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Saturday, June 6, 2026
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समर कैंप में दिखी रचनात्मकता की झलक: गुमला व डुमरी में बच्चों ने सीखे जीवन कौशल

टीमवर्क, आत्मविश्वास और जागरूकता पर फोकस, पिरामल फाउंडेशन की प्रेरणादायक पहल

गुमला | गुमला जिले के डुमरी और गुमला प्रखंड के विभिन्न विद्यालयों में बुधवार को आयोजित विशेष समर कैंप ने बच्चों की रचनात्मकता और सहभागिता को नया आयाम दिया। पिरामल फाउंडेशन द्वारा संचालित इस आयोजन में शिक्षा विभाग, पंचायत प्रतिनिधियों और स्थानीय समुदाय का सक्रिय सहयोग देखने को मिला। इस पहल का मुख्य उद्देश्य बच्चों के भीतर जीवन कौशल, रचनात्मक सोच, स्वास्थ्य जागरूकता और सामाजिक सहभागिता को बढ़ावा देना रहा।

बाल गीत से लेकर खेलों तक—बच्चों ने सीखी सीखने की कला

डुमरी पंचायत के उत्क्रमित मध्य विद्यालय में आयोजित शिविर में पंचायत मुखिया नीलमणि मिंज, पिरामल फाउंडेशन के खेमचंद और शुभम भारती मौजूद रहे। विद्यालय के लगभग 160 छात्रों ने इस कैंप में जोश के साथ भाग लिया।
कार्यक्रम की शुरुआत बाल गीत और चेतना गीत से हुई, जिसके बाद चित्रांकन प्रतियोगिता और अन्य शैक्षणिक गतिविधियाँ कराई गईं। इन प्रयासों के ज़रिए बच्चों में विद्यालय के प्रति रुचि जगाई गई और उन्हें नियमित उपस्थिति के लिए प्रेरित किया गया। स्वास्थ्य विषयक जागरूकता के तहत फाइलेरिया से बचाव पर भी विशेष सत्र आयोजित किया गया।

असनी में खेलों के माध्यम से मिला आत्मविश्वास

गुमला प्रखंड के राजकीयकृत मध्य विद्यालय, असनी में हुए कैंप में मुखिया गौरी उरांव, शिक्षकगण और स्थानीय ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
बैलून गेम, म्यूजिकल चेयर, दौड़, शब्द खेल और समूह चर्चा जैसे कार्यक्रमों ने बच्चों में सहयोग, अनुशासन और आत्मविश्वास का विकास किया। उल्लेखनीय बात यह रही कि मुखिया गौरी उरांव ने खुद भी खेलों में भाग लेकर बच्चों को प्रोत्साहित किया और कार्यक्रम के अंत में प्रतिभागियों को चॉकलेट वितरित किए।

सामूहिक प्रयास से मिली सफलता

यह समर कैंप पिरामल फाउंडेशन, जिला व प्रखंड शिक्षा विभाग और पंचायत प्रतिनिधियों के सामूहिक सहयोग का परिणाम था। आयोजन में न सिर्फ शिक्षा के प्रति बच्चों की समझ को गहराया गया, बल्कि उन्हें सीखने की प्रक्रिया को आनंददायक रूप में प्रस्तुत किया गया।
यह पहल जिले में बच्चों के सर्वांगीण विकास की दिशा में एक सकारात्मक उदाहरण बनकर उभरी है।

ग्रीष्मकालीन अवकाश को उपयोगी और प्रेरणादायक बनाने का यह प्रयास न केवल बच्चों में कौशल विकसित करने में सफल रहा, बल्कि सामुदायिक सहभागिता के ज़रिए शिक्षा को और भी सशक्त रूप में प्रस्तुत किया गया।

न्यूज़ – गणपत लाल चौरसिया


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