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Wednesday, July 1, 2026
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जिला परिषद अध्यक्ष किरण माला बाड़ा की अध्यक्षता में हुई जिला परिषद की सामान्य बैठक

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न्यूज – गनपत लाल चौरसिया – ब्यूरो प्रमुख – गुमला

गुमला : – गुमला जिला परिषद अध्यक्ष किरण माला बाड़ा की अध्यक्षता में विकास भवन स्थित जिला परिषद कार्यालय सभागार में जिला परिषद की महत्वपूर्ण सामान्य बैठक आहुत की गई। इस बैठक में मुख्य रूप से उप विकास आयुक्त अनिमेष रंजन, जिला परिषद उपाध्यक्ष संयुक्ता देवी, जिला परिषद कार्यपालक पदाधिकारी ललन कुमार रजक, जिला परिषद कार्यपालक अभियंता बलि उरांव, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी आरती कुमारी, विद्युत आपूर्ति पदाधिकारी विनय कुमार सिंह सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय पदाधिकारी, अभियंता, जिला परिषद सदस्य एवं जनप्रतिनिधि मुख्य रूप से उपस्थित थे।

एजेंडावार समीक्षा एवं विभिन्न प्रस्तावों को मंजूरी

बैठक के दौरान पूर्व निर्धारित एजेंडे के तहत बिंदुवार समीक्षा की गई, जिसके अंतर्गत सर्वप्रथम दिनांक 09 मार्च 2026 को हुई जिला परिषद की पिछली सामान्य बैठक की कार्यवाही की सर्वसम्मति से सम्पुष्टि की गई। इसके साथ ही पिछली बैठक में विभिन्न विभागों को दिए गए निर्देशों के अनुपालन की प्रगति रिपोर्ट देखी गई। इसके तहत जिला गव्य विकास, जिला पशुपालन, सामाजिक सुरक्षा कोषांग, जलपथ प्रमण्डल, विद्युत आपूर्ति प्रमण्डल एवं मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी कार्यालय द्वारा प्राप्त अनुपालन प्रतिवेदन की विस्तृत समीक्षा की गई। वित्तीय मामलों पर विचार करते हुए सदन द्वारा राजस्व मद से माह मार्च 2026 से मई 2026 तक किए गए व्यय का अनुमोदन किया गया। 15वें वित्त आयोग के तहत वित्तीय वर्ष 2025-26 के अनाबद्ध मद में ली गई योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई तथा वित्तीय वर्ष 2024-25 के अंतर्गत कतिपय योजनाओं के स्थल या योजना परिवर्तन की समीक्षा की गई। इसके अतिरिक्त जिला परिषद, गुमला के अंतर्गत आने वाले विभिन्न सैरातों एवं बाजार-हाटों की बंदोबस्ती की प्रक्रिया की समीक्षा की गई।

जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के बीच सीधा संवाद
सदन में उपस्थित जिला परिषद सदस्यों और जनप्रतिनिधियों ने अपने-अपने क्षेत्रों की जनसमस्याओं और विकास कार्यों से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों को भी बैठक में रखा। बैठक में पशुपालन, कृषि, जिला सहकारिता, जिला आपूर्ति, जिला उद्योग केंद्र, पेयजल एवं स्वच्छता, जिला स्वास्थ्य विभाग, श्रम विभाग, जिला समाज कल्याण, उद्यान विभाग, भूमि संरक्षण, विद्युत आपूर्ति, लघु सिंचाई प्रमंडल और ग्रामीण कार्य विभाग सहित अन्य सभी विभागों के कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई। संबंधित विभागीय अधिकारियों ने जनप्रतिनिधियों द्वारा उठाए गए मुद्दों की वास्तविक स्थिति, तकनीकी बाधाओं और उनके निवारण हेतु बनाई गई आगामी योजनाओं से अध्यक्ष व सदन को अवगत कराया।

निर्धारित समय-सीमा में कार्य पूरा करने के सख्त निर्देश

जिला परिषद अध्यक्ष किरण माला बाड़ा ने जनप्रतिनिधियों द्वारा उठाए गए सभी मामलों को बेहद गंभीरता से लिया और अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि ग्रामीण विकास से जुड़ी योजनाओं में किसी भी स्तर पर शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी विभागों को निर्देशित किया कि आज की बैठक में तय किए गए प्रस्तावों और योजनाओं का क्रियान्वयन अगली बैठक से पूर्व समय-सीमा के भीतर सुनिश्चित करें, ताकि धरातल पर आम जनता को सरकारी योजनाओं का त्वरित लाभ मिल सके।

राम भक्तों के लिए

रायडीह के सुदूरवर्ती कोब्जा पंचायत पहुंचे उपायुक्त दिलेश्वर महत्तो; ग्रामीणों से सीधा संवाद कर जानीं समस्याएं, ऑन द स्पॉट दिए समाधान के निर्देश

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न्यूज – गनपत लाल चौरसिया – ब्यूरो प्रमुख – गुमला

