गुमला न्यूज ब्यूरो प्रमुख – गणपत लाल चौरसिया
शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में पर्व मनाने को लेकर प्रशासन ने की व्यापक तैयारियों की समीक्षा, सुरक्षा, यातायात, बिजली, पानी, स्वच्छता एवं स्वास्थ्य व्यवस्था को दुरुस्त रखने के निर्देश
गुमला : – गुमला जिला में आगामी दुर्गापूजा, विजयादशमी, दीपावली एवं छठ पर्व को शांतिपूर्ण, सुरक्षित एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने को लेकर आज उपायुक्त दिलेश्वर महतो एवं पुलिस अधीक्षक हारिस बिन जमा की संयुक्त अध्यक्षता में जिला स्तरीय शांति समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में प्रशासनिक एवं पुलिस पदाधिकारियों के साथ शांति समिति के सदस्य, पूजा समितियों के प्रतिनिधि एवं संबंधित विभागों के पदाधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक की शुरुआत में डीसीएलआर राजीव कुमार द्वारा पूर्व में आयोजित शांति समिति की बैठक की कार्रवाई को पढ़कर सुनाया गया। इसके उपरांत आगामी त्योहारी पर्वों के दौरान विधि-व्यवस्था, यातायात, सुरक्षा, विद्युत, पेयजल, स्वच्छता, स्वास्थ्य, अग्निशमन एवं विसर्जन व्यवस्था से संबंधित तैयारियों पर विस्तृत चर्चा की गई।
शांति समिति के सदस्यों एवं पूजा समितियों द्वारा विभिन्न महत्वपूर्ण सुझाव एवं आग्रह प्रशासन के समक्ष रखे गए। इनमें पूजा पंडालों एवं जुलूस के दौरान सुरक्षा व्यवस्था, मूर्ति विसर्जन के लिए निर्धारित मार्ग, पर्याप्त प्रकाश की व्यवस्था, सप्तमी से दशमी तक नियमित पेयजल आपूर्ति, विसर्जन के लिए वाहनों की उपलब्धता, पूजा स्थलों पर बैरिकेडिंग, महिला पुलिस बल की तैनाती, डांडिया कार्यक्रमों में सुरक्षा व्यवस्था तथा ग्रामीण क्षेत्रों में आयोजित होने वाले रावण दहन कार्यक्रमों में आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग शामिल रही।
सदस्यों ने संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष सुरक्षा व्यवस्था, प्रखंड मुख्यालयों एवं प्रमुख बाजार क्षेत्रों में बढ़ती भीड़ को देखते हुए प्रभावी यातायात प्रबंधन, छठ घाटों की साफ-सफाई एवं मरम्मती, नशे एवं असामाजिक गतिविधियों पर प्रभावी कार्रवाई तथा विभिन्न स्थानों पर खराब पड़े सीसीटीवी कैमरों को दुरुस्त कराने का आग्रह किया। मांझाटोली एवं पतराटोली क्षेत्र की सड़कों की मरम्मती तथा अन्य आवश्यक नागरिक सुविधाओं को दुरुस्त कराने का विषय भी बैठक में उठाया गया।
उपायुक्त दिलेश्वर महतो ने सभी जिलेवासियों को आगामी पर्वों की अग्रिम शुभकामनाएं देते हुए कहा कि बैठक में प्राप्त सभी सुझावों को गंभीरता से लिया गया है। उन्होंने कहा कि पर्वों के दौरान आम नागरिकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए बिजली, पानी, स्वच्छता एवं प्रकाश जैसी मूलभूत सुविधाओं को प्राथमिकता के आधार पर दुरुस्त किया जाएगा। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को विशेष रूप से सप्तमी, अष्टमी एवं नवमी के दौरान निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने तथा आवश्यकता के अनुसार अतिरिक्त प्रकाश व्यवस्था करने का निर्देश दिया।
सड़क मरम्मती के संबंध में उपायुक्त ने बताया कि इस विषय पर लगातार समीक्षा की जा रही है। निविदा प्रक्रिया के कारण कुछ कार्यों में विलंब हुआ है, लेकिन संबंधित एनएचएआई द्वारा कार्य प्रारंभ होने से पूर्व आवश्यक सड़कों को दुरुस्त करने को लेकर प्रतिबद्धता व्यक्त की गई है। उन्होंने संबंधित पदाधिकारियों को आवश्यक समन्वय के साथ कार्यों को प्राथमिकता देने का निर्देश दिया।
उपायुक्त ने सभी पूजा समितियों एवं जिलेवासियों से अपील की कि पर्व को शांतिपूर्ण एवं भाईचारे के वातावरण में मनाएं। किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना अथवा समस्या की स्थिति में तत्काल जिला नियंत्रण कक्ष एवं प्रशासन को सूचना दें। स्वास्थ्य विभाग को पर्व के दौरान स्वास्थ्यकर्मियों को तैयार अवस्था में रखने तथा पूजा पंडालों में प्राथमिक उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।
पुलिस अधीक्षक हारिस बिन जमा ने कहा कि आगामी पर्वों के सफल एवं शांतिपूर्ण संचालन के लिए सुरक्षा व्यवस्था सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि शांति समिति द्वारा दिए गए सभी सुझावों को संज्ञान में लिया गया है और पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष व्यवस्थाओं को और बेहतर किया जाएगा। उन्होंने पूजा समितियों से विसर्जन की पूर्व सूचना प्रशासन एवं पुलिस को उपलब्ध कराने तथा निर्धारित विसर्जन मार्ग में बिना अनुमति परिवर्तन नहीं करने की अपील की।
