कि सीओ-एसडीओ और भंडरिया थाना वहां चल रहे निर्माण कार्यों पर चुप्पी साधे हुए हैं. आखिर अंचल अधिकारी एवं दंडाधिकारी अवैध मकान निर्माणकर्ता पर इतने मेहरबान क्यों हैं? आरोप है कि अंचल अधिकारी मदन महली एवं अनुमंडल दंडाधिकारी रामनारायण सिंह अवैध निर्माणकर्ताओं से मिले हुए हैं। बताया जाता है कि अवैध मकान बनानेवाले भी आदिवासी परिवार से आते हैं, लेकिन उनकी राजनीतिक और प्रशासनिक पहुंच ऊपर तक है. प्रशांत टोप्पो पर मिंंज परिवार ने छेड़छाड़ व मारपीट का झूठा केस थाने में दर्ज करा रखा है. इसके बाद प्रशांत ने तुरंत काउंटर फाइल कर दिया. समझा जाता है कि प्रशांत टोप्पो को अगर पुलिस-प्रशासन का सहयोग नहीं मिला तो, यहां कभी भी कोई अप्रिय घटना घट सकती है. प्रशांत टोप्पो किसी अप्रिय घटना की आशंका से हमेशा डरा-सहमा सा रहता है. अब देखना है कि गढ़वा डीसी अपने स्तर से क्या कार्रवाई करते हैं.

राम भक्तों के लिए

तम्बाकू से परहेज कर जिंदगी के साथ-साथ आर्थिक नुकसान से भी बचा जा सकता है: अपर समाहर्ता

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गिरिडीह : अपर समाहर्ता विल्सन भेंगरा की अध्यक्षता में समाहरणालय सभागार में तम्बाकू नियंत्रण कार्यक्रम अंतर्गत जिला तम्बाकू नियंत्रण कोषांग और सोशियो इकोनॉमिक एण्ड एजुकेशनल डेवलपमेंट सोसाइटी (सीड्स) के संयुक्त तत्वावधान में मंगलवार को संवेदीकरण कार्यशाला का आयोजन किया गया। अपर समाहर्ता श्री भेंगरा ने अपने संबोधन में कहा कि तम्बाकू के सेवन से न सिर्फ सेहत पर इसका दुष्प्रभाव पड़ता है बल्कि आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ता है। तम्बाकू से परहेज कर जिंदगी के साथ-साथ आर्थिक नुकसान से भी बचा जा सकता है। उन्होंने तम्बाकू नियंत्रण के लिए छापामार दस्ते के सदस्यों को निर्देश दिया कि शैक्षणिक संस्थानों के 100 गज के दायरे में अवस्थित सभी तम्बाकू उत्पाद बेचने वाले दुकानदारों को हटवाते हुए नियमित रूप से छापामारी की कार्रवाई सुनिश्चित की जाय। सभी अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से अपने-अपने कार्यालयों में तम्बाकू मुक्त क्षेत्र का बोर्ड लगाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार कोविड-19 से लड़ रहे हैं उसी प्रकार हमें तंबाकू को समाप्त करने के लिए लड़ाई लड़नी होगी।

सीड्स के सीईओ ने कहा-तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम को अभियान में तब्दील करना होगा

तम्बाकू नियंत्रण के लिए राज्य सरकार की तकनीकी सहयोगी संस्था सोशियो इकोनॉमिक एण्ड एजुकेशनल डेवलपमेंट सोसाईटी (सीड्स) के कार्यपालक निदेशक दीपक मिश्रा ने राज्य सरकार एवं सीड्स द्वारा संयुक्त रूप से राज्य के सभी 24 जिलों में चलाए जा रहे तम्बाकू नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत COTPA-2003 की विभिन्न धाराओं के बारे में विस्तार से बताया। श्री मिश्रा ने मौजूद अधिकारियों को तंबाकू संबंधित उत्पादों पर रोक लगाने के लिए उठाए जानेवाले कदमों आदि के संबंध में विस्तार से जानकारी दी. श्री मिश्रा ने बताया कि तंबाकू सेवन करना एक खतरनाक आदत है, जहां छोटे-छोटे बच्चे हैं, वहां तो स्थिति और भी अधिक नाजुक बन जाती है। तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम को अभियान के रूप में चलाए जाने के काफी अच्छे परिणाम प्राप्त हो सकते हैं।