गुमला : – गुमला जिला अंतर्गत स्थित रायडीह प्रखंड के कोबजा पंचायत के बुचीदांड़, नवाटोली, गलगोटेरी, नकटी झरिया सहित कोबजा पंचायत के विभिन्न गांवों – टोलों के ग्रामीणों से उपायुक्त ने की मुलाकात इसी क्रम में ग्रामीणों की समस्या विशेष कर पेयजल संकट अभिलंब दूर करने के उद्देश्य से संबंधित विभाग को 15 दिनों का अल्टीमेटम; खराब जल मीनारें होंगी दुरुस्त, चुआं-डांड़ी प्रभावित क्षेत्रों में होगी डीप बोरिंग*

सड़क, बिजली, नेटवर्क और शिक्षकों की कमी पर जिला प्रशासन गंभीर; संबंधित विभागों को दिए त्वरित कार्रवाई के निर्देश
उक्त भ्रमण के दौरान गुमला उपयुक्त दिलेश्वर महतो ने गुमला जिले के अंतिम छोर पर बसे सुदूरवर्ती गांवों तक विकास योजनाओं की पहुंच सुनिश्चित करने तथा ग्रामीणों की समस्याओं का मौके पर समाधान करने के उद्देश्य से उपायुक्त दिलेश्वर महत्तो द्वारा बुधवार को रायडीह प्रखंड के अत्यंत सुदूरवर्ती कोब्जा पंचायत के विभिन्न गांवों का स्थलीय निरीक्षण किया गया तथा जनसंवाद कार्यक्रम में भाग लिया गया। इस दौरान अपर समाहर्ता राजीव नीरज, अनुमंडल पदाधिकारी अखिलेश कुमार, जिला परिवहन पदाधिकारी, जिला आपूर्ति पदाधिकारी, भूमि संरक्षण पदाधिकारी, प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचल अधिकारी, जेएसएलपीएस के प्रतिनिधि सहित अन्य जिला एवं प्रखंड स्तरीय पदाधिकारी उपस्थित थे।

कठिन पहाड़ी रास्तों को पार कर सुदूरवर्ती गांवों तक पहुंचे उपायुक्त

निरीक्षण के दौरान उपायुक्त जिला मुख्यालय से काफी दूर स्थित कोब्जा पंचायत के बुचीदांड़, नवाटोली, गलगोटेरी, नकटी झरिया एवं आसपास के अन्य टोलों में पहुंचे। लगभग पांच हजार की आबादी वाले इस क्षेत्र में ग्रामीणों के बीच बैठकर उन्होंने उनकी समस्याएं सुनीं तथा संबंधित अधिकारियों को तत्काल संज्ञान लेकर कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

जनसंवाद के दौरान मुख्य रूप से पेयजल संकट, सड़क एवं आवागमन, बिजली, मोबाइल नेटवर्क, शिक्षकों की कमी, आंगनबाड़ी केंद्र, खेल मैदान, आवास एवं अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं से जुड़ी समस्याएं सामने आईं।

ग्रामीणों को संबोधित करते हुए उपायुक्त ने कहा कि सुदूरवर्ती क्षेत्र होने के कारण चुनौतियां अधिक हैं, लेकिन जिला प्रशासन सभी समस्याओं के समाधान के लिए गंभीर एवं प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि प्राथमिकता के आधार पर एक-एक समस्या का समाधान सुनिश्चित किया जाएगा।

प्रमुख समस्याओं पर उपायुक्त की त्वरित कार्रवाई व निर्देश

10 से 15 दिनों में दूर होगी पेयजल समस्या:

ग्रामीणों ने बताया कि कई गांवों में आज भी लोग डांड़ी एवं चुआं जैसे पारंपरिक जलस्रोतों का पानी पीने को विवश हैं। गलगोटेरी गांव में स्थिति और गंभीर है, जहां ग्रामीण नदी का पानी पीकर जीवन यापन कर रहे हैं। क्षेत्र में स्थापित जल मीनार भी लंबे समय से खराब पड़ी हुई है तथा नए चापाकलों की आवश्यकता है।

पेयजल संकट पर सख्त रुख अपनाते हुए उपायुक्त ने संबंधित विभाग को पूरे क्षेत्र का तत्काल सर्वेक्षण करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि खराब पड़ी जल मीनारों, मोटरों एवं अन्य पेयजल संरचनाओं को 15वें वित्त आयोग की राशि से तत्काल दुरुस्त किया जाए। जिन क्षेत्रों में लोग चुआं, डांड़ी अथवा नदी के पानी पर निर्भर हैं वहां प्राथमिकता के आधार पर डीप बोरिंग कराई जाएगी। उपायुक्त ने कहा कि मुख्यालय लौटते ही आवश्यक प्राक्कलन तैयार कर स्वीकृति प्रदान की जाएगी तथा 10 से 15 दिनों के भीतर पेयजल व्यवस्था में सुधार सुनिश्चित किया जाएगा।

बरसात से पहले सड़क को बनाया जाएगा चलने योग्य:

ग्रामीणों ने कोब्जा बरटोली से ढोका पंचायत सचिवालय तक की जर्जर सड़क एवं अन्य संपर्क मार्गों की समस्या से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि बरसात के दिनों में गांवों का संपर्क पूरी तरह टूट जाता है तथा मरीजों को अस्पताल पहुंचाने में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।

