31.1 C
Ranchi
Saturday, March 7, 2026
Advertisement
HomeLocal NewsGiridihगिरिडीह में लूट की घटना का हुआ उद्भेदन, दो अपराधियों को पुलिस...

गिरिडीह में लूट की घटना का हुआ उद्भेदन, दो अपराधियों को पुलिस ने दबोचा, चोरी की बाइक भी बरामद, एसपी ने कहा-बैंक ग्राहकों की रैकी कर घटना को देते थे अंजाम

गिरिडीह : गिरिडीह पुलिस ने शनिवार को मकतपुर एसबीआई से रुपये निकाल कर घर लौट रहे मरकच्चो के दंपती से लूट मामले का उद्भेदन कर लिया है। शनिवार को प्रेसवार्ता के माध्यम से एसपी दीपक कुमार शर्मा और डीएसपी संजय राणा के साथ नगर थाना प्रभारी प्रशांत कुमार ने पूरे मामले की जानकारी दी। इस दौरान एसपी ने बताया कि शहर के नटराज चौक में हुए लूट मामले ने नगर थाना पुलिस ने दो अपराधी को दबोचा है। जबकि एक बाइक के साथ एक पैड मोबाइल और गाड़ी की डिक्की तोड़ने वाले औजार को भी बरामद किया है। दोनों अपराधियों के पास से पुलिस ने आठ हजार नगद बरामद किया है। दोनों के पास से जब्त बाइक बजाज पल्सर बाइक भी चोरी की है। इसी चोरी के बाइक से बीते 18 अगस्त को बिहार के कटिहार के कोढ़ा थाना इलाके के जुराबगंज निवासी सिंटू यादव और मनीष यादव ने मिलकर गिरिडीह लूट की घटना को अंजाम दिया था।

दोनों अपराधियों का इंटरस्टेट गिरोह

एसपी श्री शर्मा ने बताया कि दोनों बेहद शातिर अपराधी हैं। दोनों अपराधियों का गिरोह एक इंटरस्टेट गिरोह है। गिरोह में कई और भी अपराधी शामिल हैं, जिन्हें दबोचने का प्रयास किया जा रहा है। बताया कि गिरोह का कार्यक्षेत्र गिरिडीह के साथ-साथ देवघर समेत अन्य कई जिले हैं। बताया कि कटिहार के कोढ़ा थाना इलाके के इस गिरोह के कुछ अपराधी पहले भी गिरिडीह में कुछ घटनाओं में जेल जा चुके हैं। इसमें सिंटू यादव के भी शामिल होने की बात सामने आई है। लेकिन सिंटू यादव देश की राजधानी दिल्ली के बाराहिंदू राव थाना इलाके से जुड़े साल 2019 में एक आपराधिक घटना को अंजाम देने के आरोप में दिल्ली जेल में है।

बैंक ग्राहकों को ही अपना टारगेट बनाते थे अपराधी

पुलिस की मानें तो कटिहार के कोढ़ा थाना से जुड़े होने के कारण इस गिरोह की पहचान कोढ़ा गिरोह से हुई, लेकिन गिरिडीह समेत अन्य जिलों में इस गिरोह के अपराधी बैंक ग्राहकों को अपना टारगेट बनाते थे। ये सीसीटीवी फुटेज खंगालने और गिरफ्तारी के बाद पूछताछ के आधार पर सामने निकल कर आया है। बैंक में आने-  जानेवाले हर ग्राहकों पर इस गिरोह के अपराधी रेकी करते थे। रेकी सिर्फ एक दिन नही, बल्कि, लगातार चार पांच दिन किया करते। फिर जिस ग्राहक को टारगेट करना रहता। उसके पीछे बैंक से निकलने के बाद पड़ते और फिर जहा मौका मिलता, वहां उसे लूट कर फरार हो जाते। गिरफ्तारी के बाद पुलिस को यह भी जानकारी मिली है कि ये बैंक में किसी एक ग्राहक को अपना टारगेट नही बनाते थे। बल्कि, हर ग्राहकों पर इन अपराधियों की नजर होती थी।

powered by Advanced iFrame

 


Discover more from Jharkhand Weekly - Leading News Portal

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

- Advertisment -

Most Popular

Recent Comments

Discover more from Jharkhand Weekly - Leading News Portal

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading