गिरिडीह: मिजिल्स रुबेला अभियान के अंतर्गत शनिवार को जिले के उपायुक्त की उपस्थिति में मुख-बधिर विद्यालय, अजीडीह में बच्चों को मिजिल्स रूबेला के टीके की खुराक दी गयी। इस दौरान डीसी ने बताया कि एमआर अभियान के तहत नेत्रहीन और मुख-बधिर विद्यालय, उदनाबाद में स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा लगभग 130 बच्चों को एमआर के टीके लगाए गए. इसके अलावा डीसी ने टीकाकरण के लिए सारे प्रोटोकॉल का जायजा लिया गया। साथ ही स्कूल प्रबंधन की व्यवस्था की प्रशंसा की गई। डीसी ने विद्यालय में लगाए गए जिम का अवलोकन किया गया।
डीसी ने नेत्रहीन व मुक-बधिर स्कूल प्रबंधन की तारीफ की
डीसी ने स्कूल की तारीफ करते हुए कहा कि नेत्रहीन एवं मुक-बधिर विद्यालय को मॉडल तर्ज के रूप में विकसित किया गया है, ताकि बच्चों को पठन-पाठन के साथ साथ खेल की भी सुविधा मुहैया कराई जा सके। डीसी ने सभी से आग्रह करते हुए कहा कि जिले में मिजिल्स रूबेला टीकाकरण अभियान के तहत 9 माह से 15 वर्ष के शत-प्रतिशत बच्चों टीके से आच्छादित किया जा रहा है। ऐसे में सभी से आग्रह होगा कि अपने बच्चों के साथ-साथ दूसरों को भी मिजिल्स रूबेला टीकाकरण अभियान की जानकारी से अवगत करायें, ताकि लक्ष्य के अनुरूप जिले के शत-प्रतिशत बच्चों को मिजिल्स रूबेला से आच्छादित किया जा सके।

खसरा-रूबेला का टीका पूर्ण रूप से सुरक्षित: डीसी
उपायुक्त ने 12 अप्रैल से चलने वाले मिजिल्स रूबेला टीकाकरण की जानकारियों से सभी को अवगत कराते हुए कहा कि जिला अन्तर्गत 9 माह से 15 वर्ष के शत-प्रतिशत बच्चों को मिजिल्स रूबेला का टीका दिलाना सुनिश्चित करें। मिजिल्स रूबेला का टीका सभी के लिए अति आवश्यक है। खसरा रोग की सफाई तथा रूबेला को नियंत्रित करने के लिए बच्चों को यह टीका लगाना अति आवश्यक है। उन्होंने कहा कि खसरा रूबेला का टीका पूर्ण रूप से सुरक्षित है और इसका कोई भी दुष्प्रभाव भी नहीं है। ऐसे में आप सभी स्वास्थ्य कर्मियों/शिक्षकों/सखी मंडल की दीदियां अपनी-अपनी पंचायतों में मीजिल्स रूबेला टीकारण अभियान को लेकर सभी को जागरूक करें. उक्त अवसर पर सिविल सर्जन, एडीपीओ, डीपीएम व अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।