इस पर उपायुक्त ने कहा कि स्थायी सड़क निर्माण हेतु विभागीय प्रक्रिया जारी रहेगी, वहीं तत्काल राहत के लिए मनरेगा के माध्यम से सड़क को आवागमन योग्य बनाया जाएगा ताकि वर्षा ऋतु में लोगों को परेशानी न हो। ग्रामीणों ने यह भी बताया कि यदि सड़क सुविधा बेहतर हो जाए तो क्षेत्र के लोग मुर्गी पालन एवं सूअर पालन जैसे आजीविका आधारित कार्यों को बड़े पैमाने पर अपनाकर आत्मनिर्भर बन सकते हैं। इस पर उपायुक्त ने संबंधित विभागों को आवश्यक सहयोग प्रदान करने के निर्देश दिए।

बिजली एवं नेटवर्क समस्या के समाधान के निर्देश:

जनसंवाद के दौरान नवाटोली में खराब पड़े ट्रांसफार्मर की समस्या भी सामने आई। ग्रामीणों ने बताया कि क्षेत्र में मोबाइल नेटवर्क की भारी समस्या है तथा स्थापित बीएसएनएल टावर भी प्रभावी ढंग से कार्य नहीं कर रहा है। इस पर उपायुक्त ने संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई कर बिजली एवं नेटवर्क व्यवस्था को सुदृढ़ करने के निर्देश दिए।

‘रेशनलाइजेशन’ से दूर होगी शिक्षकों की कमी:

स्थानीय विद्यालयों में शिक्षकों की कमी की शिकायत पर उपायुक्त ने कहा कि जिला शिक्षा पदाधिकारी एवं जिला शिक्षा अधीक्षक को आवश्यक निर्देश दिए जा चुके हैं। नई नियुक्ति होने तक जिले में उपलब्ध शिक्षकों का युक्तिकरण कर अतिरिक्त शिक्षकों को आवश्यकता वाले विद्यालयों में प्रतिनियुक्त किया जाएगा, ताकि बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो।

आंगनबाड़ी, विद्यालय एवं खेल मैदान की मांग पर सकारात्मक पहल:

ग्रामीणों ने विशेष रूप से गलगोटेरी क्षेत्र में नए आंगनबाड़ी केंद्र, प्राथमिक विद्यालय एवं बच्चों के लिए खेल मैदान की मांग रखी। इस पर उपायुक्त ने संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। ग्रामीणों द्वारा आंगनबाड़ी भवन निर्माण हेतु भूमि उपलब्ध कराने की सहमति भी प्रदान की गई, जिस पर शीघ्र कार्रवाई करने को कहा गया।

महिला समूहों की आय बढ़ाने पर विशेष जोर:

दौरे के दौरान उपायुक्त ने जेएसएलपीएस से जुड़े महिला समूहों की गतिविधियों की भी समीक्षा की। क्षेत्र में सक्रिय महिला मंडलों की आय बढ़ाने, उन्हें स्वरोजगार एवं आजीविका गतिविधियों से जोड़ने तथा आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।

पेंशन, आवास एवं जनकल्याणकारी योजनाओं का मिलेगा लाभ:

उपायुक्त ने निर्देश दिया कि जिन पात्र ग्रामीणों का अब तक पेंशन स्वीकृत नहीं हुआ है, उन्हें चिन्हित कर शीघ्र ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया पूरी की जाए। साथ ही पात्र लाभुकों को आवास, चापाकल एवं अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराने के लिए भी अधिकारियों को निर्देशित किया गया।

मुखिया और प्रमुख को उपायुक्त की दोटूक “पैसे बचाकर न रखें, जनता के काम में लगाएं”

गांव के अंदरूनी रास्तों में जलजमाव एवं कीचड़ की समस्या को लेकर उपायुक्त ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों को जवाबदेही निभाने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि पंचायतों के पास 15वें वित्त आयोग की राशि उपलब्ध है, जिसका उपयोग स्थानीय समस्याओं के समाधान में किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि विकास योजनाओं की राशि को लंबित रखने के बजाय जनता के हित में समय पर खर्च किया जाए।

लंबित कार्यों की समीक्षा एवं परिसंपत्तियों का वितरण

ग्रामीणों द्वारा वर्ष 2024 में स्वीकृत एक लंबित सामुदायिक परिसंपत्ति निर्माण कार्य का मामला भी उठाया गया, जिस पर उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

इस अवसर पर उपायुक्त ने कोब्जा पंचायत भवन में आयोजित कार्यक्रम के दौरान विभिन्न योजनाओं के लाभुकों के बीच परिसंपत्तियों का वितरण भी किया तथा योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की समीक्षा की।

उपायुक्त ने कहा कि जिला प्रशासन सुदूरवर्ती क्षेत्रों के विकास, बुनियादी सुविधाओं के विस्तार तथा ग्रामीणों के जीवन स्तर में सुधार के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहा है तथा सभी विभागों को समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

