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Sunday, July 5, 2026
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महिलाओं को सशक्त मंच देने की दिशा में पहल, नारी अदालत योजना को लेकर बैठक आयोजित

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न्यूज – गणपत लाल चौरसिया

गुमला : – गुमला उपायुक्त प्रेरणा दीक्षित की अध्यक्षता में समाहरणालय स्थित कार्यालय कक्ष में नारी अदालत योजना के क्रियान्वयन को लेकर बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिला समाज कल्याण पदाधिकारी , सिसई प्रखंड विकास पदाधिकारी, सहित संबंधित विभागों के पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित थे।

बैठक का मुख्य उद्देश्य नारी अदालत योजना को जिले में प्रभावी रूप से लागू करने तथा महिलाओं से जुड़े मामलों के समाधान के लिए एक सशक्त एवं सुलभ मंच तैयार करना है। इस दौरान नारी अदालत की कार्यप्रणाली, संचालन व्यवस्था तथा ग्राम स्तर पर इसकी प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर विस्तृत चर्चा की गई।
बैठक में नारी अदालत योजना के क्रियान्वयन हेतु चयनित ग्राम पंचायत को जिला स्तर पर अनुमोदित किया गया। इसके तहत गुमला जिले के सिसई प्रखंड अंतर्गत लखिया पंचायत में नारी अदालत का आयोजन किया जाएगा, जहाँ महिलाओं से जुड़े विभिन्न सामाजिक एवं पारिवारिक मामलों के समाधान के लिए एक सुलभ मंच उपलब्ध कराया जाएगा।
उपायुक्त प्रेरणा दीक्षित ने कहा कि नारी अदालत महिलाओं को घरेलू हिंसा, पारिवारिक विवाद, संपत्ति से जुड़े मुद्दों तथा अन्य सामाजिक समस्याओं के समाधान के लिए एक महत्वपूर्ण वैकल्पिक मंच प्रदान करती है। इससे महिलाओं को अपनी समस्याओं को सहजता से रखने और न्याय प्राप्त करने का अवसर मिलेगा।
उन्होंने संबंधित पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि नारी अदालत के माध्यम से महिलाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक किया जाए तथा पंचायत स्तर पर अधिक से अधिक महिलाओं को इस मंच से जोड़ने के लिए जागरूकता अभियान भी चलाया जाए, ताकि महिलाएं सशक्त होकर अपने अधिकारों के प्रति सजग बन सकें।

राम भक्तों के लिए

गुमला में नीति आयोग की समीक्षा बैठक, औरापाठ गांव का किया भ्रमण

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न्यूज – गणपत लाल चौरसिया

गुमला : – गुमला भ्रमण पर आए नीति आयोग के उप सचिव अरविंद कुमार एवं हेमन्त कुमार की अध्यक्षता में समाहरणालय सभागार में आकांक्षी प्रखंड कार्यक्रम (एबीपी) की समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई। बैठक के पश्चात अधिकारियों ने औरापाठ गांव का क्षेत्र भ्रमण कर योजनाओं की प्रगति का निरीक्षण किया तथा लाभुकों से मुलाकात कर आवश्यक निर्देश दिए।

बैठक के दौरान गुमला जिले में चल रहे विकास कार्यों और आधारभूत संरचना से जुड़े विभिन्न पहलुओं की समीक्षा की गई। नीति आयोग के तहत संचालित आकांक्षी प्रखंड कार्यक्रम के अंतर्गत स्वास्थ्य, पोषण, शिक्षा, कृषि, समाज कल्याण, आधारभूत संरचना, पेयजल, इंफ्रास्ट्रक्चर तथा फाइनेंशियल इंक्लूजन सहित विभिन्न क्षेत्रों की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की गई। साथ ही कार्यक्रम के तहत संचालित योजनाओं की प्रगति और उनके प्रभाव पर विस्तार से चर्चा की गई।

समीक्षा के क्रम में आकांक्षी प्रखंड कार्यक्रम के अंतर्गत निर्धारित 39 संकेतकों (इंडिकेटर्स) में से कम प्रदर्शन वाले संकेतकों पर विशेष चर्चा की गई। अधिकारियों ने योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर देते हुए नियमित रूप से डेटा अपडेट करने और प्रगति की सतत निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

आधारभूत संरचना की समीक्षा के दौरान आकांक्षी प्रखंड में इंटरनेट कनेक्टिविटी की स्थिति पर भी चर्चा की गई। अधिकारियों ने कहा कि विकास कार्यों के प्रभावी संचालन के लिए बेहतर इंटरनेट सुविधा आवश्यक है। इसके साथ ही फाइनेंशियल इंक्लूजन के तहत मुद्रा ऋण योजना की प्रगति की भी जानकारी ली गई और निर्देश दिया गया कि पात्र लाभुकों तक योजना का लाभ सुनिश्चित किया जाए तथा इसकी नियमित समीक्षा की जाए।

बैठक में आंगनबाड़ी केंद्रों में उपलब्ध आधारभूत सुविधाओं पर भी चर्चा हुई। अधिकारियों ने पेयजल और शौचालय की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इसके अतिरिक्त आकांक्षी प्रखंड डुमरी में संचालित विकासात्मक कार्यों की भी विस्तार से समीक्षा की गई।