AC ने DEO को शैक्षणिक संस्थानों का निरीक्षण करने का निर्देश दिया

कार्यक्रम के दौरान अपर समाहर्ता ने जिला शिक्षा पदाधिकारी को नियमित रूप से जिले में स्थित शैक्षणिक संस्थानों का निरीक्षण करने एवं संस्थानों के 100 गज की दूरी तक किसी भी प्रकार के तंबाकू उत्पादों की बिक्री ना होने देना सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। इसके लिए उन्होंने जिला शिक्षा पदाधिकारी को नियमित रूप से विद्यालय प्रबंधन समिति के साथ बैठक करने एवं उचित दिशा-निर्देश देने का निर्देश दिया। बैठक के दौरान अपर समाहर्ता ने जिला जनसंपर्क पदाधिकारी को अखबारों तथा सोशल मीडिया सहित अन्य माध्यमों का इस्तेमाल करते हुए तम्बाकू पदार्थो से होने वाले नुकसान के प्रति लोगों को जागरूक करने का निदेश दिया। बैठक सिविल सर्जन डॉ एस पी मिश्रा को तंबाकू नियंत्रण के तहत जिले में हो रहे कार्यों की नियमित रूप से समीक्षा करने एवं इससे संबंधित प्रतिवेदन नियमित रूप से जिला तम्बाकू नियंत्रण कोषांग को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। कार्यक्रम के दौरान अपर समाहर्ता ने सभी विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे अपने कार्यालयों में तंबाकू मुक्त संस्थान का साईनेज लगाना सुनिश्चित करें।

कार्यक्रम में ये लोग थे उपस्थित

कार्यशाला में जिले के सभी प्रशासनिक पदाधिकारियों के अलावा पुलिस के अधिकारी भी उपस्थित हुए। अपर समाहर्ता ने सभी प्रतिभागियों को तम्बाकू सेवन नहीं करने की शपथ भी दिलवायी। कार्यशाला में सभी अनुमंडल पदाधिकारी, जिला शिक्षा पदाधिकारी, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी, पुलिस उपाधीक्षक मुख्यालय, तंबाकू नियंत्रण कोषांग के नोडल पदाधिकारी, जिला स्तरीय प्रशासनिक तथा पुलिस पदाधिकारी, सभी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, सभी थाना प्रभारी, सीड्स के प्रतिनिधियों सहित अन्य उपस्थित थे।

 

 

 

 

 

 

       




               

राम भक्तों के लिए

How people are getting ruined in cricket gambling Apps

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Cricket is a sport that is deeply ingrained in the culture of India. It is not just a sport but a passion for the people of the country. Over the years, cricket has become more than just a game, and with the rise of gambling apps, it has also become a lucrative business for many.

Cricket gambling applications have become increasingly popular in recent years, especially among the youth. These apps promise to provide a platform for fans to participate in online betting and win big. However, what starts as a simple form of entertainment often spirals out of control, leading to severe consequences.

One of the most significant issues with cricket gambling applications is that they are highly addictive. People who get involved in online betting often find it challenging to stop, leading to severe financial problems. In many cases, individuals end up losing their entire savings, and some even go into debt.

The easy accessibility of these applications is another factor that contributes to their widespread usage. All it takes is a few clicks on a smartphone, and users can place their bets instantly. Moreover, with the rise of online payment systems, transferring money has become more accessible than ever before.

Another problem with cricket gambling applications is the lack of regulation. Many of these apps operate illegally, and there is no way to ensure that the outcomes are fair. It is not uncommon for users to lose their money due to cheating or fraudulent practices.

The impact of cricket gambling goes beyond just the financial aspect. It also has severe consequences on mental health. People who are addicted to online betting often experience anxiety, depression, and other mental health issues. The constant pressure to win and the fear of losing can take a toll on a person’s mental well-being.

Moreover, cricket gambling can also have a negative impact on relationships. Individuals who are addicted to online betting often neglect their personal and professional lives, leading to conflicts with family and friends. In some cases, it can even lead to divorce or separation.

The rise of cricket gambling applications is a worrying trend, and it is essential to address this issue. One way to do this is by increasing awareness among the public about the risks of online betting. Educating people about the consequences of gambling addiction and the importance of responsible betting can go a long way in preventing people from falling into this trap.

