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Wednesday, November 4, 2026
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गुमला शहरी क्षेत्र के विकास को मिलेगी नई गति, उपायुक्त ने विभिन्न निर्माणाधीन योजनाओं का किया निरीक्षण

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गुमला न्यूज ब्यूरो प्रमुख – गणपत लाल चौरसिया 

स्ट्रीट वेंडर्स मार्केट, पर्यटन भवन, कोल्ड स्टोरेज, केंद्रीय विद्यालय एवं राष्ट्रीय स्तर के हॉकी स्टेडियम के कार्यों की समीक्षा कर, दिए आवश्यक निर्देश

गुमला : – गुमला जिले में विकास योजनाओं को गति देने, शहरी सुविधाओं का विस्तार करने तथा निर्माण कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से शुक्रवार को उपायुक्त दिलेश्वर महतो ने गुमला शहरी क्षेत्र एवं आसपास के इलाकों में संचालित विभिन्न विकास एवं निर्माणाधीन परियोजनाओं का निरीक्षण किया। इस दौरान उप विकास आयुक्त अनिमेष रंजन सहित संबंधित विभागों के पदाधिकारी, अभियंत्रण विभाग के कार्यपालक अभियंता एवं सहायक अभियंता तथा संवेदक उपस्थित रहे।
स्ट्रीट वेंडर्स मार्केट के माध्यम से व्यवस्थित होगा शहर,
निरीक्षण के क्रम में उपायुक्त ने सर्वप्रथम पर्यटन भवन के पीछे निर्माणाधीन स्ट्रीट वेंडर्स न्यू मार्केट का जायजा लिया तथा कार्यों की अद्यतन स्थिति की जानकारी ली। परियोजना पूर्ण होने के बाद शहर के स्ट्रीट वेंडर्स को यहां व्यवस्थित रूप से स्थानांतरित करने के संबंध में विस्तार से चर्चा की गई। इस परिसर में वर्तमान में 65 छोटी दुकानों का निर्माण किया गया है, जहां सब्जी एवं फल एवं अन्य विक्रेता अपना व्यवसाय संचालित कर सकेंगे।

उपायुक्त एवं उप विकास आयुक्त ने बाजार परिसर में आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित करते हुए निर्माण कार्य को गुणवत्तापूर्ण तरीके से निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरा करने का निर्देश दिया।

इस दौरान शहर के सुनियोजित विस्तार एवं यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने पर भी चर्चा हुई। नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी ने बताया कि शहर में पार्किंग की समस्या के समाधान तथा मुख्य मार्गों पर भीड़ कम करने के लिए सब्जी बाजार को व्यवस्थित स्थान पर स्थानांतरित करना आवश्यक है। इससे यातायात का दबाव कम करने के साथ सड़क दुर्घटनाओं की आशंका को भी कम करने में मदद मिलेगी। नगर परिषद क्षेत्र को व्यवस्थित एवं विस्तारित स्वरूप देने के लिए विभिन्न योजनाओं पर कार्य किया जा रहा है।
पर्यटन भवन को आधुनिक एवं अधिक उपयोगी बनाने पर जोर
इसके बाद उपायुक्त ने पर्यटन भवन का निरीक्षण किया। उन्होंने भवन के रखरखाव, उपलब्ध सुविधाओं तथा संचालन व्यवस्था की जानकारी ली। संबंधित कर्मियों द्वारा बताया गया कि यहां कमरे 900 रुपये प्रतिदिन की दर से उपलब्ध हैं, जबकि पूरे भवन की बुकिंग लगभग 60 हजार रुपये में की जा सकती है।

उपायुक्त एवं उप विकास आयुक्त ने पर्यटन भवन में आधुनिक सुविधाएं विकसित करने, इसकी आकर्षकता बढ़ाने तथा इसे अधिक उपयोगी एवं व्यवस्थित बनाने की संभावनाओं पर चर्चा की। उन्होंने उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया।
निर्माणाधीन कोल्ड स्टोरेज के कार्य में विलंब पर जताई नाराजगी,
उपायुक्त ने चांदाली स्थित निर्माणाधीन कोल्ड स्टोरेज का निरीक्षण करते हुए कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। निर्माण कार्य में हो रहे विलंब पर उन्होंने नाराजगी व्यक्त की तथा संबंधित अधिकारियों एवं संवेदक को कार्य को गंभीरता से लेने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि यह एक महत्वपूर्ण एवं पुरानी परियोजना है, जिसका समय पर पूरा होना आवश्यक है।
उपायुक्त ने दिसंबर तक निर्माण कार्य पूर्ण करने तथा अगले वर्ष तक कोल्ड स्टोरेज को क्रियाशील बनाने के लक्ष्य के अनुरूप कार्यों में तेजी लाने और नियमित निगरानी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
केंद्रीय विद्यालय के निर्माण एवं परिसर के विकास की समीक्षा,
इसके पश्चात उपायुक्त ने चांदाली स्थित निर्माणाधीन केंद्रीय विद्यालय का निरीक्षण किया। उन्होंने विद्यालय के निर्माण कार्यों, भवन के संपूर्ण प्लान, गुणवत्ता एवं फिनिशिंग की स्थिति का जायजा लिया। बताया गया कि विद्यालय का अधिकांश निर्माण कार्य पूरा हो चुका है तथा कुछ छोटे निर्माण एवं फिनिशिंग संबंधी कार्य शेष हैं।
उपायुक्त ने विद्यालय परिसर में प्रस्तावित खेल मैदान एवं सौंदर्यीकरण से संबंधित कार्यों की भी समीक्षा की। उन्होंने सभी शेष कार्यों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा करने का निर्देश दिया।
हॉकी स्टेडियम को राष्ट्रीय स्तर के मानकों के अनुरूप बनाने का निर्देश
निरीक्षण के क्रम में उपायुक्त ने समाहरणालय भवन के पीछे चांदाली में निर्माणाधीन हॉकी स्टेडियम का भी जायजा लिया। उन्होंने स्टेडियम के निर्माण संबंधी विस्तृत योजना को देखा तथा जमीनी स्तर पर हो रहे कार्यों की गुणवत्ता की जांच की।

उपायुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिया कि स्टेडियम का निर्माण राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं के निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुरूप होना चाहिए। निर्माण कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि यह स्टेडियम केवल गुमला जिले ही नहीं, बल्कि देश के खिलाड़ियों के लिए भी महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। इसलिए इसके निर्माण में गुणवत्ता, उपयोगिता एवं निर्धारित मानकों का विशेष ध्यान रखा जाए।

उन्होंने स्टेडियम के निर्माण कार्य में तेजी लाने तथा सभी कार्यों को गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूर्ण करने का निर्देश दिया। साथ ही खिलाड़ियों के आवास निर्माण के संबंध में भेजे गए प्रस्ताव की स्थिति की भी जानकारी ली।

निरीक्षण के अंत में उपायुक्त ने संबंधित पदाधिकारियों एवं अभियंताओं को जिले की सभी महत्वपूर्ण निर्माणाधीन विकास योजनाओं की नियमित निगरानी करने, कार्यों में अनावश्यक विलंब से बचने तथा निर्धारित समय-सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण निर्माण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि विकास योजनाओं का उद्देश्य आम नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है, इसलिए सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ जिम्मेदारीपूर्वक कार्य करें।