इसके पश्चात अधिकारियों ने औरापाठ गांव का भी भ्रमण किया, जो कि नीति आयोग तथा पीएम जनमन योजना के अंतर्गत एक मॉडल गांव के रूप में विकसित किया जा रहा है। भ्रमण के दौरान गांव में केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की जमीनी स्थिति का अवलोकन किया गया। अधिकारियों ने गांव के लाभुकों से सीधे संवाद कर उन्हें प्राप्त हो रहे लाभों की जानकारी ली तथा संबंधित विभागों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि सभी पात्र लाभुकों तक योजनाओं का लाभ समय पर और पारदर्शी तरीके से पहुंचे। साथ ही गांव में संचालित आधारभूत सुविधाओं, आजीविका गतिविधियों और सामाजिक विकास से जुड़े कार्यक्रमों का भी जायजा लिया गया।

इस दौरान आधार कार्ड और बैंकिंग सेवाओं से संबंधित शिविर आयोजित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही अधिकारियों ने स्कूलों, आंगनबाड़ी केंद्रों और गांवों का दौरा कर योजनाओं के क्रियान्वयन की स्थिति का जायजा लिया।

बैठक में उप विकास आयुक्त, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी, जिला शिक्षा अधीक्षक, जिला शिक्षा पदाधिकारी, जिला कृषि पदाधिकारी, जिला पशुपालन पदाधिकारी, जिला कौशल विकास पदाधिकारी, कार्यपालक अभियंता (पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल), जिला योजना पदाधिकारी, जिला कल्याण पदाधिकारी, डीपीएम जेएसएलपीएस, (PPIA फेलो), (AB फेलो), (PPIA फेलो), पिरामल फाउंडेशन की टीम, प्रदान प्रतिनिधि तथा अन्य संबंधित पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित थे।

राम भक्तों के लिए

जनगणना-2027 की तैयारियों को लेकर बैठक आयोजित

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न्यूज – गणपत लाल चौरसिया

गुमला : – गुमला जिला मुख्यालय के समाहरणालय सभागार, गुमला में जनगणना-2027 की तैयारियों को लेकर समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में अपर समाहर्ता सह जिला जनगणना पदाधिकारी द्वारा सभी प्रखंडों के सहायक चार्ज पदाधिकारियों के साथ प्रखंड स्तर पर चल रही तैयारियों की समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए तथा जनगणना कार्य के दौरान आने वाली व्यवहारिक समस्याओं एवं उनके समाधान पर चर्चा की गई।

जिला सांख्यिकी पदाधिकारी सह अवर जनगणना पदाधिकारी ने HLB क्रियेशन एवं उससे संबंधित आवश्यक सावधानियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। वहीं जिला शिक्षा पदाधिकारी सह उप जिला जनगणना पदाधिकारी ने विद्यालयों के शिक्षकों को प्रगणक एवं पर्यवेक्षक के रूप में प्रतिनियुक्त किए जाने से संबंधित महत्वपूर्ण बिंदुओं पर प्रकाश डाला।
बैठक में अपर समाहर्ता, जिला शिक्षा पदाधिकारी, सभी प्रखंडों के बीपीओ, सहायक चार्ज पदाधिकारी तथा जिला जनगणना कोषांग के कर्मी उपस्थित थें.l

राम भक्तों के लिए

गुमला में खाद्य सुरक्षा विभाग की सघन जांच

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न्यूज – गणपत लाल चौरसिया

गुमला : – गुमला जिला मुख्यालय में जनस्वास्थ्य की सुरक्षा एवं खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुपालन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उपायुक्त प्रेरणा दीक्षित के निर्देश पर आज खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी प्रकाश चंद्र गुग्गी के नेतृत्व में गुमला शहर के विभिन्न खाद्य प्रतिष्ठानों एवं आइसक्रीम निर्माण इकाइयों में सघन निरीक्षण अभियान चलाया गया।

निरीक्षण के दौरान मेसर्स नसीम होटल, मेसर्स मो. साहिद एवं मेसर्स जय माता आइसक्रीम सहित अन्य प्रतिष्ठानों की जांच की गई। जांच के क्रम में एक आइसक्रीम निर्माण इकाई में आइसक्रीम में सैक्रिन का प्रयोग पाया गया, जिस पर संबंधित आइसक्रीम को मौके पर ही नष्ट करा दिया गया तथा संचालकों को भविष्य में प्रतिबंधित पदार्थों का प्रयोग नहीं करने की सख्त चेतावनी दी गई।
इसके अलावा नसीम होटल में साफ-सफाई में सुधार करने तथा खाद्य पदार्थों के निर्माण के दौरान एप्रन, ग्लव्स एवं हेडगियर के उपयोग के निर्देश दिए गए। खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी ने कहा कि खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

राम भक्तों के लिए

निजी आवासीय निर्मित घरों में , जरूरतमंद किरदारों से , घर, दुकान और बिजली बिल के नाम पर मनमाना अवैध वसूली की जा रही है

