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Monday, August 3, 2026
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धान की बुवाई के बाद मवेशियों को नहलाने गए किसान की तालाब में डूबने से मौत, परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़

News – Kahkashan Farooqi 

गोमिया प्रखंड के कर्री खुर्द पंचायत अंतर्गत पैसरा गांव निवासी किसान जयराम मांझी (42) शनिवार को खेत में धान की बुवाई का कार्य पूरा करने के बाद अपने मवेशियों को नहलाने के लिए गांव के तालाब पर पहुंचे। मवेशियों को नहलाने के दौरान अचानक उनका पैर फिसल गया और वे तालाब के गहरे पानी में चले गए। काफी देर तक बाहर नहीं निकलने पर तालाब किनारे मौजूद लोगों को संदेह हुआ।
तालाब में स्नान कर रहे लोगों ने जब देखा कि जयराम मांझी काफी देर से पानी से बाहर नहीं आए हैं, तो उन्होंने शोर मचाया। शोर सुनकर बड़ी संख्या में ग्रामीण घटनास्थल पर पहुंचे। काफी मशक्कत के बाद उन्हें तालाब से बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी।

इसके बाद गोमिया थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए अनुमंडलीय अस्पताल तेनुघाट भेज दिया। पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है।

मृतक की पत्नी लीलावती देवी का रो-रोकर बुरा हाल है। बताया गया कि जयराम मांझी परिवार के एकमात्र कमाऊ सदस्य थे। उनके निधन से परिवार के समक्ष गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। उनका पुत्र मंटू सोरेन राजस्थान में प्रवासी मजदूर के रूप में कार्यरत है। घटना की सूचना मिलने के बाद वह अपने घर के लिए रवाना हो गया है।

इधर, कर्रीखुर्द पंचायत के मुखिया सोना राम मुर्मू ने घटना की जानकारी गोमिया के बीडीओ एवं सीओ को देते हुए मृतक किसान के आश्रितों को आपदा राहत कोष के तहत मिलने वाली मुआवजा राशि शीघ्र उपलब्ध कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि प्रशासन इस दुख की घड़ी में पीड़ित परिवार को हरसंभव सरकारी सहायता उपलब्ध कराए। घटना के बाद पूरे गांव में शोक का माहौल है।


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