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Saturday, June 6, 2026
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झारखंड के लिए अग्रणी कदम बना, आंचल दिवस कार्यक्रम, 1,000 से अधिक आवेदन पर, 700 से अधिक आवेदनों पर ऑन द स्पॉट हुई त्वरित करवाई

गुमला :- गुमला जिला से शुरू हुई पहल बनी पूरे झारखंड के लिए अग्रणी कदम, अंचल दिवस कार्यक्रम से जनता की समस्याओं का हो रहा है त्वरित निस्तारण
8वें अंचल दिवस का विशुनपुर प्रखंड में सफल आयोजन, मौके पर निस्तारित हुए 72 आवेदनों समेत प्रमाण पत्रों का वितरण और अब तक सुने गए 1,000 से अधिक आवेदन, 700 से ज्यादा मामलों का ऑन द स्पॉट किया जा चूका समाधान, ग्रामीण क्षेत्रों को गुमला जिला मुख्यालय की दौड़ से मिली राहत, विश्वास और पारदर्शिता से मजबूत हो रहा है प्रशासन-जनता का रिश्ता, झारखंड में प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक सुदृढ़ एवं जनता – केन्द्रित बनाने की दिशा में उठाये गयें ठोस कदम , गुमला जिले से प्रारंभ किया गया और अंचल दिवस कार्यक्रम अब अन्य जिलों के लिए भी अनुकरणीय पहल बन चुका है, उपायुक्त गुमला प्रेरणा दीक्षित के निर्देशन में 13 जुलाई 2025 से जिले में प्रत्येक शनिवार को प्रखंड स्तर पर अंचल दिवस का आयोजन किया जा रहा है, जिसके अंतर्गत अधिकारी स्वयं प्रखंड मुख्यालय पहुंचकर नागरिकों की समस्याओं को सुनते हैं और उनका ऑन द स्पॉट निवारण सुनिश्चित करते हैं। इस अभिनव प्रयास के परिणामस्वरूप गुमला जिले ने राज्य में पहला ऐसा जिला होने का गौरव प्राप्त किया है, जिसने अंचल दिवस की परंपरा आरंभ कर ग्रामीण जनता को उनकी समस्याओं से त्वरित राहत प्रदान की जा रही हैं ।

विशुनपुर प्रखंड में हुआ 8वां अंचल दिवस का आयोजन

इसी क्रम में आज विशुनपुर प्रखंड मुख्यालय परिसर में 8वें अंचल दिवस का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम में अपर समाहर्ता, अनुमंडल पदाधिकारी, भू-अर्जन पदाधिकारी, प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचल अधिकारी सहित विभिन्न विभागों के पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित रहे। बड़ी संख्या में आम नागरिक अपनी समस्याओं एवं आवेदनों के साथ इस शिविर में पहुंचे। अधिकारियों ने सीधे जनता से संवाद स्थापित कर उनकी कठिनाइयों को सुना और आवश्यकतानुसार त्वरित कार्रवाई की।

आज के आयोजन में कुल 104 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 72 आवेदनों का वहीं पर समाधान कर दिया गया, जबकि 32 आवेदनों को आगे की जाँच हेतु संबंधित अधिकारियों को भेजा गया। इसके साथ ही उपायुक्त द्वारा जनशिकायत निवारण दिवस से संबंधित पाँच मामलों की भी समीक्षा की गई, जिनका तत्काल निस्तारण सुनिश्चित किया गया।

प्रमाण पत्र एवं परिसंपत्ति का हुआ वितरण

नागरिकों की सुविधा के लिए मौके पर ही प्रमाण पत्र निर्गत किए गए। इनमें 18 जाति प्रमाण पत्र, 26 आय प्रमाण पत्र और 16 आवासीय प्रमाण पत्र शामिल रहे। पारिवारिक सदस्यता से जुड़े 10 मामलों एवं भूमि विवाद के 3 मामलों को विस्तृत जाँच हेतु अग्रसारित किया गया। पंजी-II सुधार से संबंधित 13 आवेदनों को भी प्रक्रिया में लाया गया, वहीं किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) से जुड़े सभी 7 मामलों का तुरंत समाधान किया गया।
कार्यक्रम के दौरान लाभुकों के बीच 75 परिसंपत्तियों एवं प्रशस्ति पत्रों का वितरण किया गया। इनमें दाखिल-खारिज शुद्धि पत्र, सामाजिक सुरक्षा पेंशन प्रमाण पत्र और पारिवारिक सदस्यता की स्वीकृतियाँ प्रमुख रूप से शामिल थीं।

अब तक 1,000 से अधिक आवेदनों की सुनवाई की गई है, जिनमें से 7,00 से अधिक आवेदनों का हुआ निष्पादन

13 जुलाई से अब तक जिले के विभिन्न प्रखंडों में आयोजित हुए अंचल दिवस कार्यक्रमों के दौरान 1,000 से अधिक आवेदनों की सुनवाई की गई है, जिनमें से 7, 00 से अधिक आवेदनों का मौके पर ही निष्पादन कर दिया गया है। इससे ग्रामीण क्षेत्र के नागरिकों को वर्षों से लंबित समस्याओं से राहत मिल रही है और उनका विश्वास प्रशासन के प्रति गहरा हो रहा है। अब यह मॉडल झारखंड के अन्य जिलों में भी लागू किया जा रहा है, जिससे पूरे राज्य में त्वरित समस्या-निवारण की दिशा में सकारात्मक बदलाव देखा जा रहा है।

अंचल दिवस का मुख्य उद्देश्य जिले के नागरिकों को राहत देते हुए उनके वर्षों पुराने अंचल सम्बंधित समस्याओं का त्वरित निष्पादन करना है : उपायुक्त

उपायुक्त प्रेरणा दीक्षित ने कहा कि अंचल दिवस जैसे कार्यक्रमों का मूल उद्देश्य जनता को जिला मुख्यालय की दौड़-धूप से मुक्त कराना है और अंचल स्तर की समस्याओं का शीघ्र समाधान सुनिश्चित करना है। दाखिल-खारिज, पंजी-II सुधार, एलपीसी, जाति/आय/निवास प्रमाण पत्र, भूमि विवाद एवं किसान क्रेडिट कार्ड से संबंधित मामलों का निपटारा प्राथमिकता के आधार पर किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पारदर्शिता एवं निष्पक्षता प्रशासन की सबसे बड़ी प्रतिबद्धता है। समाधान किए गए प्रत्येक मामले की पुष्टि प्रशासन स्वयं जनता से संपर्क कर करेगा, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि लोग निर्णय से संतुष्ट हैं।

आगे की रूपरेखा

अब तक जिले के 8 प्रखंडों में अंचल दिवस का सफलता पूर्वक आयोजन किया जा चुका है। आगामी अंचल दिवस 27 सितम्बर 2025 को पालकोट प्रखंड सह अंचल कार्यालय में आयोजित किया जाएगा। इसके बाद भरनो, बसिया एवं रायडीह प्रखंडों में भी अंचल दिवस के आयोजन की योजना बनाई गई है

न्यूज़ – गणपत लाल चौरसिया 

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