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न्यूज – गणपत लाल चौरसिया 

कुटीर उद्योग मैं परिवर्तित हो चुका है किराए का मकान

गुमला : – गुमला जिला मुख्यालय एवं आसपास के क्षेत्र में घर मालिकों द्वारा कभी भी किसी भी वक्त घर से निकलने की धमकी देखकर, अवैध किराए के वसूली की जाती हैं,और निजी आवासीय टैक्स दिया जा रहा हैं, और निजी आवास में कमर्शियल विभागीय कार्यालय और दुकान के रूप में किराया किराए पर मकान उपलब्ध कराई जाती है, क्योंकि
संबंधित विभाग के लोगों से मिली भगत और सांठगाठ कर प्रत्येक वर्ष, नए एग्रीमेंट में 10% बढ़ोतरी कर अवैध किराया वसूला जा रहा हैं और नगर परिषद का राजस्व टैक्स की चोरी की जा रही है, देखन हारा कोई नहीं, *गुमला उपयुक्त प्रेरणा दीक्षित से भुक्तभोगी किराएदारों ने न्याय की गुहार लगाई है*
गुमला नगर परिषद् की अक्रमण्यता एवं कार्य शिथिलता के कारण, जिला मुख्यालय गुमला एंव आसपास के क्षेत्रों में ज्वलंत मुद्दा यह हैं की विभिन्न व्यक्तियों द्वारा निजी आवास ( रेजिडेंशियल ) मकान बनाकर और जरूरतमंद किरायेदारों को ऑफिस, आवास दुकान और बिजली उपलब्ध कराकर , सरकारी रेट नहीं बल्कि नाजायज और अवैध रूप से किराया की वसूली की जा रही है, आवास मालिकों द्वारा अपने निजी आवासों को किराए पर उपलब्ध कराकर मनमाने ढंग से प्रारंभिक किराया जिसमें, मात्र एक छोटा हॉल दो छोटा – छोटा मुश्किल से 12 / 12 का रूम, एक बाथरूम और एक किचन का किराया मनमानी ढंग से, एक वर्ष का एग्रीमेंट कराकर 6,000 रुपया वसूला जा रहा है तो कही कही ₹8000 तक अवैध किराया वसूला जा रहा है जो सरासर गलत और नाजायज है, पर तत्काल जिला प्रशासन और संबंधित विभाग द्वारा कड़ी कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए, क्योंकि तत्काल अपने प्रभाव से घर मालिक द्वारा उक्त घर से निकाल देने की ब्लैकमेलिंग करते हुए नाजायज पैसे की असली की जा रही है,और तो और गुमला नगर परिषद क्षेत्रीय में आसपास के क्षेत्र में आवासीय टैक्स देखकर कमर्शियल परिसर कार्यालय और दुकान का मनमाना किराया वसूल जा रहा हैं और नगर परिषद गुमला का राजस्व की चोरी की जा रही है, और प्रत्येक वर्ष अलग से 10% किराया बढ़ाया जा रहा है , फलस्वरुप उक्त किराये के मकान और दुकान में रह रहे किराएदारों को मजबूर होकर घर, दुकान के किराये के अलावे ₹7 पर यूनिट के हिसाब से बिजली बिल का भुगतान भी अलग से किया जा रहा है, फिर भी कमला की बात यह है कि नगर परिषद गुमला मूकदर्शक बनी हुई है और गुमला नगर परिषद और बिजली विभाग के संबंधित लोगो के बिना साठगांठ से यह यह संभव ही नहीं है, तभी तो दशकों से उक्त अवैध धंधा फल फूल रहा है,और भुक्त भोगी किराएदार को समय-समय पर घर से निकाल देने की धमकी भी दी जाती है, किराएदार जाए तो जाए कहाँ, किराएदारों ने गुमला जिला प्रशासनिक अधिकारी गुमला उपयुक्त प्रेरणा दीक्षित से न्याय की गुहार लगायी हैं क्योंकि मार्च माह में प्रत्येक वर्ष की भाती, इस वर्ष भी नए एग्रीमेंट में कराया बढ़ाया जाएगा और मनमाना अवैध किराया और बिजली बिल का अधिक पैसा वसूला जाएगा, अतः जिला प्रशासन उपयुक्त गुमला एवं नगर परिषद गुमला द्वारा आवासीय किराया आवास, दुकान और बिजली बिल का दर का सरकारी रेट सुनिश्चित करते हुए, संबंधित किरायेदारों को उक्त जानकारी उपलब्ध कराया जाय , ताकि संबंधित आवास मलिक द्वारा आवास दुकान और बिजली बिल का अवैध पैसा किराएदारों से वसूला ना जा सके l

राम भक्तों के लिए

‘श्री वैद्यनाथ पञ्चांग’ के 14 वर्ष के पूर्ण होने पर हुई सभा, अखिल भारतीय तीर्थपुरोहित महासभा के वक्ताओं ने कहा-देवघर का पंचाग पूरे भारत का नंबर वन पंचाग होगा