राम भक्तों के लिए

25 अक्टूबर को शाम 7 बजे, हर घर धुरंधर! रणवीर सिंह की ब्लॉकबस्टर फिल्म ‘धुरंधर’ का पहली बार फ्रीडिश दर्शकों के लिए स्टार उत्सव मूवीज़, कलर्स सिनेप्लेक्स बॉलीवुड और कलर्स सिनेप्लेक्स सुपरहिट्स पर प्रीमियर

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News – Ranu

इस मेगा प्रीमियर के 10 करोड़ से ज्यादा घरों तक पहुँचने की उम्मीद है, जिससे धुरंधर भारत के कोने-कोने तक पहुँचेगी

पटना अक्टूबर, 2026: भव्यता, रोमांच और शानदार एक्शन से भरपूर! इस अक्टूबर, फिल्म ‘धुरंधर’ भारत के हर कोने तक पहुँचने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाने जा रही है। पहली बार यह फिल्म फ्रीडिश दर्शकों के लिए उपलब्ध होगी। रणवीर सिंह की रोमांच से भरपूर स्पाई सागा ‘धुरंधर’ का प्रीमियर 25 अक्टूबर, 2026 को शाम 7 बजे एक साथ स्टार उत्सव मूवीज़, कलर्स सिनेप्लेक्स बॉलीवुड और कलर्स सिनेप्लेक्स सुपरहिट्स पर होगा।
देश के लिए पर्दे के पीछे रहकर काम करने वाले उन गुमनाम नायकों को समर्पित एक्शन से भरपूर फिल्म ‘धुरंधर’ में रणवीर सिंह एक दमदार और यादगार अंदाज़ में नजर आएँगे। फिल्म में उनके साथ अक्षय खन्ना, संजय दत्त, आर. माधवन, अर्जुन रामपाल, राकेश बेदी और सारा अर्जुन जैसे शानदार कलाकार भी अहम भूमिकाओं में दिखाई देंगे।
आदित्य धर के निर्देशन में बनी इस फिल्म को शानदार एक्शन, तालियाँ बजाने पर मजबूर कर देने वाले संवादों और कलाकारों के बेहतरीन अभिनय के लिए हर तरफ से सराहना मिली है। शाश्वत सचदेव के संगीत को भी दर्शकों का खूब प्यार मिला है और इसके गाने काफी लोकप्रिय हुए हैं।
‘धुरंधर’ का जादू भारत के हर घर तक पहुँचाने वाला यह फ्रीडिश प्रीमियर 10 करोड़ से अधिक घरों तक पहुँचने की उम्मीद है। इससे यह ब्लॉकबस्टर फिल्म बड़े शहरों से लेकर गाँवों और छोटे कस्बों तक के दर्शकों के लिए उपलब्ध होगी।
फ्रीडिश पर फिल्म के भव्य प्रीमियर को लेकर जियो हॉटस्टार के प्रवक्ता ने कहा, “धुरंधर सिर्फ एक फिल्म नहीं है, बल्कि अब यह पॉप कल्चर का हिस्सा बन चुकी है। ‘हर घर धुरंधर’ के जरिए हम इस दमदार ब्लॉकबस्टर को भारत के हर घर तक पहुँचाने के लिए बेहद उत्साहित हैं। 25 अक्टूबर को शाम 7 बजे से स्टार उत्सव मूवीज़, कलर्स सिनेप्लेक्स बॉलीवुड और कलर्स सिनेप्लेक्स सुपरहिट्स पर दर्शक इस फिल्म का आनंद ले सकेंगे और सम्पूर्ण भारत में धुरंधर का जबरदस्त क्रेज देखने को मिलेगा।”
‘हर घर धुरंधर’ भारत भर के परिवारों के लिए मनोरंजन का एक यादगार पल बनने जा रहा है। इसके जरिए परिवार पहली बार फ्रीडिश पर रणवीर सिंह की ब्लॉकबस्टर फिल्म ‘धुरंधर’ का आनंद ले सकेंगे।
जियो स्टूडियोज़ और बी62 स्टूडियोज़ की फिल्म ‘धुरंधर’, का प्रीमियर 25 अक्टूबर को शाम 7 बजे से स्टार उत्सव मूवीज़, कलर्स सिनेप्लेक्स बॉलीवुड और कलर्स सिनेप्लेक्स सुपरहिट्स पर होगा। जिसमें रणवीर सिंह, अक्षय खन्ना, संजय दत्त, आर. माधवन, अर्जुन रामपाल सारा अर्जुन और राकेश बेदी मुख्य भूमिकाओं में हैं,

राम भक्तों के लिए

दुर्गा पूजा में नाबालिग बच्ची के अपहरण की कोशिश, पुलिस ने आरोपी को दबोचा चतरोचट्टी थाना क्षेत्र में वारदात का मामला, प्राथमिकी दर्ज होने के बाद पुलिस की त्वरित कार्रवाई

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न्यूज – कहकशां फारूकी 

गोमिया__ दुर्गा पूजा के दौरान नाबालिग बच्ची के अपहरण के प्रयास का मामला सामने आने के बाद चतरोचट्टी थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपी की पहचान अमर राजा, पिता इश्तियाक अंसारी, निवासी सुंदरी मोहल्ला, लोढ़ी, थाना चतरोचट्टी, जिला बोकारो के रूप में हुई है। पुलिस ने गिरफ्तारी के बाद आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया।
बोकारो पुलिस अधीक्षक कार्यालय से 22 अक्टूबर 2026 को जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, घटना 21 अक्टूबर को चतरोचट्टी थाना क्षेत्र के ग्राम घुटरे में हुई। नाबालिग बच्ची अपनी नानी के घर दुर्गा पूजा में शामिल होने आई थी। इसी दौरान उसके अपहरण के प्रयास का मामला सामने आया। घटना को गंभीरता से लेते हुए चतरोचट्टी थाना में कांड संख्या 48/2026 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई।
प्राथमिकी के बाद पुलिस की त्वरित कार्रवाई
मामले में प्राथमिकी दर्ज होने के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए नामजद आरोपी अमर राजा को गिरफ्तार कर लिया। आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। नाबालिग बच्ची की सुरक्षा से जुड़े इस मामले में पुलिस की त्वरित कार्रवाई अहम रही।
छापेमारी दल में पुलिस अवर निरीक्षक अनुप रंजन बाखला, सहायक अवर निरीक्षक महेंद्र कुमार शर्मा, हवलदार गोरांग बनारा, आरक्षी 965 रविंद्र हांसदा, महिला आरक्षी 1709 सुमित्रा कुमारी तथा चालक नागेंद्र महतो शामिल थे।
पुलिस की इस कार्रवाई के बाद मामले में कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।

 

राम भक्तों के लिए

बघिमा इंद मेला में खाद्य सुरक्षा विभाग की बड़ी कार्रवाई, दुकानदारों में हड़कंप, 6 किलो छोला में हानिकारक (अखाद्य) रंग पाये जाने पर कराया गया नष्ट