The government also needs to play a more active role in regulating these apps. Strict laws and regulations must be put in place to ensure that these applications operate legally and fairly. Moreover, there should be penalties for those who engage in fraudulent practices.

Cricket is a game that brings people together and should be enjoyed as such. However, the rise of cricket gambling applications has turned this beloved sport into a source of financial and mental distress for many individuals. It is time to take action to prevent people from getting ruined by these apps and preserve the integrity of the sport.

राम भक्तों के लिए

गिरिडीह डीसी ने जारी किया निर्देश: एक हफ्ते चलेगा कोविड जांच शिविर,आज से शुरू, 23 अप्रैल तक चलेगा अभियान

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गिरिडीह : उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी नमन प्रियेश लकड़ा के निर्देश के बाद जिले में कोरोना के बढ़ते प्रभाव और उसकी रोकथाम को लेकर कोविड-19 की जांच के लिए शिविर का आयोजन किया जा रहा है। जिसमें अधिक से अधिक लोगों का कोविड-19 की जांच करायी जा रही है। यह शिविर आज से 23 अप्रैल, यानी एक हफ्ते तक संचालित किया जायेगा। इसके लिए जिला अंतर्गत सभी प्रखण्डों के विभिन्न चिन्हित स्थलों पर सोमवार से कोविड-19 की जांच के लिए शिविर का आयोजन किया जा रहा है। इसके सफल संचालन के लिए डीसी ने सभी संबंधित अधिकारियों को निम्नांकित निर्देश दिया है।

कोविड जांच के लिए सभी अधिकारियों को दिए गए निर्देश

इस अभियान के सफल संचालन में असैनिक शल्य चिकित्सक-सह-मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी गिरिडीह सभी प्रखण्ड विकास पदाधिकारी/सभी अंचल अधिकारी/महामारी रोग विशेषज्ञ/डीपीएम/सभी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी द्वारा समय-समय पर विभाग द्वारा दिए गए दिशा-निर्देशों का दृढ़तापूर्वक अनुपालन कराना है. सिविल सर्जन, गिरिडीह द्वारा विभाग से समन्वय स्थापित कर सभी प्रखण्डों में ससमय पर्याप्त संख्या में जांच किट उपलब्ध कराया जायेगा। जिले के सभी स्थानीय जनप्रतिनिधि, मनरेगाकर्मी, प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के कर्मी, समाज कल्याण,  आपूर्ति विभाग, JSLPS, SBM-G,  जिले के सभी शिक्षक एवं शिक्षकेत्तर कर्मी/ बीआरपी सीआरपी एवं अन्य।

नोडल अधिकारियों की जिम्मेवारी तय की गई

सभी अनुमण्डल पदाधिकारी, गिरिडीह जिला अपने अपने अनुमण्डल क्षेत्र के नोडल पदाधिकारी होंगे। उनके द्वारा कोविड- 19 जांच का सतत् पर्यवेक्षण किया जायेगा। तथा निम्नांकित बिन्दुओं पर विशेष ध्यान दिया जायेगा. ICMR / MOHFW द्वारा दिये गए निर्देशों का दृढतापूर्वक अनुपालन सुनिश्चित कराना है। इसके अलावा पुलिस अधीक्षक कोविड-19 जांच शिविर में आवश्यकतानुसार पुलिस बल की प्रतिनियुक्ति पुलिस अधीक्षक करेंगे तथा संबंधित थाना प्रभारी को अपने-अपने क्षेत्रान्तर्गत जांच शिविर में विधि-व्यवस्था संधारण करने के लिए आवश्यक कार्रवाई करेंगे। निर्देश में कहा गया है कि सभी संबंधित पदाधिकारियों उपर्युक्त सभी निर्देशों का दृढ़तापूर्वक अनुपालन सुनिश्चित करेंगे। इस कार्य में किसी प्रकार की लापरवाही बरतने या जांच कार्य में अपेक्षित सहयोग प्रदान नहीं करने की स्थिति में संबंधित पदाधिकारी/कर्मी के विरुद्ध आपदा प्रबंधन अधिनियम की सुसंगत धाराओं के तहत नियमानुसार कार्रवाई की जायेगी।