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देवघर : पञ्चांग समिति द्वारा शिवगंगा तट स्थित सार्वजनिक भारती पुस्तकालय में मंगलवार को ‘श्री वैद्यनाथ पञ्चांग’ के 14 वर्ष के पूर्ण होने पर एक आभार सभा का आयोजन किया गया। आभार सभा में पंडा धर्मरक्षिणी सभा के अध्यक्ष प्रो. डॉ. सुरेश भारद्वाज, पूर्व महामंत्री दुर्लभ मिश्रा, वर्तमान महामंत्री निर्मल झा  ‘मंटू’ मंत्री अरूणा नंद झा, वरीय उपाध्यक्ष चन्द्रशेखर खवाड़े, उपाध्यक्ष संजय मिश्रा, पर्यावरणविद रजत मुखर्जी, शिक्षक रूपेश मिश्रा, बिहारी मिश्रा, वरिष्ठ पत्रकार और लेखक सुशील भारती, अखिल भारतीय तीर्थपुरोहित महासभा के पन्नालाल मिश्र सहित कई प्रबुद्ध नागरिक ने अपने-अपने सुझाव व विचार रखे।

कार्यक्रम की अध्यक्षता पूर्व महामंत्री दुर्लभ मिश्रा ने जबकि संचालन टुन्नू खवाड़े ने किया। कार्यक्रम में श्री वैद्यनाथ पञ्चांग समिति के संरक्षक वरिष्ठ पत्रकार सुशील भारती व अध्यक्ष राजेश झा द्वारा आगत अतिथियों का स्वागत चादर ओढ़ा व रूद्राक्ष माला पहना व पञ्चांग भेट कर किया गया। अपने संबोधन में संरक्षक सुशील भारती ने कहा कि यह कार्यक्रम संक्षिप्त है लेकिन महत्वपूर्ण है। यह फिसलन काल है इसके बावजूद देवघर के प्रमोद श्रृंगारी व उनकी टीम के हौसले को सलाम करता हूं जिन्होंने इस उत्तरदायित्व को समझ कार्य का बीड़ा उठाया। पंडा धर्मरक्षिणी सभा के उपाध्यक्ष संजय मिश्रा ने इस क्षण को देवघरवासियों के लिये सुखद क्षण बताते हुए कहा कि आज इस पञ्चांग की बहुत ही जरूरत है देवघर वासियों के लिये खासकर जो देवघर से बाहर रहते हैं।

अरुणा नंद झा ने कहा कि सभा के सभी पदाधिकारी ने पंचाग के लिए सहमति दी, गर्व की बात है कि आज सभी पंचागों में इस पंचाग ने अपनी उपयोगिता साबित करा लिया। सर्वत्र पंचाग की तारीफ की जाती है। चन्द्रशेखर खवाड़े ने कहा कि वैद्यनाथ नाम से 14 शिवालय देश में है, ऐसे में कुछ विशेष होना यहां की बातों को मजबूती के साथ, तर्क के साथ रखा तो यह मानना पड़ा कि यही वैद्यनाथ है। बाकी उन्होंने कुछ सुझाव दिए जिसे स्वीकार भी कर लिया गया। रजत मुखर्जी ने कहा कि बंगला में तो बहुत पंचाग है लेकिन हिंदी में नहीं था, इस पंचाग को लाने वाली टीम को साधुवाद। रजत मुखर्जी ने अपनी एक कलाकृति दुर्लभ मिश्रा को सौंपा। पन्नालाल मिश्रा ने कहा कि देवघर आनेवाले तीर्थ यात्रियों को अब तीर्थ पुरोहित आसानी से शुभ मुहूर्त आदि बता देते हैं।

निर्मल मंटू ने कहा कि खुशी की बात है कि मुझे बोलने का मौका मिला, पंचाग की सोच को नमन करता हूँ कि महज 14 वर्षों में हर घर में पहुंच बना लिया। उन्होंने कहा अर्थ के बिना कुछ भी संभव नहीं है, जैसे टीम के संज्ञान में आया, सभा ने सहयोग किया आगे भी करेगी। उन्होंने टीम को पंचाग को और वृहद करने का आह्वान करते हुए कहा कि आप व्यापक रूप पर चिंतन कीजिए सभा आपके साथ हर पल तैयार है।

पंचांग पाणिनी की देन : दुर्लभ मिश्रा 

दुर्लभ मिश्रा ने पंडा धर्मरक्षिणी सभा को धन्यवाद का पात्र बताते हुए कहा कि पंचाग को पाणिनी की देन बताया दिन तिथि राशि नक्षत्र सूर्य चंद्र की गति की विस्तृत जानकारी होती है। उन्होंने कहा पुरोहित कर्म कर रहे हैं तो अनिवार्य रूप से पंचाग की जानकारी होनी चाहिए। राज्य स्तर का एकमात्र पंचाग है राज्य सरकार से भी इसका संपोषण होना चाहिए। सुझाव देते हुए कहा कि सूर्योदय काल की गणना देवघर से हो तो अच्छा रहेगा तो गणना सटीक निकलेगा। वह दिन दूर नहीं कि यह पंचाग पूरे भारत का नंबर वन पंचाग होगा