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गुमला न्यूज ब्यूरो प्रमुख – गणपत लाल चौरसिया

गुमला : – गुमला जिला में नागरिकों के स्वास्थ्य की सुरक्षा और बाजार में शुद्ध व मिलावटमुक्त खाद्य सामग्री की उपलब्धता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से खाद्य सुरक्षा विभाग ने बघिमा (पालकोट) स्थित इंद्र मेला में सघन जांच अभियान चलाया। जांच टीम की इस औचक कार्रवाई से मेला क्षेत्र सहित प्रखंड मुख्यालय के होटल व किराना व्यवसायियों में पूरे दिन हड़कंप मचा रहा। कई दुकानदार आनन-फानन में अपनी दुकानों की व्यवस्था दुरुस्त करते दिखे।

यह छापेमारी उपायुक्त गुमला के कड़े निर्देश और अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी सह अभिहित अधिकारी डॉ. धनुर्जय सुम्ब्रई के मार्गदर्शन में संचालित की गई। अभियान का संयुक्त नेतृत्व खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी प्रकाश चंद्र गुग्गी एवं कुमार प्रभाकर ने किया।

निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने मिठाई और होटल संचालकों को सख्त हिदायत दी कि छेना की मिठाइयां बनाते समय किसी भी सूरत में मैदा या हानिकारक औद्योगिक केमिकल ‘हाइड्रो’ का प्रयोग न करें। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि मिठाइयों में किसी भी तरह की मिलावट, रासायनिक तत्व या अखाद्य रंगों का उपयोग जनस्वास्थ्य के साथ गंभीर खिलवाड़ है, जिसे कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

निरीक्षण में मेसर्स राहुल सोनी, मेसर्स बृज किशोर दुबे, मेसर्स सुधीर कुमार साहू, मेसर्स रूपेश कुमार, मेसर्स संजय स्टोर, मेसर्स महतो होटल, मेसर्स हीरा देवी के प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया ।

इसके अलावा टीम ने प्राप्त शिकायत पर गुमला-अरमाई बाईपास रोड स्थित ‘होटल सेलिब्रेशन इन फैमिली रेस्टोरेंट’ का भी औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान वहां साफ-सफाई की घोर अनदेखी पाई गई, जिस पर प्रबंधन को कड़ी फटकार लगाते हुए तत्काल व्यवस्था सुधारने के कड़े निर्देश दिए गए एवं जुर्माना लगाया जाएगा।

अभियान के दौरान मेला परिसर में लगे विभिन्न ठेले व खोमचों पर बिकने वाले छोला, चाट और पकौड़ों के “ऑन द स्पॉट” नमूनों की भी जांच की गई। जांच के क्रम में हीरा देवी के प्रतिष्ठान में खाद्य सामग्री में प्रतिबंधित औद्योगिक रंग (अखाद्य रंग) का प्रयोग पाया गया, जिस पर त्वरित कार्रवाई करते हुए लगभग 6 किलोग्राम तैयार छोला मौके पर ही नष्ट करवा दिया गया।

अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि नियमों का उल्लंघन करने वाले और जनस्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वाले किसी भी प्रतिष्ठान को बख्शा नहीं जाएगा, साथ ही संपूर्ण मेला क्षेत्र में तम्बाकू एवं तम्बाकू उत्पादों की खरीद बिक्री पर भी संपूर्ण प्रतिबंध रहेगा। नियमों की अनदेखी करने पर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 की सुसंगत धाराओं में कानूनी कार्रवाई की जाएगी और यह औचक निरीक्षण अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।

राम भक्तों के लिए

गुमला के सभी विद्यालयों में 23 से 31 अक्टूबर तक चलेगा पॉक्सो जागरूकता कार्यक्रम अंतर्गत सुरक्षित बचपन अभियान

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गुमला न्यूज ब्यूरो प्रमुख – गणपत लाल चौरसिया

उप विकास आयुक्त अनिमेष रंजन के मार्गदर्शन एवं उपायुक्त दिलेश्वर महतो के नेतृत्व में जिला विधिक सेवा प्राधिकार के समन्वय से शिक्षा विभाग की पहल

गुमला : – गुमला जिला में बच्चों की सुरक्षा, बाल अधिकारों एवं कानूनी संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से झारखंड शिक्षा परियोजना, गुमला द्वारा जिला विधिक सेवा प्राधिकार, गुमला के समन्वय से जिले के सभी विद्यालयों में 23 से 31 अक्टूबर 2026 तक सुरक्षित बचपन अभियान चलाया जाएगा।

अभियान के माध्यम से विद्यार्थियों को यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण अधिनियम 2012, बाल अधिकार, गुड टच-बैड टच, व्यक्तिगत सुरक्षा, साइबर अपराध से बचाव तथा सुरक्षित व्यवहार के प्रति जागरूक किया जाएगा। इसका उद्देश्य बच्चों को अनुचित व्यवहार की पहचान करने, असहज परिस्थितियों में अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा किसी भी समस्या की स्थिति में बिना भय विश्वसनीय व्यक्ति से सहायता लेने के लिए प्रोत्साहित करना है।

जिला शिक्षा पदाधिकारी कविता खलखो द्वारा बतलाया गया कि जिला प्रशासन, जिला विधिक सेवा प्राधिकार एवं झारखंड शिक्षा परियोजना का उद्देश्य बच्चों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना तथा उन्हें अपने अधिकारों के प्रति जागरूक करना है। उन्होंने बताया कि सभी विद्यालयों को जागरूकता गतिविधि आयोजित करने तथा चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 प्रमुखता से प्रचार-प्रसार करने का निर्देश दिया गया है। प्रखंड एवं संकुल स्तर के पदाधिकारी एवं सीआरपी बीआरपी इन गतिविधियों का अनुश्रवण करेंगे ।
उक्त अभियान के प्रथम दिन 23 अक्टूबर को पॉक्सो अधिनियम एवं बाल अधिकार जागरूकता दिवस के रूप में मनाया जाएगा। इस अवसर पर विद्यालयों की प्रार्थना सभा में विशेष संबोधन, पॉक्सो अधिनियम एवं बच्चों को प्राप्त कानूनी संरक्षण की जानकारी, बाल अधिकारों पर चर्चा तथा पोस्टर एवं स्लोगन लेखन जैसी गतिविधियाँ आयोजित होंगी।

24 अक्टूबर को गुड टच-बैड टच एवं व्यक्तिगत सुरक्षा दिवस के तहत विद्यार्थियों को सुरक्षित एवं असुरक्षित स्पर्श, व्यक्तिगत सीमाओं और असहज परिस्थितियों में अपनी सुरक्षा के उपायों की जानकारी दी जाएगी तथा 26 अक्टूबर को बाल सुरक्षा एवं सुरक्षित-असुरक्षित व्यवहार पहचान दिवस पर घर, विद्यालय एवं रास्ते में सुरक्षा, अनुचित व्यवहार तथा प्रलोभन की पहचान पर चर्चा होगी।

