गिरिडीह: बोकारो जिले के नावाडीह प्रखंड की भेंडरा पंचायत के मुखिया नरेश विश्वकर्मा ने दिल्ली के वेबिनार में लोहार समाज की कारीगरी के विकास का फार्मूला बताकर विश्वकर्मावंशियों का दिल जीत लिया है. भेंडरा में शेरशाह के जमाने से ही पारंपरिक ढंग से औजार बनाने का काम चल रहा है. आजादी से लेकर अभी तक किसी भी सरकार ने भेंडरा की लौह कारीगरी पर ध्यान देना मुनासिब नहीं समझा. लेकिन पीएम विश्वकर्मा कौशल सम्मान योजना ने शिल्पकारों में एक नयी उम्मीद जरूर जगा दी है. नरेश विश्वकर्मा ने वेबिनार में अपनी तकरीर में केंद्र सरकार को महत्वपूर्ण सुझाव देकर विश्वकर्मावंशियों की कारीगरी का लोहा मनवाया है. उन्होंने वेबिनार में लौह कारीगरों को प्रमाण पत्र, आधुनिक यंत्र से लैस करने और आर्थिक सहायता प्रदान करने पर जोर दिया है. दिल्ली से लौटने के बाद विश्वकर्मावंशियों और सामाजिक संगठन के लोग नरेश विश्वकर्मा के सम्मान में दो शब्द कहना चाहते हैं. इस कड़ी में गिरिडीह के प्रसिद्ध व्यवसायी और समाजसेवी कन्हैया लाल विश्वकर्मा ने राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से नरेेश विश्वकर्मा को झारखंड में लौह शिल्पकारों की ब्रांडिंग के लिए उनका चयन करने का आग्रह किया है.
‘नरेश ने लौह शिल्पकारों के लिए विकास के द्वार खोले’
गिरिडीह में लंबे समये से व्यवसाय चला रहे कन्हैया लाल विश्वकर्मा ने अपने अनुभव के आधार नरेश विश्वकर्मा के बारे में कहा कि लौहशिल्पकारों की कारीगरी को आज उस मुकाम पर पहुंचा दिया है, जिसकी कल्पना भेंडरा जैसी अतिपिछड़ी पंचायत में किसी ने नहीं की होगी. संयोग से नरेश विश्वकर्मा पहली बार भेंडरा पंचायत का मुखिया भी बना है. एक मुखिया ने दिल्ली में अपनी दिलेरी दिखाकर झारखंड का मान बढ़ा दिया है. श्री विश्वकर्मा ने वेबिनार में जिस ढंग से अपना प्रजेंटेशन दिया है, वह काबिलेतारीफ है. उन्होंने कहा कि दरअसल, नरेश ने लौह शिल्पकारों के लिए विकास का द्वार खोल दिया है. सच कहा जाए तो लौहशिल्पकारों को पीएम विश्वकर्मा कौशल सम्मान योजना के जरिए अपने छोटे से व्यवसाय को बढ़ाने में काफी मदद मिल सकती है.

‘एमपी की तर्ज पर झारखंड में भी विश्वकर्मा कल्याण बोर्ड का गठन हो‘
श्री विश्वकर्मा ने बातचीत के क्रम में कहा कि पीएम विश्वकर्मा कौशल सम्मान योजना को बढ़ावा देने के लिए मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अपने राज्य में विश्वकर्मा कल्याण बोर्ड के गठन की घोषणा कर कई राज्यों को इसके लिए प्रेरित किया है. उन्होंने कहा कि श्री चौहान ने बाकायदा विश्वकर्मा कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष को कैबिनेट मंत्री का दर्जा देने की बात कही है. इसके अलावा बोर्ड के चार सदस्य भी होंगे. इससे समाज की भागीदारी बढ़ेगी और रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे. उन्होंने झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से झारखंड में भी मध्य प्रदेश की तर्ज पर लौहशिल्पकारों के विकास का एजेंडा तैयार करने का आग्रह किया है. उन्होंने कहा कि नरेश विश्वकर्मा ने भेंडरा में छोटे स्तर के कारीगरों को प्रभावित किया है. चूंकि स्थानीय शिल्प के निर्माण और देश के विकास में अहम भूमिका निभाते हैं। इसलिए सीएम को भेंडरा का भ्रमण करना चाहिए. स्किल इंडिया मिशन के तहत झारखंड में ब्रांड प्रचार के लिए नरेश विश्वकर्मा के बारे में भी सीएम को गंभीरता से विचार करना चाहिए.
