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Sunday, June 7, 2026
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तेलंगाना टनल हादसे में फंसे गुमला जिले के श्रमिक अनुज साहू का शव नहीं मिला, फलस्वरूप परिजनों ने संतोष साहू का पुतला बनाकर उसका अंतिम संस्कार किया गया, वृद्ध पिता रामप्रसाद साहू ने दी मुखाग्नि

मृतक के पिता रामप्रताप साहू ने झारखंड सरकार के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन द्वारा अबतक कोई सहयोग और जीवन यापन हेतु नौकरी प्रदान नहीं की गई है , का गुहार लगाई हैं

गुमला :- ज्ञातव्य हैं की तेलंगाना राज्य सरकार के सहयोग से सभी चारों मृतकों के परिजनों को मृत्यु प्रमाण पत्र और पच्चीस लाख रुपए की आर्थिक सहायता राशि , गुमला जिला प्रशासन के , उपायुक्त गुमला कर्ण सत्यार्थी के माध्यम और उपस्थिति में उनके हाथों प्रदान किया गया है।
ज्ञातव्य हैं कि तेलंगाना के नागरकुरनूर जिले में श्रीशैलम लेफ्ट बैंक कैनाल टनल परियोजना का एक बड़ा हिस्सा ढह जाने से झारखण्ड राज्य के गुमला जिला अंतर्गत स्थित घाघरा थाना स्थित खंभिया कुंबा टोली ग्राम निवासी अनुज साहू उक्त टनल में फंसगया और उसका जीवित या मृत शव बरामद नहीं हुआ, फलस्वरूप आज 81 वें दिन बाद सनातन हिन्दू धर्म के रीति रिवाज के तहत मृतक अनुज साहू का पुतला बनाकर उसका अंतिम संस्कार किया गया, इस अंतिम संस्कार में पुरे गांववासियों ने भाग लिया,इस अंतिम संस्कार करने के दौरान वृद्ध माता-पिता द्वारा अपने मृतक पुत्र के बने पुतले में लगे अनुज साहू के (फोटोग्राफ में )एक रस्म पुरा करने दौरान , अपने बेटे के गम और दर्द को लेकर दोनों वृद्ध माता पिता के द्वारा दुध पिलाते वक्त फफक – फफक कर रो पड़े और उनका रो-रो कर बुरा हाल होते उक्त दृश्य को देख , अंतिम संस्कार में उपस्थित सभी लोगों के आंखें नम हो गई, ज्ञातव्य हैं कि तेलंगाना के नागरकुरनूल जिले में श्रीशैलम लेफ्ट बैंक कैनाल टनल परियोजना का एक बड़ा हिस्सा ढह जाने की दुर्भाग्यपूर्ण घटना में से झारखंड राज्य के गुमला जिले के चार श्रमिक समेत कुल आठ श्रमिक फंसे हुए थे। फंसे हुए श्रमिकों में गुमला जिले के सदर थाना क्षेत्र के तिर्रा गांव निवासी संतोष साहू, घाघरा थाना क्षेत्र के खंभिया कुंबा टोली निवासी अनुज साहू, रायडीह थाना क्षेत्र के कोबी टोली गांव निवासी जगता खेस और पालकोट थाना क्षेत्र के उम्दा नकटी टोली गांव निवासी संदीप साहू शामिल हैं।

उक्त घटना के बाद झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के निर्देशानुसार गुमला जिला प्रशासन उक्त श्रमिकों के परिजनों को हर संभव सहयोग प्रदान कर रहा था । प्रशासन की टीम परिजनों से लगातार संपर्क में थी और उन्हें आवश्यक सहायता एवं सांत्वना दी जा रही थी और बाद में सभी फंसे श्रमिकों के परिजन उपायुक्त गुमला कर्ण सत्यार्थी से मिले थे। उसी दौरान उपायुक्त गुमला ने परिजनों को सांत्वना देते हुए और सकारात्मक समाचार की कामना करते हुए उन्होंने परिजनों को विश्वास दिलाया कि जिला प्रशासन पूरी तरह से उनके साथ है और श्रमिकों के सुरक्षित बचाव के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे थे, परिजनों के आग्रह को ध्यान में रखते हुए , सभी संबंधित प्रत्येक मजदूरों के परिवार से एक-एक सदस्य को तेलंगाना ले जाया जाएगा था । परिजनों को सुरक्षित रूप से घटनास्थल पर ले जाने के लिए DMFT फैलो श्री अविनाश पाठक एवं गुमला एसआई निखिल आनंद उनके साथ थे ।

इस पूरे घटनाक्रम पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने गहरी चिंता जताई है और उनके निर्देशानुसार गुमला जिला प्रशासन की टीम हरसंभव सहायता प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है , परन्तु मृतक के पिता रामप्रताप साहू ने झारखंड सरकार के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के द्वारा अबतक कोई सहयोग नहीं मिलने और ना ही आश्रित – पीड़ित परिवारों को जीवन यापन के लिए नौकरी प्रदान नहीं किया गया हैं।

न्यूज़ – गणपत लाल चौरसिया 


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