इसी क्रम में 27 अक्टूबर को ऑनलाइन सुरक्षा एवं साइबर बाल अपराध से बचाव दिवस के अंतर्गत मोबाइल एवं इंटरनेट के सुरक्षित उपयोग, निजी फोटो-वीडियो तथा व्यक्तिगत जानकारी साझा करने के जोखिम और ऑनलाइन उत्पीड़न से बचाव के बारे में बताया जाएगा। 28 अक्टूबर को ‘चुप्पी तोड़ें—अपनी बात कहें दिवस’ के माध्यम से बच्चों को अपनी समस्याएँ निडर होकर साझा करने तथा विश्वसनीय वयस्क एवं विद्यालय के नामित बाल-सुरक्षा प्रभारी से सहायता लेने के लिए प्रेरित किया जाएगा।

29 अक्टूबर को सुरक्षा, सम्मान एवं संवेदनशील व्यवहार दिवस के तहत पारस्परिक सम्मान, सहमति, व्यक्तिगत सीमाओं, लैंगिक समानता एवं भेदभाव से बचाव पर जागरूकता गतिविधियाँ होंगी। वहीं, 30 अक्टूबर को अभिभावक एवं शिक्षक जागरूकता दिवस के अवसर पर विशेष बैठक अथवा संवाद आयोजित कर बच्चों की बात सुनने, उनके व्यवहार में बदलाव पहचानने तथा बाल सुरक्षा के प्रति सामूहिक जिम्मेदारी पर चर्चा की जाएगी।

अभियान के अंतिम दिन, 31 अक्टूबर को बाल सुरक्षा संकल्प एवं अभियान समापन दिवस मनाया जाएगा। इस दौरान विशेष प्रार्थना सभा, बाल सुरक्षा संकल्प, पोस्टर, चित्रकला, स्लोगन एवं प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिताओं के साथ चाइल्ड हेल्पलाइन एवं आपातकालीन सेवाओं की जानकारी का पुनः प्रचार-प्रसार किया जाएगा।

झारखंड शिक्षा परियोजना, गुमला द्वारा सभी विद्यालयों को निर्देश दिया गया है कि प्रत्येक निर्धारित तिथि पर संबंधित गतिविधियाँ विद्यार्थियों की आयु एवं कक्षा के अनुरूप बाल-अनुकूल तरीके से संचालित हों।

यदि किसी बच्चे द्वारा उत्पीड़न अथवा यौन अपराध से संबंधित जानकारी साझा की जाती है, तो शिक्षकों द्वारा उसकी सुरक्षा, गरिमा एवं गोपनीयता सुनिश्चित करते हुए पॉक्सो अधिनियम के अंतर्गत निर्धारित रिपोर्टिंग दायित्वों का पालन किया जाएगा।
जिला प्रशासन एवं झारखंड शिक्षा परियोजना, गुमला की इस पहल का उद्देश्य विद्यालयों, शिक्षकों, अभिभावकों एवं समुदाय की सहभागिता से ऐसा वातावरण विकसित करना है, जहाँ प्रत्येक बच्चा सुरक्षित महसूस करे, अपने अधिकारों को समझे और आवश्यकता पड़ने पर बिना किसी भय के सहायता प्राप्त कर सके।

राम भक्तों के लिए

खेत बचाओ अभियान का शुभारंभ, टिकाऊ कृषि एवं मृदा संरक्षण के प्रति किसानों को किया गया जागरूक

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गुमला न्यूज ब्यूरो प्रमुख – गणपत लाल चौरसिया

टोटो में आयोजित कार्यक्रम में 155 किसानों ने लिया भाग, 30 नवंबर तक चलेगा अभियान

गुमला : – गुमला जिला में किसानों की आजीविका सुरक्षित करने, कृषि भूमि की उर्वरता बनाए रखने तथा प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के उद्देश्य से गुरुवार को टोटो में खेत बचाओ अभियान का शुभारंभ किया गया। जिला कृषि विभाग सह आत्मा, गुमला के तत्वावधान में आयोजित इस अभियान के तहत 22 अक्टूबर से 30 नवंबर 2026 तक विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से किसानों को टिकाऊ एवं वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों के प्रति जागरूक किया जाएगा। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में जिला परिषद उपाध्यक्ष, गुमला उपस्थित रहे। इस दौरान 155 किसानों ने भाग लिया।

कार्यक्रम में कृषि विज्ञान केंद्र, गुमला के वरीय वैज्ञानिक एवं प्रधान डॉ. बृजेश पाण्डेय, प्रखंड विकास पदाधिकारी, गुमला, डीवाईपीडी, आत्मा, जिला कृषि पदाधिकारी सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के दौरान किसानों को मृदा स्वास्थ्य के महत्व की जानकारी देते हुए बताया गया कि असंतुलित उर्वरकों का प्रयोग, फसल अवशेषों को जलाना, मृदा अपरदन तथा जैविक पदार्थों की कमी से खेतों की उर्वरता प्रभावित होती है। इससे कृषि उत्पादन एवं किसानों की आय पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।

डॉ. बृजेश पाण्डेय ने किसानों को मृदा परीक्षण के आधार पर संतुलित उर्वरकों का प्रयोग, जैविक एवं हरी खाद का उपयोग, फसल चक्र अपनाने तथा खेतों में नमी संरक्षण जैसे वैज्ञानिक उपायों को अपनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कृषि विज्ञान केंद्र की ओर से किसानों को नवीन कृषि तकनीकों की जानकारी देने एवं कृषि संबंधी समस्याओं के वैज्ञानिक समाधान उपलब्ध कराने की भूमिका पर भी प्रकाश डाला।

अभियान के तहत मृदा एवं जल संरक्षण, फसल अवशेष प्रबंधन, जैव विविधता को बढ़ावा देने तथा स्थानीय परिस्थितियों के अनुकूल फसलों की खेती के प्रति किसानों को जागरूक किया जाएगा। इन उपायों से कृषि भूमि की गुणवत्ता बनाए रखने, उत्पादन लागत कम करने तथा खेती को अधिक लाभकारी एवं पर्यावरण के अनुकूल बनाने में सहायता मिलेगी।

अधिकारियों ने कहा कि कृषि भूमि का संरक्षण वर्तमान के साथ-साथ आने वाली पीढ़ियों के लिए भी आवश्यक है। इसके लिए किसानों, कृषि वैज्ञानिकों एवं कृषि विभाग के बीच समन्वय स्थापित कर वैज्ञानिक खेती को बढ़ावा देना जरूरी है।

खेत बचाओ अभियान के माध्यम से जिले में मृदा संरक्षण एवं टिकाऊ कृषि पद्धतियों के प्रति किसानों की भागीदारी बढ़ाने तथा प्राकृतिक संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग को प्रोत्साहित करने की दिशा में पहल की जा रही है।

राम भक्तों के लिए

गुमला जिला में रावण दहन – की दशकों पुरानी परंपरा – परमवीर अल्बर्ट एक्का स्टेडियम गुमला से लेकर जिले के विभिन्न संबंधित क्षेत्रों तक, आस्था और संस्कृति का अनूठा संगम

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गुमला न्यूज ब्यूरो प्रमुख – गणपत लाल चौरसिया 

