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Sunday, March 8, 2026
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गुमला सदर अस्पताल में बिजली कटौती से NICU बंद, 28 नवजात शिशुओं का रिम्स रिफर — स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठे सवाल

गुमला, 23 जुलाई: बारिश के दौरान बिजली आपूर्ति बाधित होने के कारण गुमला सदर अस्पताल का नवजात विशेष देखभाल इकाई (SNICU) बंद हो गया। परिणामस्वरूप यहाँ भर्ती 28 नवजात शिशुओं को रिम्स, रांची रेफर कर दिया गया, जिससे स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर प्रश्न खड़े हो गए हैं।

5W1H के ज़रिए विवरण

पॉइंट जानकारी
कौन: 28 नवजात शिशु, अस्पताल के डॉक्टर और पदाधिकारी, रिम्स (राँची), आदिवासी परिवार
क्या: बिजली कटौती के कारण SNICU बंद — शिशुओं को रिम्स में भेजा गया
कब और कहाँ: बारिश की रात में—गुमला सदर अस्पताल, हिमाच्छादन: तुरंत रिफर किया गया
क्यों: बिजली बंद, मेडिकल उपकरणों का अवरोध
कैसे: रिम्स रेफर—आदिवासी परिवारों पर भारी आर्थिक बोझ, अस्पताल व्यवस्था दोषपूर्ण

प्रमुख घटनाएँ और प्रतिक्रिया

  • अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सक और अधिकारी रिम्स को शिशुओं का स्थानांतरण सुनिश्चित करने के लिए बाध्य हुए।
  • शिशुओं के परिवार—जो अधिकतर आदिवासी और आर्थिक रूप से कमजोर हैं—उनका कहना है कि “हमारे पास रांची तक ले जाने या इलाज कराने की क्षमता नहीं थी।”
  • यह स्थिति मानव सेवा के सिद्धांत और अस्पताल के कर्तव्यों पर प्रश्नचिन्ह खड़ा करती है।

क्या हो सकता था बचाव?

विशेषज्ञों के अनुसार:

  1. बिजली बंदी की स्थिति में जरूरी बिजली संयोजन (DG सेट) का तुरंत प्रयोग, ताकि मेडिकल उपकरण बाधित न हों।
  2. रिम्स के साथ पिछले समन्वय और इमरजेंसी ट्रांसपोर्ट सुविधा तैयार रखना चाहिए था।
  3. प्रशासन द्वारा स्वास्थ्य मंत्री एवं रिम्स को घटना की जानकारी पूर्व में देना उचित होता।

व्यापक बहस के लिए सवाल

  • क्या गुमला सदर अस्पताल के SNICU में पर्याप्त और निर्बाध बिजली उपलब्धता सुनिश्चित है?
  • क्या अस्पताल अथवा जिला प्रशासन ने आपातकालीन ट्रांसपोर्ट व्यवस्था, डिजिटल मॉनिटरिंग और पूर्व सूचना प्रणाली लागू करनी चाहिए थी?
  • आखिर गरीब आदिवासी माताओं—जिनके पास इलाज कराने का संसाधन नहीं—उनके लिए किस तरह की राहत योजना और न्यायपूर्ण सहायता उपलब्ध रहेगी?

आगे की संभावित कार्रवाइयाँ

पदाधिकारियों को अब निर्णय लेना है:

  • क्या स्वास्थ्य उपकरणों का समयबद्ध बैकअप उपाय सुनिश्चित किया जाएगा?
  • क्या आदिवासी और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को इलाज हेतु विशेष आर्थिक सहायता एवं ट्रांसपोर्ट प्रावधान दिए जाएंगे?
  • क्या रिम्स और जिला प्रशासन से पूर्व संवाद कर शिशुओं के जीवन को बचाया जा सकता था?

यह मामला सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था की तैयारी और संवेदनशीलता पर नए सिरे से सवाल उठा रहा है, जिसे प्रशासन द्वारा त्वरित और पारदर्शी तरीके से संबोधित करना महत्वपूर्ण है।

न्यूज़ – गणपत लाल चौरसिया 


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