राम भक्तों के लिए

UP अराजक प्रदेश, खतरनाक स्थिति, झारखण्ड के लिये है सबक : बंधु तिर्की

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रांची : पूर्व मंत्री, झारखण्ड सरकार की समन्वय समिति के सदस्य और झारखण्ड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के कार्यकारी अध्यक्ष बंधु तिर्की ने कहा है कि उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था की खतरनाक स्थिति इस बात का परिचायक है कि भारतीय जनता पार्टी का कानून और व्यवस्था के साथ ही संविधान के ऊपर कोई भरोसा नहीं है. उन्होंने कहा कि  कुल मिलाकर पिछले तीन-चार दिनों में झांसी और प्रयागराज की घटनायें झारखण्ड के लिए सबक समेटे है कि भाजपा से और इसकी सत्ता से हमेशा बचकर रहने में ही भलाई है.

‘UP में शासन के इक़बाल पर सवाल…!’

श्री तिर्की ने कहा कि भाजपा और विशेष रूप से भाजपाई सरकारों की कथनी और करनी में जमीन-आसमान का अंतर है और उससे सबसे ज्यादा खतरा संविधान के साथ ही परस्पर सौहार्द और भाईचारे को है. श्री तिर्की ने कहा कि, झांसी में आरोपी असद और गुलाम की पुलिस मुठभेड़ में मौत को एक हद तक तो जायज ठहराया जा सकता है. लेकिन जिस प्रकार से प्रयागराज में पुलिस के संरक्षण में आरोपी अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की अपराधियों ने दिन-दहाड़े हत्या की है वह यूपी की ध्वस्त हो चुकी कानून-व्यवस्था और शासन के इक़बाल के समाप्त होने का संकेत ही नहीं बल्कि पूरी फ़िल्म है. श्री तिर्की ने कहा कि उत्तर प्रदेश, रामराज्य की बजाय अराजकता के प्रदेश में बदल चुका है.

राम भक्तों के लिए

डीसी की मौजूदगी में 130 बच्चों को एमआर के टीके लगे, टीकाकरण के सारे प्रोटोकॉल का जायजा भी लिया,

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गिरिडीह: मिजिल्स रुबेला अभियान के अंतर्गत शनिवार को जिले के उपायुक्त की उपस्थिति में मुख-बधिर विद्यालय, अजीडीह में बच्चों को मिजिल्स रूबेला के टीके की खुराक दी गयी। इस दौरान डीसी ने बताया कि एमआर अभियान के तहत नेत्रहीन और मुख-बधिर विद्यालय, उदनाबाद में स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा लगभग 130 बच्चों को एमआर के टीके लगाए गए. इसके अलावा डीसी ने टीकाकरण के लिए सारे प्रोटोकॉल का जायजा लिया गया। साथ ही स्कूल प्रबंधन की व्यवस्था की प्रशंसा की गई। डीसी ने विद्यालय में लगाए गए जिम का अवलोकन किया गया।

डीसी ने नेत्रहीन व मुक-बधिर स्कूल प्रबंधन की तारीफ की

डीसी ने स्कूल की तारीफ करते हुए कहा कि नेत्रहीन एवं मुक-बधिर विद्यालय को मॉडल तर्ज के रूप में विकसित किया गया है, ताकि बच्चों को पठन-पाठन के साथ साथ खेल की भी सुविधा मुहैया कराई जा सके। डीसी ने सभी से आग्रह करते हुए कहा कि जिले में मिजिल्स रूबेला टीकाकरण अभियान के तहत 9 माह से 15 वर्ष के शत-प्रतिशत बच्चों टीके से आच्छादित किया जा रहा है। ऐसे में सभी से आग्रह होगा कि अपने बच्चों के साथ-साथ दूसरों को भी मिजिल्स रूबेला टीकाकरण अभियान की जानकारी से अवगत करायें, ताकि लक्ष्य के अनुरूप जिले के शत-प्रतिशत बच्चों को मिजिल्स रूबेला से आच्छादित किया जा सके।