गुमला : – विजयादशमी का त्योहार “रावण दहन” अपने देश के अधिकांश हिस्सों में “बुराई पर अच्छाई और अधर्म पर – धर्म की जीत के प्रतीक”* के रूप में मनाया जाता है। झारखंड के गुमला जिले में भी दशहरा का विशेष धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व है। यहाँ रावण दहन केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि सामाजिक एकता, पारंपरिक उत्सव और स्थानीय सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक बन चुका है। गुमला जिला मुख्यालय के परमवीर अल्बर्ट एक्का स्टेडियम गुमला से लेकर सिसई, अरमई, डुमरडीह, करौंदी, मुरकुंडा और टोटो जैसे क्षेत्रों में विजयादशमी के अवसर पर *रावण दहन* के आयोजन की परंपरा देखने को मिलती है।

उक्त आयोजनों के माध्यम से श्रद्धालु भक्त अपने आराध्य भगवान पुरुषोत्तम श्रीराम की विजय का उत्सव मनाते हैं। और गुमला जिले के विभिन्न स्थानों पर जगह-जगह भव्य रावण के पुतले का दहन किया जाता है, साथ ही साथ, रामलीला, शोभायात्रा, सांस्कृतिक कार्यक्रम और विजय महोत्सव मेला लोगों के आकर्षण का केंद्र बनते हैं। हालांकि, जिले के सभी स्थानों पर रावण दहन की शुरुआत से संबंधित विस्तृत ऐतिहासिक दस्तावेज उपलब्ध नहीं हैं, लेकिन उपलब्ध रिपोर्टें इस परंपरा की व्यापकता और सांस्कृतिक महत्व को रेखांकित करती हैं।

*परमवीर अल्बर्ट एक्का स्टेडियम गुमला – रावण दहन – दशहरा दुर्गा पूजा महोत्सव के अवसर पर प्रमुख पहचान और आकर्षण का केंद्र*

गुमला जिला मुख्यालय में विजयादशमी के अवसर पर होने वाले रावण दहन का सबसे प्रमुख केंद्र परमवीर अल्बर्ट एक्का स्टेडियम माना जाता है। यहाँ *रावण दहन सह विजय मेला* का आयोजन बड़ी संख्या में लोगों को आकर्षित करता है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, यह आयोजन कई दशकों से लगातार होता आ रहा है और जिले के प्रमुख धार्मिक-सांस्कृतिक कार्यक्रमों में इसकी विशेष पहचान है।

वर्ष 2023 में प्रकाशित एक रिपोर्ट में आयोजन समिति की ओर से बताया गया था कि परमवीर अल्बर्ट एक्का स्टेडियम में रावण दहन की परंपरा लगातार दशकों को से जारी हैं। उक्त गुमला जिला मुख्यालय पहले गुमला बाजार टांड में आयोजन की शुरुआत लगभग 1959 के आसपास मानी जा सकती है इसी क्रम में गुमला बाजार टाड के बाद गुमला परमवीर अल्बर्ट एक्का स्टेडियम निर्माण के बाद रावण दहन का सिलसिला हुआ हैं जो अभी जारी है ।

स्थानीय एक रिपोर्टों में रावण दहन का आयोजन की शुरुआत पंजाबी बिरादरी से जुड़ी बताई गई है। शुरुआती दौर में भाल सिंह का नाम सामने आता है। बाद के वर्षों में अन्य स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों ने भी आयोजन की जिम्मेदारी संभाली। समय के साथ यह कार्यक्रम व्यापक जनभागीदारी वाला सार्वजनिक उत्सव बन गया।

वर्तमान स्वरूप में रावण दहन के साथ भगवान श्रीराम, माता सीता, लक्ष्मण और हनुमान से जुड़ी झांकियाँ, आकर्षक भव्य और विभिन्न आकार प्रकार के आतिशबाजी सहित रावण दहन सह विजय मेला जैसे आकर्षण देखने को मिलते हैं। दशहरा के दिन बड़ी संख्या में लोग अपने परिवार के साथ परमवीर अल्बर्ट एक्का स्टेडियम पहुँचते हैं और उक्त परंपरा का हिस्सा बनते हैं।

इस आयोजन की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसमें स्थानीय संबंधित लोग भाग लेते हैं। धार्मिक आस्था के साथ-साथ सामाजिक सहयोग ने इसे गुमला की सांस्कृतिक पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया है।

*सिसई में 1981 से चली आ रही रावण दहन की परंपरा*

गुमला जिले के सिसई प्रखंड में भी रावण दहन का आयोजन विशेष महत्व रखता है। यहाँ रावण मैदान में होने वाला कार्यक्रम स्थानीय लोगों के लिए विजयादशमी के प्रमुख आकर्षणों में शामिल है।

08 सितंबर 2025 की एक रिपोर्ट के अनुसार, सिसई में रावण दहन की शुरुआत वर्ष 1981 में हुई थी। इस आधार पर वर्ष 2025 में 44 वें आयोजन की तैयारी की जानकारी सामने आई थी। यह विवरण सिसई में रावण दहन की परंपरा के इतिहास को समझने के लिए महत्वपूर्ण है।

यहाँ जागृति रावण दहन समिति आयोजन से जुड़ी रही है। समय के साथ कार्यक्रम का स्वरूप धार्मिक आयोजन से आगे बढ़कर सांस्कृतिक उत्सव का रूप ले चुका है। रावण दहन के साथ रामलीला, सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ, रोशनी और आतिशबाजी लोगों को आकर्षित करती हैं।

वर्ष 2025 की एक रिपोर्ट में सिसई में 51 फीट ऊँचे रावण के पुतले के दहन का उल्लेख किया गया था। इससे आयोजन की भव्यता और स्थानीय लोगों के उत्साह का अंदाजा लगाया जा सकता है।

सिसई का रावण दहन आसपास के क्षेत्रों के लोगों को भी एकत्र होने का अवसर देता है। इस प्रकार यह आयोजन धार्मिक परंपरा को जीवित रखने के साथ स्थानीय सामाजिक और सांस्कृतिक जीवन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

*अरमई और डुमरडीह में भी दशहरा उत्सव का उत्साह*

गुमला जिला मुख्यालय के अरमई और डुमरडीह क्षेत्रों में भी विजयादशमी के अवसर पर “रावण दहन” के आयोजन का उल्लेख स्थानीय एक रिपोर्टों में मिलता है। उक्त स्थानों पर दशहरा स्थानीय समुदायों के लिए धार्मिक आस्था और सामूहिक उत्सव का अवसर बनता है।

डुमरडीह में आसपास के पूर्वी क्षेत्र से लोगों के कार्यक्रम देखने पहुँचने की जानकारी भी एक रिपोर्टों में सामने आई है। इससे स्पष्ट होता है कि इन आयोजनों का महत्व केवल संबंधित गाँव या क्षेत्र तक सीमित नहीं रहता, बल्कि आसपास के लोगों की भागीदारी भी इसमें शामिल होती है।

हालाँकि, अरमई और डुमरडीह में रावण दहन की शुरुआत किस वर्ष हुई, इसे लेकर अभी पर्याप्त प्रमाणित ऐतिहासिक जानकारी उपलब्ध नहीं है। इन आयोजनों के शुरुआती विस्तृत इतिहास तैयार करने के लिए स्थानीय आयोजन समितियों तथा पुराने निवासियों से जानकारी जुटाना जरूरी होगा।