राम भक्तों के लिए

गोमिया में भारी वाहनों से राहगीर परेशान, घंटों बाधित रहा आवागमन

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न्यूज – कहकशां फारुकी

गोमिया में इन दिनों बड़े मालवाहक वाहनों, विशेषकर बारह चक्का ट्रकों के आवागमन से आम लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बुधवार को स्कूल बैग से लदा एक बड़ा ट्रक सिंगल रोड पर फंस गया, जिससे लगभग एक घंटे तक मार्ग पूरी तरह बाधित रहा और दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, ट्रक सड़क किनारे एक पेड़ की शाखा में फंस गया था। शाखा के कारण वाहन आगे नहीं बढ़ पा रहा था, जिसके बाद मार्ग को चालू करने के लिए पेड़ की शाखा काटनी पड़ी। इसके बाद ही ट्रक को आगे बढ़ाया जा सका और आवागमन सामान्य हो पाया।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस प्रकार की घटनाएं अक्सर होती रहती हैं, जिससे राहगीरों, स्कूली बच्चों और छोटे वाहन चालकों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। संकरी सड़कों पर भारी वाहनों के प्रवेश से दुर्घटना की आशंका भी बनी रहती है।
गौरतलब है कि गोमिया के पूर्व विधायक स्वर्गीय माधव लाल सिंह ने आम जनता की सुविधा को ध्यान में रखते हुए नियमानुसार शाम चार बजे के बाद बड़े वाहनों के सड़क पर आवागमन पर रोक लगवाई थी। उस समय वाहन संचालकों द्वारा इस व्यवस्था का पालन भी किया जाता था, जिससे यातायात व्यवस्था सुचारू बनी रहती थी।
स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि पूर्व में लागू व्यवस्था को पुनः प्रभावी बनाया जाए तथा भारी वाहनों के आवागमन के लिए निर्धारित समय तय किया जाए, ताकि आम लोगों को जाम और अन्य समस्याओं से राहत मिल सके।

राम भक्तों के लिए

गोमिया में लाभुकों के बीच तीन यूनिट चूजों का वितरण, स्वरोजगार को मिलेगा बढ़ावा

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न्यूज – कहकशां फारुकी

गोमिया प्रखंड मुख्यालय परिसर में बुधवार को पशुपालन विभाग की ओर से लाभुकों के बीच तीन यूनिट चूजों का वितरण किया गया। प्रत्येक यूनिट में 500 चूजे शामिल थे। इसके साथ ही चूजों के पालन-पोषण के लिए आवश्यक दाना, पेयजल पात्र तथा खाने के बर्तन भी लाभुकों को उपलब्ध कराए गए।

कार्यक्रम में प्रखंड विकास पदाधिकारी महादेव कुमार महतो, अंचलाधिकारी आफताब आलम, गोमिया प्रमुख तथा पशुपालन विभाग के चिकित्सक डॉ. अनिल कुमार केरकेट्टा सहित लाभुक व ग्रामीण उपस्थित थे।

इस अवसर पर पशुपालन विभाग के चिकित्सक डॉ. अनिल कुमार केरकेट्टा ने कहा कि सरकार की यह योजना ग्रामीण परिवारों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने लाभुकों से चूजों की वैज्ञानिक पद्धति से देखभाल करने तथा विभाग द्वारा दिए गए निर्देशों का पालन करने की अपील की। उन्होंने कहा कि सही प्रबंधन और नियमित देखभाल से मुर्गी पालन एक लाभदायक व्यवसाय बन सकता है, जिससे परिवार की आय में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।

प्रखंड विकास पदाधिकारी महादेव कुमार महतो ने कहा कि सरकार की विभिन्न स्वरोजगार योजनाओं का उद्देश्य ग्रामीणों की आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ करना है। मुर्गी पालन के माध्यम से लाभुक कम लागत में बेहतर आय अर्जित कर सकते हैं। उन्होंने लाभुकों से योजना का पूर्ण लाभ उठाने तथा इसे रोजगार के स्थायी साधन के रूप में विकसित करने का आह्वान किया।

वहीं अंचलाधिकारी मोहम्मद आफताब आलम ने कहा कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में पशुपालन की महत्वपूर्ण भूमिका है। सरकार द्वारा उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं का सही उपयोग कर लाभुक अपनी आजीविका को सशक्त बना सकते हैं। उन्होंने कहा कि प्रशासन लाभुकों को हर संभव सहयोग प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है।

कार्यक्रम के दौरान लाभुकों ने सरकार एवं पशुपालन विभाग के प्रति आभार व्यक्त करते हुए योजना से लाभान्वित होने की बात कही।

राम भक्तों के लिए

एनजीटी द्वारा रोक लगाते ही गुमला जिला प्रशासन द्वारा बालू निकासी पर पूरी तरह प्रतिबंध

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न्यूज – गनपत लाल चौरसिया – ब्यूरो प्रमुख – गुमला