अंत में शुभकामनाएं देते हुए उज्ज्वल भविष्य की कामना की। संपादक प्रमोद श्रृंगारी ने पंचाग को बाबा की कृपा बताते हुए अपनी परेशानियां को रखते हुए कहा कि जो बातें छन के आई मुझे लगा कि हम लोग सही रास्ते जा रहे हैं, चाहते हैं कि इसका वृहद रूप में लाया जाए जिसमें की सभी मंदिरों की साक्ष्य के साथ जानकारी हो। पुरोहित के लिए विभिन्न संस्कारों के लिए मंत्र हो ताकि पुरोहित कर्म करने वालों को लाभ मिल सके। अगर सभा चाहेगी तो बहुत सुधार हो सकता है, सहयोग दें।

प्रो.डॉ. सुरेश भारद्वाज ने कहा कि 14 वर्ष हो गए इसके लिए प्रमोद श्रृंगारी को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि प्रमोद श्रृंगारी ने संपर्क कर सहयोग मांगा जिसका इंतजार हम वर्षों से कर रहे थे, सुझाव देते हुए कहा कि अगला संस्करण निकले तो पंडा धर्मरक्षिणी सभा के इतिहास से वर्तमान तक समेटे हुए हो। साथ ही शिवनाथ बलियासे को नमन करते हुए कहा कि इस पंचाग से उनके नाम को जोड़ा जाए ताकि लोगों के दिलों में उनकी स्मृति ताजा रहे। उन्होंने कहा कि धार्मिक स्थल पर पंचाग की जरूरत ज्यादा है इसलिए जरूरी समझ कर सभा ने आत्मसात किया। लेकिन पॉकेट एडिशन का वकालत करते हुए कहा साइज यही हो तो आसान हो जाता है। अंत में धन्यवाद ज्ञापन अध्यक्ष राजेश झा ने किया।

राम भक्तों के लिए

तुलबुल में सरना स्थल को लेकर विवाद, ग्रामीणों ने एसडीएम को सौंपा आवेदन

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न्यूज – कहकशां फारूकी 

गोमिया__गोमिया प्रखंड के तुलबुल गांव में सरना स्थल को लेकर दो पक्षों के बीच विवाद उत्पन्न हो गया है। मामले को लेकर दर्जनों महिला-पुरुष बेरमो अनुमंडल कार्यालय पहुंचकर अनुमंडल पदाधिकारी मुकेश मछुवा को सैकड़ों हस्ताक्षरयुक्त आवेदन सौंपते हुए संबंधित भूमि को कब्जा मुक्त कराने की मांग की।
ग्रामीणों ने आवेदन में बताया कि वर्षों से उनके पूर्वज तुलबुल में खाता संख्या 86, प्लॉट संख्या 2081 (रकबा 70 डिसमिल) तथा प्लॉट संख्या 1993 (रकबा 1.51 एकड़) स्थित स्थल पर सरना पूजा-अर्चना करते आ रहे हैं। यह स्थान गांव का पारंपरिक सरना स्थल रहा है, जहां आदिवासी समुदाय के लोग हर वर्ष धार्मिक अनुष्ठान करते हैं।
ग्रामीणों का आरोप है कि पिछले वर्ष से तुलबुल के टोला मेरलघुटू निवासी बदन मांझी (पिता स्व. सूर्यलाल मांझी), बिहारी मांझी, सानू मरांडी एवं अन्य लोगों द्वारा उक्त भूमि पर अपना दावा किया जा रहा है। साथ ही वहां घर निर्माण कार्य भी शुरू कर दिया गया है, जिससे विवाद की स्थिति उत्पन्न हो गई है।
मामले की जानकारी मिलने पर अनुमंडल पदाधिकारी मुकेश मछुवा ने वस्तुस्थिति को देखते हुए अंचल अधिकारी को भूमि की जांच कर रिपोर्ट देने का निर्देश दिया। साथ ही उन्होंने दोनों पक्षों से शांति बनाए रखने तथा आगामी 16 मार्च को आयोजित होने वाले सरहुल महोत्सव को आपसी सद्भाव के साथ धूमधाम से मनाने का अनुरोध किया।
इस मौके पर मांझी बाबा सरना समिति के अध्यक्ष भगवान दास मांझी, शिवलाल सोरेन, बबीता देवी, बाबूचंद सोरेन सहित दर्जनों ग्रामीण उपस्थित थे।

राम भक्तों के लिए

​गुमला में सड़क सुरक्षा को लेकर बड़ी कार्रवाई: वाहन चेकिंग अभियान में वसूला ₹81,000 का जुर्माना

