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डॉ. रिज़वान अहमद की पुस्तक “रिसर्च मेथोडोलॉजी रीडिफ़ाइंड” का दूसरा संस्करण प्रकाशित

हजारीबाग, अगस्त 2025।
विनोबा भावे विश्वविद्यालय, हजारीबाग के अंग्रेज़ी विभागाध्यक्ष डॉ. सैयद रिज़वान अहमद की चर्चित पुस्तक “रिसर्च मेथोडोलॉजी रीडिफ़ाइंड” का दूसरा संस्करण प्रकाशित हुआ है। यह पुस्तक नई दिल्ली स्थित एजुकेशनल पब्लिशिंग हाउस से प्रकाशित की गई है। इससे पहले इसका पहला संस्करण वर्ष 2018 में सामने आया था।


शोधार्थियों के लिए मार्गदर्शक पुस्तक

पुस्तक के प्रकाशन की जानकारी देते हुए डॉ. रिज़वान अहमद ने कहा कि यह ग्रंथ पीएचडी कोर्सवर्क स्कॉलर्स, शोधार्थियों और शोध-निर्देशकों (सुपरवाइज़र्स) के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगा। उनके अनुसार, बदलते समय में शोध पद्धति के नए आयामों को समझने और अपनाने में यह पुस्तक अहम भूमिका निभाएगी।


डॉ. रिज़वान अहमद का शैक्षणिक योगदान

डॉ. अहमद वर्तमान में विनोबा भावे विश्वविद्यालय के अंग्रेज़ी विभाग के वरीय एसोसिएट प्रोफेसर हैं और उन्हें पीएचडी कोर्सवर्क की कक्षाओं का लंबा अनुभव है। अब तक उनके मार्गदर्शन में आधा दर्जन से अधिक शोधार्थी सफलतापूर्वक डॉक्टरेट की उपाधि प्राप्त कर चुके हैं।

उनका शिक्षण अनुभव अंतरराष्ट्रीय स्तर तक फैला है। वे वर्ष 2007-2008 में किंग सऊद विश्वविद्यालय, रियाद (सऊदी अरब) में अंग्रेज़ी के सहायक प्राध्यापक भी रह चुके हैं।


पूर्व प्रकाशित रचनाएँ और संपादन कार्य

डॉ. रिज़वान अहमद की साहित्यिक यात्रा भी उल्लेखनीय रही है। मशहूर लेखक ई. एम. फोस्टर पर उनकी एक पुस्तक 2014 में प्रकाशित हुई थी। इसके अतिरिक्त वे अपने विभागीय शोध पत्रिका “द लिटरेरी विज़न” के दो बार मुख्य संपादक भी रह चुके हैं।


शिक्षा जगत में उत्साह

पुस्तक के नए संस्करण के प्रकाशन से शिक्षाविदों और शोधार्थियों के बीच उत्साह का माहौल है। डॉ. अहमद को देश-विदेश से बधाइयाँ और शुभकामनाएँ प्राप्त हो रही हैं।

News – Vijay Chaudhary


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