अवैध खनन पर लगातार जारी रहेगा अभियान

गुमला : – गुमला जिला प्रशासन द्वारा एनजीटी की रोक लगते ही जिला प्रशासन रेस हुआ, जिला खनन टास्क फोर्स की बड़ी कार्रवाई, सिसई में अवैध बालू लदा ट्रैक्टर जब्त, प्राथमिकी दर्ज किया गया,
कोयल नदी के नागफेनी, बरगाँव, पण्डरानी और ओलमुण्डा क्षेत्रों में जिला प्रशासन की औचक छापेमारी की गई ।
नियम विरुद्ध बालू भंडारण स्थलों को ‘कारण पृच्छा’ (शो-कॉज) नोटिस, तब तक प्रेषण पर पूरी तरह रोक।
10 जून से 15 अक्टूबर 2026 तक रहेगा एनजीटी का प्रतिबंध, अवैध खनन पर लगातार जारी रहेगा अभियान।
राष्ट्रीय हरित अधिकरण द्वारा बालू उत्खनन पर रोक लगाते ही गुमला जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया है। उपायुक्त, गुमला के सख्त आदेशानुसार आज बुधवार को जिला खनन टास्क फोर्स द्वारा बालू घाटों एवं भंडारण स्थलों पर व्यापक छापेमारी अभियान चलाया गया। यह संयुक्त कार्रवाई अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीओ), गुमला की अध्यक्षता में की गई।

कोयल नदी के विभिन्न घाटों पर औचक दबिश

छापेमारी दल में अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसडीपीओ) गुमला, जिला खनन पदाधिकारी (डीएमओ) गुमला, अंचलाधिकारी (सीओ) सिसई, खान निरीक्षक एवं सशस्त्र पुलिस बल शामिल थे। इस उच्चस्तरीय टीम द्वारा सिसई अंचल के अंतर्गत कोयल नदी के नागफेनी, बरगाँव, पण्डरानी एवं ओलमुण्डा सहित विभिन्न संवेदनशील क्षेत्रों में अवैध बालू उत्खनन और भण्डारण की औचक जाँच की गई।

ट्रैक्टर जब्त, एफआईआर दर्ज और स्टॉक सीज
जाँच के क्रम में नागफेनी नदी घाट पर ट्रैक्टरों के माध्यम से अवैध रूप से बालू का उत्खनन कर उसका परिवहन करते हुए पाया गया। टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक बिना नंबर के ट्रैक्टर को अवैध बालू सहित रंगे हाथ जब्त किया। इस मामले में खान निरीक्षक द्वारा सिसई थाना में सुसंगत धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कराई गई है।
इसके अतिरिक्त, क्षेत्र के विभिन्न बालू भंडारण स्थलों (स्टॉकयार्ड) की जाँच की गई। भंडारण नियमों के अनुकूल नहीं पाए जाने के कारण संबंधित संचालकों को कारण पृच्छा नोटिस निर्गत किया जा रहा है। शासन द्वारा निर्देश दिया गया है कि नोटिस का संतोषजनक जवाब आने तक इन स्थलों से बालू का प्रेषण (चालान/परिवहन) पूरी तरह बंद रहेगा।

अवैध कारोबारियों पर प्रशासन की पैनी नजर
प्रशासनिक अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि 10 जून 2026 से 15 अक्टूबर 2026 तक NGT की रोक प्रभावी है। इस अवधि के दौरान यदि कोई भी व्यक्ति बालू का अवैध खनन, परिवहन या भंडारण करते हुए पाया जाता है, तो उसके विरुद्ध खनन अधिनियम और आईपीसी के तहत कठोरतम कानूनी कार्रवाई की जाएगी। जिला प्रशासन का यह औचक छापेमारी अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा l

राम भक्तों के लिए

उप विकास आयुक्त ने पालकोट और कामडारा प्रखंड का किया दौरा: मनरेगा, बागवानी और कूप निर्माण योजनाओं का लिया जायजा

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न्यूज – गनपत लाल चौरसिया – ब्यूरो प्रमुख – गुमला

पालकोट के उमरा और कामडारा के सुरहू पंचायत में विकास योजनाओं का हुआ स्थलीय निरीक्षण।

बिरसा हरित ग्राम योजना एवं बिरसा सिंचाई कूप योजना को समय पर और गुणवत्तापूर्ण पूरा करने के निर्देश।

गुमला : – गुमला जिला के ग्रामीणों को रोजगार से जोड़ने और ग्रामीण परिसंपत्तियों के सुदृढ़ीकरण को लेकर मंगलवार, दिनांक 09 जून को उप विकास आयुक्त (डीडीसी), गुमला अनिमेष रंजन द्वारा जिला अंतर्गत पालकोट एवं कामडारा प्रखंड का सघन दौरा किया गया। इस क्रम में उन्होंने पालकोट प्रखंड की उमरा पंचायत एवं कामडारा प्रखंड की सुरहू पंचायत में मनरेगा के तहत संचालित विभिन्न विकास योजनाओं का औचक निरीक्षण किया और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

योजनाओं की गुणवत्ता और प्रगति की जांच

निरीक्षण के दौरान उप विकास आयुक्त ने मुख्य रूप से ‘बिरसा हरित ग्राम योजना’ के अंतर्गत आम बागवानी तथा ‘बिरसा सिंचाई कूप योजना’ के तहत निर्माणाधीन कूपों का भौतिक सत्यापन किया। उन्होंने कार्य स्थल पर उपस्थित अधिकारियों और तकनीकी टीम को निर्देश देते हुए कहा कि सभी योजनाओं को निर्धारित समय-सीमा के भीतर और पूर्ण गुणवत्ता के साथ पूरा किया जाए, ताकि वर्षा ऋतु से पूर्व किसान इन योजनाओं का पूरा लाभ उठा सकें।

