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Saturday, March 7, 2026
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हजारीबाग अबुआ संस्थान समाज भारत दीसोंम की समीक्षा बैठक संपन्न, हुक दिवस आयोजन की बनी रणनीति

हज़ारीबाग, झारखंडअबुआ संस्थान समाज भारत दीसोंम (ASSBD) की समीक्षा बैठक सोमवार को हजारीबाग स्थित होटल रिंग्स एंड रौसेस के सभागार में आयोजित की गई। यह बैठक संगठन के 16 जून 2025 को रामगढ़ के सिद्धू कान्हू मैदान में आयोजित प्रथम स्थापना दिवस समारोह की समीक्षा और भविष्य की रणनीतियों को लेकर आयोजित की गई थी।

नरेश हंसदा की अध्यक्षता, दीपक टुडू का संचालन

बैठक की अध्यक्षता ASSBD के केंद्रीय उपाध्यक्ष नरेश हंसदा ने की, जबकि संचालन दीपक टुडू द्वारा किया गया। बैठक में संगठन के शीर्ष नेतृत्व के साथ-साथ हजारीबाग, रामगढ़ और बोकारो जिलों के विभिन्न प्रखंडों से आए पदाधिकारी उपस्थित रहे।

विशिष्ट अतिथियों की उपस्थिति से बढ़ा उत्साह

बैठक में बतौर मुख्य अतिथि अबुआ संचाल समाज भारत दीसोंम मांझी हड़ाम अध्यक्ष विनोद किस्कू मौजूद रहे। साथ ही विशिष्ट अतिथि के रूप में दिसोम भारंग प्रगना के केंद्रीय महासचिव देसाई किस्कू ने भी बैठक की गरिमा बढ़ाई।

स्थापना दिवस की सफलता पर बधाई, भविष्य की योजनाओं पर चर्चा

सभी उपस्थित पदाधिकारियों ने प्रथम स्थापना दिवस के सफल आयोजन पर एक-दूसरे को बधाई दी और इस सफलता को संगठन की एकजुटता का प्रतीक बताया। बैठक में ASSBD की आगे की रणनीति तय की गई, जिसमें संगठन के विस्तार, सामाजिक जागरूकता कार्यक्रमों और सांस्कृतिक गतिविधियों को प्राथमिकता देने की बात कही गई।

30 जून को 26 राज्यों में मनाया जाएगा “हुक दिवस”

बैठक का प्रमुख निर्णय यह रहा कि 30 जून 2025 को “हुक दिवस” मनाया जाएगा। यह दिन संथाल विद्रोह के महानायक सिद्धू-कान्हू की वीरता और बलिदान को स्मरण करने हेतु समर्पित होगा। संगठन ने यह तय किया कि भारत के 26 राज्यों में ASSBD इकाइयाँ हुक दिवस को सामूहिक रूप से मनाएंगी, जिससे आदिवासी अस्मिता और इतिहास को नई पीढ़ी तक पहुंचाया जा सके।

संगठनात्मक मजबूती की दिशा में आगे बढ़ रहा ASSBD

बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि संगठन की जड़ों को ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंचाने के लिए नियमित बैठकों, प्रशिक्षण सत्रों और सामुदायिक संवाद कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा।

इस समीक्षा बैठक ने ASSBD की सक्रियता और सामाजिक सरोकारों के प्रति प्रतिबद्धता को स्पष्ट रूप से दर्शाया। संगठन अब न केवल आदिवासी अधिकारों की रक्षा बल्कि सांस्कृतिक चेतना के जागरण की दिशा में भी मजबूती से कदम बढ़ा रहा है।

न्यूज़ – विजय चौधरी 


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