खसरा-रूबेला का टीका पूर्ण रूप से सुरक्षित: डीसी

उपायुक्त ने 12 अप्रैल से चलने वाले मिजिल्स रूबेला टीकाकरण की जानकारियों से सभी को अवगत कराते हुए कहा कि जिला अन्तर्गत 9 माह से 15 वर्ष के शत-प्रतिशत बच्चों को मिजिल्स रूबेला का टीका दिलाना सुनिश्चित करें। मिजिल्स रूबेला का टीका सभी के लिए अति आवश्यक है। खसरा रोग की सफाई तथा रूबेला को नियंत्रित करने के लिए बच्चों को यह टीका लगाना अति आवश्यक है। उन्होंने कहा कि खसरा रूबेला का टीका पूर्ण रूप से सुरक्षित है और इसका कोई भी दुष्प्रभाव भी नहीं है। ऐसे में आप सभी स्वास्थ्य कर्मियों/शिक्षकों/सखी मंडल की दीदियां अपनी-अपनी पंचायतों में मीजिल्स रूबेला टीकारण अभियान को लेकर सभी को जागरूक करें. उक्त अवसर पर सिविल सर्जन, एडीपीओ, डीपीएम व अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।

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रजिस्ट्रार कार्यालय में डीड राइटर के लिए बन गया नया शेड, डीसी ने किया उद्घाटन

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गिरिडीह: जिले के उपायुक्त नमन प्रियेश लकड़ा ने शनिवार को रजिस्ट्रार कार्यालय में डीड राइटर के लिए फैन और शुद्ध पेयजल के लिए आरओ निर्मित शेड का उद्घाटन किया गया। इस मौके पर डीसी ने मीडिया से कहा कि विद्युतीकरण की व्यवस्था हो जाने से डीड राइटर, जो लोग इस कार्य में जुड़े हुए हैं, वैसे कर्मियों को कार्य करने में काफी सहूलियत होगी। इसके रजिस्ट्रेशन कार्यालय परिसर में अवस्थित वेटिंग हॉल में शौचालय की व्यवस्था को सुदृढ़ और दुरुस्त किया गया है ताकि दूरदराज से आनेवाली महिलाओं एवं आमजनों को किसी प्रकार की कोई कठिनाई नहीं हो।

खराब पड़े चापाकलों की मरम्मत कराई जा रही है: डीसी

डीसी ने कहा कि बढ़ती गर्मी के कारण लोगों को पेयजल संबंधी समस्याएं आ रही हैं, जिसका संबंधित अधिकारियों द्वारा निराकरण सुनिश्चित कराये जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि खराब पड़े सभी चापाकलों की मरम्मत कराई जा रही है। ताकि आमजनों को पेयजल संबंधी समस्या न हो। उन्होंने कहा कि आम आदमी की समस्याओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है और इनकी समस्याओं का निराकरण हमारी पहली प्राथमिकता है। उन्होंने मीडिया को इस संबंध में ध्यान आकृष्ट कराने के लिए धन्यवाद दिया। कार्यक्रम में जिला अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष, महासचिव व अन्य अधिवक्ता समेत अन्य कर्मी उपस्थित थे।

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JMM ने अंबेडकर जयंती मनाई, एकता जुलूस निकाल कर नगर भ्रमण किया

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गिरिडीह : जिले में शुक्रवार को विभिन्न सामाजिक संगठनों और राजनीतिक दलों ने अपने-अपने तरीके से भारत रत्न बाबा साहेब भीम राव अंबेडकर की जयंती मनाई गई. झामुमो के जिला 20सूत्री सदस्य और जिला कोषाध्यक्ष गौरव कुमार के नेतृत्व में पपरवाटांड़ में बाबा साहेब की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर एकता जुलूस व नगर भ्रमण कर अम्बेडकर चौक पर माल्यार्पण कर जयंती मनाई गई। गौरव दास के साथ मुख्य रूप से सुनील दास, खूबलाल दास, कमल दास, मधु दास, ललन नागवंशी, तुषार कुमार आदि लोग शामिल थे.

डॉ. अंबेडकर संविधान के देवता हैं और दलितों-पिछड़ों के मसीहा: गौरव दास

इस मौके पर गौरव दास ने एक पत्रकार से बातचीत में कहा कि संविधान निर्माता डॉ. अंबेडकर संविधान के देवता हैं और दलितों-पिछड़ों के मसीहा. उन्होंने कहा कि उन्होंने वंचित और शोषक वर्गों के सामाजिक न्याय के लिए जीवन भर संघर्ष किया. तब जाकर संविधान में समानता के अधिकार पर जोर दिया गया और बाकायदा इसे संविधान में अंर्तिनिहित किया गया. इसलिए वे देश के नायक हैं.