अधिकारियों को सख्त निर्देश

डीडीसी ने मनरेगा कार्यों में पारदर्शिता बरतने और मजदूरों को ससमय मानदेय भुगतान सुनिश्चित करने की बात कही। उन्होंने मौके पर उपस्थित प्रखंड स्तरीय पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि योजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग की जाए ताकि फील्ड स्तर पर किसी भी प्रकार की शिथिलता न रहे।

निरीक्षण के दौरान ये रहे उपस्थित
निरीक्षण कार्यक्रम के दौरान संबंधित प्रखंडों के प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ), सहायक परियोजना पदाधिकारी, प्रखंड कार्यक्रम पदाधिकारी (बीपीओ), जेएसएलपीएस के प्रतिनिधि सहित प्रदान संस्था के प्रतिनिधि एवं अन्य संबंधित कर्मी व अंचल निरीक्षक उपस्थित थे।

राम भक्तों के लिए

आम उत्सव सह बागवानी मेला’ का भव्य आयोजन: उप विकास आयुक्त ने किया उद्घाटन

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न्यूज – गनपत लाल चौरसिया – ब्यूरो प्रमुख – गुमला

बिरसा हरित ग्राम योजना के तहत ग्रामीण किसानों ने प्रदर्शित की आम की 15 से अधिक किस्में।

पालकोट सहकारी समिति ने 209 मीट्रिक टन आम का सफलतापूर्वक किया बाजार प्रबंधन, डीडीसी ने की सराहना।

गुमला : – गुमला जिला में ग्रामीण विकास विभाग से प्राप्त निर्देश के आलोक में मंगलवार 09 जून को गुमला जिला अंतर्गत पालकोट प्रखंड में मनरेगा के तहत संचालित ‘बिरसा हरित ग्राम योजना’ के अंतर्गत आम उत्सव सह बागवानी मेला का विधिवत उद्घाटन उप विकास आयुक्त गुमला अनिमेष रंजन द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया।

बागवानी लाभुकों से सीधा संवाद और स्टॉल निरीक्षण

कार्यक्रम के दौरान उप विकास आयुक्त ने आम बागवानी के प्रगतिशील लाभुकों और ग्रामीण किसानों से सीधा संवाद किया। उनकी समस्याओं को सुना और उनके अनुभवों को साझा किया। इस मेले में स्थानीय किसानों द्वारा 15 से अधिक विभिन्न प्रकार के आमों की प्रदर्शनी लगाई गई थी, जिसका उप विकास आयुक्त ने प्रत्येक स्टॉल पर जाकर गहन निरीक्षण किया और किसानों के प्रयासों की सराहना की।

पालकोट सहकारी समिति का बेहतरीन प्रदर्शन

डीडीसी ने कार्यक्रम में ‘प्रदान’ एवं जेएसएलपीएस द्वारा संपोषित ‘कृषि बागवानी सहकारी समिति, पालकोट’ तथा ‘बसिया पालकोट फार्मर कंपनी’ के कार्यों की विशेष रूप से प्रशंसा की। मंच से जानकारी दी गई कि:
पालकोट सहकारी समिति ने अब तक 209 मीट्रिक टन आम का सफलतापूर्वक बाजार व्यवस्था सुनिश्चित किया है, जिससे स्थानीय किसानों को उनके उत्पादों का उचित मूल्य मिल सका है।

प्रशासन हरसंभव मदद के लिए प्रतिबद्ध: उप विकास आयुक्त

इस विशेष अवसर पर उप विकास आयुक्त ने ग्रामीण किसानों, प्रदान, जेएसएलपीएस उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और किसानों की आय दोगुनी करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने भविष्य में भी इस प्रकार के प्रयासों को जिला प्रशासन की ओर से हरसंभव तकनीकी और प्रशासनिक मदद देने का पूरा भरोसा दिलाया।

राम भक्तों के लिए

Student Presents ‘Shame Flowers’ to Retiring Official in Protest Over Alleged Corruption in Jabalpur

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A unique and dramatic protest unfolded in Jabalpur, Madhya Pradesh, during the retirement farewell ceremony of C.K. Dubey, Assistant Commissioner of the Tribal Affairs Department. What was meant to be a celebratory event turned into a platform for dissent when a student chose to present the official with a bouquet of “Shame Flowers” instead of the customary farewell bouquet.

Addressing the gathering, the student openly accused Dubey of overseeing a tenure marked by corruption and administrative failures. He stated that officials facing such allegations should not be considered for reappointment after retirement. The unexpected gesture stunned attendees and significantly changed the atmosphere of the event.

The protest stems from long-standing complaints by students regarding poor conditions in tribal hostels. According to them, many hostels suffer from inadequate food supplies, lack of basic amenities, and neglect by the authorities. Students allege that corruption and departmental negligence have directly affected the welfare of tribal children.

The protesting students emphasized that their demonstration was not directed at a single individual alone but against a system that compromises the rights and welfare of underprivileged children. The incident has drawn attention to growing demands for accountability and transparency, highlighting how young people are increasingly willing to raise their voices against perceived injustice and administrative failures.