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न्यूज – गणपत लाल चौरसिया 

गुमला : – गुमला जिले में लगातार बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए जिला प्रशासन अब पूरी तरह से एक्शन मोड में आ गया है। मंगलवार को जिला परिवहन पदाधिकारी (DTO) ज्ञान शंकर जायसवाल के नेतृत्व में गुमला-रांची मार्ग पर एक सघन वाहन चेकिंग अभियान चलाया गया। इस अभियान से नियम तोड़ने वाले वाहन चालकों में हड़कंप मच गया।
​जुर्माने के साथ सख्त हिदायत
​अभियान के दौरान यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले विभिन्न वाहनों को रोककर उनकी गहन जांच की गई। इस कार्रवाई के तहत कुल 81,000 रुपये का जुर्माना वसूला गया। डीटीओ ने स्पष्ट किया कि यह अभियान केवल राजस्व संग्रह के लिए नहीं, बल्कि लोगों की जान बचाने के उद्देश्य से चलाया जा रहा है।
​इन नियमों के उल्लंघन पर रही कड़ी नज़र
​परिवहन विभाग की टीम ने मुख्य रूप से निम्नलिखित बिंदुओं पर ध्यान केंद्रित किया:

*​अपूर्ण दस्तावेज: बिना ड्राइविंग लाइसेंस, इंश्योरेंस, फिटनेस परमिट और प्रदूषण प्रमाण पत्र (PUC) के चल रहे वाहनों पर कार्रवाई की गई।*

*मालवाहकों की तेज रफ्तार और ओवरलोडिंग पर प्रहार*
*क्षमता से अधिक माल ढोने वाले ट्रक, हाइवा और पिकअप वाहनों को पकड़ा गया, जो अक्सर बड़ी दुर्घटनाओं का कारण बनते हैं।*
*​अभियान के दौरान डीटीओ ने विशेष रूप से भारी वाहनों और मालवाहकों पर नकेल कसी। उन्होंने सख्त निर्देश दिए कि मालवाहक वाहन चालक सड़कों पर तेज गति (Over-speeding) से गाड़ी न चलाएं। अक्सर देखा जाता है कि ट्रक और हाइवा जैसे वाहन तेज रफ्तार के कारण अपना संतुलन खो देते हैं, जिससे भीषण दुर्घटनाएं होती हैं। टीम ने ऐसे कई वाहनों को रोककर उनके चालकों को चेतावनी दी और ओवर-स्पीडिंग के लिए चालान भी काटा।*

*​प्रेशर हॉर्न का प्रयोग: ध्वनि प्रदूषण फैलाने वाले और प्रतिबंधित प्रेशर हॉर्न व मल्टी-टोन हॉर्न का उपयोग करने वाले चालकों पर शिकंजा कसा गया।*

​”वाहन चेकिंग का उद्देश्य जिले की सड़कों को सुरक्षित बनाना है। नियमों का उल्लंघन न केवल कानूनन अपराध है, बल्कि यह दूसरों की जान को भी जोखिम में डालता है। यह अभियान निरंतर जारी रहेगा।” उन्होंने
​जागरूकता पर भी दिया जोर
​कार्रवाई के दौरान डीटीओ ने केवल चालान ही नहीं काटा, बल्कि स्वयं चालकों को सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक भी किया। उन्होंने चालकों को समझाया कि एक छोटी सी लापरवाही परिवार को भारी नुकसान पहुँचा सकती है। मौके पर उपस्थित लोगों को यातायात के संकेतों और नियमों के पालन की शपथ भी दिलाई गई।

राम भक्तों के लिए

साप्ताहिक जन शिकायत निवारण दिवस में उपायुक्त ने सुनी आमजन की समस्याएँ, त्वरित कार्रवाई के निर्देश