*मालवीय नगर करौंदी में रावण दहन स्थानीय परंपरा और जनभागीदारी*

गुमला जिला मुख्यालय से सटे मालवीय नगर करौंदी क्षेत्र में भी विजयादशमी पर रावण दहन होने का उल्लेख एक रिपोर्टों में मिलता है। जिले के विभिन्न हिस्सों में इस प्रकार के आयोजनों की मौजूदगी यह दर्शाती है कि दशहरा उत्सव स्थानीय स्तर पर भी व्यापक रूप से मनाया जाता है।

विजयदशमी को मालवीय नगर करौंदी में रावण दहन के रात्रि में मेला का आयोजन स्थानीय लोगों को एक साथ आने और धार्मिक परंपराओं से जुड़ने का अवसर प्रदान करता है। ऐसे कार्यक्रमों में सामूहिक भागीदारी और स्थानीय सहयोग की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।

हालाँकि, मालवीय नगर करौंदी में इस परंपरा की शुरुआत, इसके संस्थापक आयोजकों और पुराने आयोजनों के स्वरूप से संबंधित विस्तृत दस्तावेज उपलब्ध नहीं हैं। इसलिए इस आयोजन की अवधि या प्राचीनता को लेकर निश्चित दावा करना उचित नहीं होगा।

*मुरकुंडा के हाई स्कूल मैदान में रावण दहन*

मुरकुंडा क्षेत्र में हाई स्कूल मैदान में विजयादशमी के अवसर पर रावण दहन आयोजित होने का उल्लेख एक रिपोर्ट में मिलता है। यह मैदान इस अवसर पर स्थानीय लोगों के जुटने का एक प्रमुख स्थान बनता है।

रावण दहन की परंपरा के माध्यम से यहाँ भी भगवान श्रीराम की विजय और बुराई पर अच्छाई के संदेश को याद किया जाता है। ऐसे आयोजन नई पीढ़ी को भारतीय धार्मिक कथाओं, परंपराओं और सांस्कृतिक मूल्यों से परिचित कराने में योगदान देते हैं।

मुरकुंडा में रावण दहन की शुरुआत का वर्ष तथा आयोजन के शुरुआती स्वरूप के बारे में फिलहाल पर्याप्त प्रमाणित जानकारी उपलब्ध नहीं है।

*टोटो ग्राम में रावण दहन की परंपरा*

गुमला जिले के टोटो ग्राम में भी विजयादशमी के अवसर पर रावण दहन होने का उल्लेख एक स्थानीय रिपोर्टों से मिलता है। यह आयोजन जिले में दशहरा उत्सव की व्यापकता को दर्शाता है।

टोटो में रावण दहन की शुरुआत कब हुई और शुरुआती वर्षों में इसे किस प्रकार आयोजित किया जाता था, इसकी प्रमाणित जानकारी अभी सीमित है।

 

*रावण दहन का धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व*

रावण दहन की परंपरा का मूल संदेश बुराई पर अच्छाई की जीत है। रामायण की कथा के अनुसार, भगवान श्रीराम ने रावण का वध करके अधर्म पर धर्म की विजय स्थापित की। इसी घटना की स्मृति में विजयादशमी के अवसर पर देश के अनेक हिस्सों में रावण के पुतले का दहन किया जाता है।

राम भक्तों के लिए

विजयादशमी पर गुमला जिला मुख्यालय सहित जिले के विभिन्न क्षेत्रों में निकली भव्य शोभायात्रा, नम आँखों से माँ दुर्गा को दी गई विदाई

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गुमला न्यूज ब्यूरो प्रमुख – गणपत लाल चौरसिया 

गुमला सिसई रोड स्थित छठ तलाब सहित जिले के विभिन्न क्षेत्रों के नदी,तालाबों और जलाशयों में मां दुर्गे की मूर्ति विसर्जन किया गया

गुमला : – गुमला जिला मुख्यालय सहित विभिन्न क्षेत्रों में विजयादशमी के पावन अवसर पर भव्य एंव विशाल शोभायात्रा निकाली गई। इस दौरान श्रद्धा, भक्ति और आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिला। माँ दुर्गा की प्रतिमाओं के विसर्जन के अवसर पर श्रद्धालुओं ने पूरे भक्तिभाव के साथ भाग लिया और नम आँखों से माँ दुर्गा को विदाई दी।

*भक्ति और आस्था से सराबोर रहा माहौल*

शोभायात्रा के दौरान पूरा वातावरण माँ दुर्गा के जयकारों से भक्तिमय हो उठा और पूरा क्षेत्र विभिन्न नारों से गूंजेमन हुआ । श्रद्धालुओं ने माँ के प्रति अपनी अटूट आस्था व्यक्त करते हुए मां दुर्गा की भव्य विशाल विसर्जन जुलूस यात्रा में मां भक्तों ने अपनी सहभागिता निभाई। उत्सव के दौरान लोगों में जहाँ एक ओर नवरात्र दुर्गा पूजा त्यौहार की उमंग दिखाई दी, वहीं दूसरी ओर माँ की विदाई को लेकर मां भक्तों में भावुकता भी देखने को मिली।

*नम आँखों से दी माँ दुर्गा को विदाई*

नवरात्र दुर्गा पूजा त्योहार के दौरान सनातनी हिंदू धर्मलंबियों ने अपनी भक्ति भाव से माँ नवदुर्गे नवरात्र की पूजा-अर्चना करते हुए श्रद्धालु धन्य हो गए, विजयादशमी दुर्गा पूजा का दिन विशेष महत्व रखता है। इसी दिन माँ को विदाई देने की परंपरा के तहत भक्तों ने उनसे सुख, शांति, समृद्धि और खुशहाली की कामना की और महिला मां भक्तों ने सिंदूर खेला और माँ दुर्गा की प्रतिमाओं के विसर्जन के साथ ही दुर्गा पूजा महोत्सव का समापन हुआ।
मां दुर्गे की विदाई के इस भावुक पल में श्रद्धालुओं ने माँ से अगले वर्ष पुनः आगमन की प्रार्थना की। भक्तों की आस्था और भावनाओं ने इस अवसर को और भी यादगार बना दिया।

*सामाजिक एकता और सनातनी हिंदू धर्मलंबियों की सांस्कृतिक परंपरा का संदेश*

गुमला जिला मुख्यालय सहित पूरे जिले में आयोजित शोभायात्रा धार्मिक आस्था के साथ-साथ सामाजिक एकता और सांस्कृतिक परंपराओं का भी प्रतीक रही। ऐसे धार्मिक आयोजन समाज के विभिन्न वर्गों के लोगों को एक साथ जोड़ते हैं और आपसी सद्भाव की भावना को मजबूत करते हैं।

*गुमला जिला प्रशासन के उपायुक्त दिलेश्वर महतो – गुमला जिला पुलिस प्रशासन के पुलिस कप्तान हारिस बिन जामां ने शांतिपूर्ण माहौल में नवरात्र दुर्गा पूजा त्योहार को संपन्न कराने में हम भूमिका निभाई*