राम भक्तों के लिए

बिहार के दो महान समाजवादियों ने अपने पुत्रों को पैराशूट ड्रॉपिंग करा कर अपनी सारी राजनीतिक पूंजी की आहुति दे दी

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पटना : उपेंद्र कुशवाहा को यह यकीन था कि सम्राट चौधरी भले चाहे कुछ भी हो जाएं, बिहार के कुशवाहा उन्हें ही अपना नेता मानेंगे। लेकिन अभी जब विधान परिषद चुनाव के लिए एनडीए की ओर से उनके बेटे दीपक प्रकाश को उम्मीदवार नहीं बनाया गया तब यह साफ हो गया कि भाजपा केवल सम्राट चौधरी को कुशवाहों का नेता बनाना चाहती है। उनकी राह में आने वाले उपेंद्र कुशवाहा जैसे खर-पतवारों को दूर करने के लिए ही भाजपा ने उनके बेटे को बेटिकट कर दिया है।

पिछले कुछ साल से उपेंद्र की राजनीति पूरी तरह बीजेपी की कृपा पर टिकी है। बीजेपी ने लोकसभा का टिकट दिया, उन्हें राज्यसभा भेजा। विधानसभा चुनाव में उनकी पार्टी को सीटें दी। बेटे को दो बार मंत्री बनाया। अब वे चाहते थे कि उनके बेटे को विधान परिषद भेजा जाए, ताकि दीपक की कुर्सी सलामत रहे। बीजेपी ने इस बार उनकी इस ख्वाहिश को लगभग ठुकरा दिया है। अब वे नीतीश और निशांत को न्याय दिलाने की बात कर रहे हैं।

मंत्री बनने के बाद दीपक प्रकाश ने अपने लिए एक बेहतरीन सोशल मीडिया टीम बनाई और खुद को एक आधुनिक, सक्षम और हाईटेक मंत्री के रूप में प्रचारित कराया। जाति के नाम पर भी कई लोग उनके समर्थन में रहे। मगर उनकी पार्टी के चार में से तीन विधायकों ने एक वक्त पार्टी से नाराजगी दिखाई, चौथी खुद उनकी मां थीं। नाराजगी की एक बड़ी वजह उन्हें मंत्री बनाना था। बाद में राजनीतिक दांवपेंच में दक्ष उनके पिता ने नाराज तीन में से एक विधायक को पार्टी का प्रदेश अध्यक्ष बनाकर पार्टी को टूट से बचा लिया।

दीपक के पिता उपेंद्र कुशवाहा राजनीति में विचारों के पोषक माने जाते हैं। सोबर, मुद्दों की बात करने वाले राजनेता। मगर महत्वाकांक्षी और धैर्यहीन। इसलिए कहीं किसी जगह टिके नहीं। थोड़ी स्थितियां विपरीत हुई, विदा हो गए। पार्टियां बदलीं, अपनी पार्टी बनाते रहे। मगर जो उनका सपना था उसे पूरा कर नहीं पाए। कुशवाहा जाति के सिरमौर नेता समझे जाते थे, मगर उनसे कम अनुभवी और कम समझदार सम्राट चौधरी आज सिर्फ इसलिए बिहार के मुख्यमंत्री हैं, क्योंकि उन्हें हड़बड़ी नहीं थी।

अब उपेंद्र नहीं, सम्राट कुशवाहा जाति के नेता 

 बीजेपी ने उपेंद्र कुशवाहा के हर परिवारवादी फैसले का अब तक समर्थन किया। एक तरह से उन्हें राजनीतिक रूप से लाचार बना दिया। अब वे तेवर दिखा रहे हैं, मगर उनके पांवों के नीचे कितनी जमीन बची है? अब वे कुशवाहा जाति के नेता भी नहीं। बीजेपी शायद उन्हें विलय करने कह रही है। उपेंद्र कुशवाहा जानते हैं, जिस तरह नीतीश ने राज्यसभा जाकर अपनी राजनीतिक मौत पर खुद हस्ताक्षर किया, उन्हें भी यही करने के लिया मजबूर किया जा रहा है। वैसे भी अब उपेंद्र भाजपा के लिए किसी खास जरूरत के नहीं। मगर इन सबके बीच सवाल राजनीतिक सुचिता का भी है। जिसे उपेंद्र कुशवाहा ने पूरी तरह त्याग दिया है। ऐसे में वे ज्यादा बगावत करेंगे तो एक और आनंद मोहन बनकर रह जाएंगे, जो अपने बेटे के मंत्री न बनने के बाद बागी हुए हैं।

जब नीतीश कुमार ने अपने पुत्र को सीधे मंत्री बनाने में संकोच नहीं किया तो कुशवाहा की क्या बात की जाए? वे सौदेबाजी की राजनीति के अगुवा और परिवारवादी राजनीति के सर्वोत्तम उदाहरण हैं। कांग्रेस और लालू प्रसाद के दिखाए राह पर ये सभी चल रहे हैं। लालू प्रसाद ने तो बेटों को चुनाव लड़वाकर राजनीति में लाया लेकिन इन दो महान समाजवादियों ने अपने पुत्रों को पैराशूट ड्रॉपिंग करा कर अपनी सारी राजनीतिक पूंजी समाप्त कर दी।