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न्यूज – गणपत लाल चौरसिया 

गुमला : – गुमला उपायुक्त प्रेरणा दीक्षित की अध्यक्षता में आज समाहरणालय सभागार में साप्ताहिक जन शिकायत निवारण दिवस का आयोजन किया गया। इस दौरान जिले के विभिन्न प्रखंडों से आए नागरिकों ने अपनी व्यक्तिगत एवं सामुदायिक समस्याओं से उपायुक्त को अवगत कराया। उपायुक्त ने सभी संबंधित विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्राप्त आवेदनों का निष्पादन प्राथमिकता के आधार पर समयबद्ध एवं संवेदनशीलता के साथ सुनिश्चित किया जाए।
जन शिकायत निवारण दिवस में रायडीह प्रखंड अंतर्गत ग्राम तुलमुंगा, पंचायत सुरसांग के ग्रामीणों द्वारा वीर शहीद पोटो हो खेल योजना के तहत खेल मैदान निर्माण कराने हेतु आवेदन प्रस्तुत किया गया। ग्रामीणों ने बताया कि गाँव में खेल मैदान नहीं होने के कारण बच्चों के शारीरिक एवं मानसिक विकास पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।
रायडीह प्रखंड के ही ग्राम सिलिंगा, पंचायत सुरसांग के ग्रामीणों ने पालामाड़ा नदी पर पुलिया निर्माण कराने की मांग रखी। ग्रामीणों ने बताया कि पुलिया नहीं होने से आवागमन तथा बच्चों को स्कूल जाने में काफी कठिनाई होती है।
रायडीह प्रखंड के ग्राम लालमाटी, पंचायत उपरखंटगा के ग्रामीणों ने लालमाटी से सोकराहातु के बीच सड़क निर्माण कराने हेतु आवेदन दिया। ग्रामीणों ने बताया कि क्षेत्र दुर्गम होने के कारण बरसात के मौसम में आवागमन अत्यंत कठिन हो जाता है, जिससे मरीजों को अस्पताल ले जाने में भी परेशानी होती है।
गुमला प्रखंड के ग्राम छोटा लोरो बैर टोली निवासी करमा उरांव ने अपने द्वारा लगाए गए पेड़-पौधों को क्षति पहुंचाने के मामले में मुआवजा दिलाने हेतु आवेदन प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि पड़ोसी जमीन पर संचालित ईंट भट्ठा के कार्य के दौरान उनके पेड़-पौधों को नुकसान पहुंचाया गया है।
कामडारा प्रखंड के ग्राम विकमा के ग्रामीणों ने एस.पी.जी. प्राथमिक विद्यालय, बिकमा की भूमि पर अवैध कब्जा एवं घेराबंदी रोकने के संबंध में आवेदन दिया। ग्रामीणों ने बताया कि विद्यालय की भूमि पर कब्जा किए जाने से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है।
विशुनपुर प्रखंड के ग्राम कोयनारटोली निवासी गोपाल बड़ाईक, भूतपूर्व हवलदार (16 बिहार रेजिमेंट) द्वारा पेंशन से संबंधित आवश्यक प्रमाण पत्र निर्गत कराने हेतु आवेदन प्रस्तुत किया गया, ताकि उन्हें पेंशन का लाभ प्राप्त हो सके।
घाघरा प्रखंड अंतर्गत सोसो मौजा स्थित रोमन काथलिक मिशन चर्च, सोसो के प्रतिनिधियों द्वारा प्रस्तावित रेलवे लाइन सर्वे को लेकर आवेदन दिया गया, जिसमें धार्मिक एवं शैक्षणिक संस्थानों को प्रभावित होने से बचाने के लिए वैकल्पिक मार्ग पर विचार करने का अनुरोध किया गया।
बसिया प्रखंड के ग्राम रामडीह गरई टोली निवासी बबलू चीक बड़ाइक द्वारा चीक बड़ाइक जाति प्रमाण पत्र निर्गत कराने में हो रही कठिनाइयों के संबंध में आवेदन प्रस्तुत किया गया।
उपायुक्त ने सभी संबंधित विभागों को निर्देशित किया कि व्यक्तिगत आवेदनों पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए तथा प्रत्येक मामले का निष्पक्ष एवं संवेदनशीलता के साथ समाधान किया जाए। उन्होंने कहा कि जन शिकायत निवारण दिवस आमजन की समस्याओं के समाधान का एक महत्वपूर्ण मंच है, जहाँ लोगों की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर सुना और समाधान के लिए आवश्यक पहल की जाती है।

राम भक्तों के लिए

आंगनबाड़ी सेविकाओं के सशक्तिकरण हेतु ECCE प्रशिक्षण, सदर प्रखंड की सेविकाओं को दिया गया विशेष प्रशिक्षण

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न्यूज – गणपत लाल चौरसिया 

गुमला : – गुमला नगर भवन गुमला में आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम में 90 से अधिक सेविकाओं ने लिया भाग, उपायुक्त प्रेरणा दीक्षित रहीं मुख्य अतिथि, उत्कृष्ट कार्य करने वाली तीन सेविकाएं सम्मानित, सेविकाओं के बीच TLM शिक्षण सामग्री का वितरण किया गया,

*गुमला उपयुक्त प्रेरणा दीक्षित ने सभागार में उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कहा की “दुनिया भर के सारे बच्चे हमारे ही हैं, हर बच्चे को अपना समझकर उसकी देखभाल करना ही हमारी सच्ची जिम्मेदारी है।*

गुमला जिले के समस्त आंगनबाड़ी केंद्रों में सकारात्मक बदलाव सुनिश्चित करने तथा बच्चों को सुरक्षित बचपन और गुणवत्तापूर्ण प्रारंभिक शिक्षा से जोड़ने के उद्देश्य से उपायुक्त प्रेरणा दीक्षित के निर्देश पर जिला प्रशासन द्वारा सभी प्रखंडों में प्रारंभिक बाल देखभाल एवं शिक्षा (ECCE) प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। जिसके तहत 5,00 सेविकाओं को प्रारंभिक बाल देखभाल एवं शिक्षा (ECCE) का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम कुल 12 बैचों में आयोजित किया जा रहा है। प्रत्येक बैच में सेविकाओं को तीन दिवसीय प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। प्रशिक्षण कार्यक्रम 5 फरवरी से प्रारंभ होकर 18 मार्च तक जिले के विभिन्न प्रखंडों में चरणबद्ध रूप से संचालित किया जा रहा है।

इसी क्रम में आज गुमला सदर प्रखंड की आंगनबाड़ी सेविकाओं के लिए नगर भवन, गुमला में मुख्य प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में उपायुक्त प्रेरणा दीक्षित शामिल हुईं।
कार्यक्रम में सदर प्रखंड की लगभग 90 से अधिक आंगनबाड़ी सेविकाओं ने भाग लिया। इसके साथ ही विभिन्न प्रखंडों के प्रखंड विकास पदाधिकारी, जिले की महिला पर्यवेक्षिकाएं एवं सीडीपीओ भी कार्यक्रम में उपस्थित रहीं। जिला स्तरीय इस कार्यक्रम का आयोजन जिला समाज कल्याण विभाग द्वारा किया गया, जिसका संचालन जिला समाज कल्याण पदाधिकारी आरती कुमारी द्वारा किया गया।