उन्होंने सभी पूजा समितियों को पंडाल में पट खुलने की सूचना प्रशासन को देने, पंडालों में पर्याप्त निकास द्वार रखने तथा अग्नि सुरक्षा मानकों का अनुपालन सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने ज्वलनशील सामग्री एवं ज्वलनशील कपड़ों के उपयोग से बचने तथा सभी पंडालों का आवश्यक अग्नि सुरक्षा निरीक्षण एवं प्रमाणन सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
पुलिस अधीक्षक ने विशेष रूप से महिलाओं एवं बच्चों की सुरक्षा को लेकर पूजा समितियों और अभिभावकों से सतर्क रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि पंडालों एवं भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में बच्चों पर विशेष नजर रखें तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तत्काल सूचना पुलिस को दें। साथ ही सोशल मीडिया पर प्रसारित होने वाली भ्रामक एवं आपत्तिजनक सूचनाओं पर विशेष निगरानी रखने की बात कही।
उप विकास आयुक्त अनिमेष रंजन ने सीसीटीवी व्यवस्था को दुरुस्त करने तथा आवश्यक फुटेज को सुरक्षित रखने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि डीजे का उपयोग प्रतिबंधित है और इसका अनुपालन सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने अस्पतालों के आसपास तेज आवाज में ध्वनि विस्तारक यंत्रों के उपयोग से मरीजों को होने वाली परेशानी को देखते हुए विशेष सतर्कता बरतने की बात कही। विसर्जन के दौरान गोताखोरों की उपलब्धता, फायर ब्रिगेड एवं अन्य आवश्यक सुरक्षा संसाधनों को तैयार रखने तथा निर्धारित समय पर विसर्जन संपन्न कराने का निर्देश दिया। उन्होंने सोशल मीडिया पर प्रसारित किसी भी संदिग्ध अथवा भ्रामक सूचना को सत्यापित किए बिना साझा नहीं करने तथा ऐसी सूचना तत्काल प्रशासन के संज्ञान में लाने की अपील की।
अनुमंडल पदाधिकारी, गुमला अखिलेश कुमार ने पूजा पंडालों में विद्युत वायरिंग की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा महालया के बाद सभी पंडालों का नियमित निरीक्षण करने की बात कही। उन्होंने महिला एवं पुरुष श्रद्धालुओं के लिए अलग-अलग कतार की व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा रात्रि 10 बजे से प्रातः 6 बजे तक लाउडस्पीकर के उपयोग पर प्रतिबंध का अनुपालन कराने की बात कही। उन्होंने डीजे के उपयोग से पूर्णतः परहेज करने की अपील की।
एसडीपीओ, गुमला सुरेश प्रसाद यादव ने बताया कि पर्व के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए विस्तृत यातायात योजना तैयार की जाएगी। उन्होंने सभी गैर-लाइसेंसी पूजा समितियों से आवश्यक लाइसेंस प्राप्त करने की अपील की। पंडालों की सुरक्षा व्यवस्था का कई स्तरों पर निरीक्षण किया जाएगा। उन्होंने प्रत्येक पंडाल में सीसीटीवी कैमरे की व्यवस्था करने, जिसमें एक कैमरा मूर्ति/मुख्य क्षेत्र तथा एक कैमरा बाहरी क्षेत्र को कवर करे, हेल्प डेस्क स्थापित करने तथा पूजा के दौरान नो-एंट्री व्यवस्था को प्रभावी बनाने पर जोर दिया।
बैठक में नगर परिषद अध्यक्ष शकुंतला उरांव, अपर समाहर्ता राजीव नीरज, डीसीएलआर राजीव कुमार, सिविल सर्जन डॉ. शंभूनाथ चौधरी, एसडीओ बसिया, डीएसपी गुमला, सहायक निदेशक सामाजिक सुरक्षा-सह-जिला सूचना एवं जनसम्पर्क पदाधिकारी ललन कुमार रजक, नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी सहित विभिन्न विभागों के पदाधिकारी, पुलिस पदाधिकारी, पूजा समितियों के प्रतिनिधि एवं शांति समिति के सदस्य उपस्थित रहे।
*प्रशासनिक एवं पुलिस पदाधिकारियों के साथ भी हुई बैठक*
शांति समिति की बैठक के पश्चात उपायुक्त दिलेश्वर महतो एवं पुलिस अधीक्षक हारिस बिन जमा की संयुक्त अध्यक्षता में सभी प्रशासनिक एवं पुलिस पदाधिकारियों के साथ अलग बैठक आयोजित की गई। बैठक में आगामी त्योहारी पर्वों के दौरान विधि-व्यवस्था, सुरक्षा, यातायात, संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी, विसर्जन व्यवस्था, अग्नि सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं आवश्यक नागरिक सुविधाओं को लेकर पदाधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ अपने-अपने क्षेत्र में सतत निगरानी रखते हुए किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने का निर्देश दिया गया।