लालू ने संघ को कभी तरजीह नहीं दी,पर नीतीश, उपेंद्र व जीतन उनकी गोद में जा बैठे 

असल में बिहार में दलितों और पिछड़ों की सियासत अब सिद्धांतविहीन हो चुकी है। लालू प्रसाद की राजनीति सामाजिक न्याय के सवालों से दूर होती जा रही है। लेकिन एक बड़ी बात यह है कि लालू प्रसाद आरएसएस की नफरत पर आधारित राजनीति को अभी तक चुनौती दे रहे हैं, उन्होंने अपनी हार नहीं मानी है। यह उन्हें अब भी खास बनाता है।

लेकिन नीतीश कुमार, जीतनराम मांझी, उपेंद्र कुशवाहा आदि नेताओं ने सामाजिक न्याय की राजनीति को तिलांजलि बहुत पहले दे दी थी और आरएसएस की गोद में जा बैठे थे। अब उनकी हालत यह है कि वे आरएसएस के पालतू जानवर बन चुके हैं।

जब पहली बार उपेंद्र कुशवाहा के बेटे को मंत्री बनाया गया था तब उन्होंने यह बात बड़ी साफगोई से कही थी कि उन्हें अपनी पार्टी की चिंता थी, इसलिए अपने बेटे को मंत्री बनाया।

उन्होंने पूर्व के अनुभवों को याद करते हुए कहा था कि पूर्व में कई लोग हुए जो उनकी पार्टी के टिकट पर जीते और पाला बदल लिया। इसके अलावा उपेंद्र कुशवाहा ने सारी आलोचनाओं को खारिज करते हुए कहा था कि एक बार नीतीश कुमार ने उनसे कहा था कि आदमी को एक हाथ से भोजन ग्रहण करते रहना चाहिए और दूसरे हाथ से मक्खियों को उड़ाते रहना चाहिए।

लेकिन ऐसा कहते समय उपेंद्र कुशवाहा को इस बात का अंदेशा नहीं था कि भाजपा के मन में क्या चल रहा है। वे तब भी नहीं समझे जब राजद से भाजपा में शामिल हुए सम्राट चौधरी को भाजपा ने अपना सबसे कद्दावर नेता माना। इतना कद्दावर कि भाजपा ने नीतीश कुमार के हाथ से गृह विभाग छीनकर सम्राट चौधरी को दे दिया। सम्राट चौधरी भी कुशवाहा जाति के हैं।

खैर, आज जो उपेंद्र कुशवाहा के साथ भाजपा ने किया है, वह कोई ऐसी बात नहीं है, जिसका अनुमान पूर्व में नहीं लगाया जा रहा था। इसे याद रखा जाना चाहिए कि यदि कोई मजबूत किसी कमजोर को अपने माथे पर बिठाता है तो यूं ही नहीं बिठाता।

भाजपा-आरएसएस के लिए ओबीसी नेता  राजनीतिक टूल के सिवा और कुछ नहीं

बहरहाल, उपेंद्र कुशवाहा के हश्र से दलित और पिछड़े वर्ग के नेताओं को सबक लेना चाहिए। भाजपा और आरएसएस के लिए वे केवल राजनीतिक टूल हैं, ताकि सामाजिक न्याय की राजनीति को कमजोर किया जा सके और ओबीसी को हिंदू बनाया जा सके। देर-सबेर उनका हश्र भी यही होने वाला है जो आज नीतीश कुमार और उपेंद्र कुशवाहा का हुआ है।

राम भक्तों के लिए

गोमिया में मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना के तहत बकरी,बकरा का़ वितरण किया गया

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News – Kahkashan Farooqi

गोमिया: मंगलवार को गोमिया प्रखंड मुख्यालय समीप मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना के तहत नौ लाभुकों के बीच आठ बकरी एवं दो बकरा का वितरण प्रखंड पशुपालन पदाधिकारी डॉक्टर अनिल केरकेट्टा ने किया। इस अवसर पर प्रत्येक लाभुक को आठ बकरी व दो बकरा का वितरण किया गया, प्रखंड पशुपालन पदाधिकारी डॉ अनिल केरकेट्टा ने लाभुकों से कहा की ये पशुधन स्वरोजगार के लिए उपलब्ध कराया जा रहा है, जिसकी देख रेख और हिफाजत उन्हें स्वयं करनी है, यदि किसी प्रकार की परेशानी हो तो वे प्रखंड कार्यालय समीप प्रथम वर्गीय पशु चिकित्सालय में संपर्क कर उचित सलाह ले सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा की सरकार द्वारा प्रदत्त मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना के तहत वितरण किए गए पशुधन से लाभुक स्वावलंबी बन सकते है और अपनी आमदनी को भी बढ़ा सकते हैं ताकि लाभुक बेहतरीन तरीके से अपना जीवन यापन कर सकें। मौक पर टीवीओ डॉ पूनम किंडो,करमचन्द, भुनेश्वर महतो, अल्ताफ रजा, अंशु रंजन, चंदन दास सहित अन्य लोग उपस्थित थे।

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