जिला स्तरीय चयन समिति के अनुमोदन के आलोक में Vikramshila Education Resource Society के माध्यम से यह प्रशिक्षण संचालित किया जा रहा है। प्रशिक्षण कार्यक्रम में संस्था के मुख्य प्रशिक्षक ऋति मुखर्जी, सहायक प्रशिक्षक बर्णा चक्रवर्ती, पिंटू दास, सुमन गोस्वामी एवं प्रशांत महतो भी उपस्थित रहे।

प्रशिक्षण के दौरान सेविकाओं को “नन्हें कदम” पुस्तक सहित आवश्यक शिक्षण सामग्री (TLM) भी उपलब्ध कराई गई।

*कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उपायुक्त प्रेरणा दीक्षित ने कहा* कि छोटे बच्चे मिट्टी की तरह होते हैं, उन्हें बचपन में जो सिखाया जाता है वही उनके व्यक्तित्व का आधार बनता है। इसलिए आंगनबाड़ी सेविकाओं की भूमिका बच्चों के शारीरिक, बौद्धिक और भावनात्मक विकास में अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने सेविकाओं को बच्चों को स्वच्छता की आदतें सिखाने, प्रार्थना एवं सकारात्मक गतिविधियों से जोड़ने तथा डेढ़ वर्ष से अधिक आयु के बच्चों को शारीरिक गतिविधियों में शामिल कराने पर विशेष ध्यान देने की बात कही।
उपायुक्त ने सेविकाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि _“दुनिया भर के सारे बच्चे हमारे ही हैं। हर बच्चे को अपना समझकर उसकी देखभाल करना ही सच्ची जिम्मेदारी है।_” उन्होंने कहा कि जब तक हर सेविका केंद्र में आने वाले बच्चों को अपने बच्चे की तरह नहीं समझेगी, तब तक वास्तविक बदलाव संभव नहीं होगा।

इस अवसर पर उपायुक्त ने उत्कृष्ट कार्य करने वाली तीन आंगनबाड़ी सेविकाओं – आराधना कुजूर (विशुनपुर, कोयनाटोली), अनिमा मिंज (डुमरी, रुद्रपुर) एवं रोस एक्का (रायडीह, भलंडा) को सम्मानित किया। साथ ही सेविकाओं के बीच आवश्यक शिक्षण सामग्री (TLM) का वितरण भी किया गया।
उपायुक्त ने यह भी घोषणा की कि उत्कृष्ट कार्य करने वाली सेविकाओं को प्रोत्साहित करने के लिए प्रत्येक माह 2 से 3 सेविकाओं को प्रोत्साहन राशि एवं प्रशस्ति पत्र देकर देकर सम्मानित किया जाएगा, ताकि सेविकाओं का मनोबल बढ़े और वे और बेहतर कार्य करने के लिए प्रेरित हों।

उपायुक्त ने सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि बच्चों एवं महिलाओं के स्वास्थ्य, पोषण और शिक्षा से संबंधित योजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि यह एक संवेदनशील पहल है और सभी के सामूहिक प्रयास से ही आंगनबाड़ी केंद्रों में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है।

ज्ञात हो कि उपायुक्त प्रेरणा दीक्षित के नेतृत्व में जिले में बच्चों के पोषण और समग्र विकास के लिए कई महत्वपूर्ण पहल की जा रही हैं। “आदि फूल सुपोषित अभियान” के तहत SAM एवं MAM श्रेणी के बच्चों की नियमित निगरानी करते हुए संबंधित अधिकारियों द्वारा होम विजिट के माध्यम से उनके स्वास्थ्य में सुधार के प्रयास किए जा रहे हैं। वहीं “हैबिट चेंज अभियान” के तहत आंगनबाड़ी केंद्रों में स्वच्छता, साफ-सफाई तथा बच्चों में अच्छे व्यवहारिक आदतों के विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसके अलावा उपायुक्त के निर्देश पर आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों का जन्मदिन मनाने की पहल भी की गई है, जिससे बच्चों में आत्मीयता और उत्साह का वातावरण बन रहा है।
प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान सेविकाओं में विशेष उत्साह देखा गया। प्रशिक्षकों ने बताया कि कई आंगनबाड़ी सेविकाएं सुदूरवर्ती क्षेत्रों से 5 से 6 किलोमीटर की दूरी तय कर पैदल प्रशिक्षण में भाग लेने पहुंच रही हैं, जो उनके समर्पण और सीखने की उत्सुकता को दर्शाता है।
जिला प्रशासन द्वारा आंगनबाड़ी सेविकाओं की क्षमता संवर्धन के लिए चलाया जा रहा यह प्रशिक्षण कार्यक्रम जिले के नन्हे बच्चों को बेहतर देखभाल, पोषण और गुणवत्तापूर्ण प्रारंभिक शिक्षा उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हो रहा है।

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