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गिरिडीह डीसी ने समाहरणालय सभागार में डॉ अम्बेडकर जयंती पर जिलेवासियों को बधाई और शुभकामना संदेश दिया

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गिरिडीह : संविधान निर्माता व भारत रत्न बाबा साहेब डॉ भीम राव अम्बेडकर जी की 132 वीं जयंती के शुभ अवसर पर शुक्रवार को समाहरणालय सभागार में उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धा सुमन अर्पित किया गया।

डीसी ने अंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया

मौके पर उपायुक्त ने डॉ भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया। इस दौरान उपायुक्त ने जिलावासियों को अंबेडकर जयंती की बधाई और शुभकामनाएं दी।

अंबेडकर ने समाज के सभी जाति व पिछड़े वर्गों को विकास के समान अवसर दिए: डीसी

मौके पर उपस्थित मीडिया प्रतिनिधियों से बातचीत करते हुए उपायुक्त ने कहा कि आज बाबा साहब अंबेडकर जी का जन्म दिवस है। भारत रत्न, संविधान निर्माता, एक महान क्रांतिकारी, विधि विशेषज्ञ एवं समाज सुधारक के साथ देश को एक सूत्र में पिरोये रखने के लिए हमें एक ऐसा संविधान दिया है, जिसमें समाज के सभी जाति एवं पिछड़े वर्गों को विकास के समान अवसर दिए गए हैं।

कई अधिकारियों व कर्मियों ने भी डॉ. अंबेडकर की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की

मौके पर उपरोक्त के अलावा जिला नजारत उप समाहर्ता सुदेश कुमार, जिला आपूर्ति पदाधिकारी गौतम भगत समेत अन्य अधिकारी व कर्मियों ने भी डॉ. अंबेडकर की प्रतिमा को पुष्पांजलि अर्पित की.

राम भक्तों के लिए

ED पारदर्शिता और बगैर किसी राजनीतिक पूर्वाग्रह के जमीनी घोटालों की जांच करे: बंधु तिर्की

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रांची: पूर्व मंत्री और झारखण्ड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के कार्यकारी अध्यक्ष बंधु तिर्की ने कहा है कि यदि प्रवर्तन निदेशालय ने झारखण्ड के सबसे ज्वलंत जमीनी मुद्दे और ज़मीन घोटाले की जांच में अपना हाथ डाला है तो, उसे जमीनी स्तर पर त्वरित कार्रवाई करने के साथ-साथ दोषियों एवं इससे जुड़े अपराधी तत्वों को जल्द से जल्द पकड़ना चाहिये. श्री तिर्की ने कहा कि ईडी को बिना किसी राजनीतिक पूर्वाग्रह के और पारदर्शिता के साथ अपनी जांच-पड़ताल करनी चाहिये. श्री तिर्की ने कहा कि  झारखण्ड गठन के बाद इस प्रकृति से भरे प्रदेश में सबसे ज्यादा जमीन घोटाले ही हुए हैं और इसका सबसे ज्यादा खमियाजा झारखण्ड के आदिवासियों एवं मूलवासियों को ही भुगतना पड़ा है.

जमीन घोटालों की तह तक जाना जरूरी

उन्होंने कहा कि यदि जमीन के मामले में हुए सभी घोटालों की तह तक जाया जाये तो, कई सफेदपोशों पर उसकी छाया पड़ी मिलेगी, लेकिन ईडी को बिना किसी पूर्वाग्रह के पारदर्शिता के साथ सख्त कार्रवाई करनी चाहिये. श्री तिर्की ने कहा कि विशेष रूप से छोटानागपुर काश्तकारी अधिनियम (सीएनटी एक्ट) के उल्लंघन के मामलों में सख्त कार्रवाई होनी चाहिये और सभी दोषियों को पकड़ा जाना चाहिये. चाहे वह किसी भी पद पर बैठा हुआ हो. कांग्रेस नेता ने भरोसा जताया कि जमीन के मामले में प्रवर्तन निदेशालय की कार्यवाही पूरी निष्पक्षता के साथ होगी और उसका सकारात्मक परिणाम भी जल्द ही नजर आयेगा.

राम भक्तों के लिए
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