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Sunday, March 8, 2026
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HomeLocal NewsGumlaगुमला में कुपोषण के खिलाफ संवेदनशील पहल, “आदि-फूल सुपोषित अभियान” का शुभारंभ

गुमला में कुपोषण के खिलाफ संवेदनशील पहल, “आदि-फूल सुपोषित अभियान” का शुभारंभ

सैम – मैम श्रेणी के बच्चों के स्वास्थ्य में सुधार और स्वस्थ भविष्य के लिए उपायुक्त प्रेरणा दीक्षित की पहल

गुमला :- गुमला जिला मुख्यालय में कुपोषित एवं सैम – मैम श्रेणी के बच्चों के स्वास्थ्य में निरंतर सुधार को मॉनिटर करने तथा उन्हें एक स्वस्थ और बेहतर जीवन मिल सके, इसी उद्देश्य से उपायुक्त प्रेरणा दीक्षित की पहल पर गुमला जिले में “आदि-फूल सुपोषित अभियान” का जिला स्तरीय शुभारंभ किया गया। यह अभियान कुपोषण उन्मूलन और बच्चों के समग्र विकास को केंद्र में रखते हुए शुरू किया गया है।
शुभारंभ कार्यक्रम में जिला प्रशासन से जुड़े विभिन्न विभागों के पदाधिकारी, राज्य स्तर के प्रतिनिधि, महिला एवं बाल विकास विभाग के कार्मिक, आंगनवाड़ी सेविकाएं तथा बड़ी संख्या में माताएं उपस्थित रहीं।

कार्यक्रम की शुरुआत में जिला समाज कल्याण पदाधिकारी आरती कुमार द्वारा अभियान की पृष्ठभूमि, उद्देश्य और क्रियान्वयन की रूपरेखा साझा की गई।

इसके उपरांत उपायुक्त प्रेरणा दीक्षित ने कहा कि बच्चों का शारीरिक और मानसिक विकास ही किसी भी समाज के स्वस्थ भविष्य की नींव है। कुपोषण बच्चों की क्षमता को सीमित करता है और समुदाय के समग्र विकास को भी प्रभावित करता है, इसलिए इसका उन्मूलन प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।
उपायुक्त ने यह भी कहा कि यह अभियान केवल एक योजना नहीं, बल्कि बच्चों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का सामूहिक प्रयास है। इसमें माताओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि बच्चे का पोषण, स्वास्थ्य और देखभाल परिवार से ही शुरू होती है। उन्होंने सभी संबंधित विभागों और जमीनी स्तर पर कार्यरत कर्मियों से अभियान को संवेदनशीलता और जिम्मेदारी के साथ लागू करने का आह्वान किया।

इस अवसर पर राज्य समन्वयक, समर कार्यक्रम, झारखंड राज्य पोषण मिशन द्वारा राज्य स्तर पर संचालित पोषण पहलों की जानकारी साझा की गई और समुदाय आधारित प्रयासों को कुपोषण से लड़ने का प्रभावी माध्यम बताया गया।

कार्यक्रम के दौरान माताओं, आंगनवाड़ी सेविकाओं और लेडी सुपरवाइजरों के साथ खुला संवाद आयोजित किया गया, जिसमें पोषण से जुड़ी व्यवहारगत चुनौतियों, भ्रांतियों और स्थानीय समाधान पर सार्थक चर्चा हुई। उपायुक्त द्वारा जमीनी स्तर से प्राप्त सुझावों को गंभीरता से संज्ञान में लेने का आश्वासन दिया गया।
कार्यक्रम के अंत में टेक-होम राशन का वितरण किया गया, जिसके साथ “आदि-फूल सुपोषित अभियान” की औपचारिक शुरुआत हुई।

उपायुक्त ने कहा कि इस अभियान के माध्यम से कुपोषित एवं जोखिमग्रस्त बच्चों की पहचान, उनके पोषण स्तर में सुधार, माताओं की जागरूकता बढ़ाने और आंगनवाड़ी तंत्र को सशक्त बनाते हुए गुमला जिले को कुपोषण मुक्त बनाने की दिशा में निरंतर प्रयास किए जाएंगे।

न्यूज़ – गणपत लाल चौरसिया 


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