नवरात्र दुर्गापूजा के अवसर पर जिला प्रशासन के गुमला उपयुक्त दिलेश्वर महतो एंव जिला पुलिस प्रशासन के गुमला पुलिस कप्तान हारिस बिन जामां ने अपने – अपने संबंधित विभागों पर कड़ी निगरानी रखते हुए, उनके दिशा निर्देश पर गुमला जिला मुख्यालय सहित समस्त गुमला जिला के संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष नजर रखते हुए, पर्याप्त संख्या में मजिस्ट्रेट – पुलिस पदाधिकारी – महिला – पुरुष सशस्त्र बलों की नियुक्ति करते हुए, और दिशा निर्देश देते हुए, गुमला जिला मुख्यालय सहित जिले के विभिन्न चौक चौराहा पर, मजिस्ट्रेट – पुलिस पदाधिकारी – महिला – पुरुष सशस्त्र बलों और ट्रैफिक पुलिस ने अपने अपने कर्तव्यों का निर्वाह किया और शांतिपूर्ण माहौल में दुर्गा पूजा संपन्न कराने में अहम् भूमिका निभाई है l

राम भक्तों के लिए

गोमिया और आईईएल में धूमधाम से हुआ रावण दहन, उमड़ा जनसैलाब

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News – Kahkashan Farooqi 

गोमिया विधायक सह मंत्री योगेंद्र प्रसाद और ओरिका कंपनी के जीएम अभिषेक ने किया रावण दहन, सुरक्षा को लेकर मुस्तैद रहा पुलिस-प्रशासन

गोमिय ___विजयादशमी के अवसर पर गोमिया और आईईएल में रावण दहन कार्यक्रम धूमधाम से आयोजित किया गया। दोनों स्थानों पर रावण दहन देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग जुटे। इस दौरान असत्य पर सत्य की जीत का संदेश दिया गया। पर्व को लेकर लोगों में खासा उत्साह देखने को मिला, वहीं पुलिस-प्रशासन सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सतर्क रहा।
गोमिया में मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने किया रावण दहन
गोमिया में आयोजित रावण दहन कार्यक्रम में झारखंड सरकार के पेयजल एवं स्वच्छता तथा उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग के मंत्री सह गोमिया विधायक योगेंद्र प्रसाद ने रावण के पुतले का दहन किया। इस अवसर पर मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने कहा कि विजयादशमी असत्य पर सत्य की जीत का प्रतीक है। उन्होंने सभी लोगों को विजयादशमी की शुभकामनाएं दीं।
इस मौके पर मंत्री के निजी सहायक अशरफ अली, गोमिया प्रतिनिधि अमित पासवान सहित उनके कई कार्यकर्ता और समर्थक मौजूद रहे। रावण दहन देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचे और पूरे उत्साह के साथ विजयादशमी का पर्व मनाया।
आईईएल में ओरिका कंपनी के जीएम अभिषेक ने किया रावण दहन
आईईएल फुटबॉल ग्राउंड में ओरिका कंपनी के सौजन्य से प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष भी भव्य रावण दहन कार्यक्रम आयोजित किया गया। कंपनी के जीएम अभिषेक ने रावण दहन किया। पुतले में आग लगते ही मैदान जय श्रीराम के जयघोष से गूंज उठा। आईईएल सहित गोमिया और आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग रावण दहन देखने पहुंचे।
ओरिका कंपनी के जीएम अभिषेक ने कहा कि विजयादशमी बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। कंपनी की ओर से हर वर्ष दुर्गापूजा और रावण दहन का आयोजन किया जाता है, ताकि क्षेत्र के लोग मिल-जुलकर पर्व मना सकें। उन्होंने लोगों से आपसी भाईचारे, शांति और सौहार्द के साथ त्योहार मनाने की अपील की।
सुरक्षा व्यवस्था को लेकर अलर्ट रहा पुलिस-प्रशासन
दोनों स्थानों पर रावण दहन के दौरान उमड़ी भीड़ को देखते हुए पुलिस-प्रशासन सतर्क रहा। आयोजन स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने और विधि-व्यवस्था कायम रखने के लिए पुलिसकर्मी मुस्तैद रहे। प्रशासन की निगरानी के बीच कार्यक्रम शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ।
आईईएल में ओरिका कंपनी के सौजन्य से प्रत्येक वर्ष दुर्गापूजा का आयोजन भव्य रूप से किया जाता है। पूजा के दौरान डांडिया सहित विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित होते हैं। यही वजह है कि आईईएल का दुर्गापूजा उत्सव आसपास के क्षेत्रों के लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बना रहता है। खासकर रावण दहन देखने के लिए हर वर्ष बड़ी संख्या में लोग यहां पहुंचते हैं। इस वर्ष भी गोमिया और आईईएल में विजयादशमी का पर्व उत्साह और उल्लास के साथ मनाया गया।

राम भक्तों के लिए

हुक्मरान को याद रखना चाहिए कि लोकतंत्र किसी राजा का राजदरबार नहीं, जहां सिंहासन से सिर्फ़ फरमान जारी हो और अवाम सजदा करे !

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आधुनिक तकनीकी दौर में RRS और साहेब के ‘झूठों’ को पचाना अब आसान नहीं

अब वह दौर नहीं है. आप एक झूठ परोसेंगे तो, होलोमार्क, इंटरनेट, गुगल, जेमनाई, चैटजीपीटी, ग्रोक, फेसबुक व्हाट्स एप AI जैसे सैकड़ों प्लेटफार्म से वह झूठ पकड़ा जाता है. इसीलिए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का आगे की राह आसान नहीं है. क्योंकि उसकी आत्मा ही झूठ और फरेब है।

दरअसल, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का अस्तित्व दरअसल झूठ के आधार पर टिका हुआ है वह झूठ को सीधे-सीधे झूठ बताकर लोगों में नहीं परोसती थी, यकीं करें कि यदि वह ऐसा करता तो उसका अस्तित्व 1925-26 में ही खत्म हो जाता।

इसीलिए उसने उस झूठ को सच बताकर लोगों को परोसा और इसके लिए उसने पी एन ओक और उनके जैसे तमाम इतिहासकारों और बुद्धिजीवियों का सहारा लिया. और सबसे आसान उदाहरण दिए मुग़ल बादशाह और मुस्लिम शासकों का. क्योंकि कोई 500-1000 साल पहले जाकर तो सच पता करेगा नहीं, तो उसने झूठे इतिहासकारों को तथ्य बनाकर सच के रूप में लोगों को परोस दिया। उसके मुद्दे इसीलिए दीर्घकालिक इतिहास के होते हैं. नालंदा, खिलजी, बाबर, औरंगजेब वगैरह.

साहेब के झूठ-जुमलों पर एक बेहतरीन मनोरंजक फिल्म बनाई जा सकती है !

अभी हाल फिलहाल में देखें तो नरेंद्र मोदी के ऐसे ही तमाम झूठ पकड़े गए हैं जो पहले नहीं पकड़े जाते थे. लोग यकीं कर लेते थे. जो अब इंटरनेट क्लाउड और AI के दौर में संभव नहीं. उनके द्वारा (2013-2026) में अबतक जितने झूठ-जुमलों की बौछार की गई है. सबको समेट पर एक बेहतरीन मनोरंजक फिल्म बनाई जा सकती है. भले उनकी बायोग्राफी पर बनी फिल्म सुपर फ्लाप हो गई थी, पर उनके जुमलेेेे-झूठ और उनकी मनोरंजक हरकतों पर बनी फिल्म सुपर हिट साबित हो सकती है.

एक फैक्ट चेक से समझिए

उनकी पूर्व शुभचिंतक मधु किश्वर ने बयान दिया कि “नरेंद्र मोदी को गुजरात का मुख्यमंत्री अमेरिका खूफिया एजेंसी CIA ने बनवाया था” तमाम फैक्ट चेकर्स टूल का सहारा लेकर मधु किश्वर के बयान को जब जांचा तो पाया कि 1993 में नरेंद्र मोदी अमेरिकी विदेश विभाग के शैक्षिक और सांस्कृतिक मामलों के ब्यूरो के सहयोग से चलने वाली एक संस्था ACYPL (American Council of Young Political Leaders) में ट्रेनिंग करने के लिए अमेरिका गये थे। और इसके 8 साल बाद अचानक से एक गुमनाम व्यक्ति गुजरात का मुख्यमंत्री बन जाता है जो पहले कभी कोई चुनाव ही नहीं लड़ा, विधायक का छोड़िए सभासद भी नहीं बना।

अब इससे बहुत कुछ साबित भी हुआ और 40 साल भिक्षा मांग कर जीवन‌ जीने का दावा झूठा साबित हुआ. क्योंकि कोई व्यक्ति जन्म लेते ही भिक्षा तो मांगने नहीं लगेगा ? और नरेंद्र मोदी 17 वर्ष में विवाह के बाद घर से भागे. तो 1993 में उनकी उम्र 43 साल की थी जब वह अमेरिका ट्रेनिंग के लिए गये और 17 साल की उम्र से भिक्षा यदि 40 साल मांगी तो उम्र हुई 57 साल. फिर 12 साल पहले अमेरिका कैसे गये ? दरअसल अब फैक्ट चेक ऐसे होते हैं. सब सामने आ जाता है.

लोकतंत्र की छाती पर इससे बड़ा तमाचा क्या होगा कि जिस देश में सोशल मीडिया पर बोलने वाला कल का नौजवान अभिजीत दीपके खुले माइक पर तीखे और अनस्क्रिप्टेड सवालों को झेलने का माद्दा रखता है, जिस देश में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी सैकड़ों बार बिना किसी तय स्क्रिप्ट के पत्रकारों के कड़वे से कड़वे हमलों का सीना तानकर सामना करते हैं. उसी देश में खुद को ‘नॉन-बायोलॉजिकल’, 56 इंची और परमात्मा का भेजा हुआ महामानव बताने वाले हुज़ूर तीसरे कार्यकाल तक पहुँचकर भी एक अदद खुली प्रेस कॉन्फ्रेंस के नाम से कतराते हैं!

ज़रा इतिहास का वो आईना देखिए जिस पर धूल फांकने की कोशिश की जाती है। जिस डॉ. मनमोहन सिंह को पूरी ट्रोल आर्मी ने दिन-रात मौन मोहन कहकर जलील किया, वही शांत अर्थशास्त्री बिना किसी टेलीप्रॉम्प्टर की बैसाखी के देशी और विदेशी पत्रकारों के सबसे तीखे, चुभते और ज़हरीले सवालों के सामने घंटों बैठकर मुस्कुराते हुए जवाब देता था।

हर प्रधानमंत्री ने लोकतंत्र की बुनियादी कसौटी को स्वीकारा व प्रेस के सवालों का सामना किया

पंडित नेहरू से लेकर अटल बिहारी वाजपेयी तक, हर प्रधानमंत्री ने लोकतंत्र की इस बुनियादी कसौटी को स्वीकारा और प्रेस के सवालों का सामना किया। लेकिन आज हमारे सामने एक ऐसा ‘विश्वगुरु’ बैठा है जिसके पास रैलियों में घंटे-घंटे दहाड़ने का दम तो है, मगर देश के चार आज़ाद पत्रकारों की आँखों में आँखें डालकर सच बोलने का कलेजा नहीं है!

यहाँ लोकतंत्र और संवाद की परिभाषा ही बदल दी गई है। संवाद अब दोतरफा जवाबदेही नहीं, बल्कि महीने के एक इतवार को रेडियो पर मन की बात का एकतरफ़ा भाषण थोप देना बन चुका है, जहाँ करोड़ जनता को सिर्फ़ सिर झुकाकर ताली और थाली पीटने वाली मूक भीड़ समझ लिया गया है। और जब कभी दुनिया को यह दिखाने की नौबत आती है कि हुज़ूर भी इंटरव्यू देते हैं, तो स्टूडियो के दरबारी पत्तलकार और फ़िल्मी अभिनेताओं को सोफे पर बिठाकर प्रायोजित तमाशा सजाया जाता है।

सवाल भी ऐसे ऐतिहासिक पूछे जाते हैं कि पत्रकारिता का कलेजा फट जाए—हुज़ूर, आप आम चूसकर खाते हैं या काटकर? आप अपनी जेब में बटुआ रखते हैं या नहीं? और साहब, आप चौबीसों घंटे काम करके भी थकते क्यों नहीं हैं?

पीआर के तिलिस्म का कभी तो अंत होगा…!

आखिर क्या राज़ है इस ऐतिहासिक ख़ौफ़ का ? डर सिर्फ इतना है कि जिस दिन सामने कोई दरबारी नहीं, बल्कि रीढ़ की हड्डी वाला एक बेबाक पत्रकार खड़ा हो गया और उसने अचानक मणिपुर की विभीषिका, चीन की सीमा, करोड़ों बेरोज़गार युवाओं की लाचारी या कॉर्पोरेट मित्रों की लूट पर बिना बताया कोई सवाल उछाल दिया—उस दिन सामने का टेलीप्रॉम्प्टर बुझ जाएगा, पर्चियां बिखर जाएंगी, और बारह सालों से करोड़ों के सरकारी विज्ञापनों पर खड़ा किया गया ‘छप्पन इंची’ पीआर का तिलिस्म एक ही झटके में भरभराकर गिर पड़ेगा!

हुक्मरान को याद रखना चाहिए कि लोकतंत्र किसी राजा का राजदरबार नहीं है जहाँ सिंहासन से सिर्फ़ फरमान जारी हों और अवाम सजदा करे। लोकतंत्र का पहला और अंतिम नियम हुकूमत से सवाल पूछना है। और जिस शासक का सारा ‘दैवीय प्रताप और अजेय आत्मविश्वास आज़ाद प्रेस के चार सीधे सवालों के आगे थरथराने लगे, वो खुद को भले ही विश्वगुरु या भगवान का अवतार बता ले, हकीकत में वो कैमरामैन, कट-पेस्ट इंटरव्यू और टेलीप्रॉम्प्टर के सहारे चलने वाला एक असुरक्षित नेता है

 

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