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Wednesday, November 4, 2026
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SIR-2026 को लेकर गुमला DC का औचक निरीक्षण, सीलम में कई मामलों का मौके पर निपटारा

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गुमला न्यूज ब्यूरो प्रमुख – गणपत लाल चौरसिया

गुमला: मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण SIR-2026 की जमीनी स्थिति देखने के लिए उपायुक्त-सह-जिला निर्वाचन पदाधिकारी दिलेश्वर महतो ने बुधवार को रायडीह प्रखंड के विभिन्न विशेष मतदाता शिविरों का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने पंचायत भवन सीलम और ग्राम पंचायत सिकोई में चल रहे शिविरों में पहुंचकर दावे-आपत्तियों, नोटिस तामिला, दस्तावेजों के सत्यापन और लंबित मामलों की स्थिति देखी।

उपायुक्त ने शिविर में मौजूद मतदाताओं से सीधे बातचीत कर प्रक्रिया से जुड़ी उनकी समस्याएं भी सुनीं। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देश दिया कि पात्र मतदाताओं को अनावश्यक परेशानी न हो और दस्तावेजों की जांच के बाद मामलों का निर्धारित समय-सीमा में निष्पादन किया जाए।

सीलम में DC ने खुद सुनी मामलों की सुनवाई

सीलम पंचायत में उपायुक्त खुद सुनवाई प्रक्रिया में शामिल हुए। उन्होंने नोटिस पाने वाले मतदाताओं के दस्तावेज और उपलब्ध अभिलेख देखे। संबंधित कागजात और साक्ष्यों के आधार पर नियमानुसार कार्रवाई करते हुए कई मामलों का मौके पर ही निष्पादन किया गया।

उन्होंने अधिकारियों को कठिन और जटिल मामलों की नियमित समीक्षा करने तथा जरूरत पड़ने पर वरीय अधिकारियों से मार्गदर्शन लेकर उनका जल्द समाधान करने का निर्देश दिया।

लंबित मामलों को लेकर अधिकारियों को निर्देश

निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने शिविरों के लिए टैग वरीय अधिकारी एसडीओ सदर अखिलेश कुमार और सहायक निदेशक सामाजिक सुरक्षा ललन कुमार रजक से लंबित मामलों की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि प्राप्त प्रपत्रों और जरूरी दस्तावेजों का नियमानुसार सत्यापन कर ऑनलाइन प्रक्रिया समय पर पूरी की जाए।

उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि किसी भी मामले को बिना वजह लंबित न रखा जाए और प्रत्येक मतदाता के मामले में उपलब्ध दस्तावेजों और साक्ष्यों के आधार पर निष्पक्ष निर्णय लिया जाए।

वृद्धाश्रम पहुंचकर बुजुर्गों के मतदाता सत्यापन की समीक्षा

विशेष शिविरों के निरीक्षण के बाद उपायुक्त सीलम स्थित वृद्धाश्रम भी पहुंचे। यहां उन्होंने रह रहे वरिष्ठ नागरिकों के मतदाता सत्यापन की स्थिति की जानकारी ली और पात्र वृद्धजनों का शत-प्रतिशत सत्यापन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

उन्होंने कहा कि जिन बुजुर्गों के पास अभी मतदाता पहचान पत्र नहीं है, उनकी पात्रता के अनुसार जरूरी प्रक्रिया पूरी कराकर मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने की कार्रवाई की जाए। वहीं, SIR-2026 के तहत नोटिस प्राप्त करने वाले वृद्धजनों के दस्तावेजों की जांच और सत्यापन को प्राथमिकता देने का निर्देश दिया।

उपायुक्त ने कहा कि निर्वाचन प्रक्रिया में हर पात्र नागरिक की भागीदारी सुनिश्चित करना जिला प्रशासन की प्राथमिकता है। खासकर वृद्धजनों, दिव्यांगजनों और अन्य संवेदनशील वर्गों के मामलों में प्रशासन को संवेदनशीलता और तत्परता के साथ काम करना चाहिए।

निरीक्षण के दौरान उन्होंने संबंधित पदाधिकारियों और कर्मियों को निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए पूरी प्रक्रिया पारदर्शी, निष्पक्ष और निर्धारित समय-सीमा में पूरी करने का निर्देश दिया, ताकि मतदाता सूची को त्रुटिरहित और अद्यतन बनाया जा सके।

मौके पर एसडीओ सदर अखिलेश कुमार, सहायक निदेशक सामाजिक सुरक्षा ललन कुमार रजक समेत निर्वाचन शाखा के संबंधित कर्मी मौजूद रहे।

राम भक्तों के लिए

गोमिया में CPM की बैठक, SIR और बिजली समस्या पर चर्चा…आंदोलन की चेतावनी

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न्यूज – कहकशां फारूकी 

गोमिया: भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) की गोमिया प्रखंड कमेटी की बैठक बुधवार को स्वांग स्थित पार्टी कार्यालय में प्रखंड अध्यक्ष विनय महतो की अध्यक्षता में हुई। बैठक में राज्य कमेटी सदस्य रामचंद्र ठाकुर मुख्य रूप से मौजूद रहे। इस दौरान SIR, MMDR संशोधन कानून और क्षेत्र की विभिन्न जनसमस्याओं को लेकर चर्चा की गई।

बैठक को संबोधित करते हुए रामचंद्र ठाकुर ने कहा कि SIR का उद्देश्य मतदाताओं को परेशान करना नहीं, बल्कि योग्य मतदाताओं को बिना किसी परेशानी के नई मतदाता सूची में शामिल करना होना चाहिए। उन्होंने कहा कि MMDR संशोधन कानून से झारखंड समेत देश के दूसरे राज्यों को आर्थिक नुकसान होने की आशंका है।

बिजली कटौती और लो वोल्टेज पर उठाई आवाज

प्रखंड सचिव राकेश कुमार ने गोमिया क्षेत्र में लगातार हो रही बिजली कटौती और लो वोल्टेज की समस्या का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि कई इलाकों में बिजली की अनियमित आपूर्ति से उपभोक्ता परेशान हैं। बिजली आने के बाद भी कई जगहों पर लो वोल्टेज की समस्या बनी रहती है, जिससे घरेलू उपकरणों के साथ रोजमर्रा के काम प्रभावित हो रहे हैं।

उन्होंने झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड के अधिकारियों से तत्काल हस्तक्षेप कर नियमित बिजली आपूर्ति और लो वोल्टेज की समस्या दूर करने की मांग की। राकेश कुमार ने कहा कि अगर जल्द ठोस पहल नहीं हुई तो पार्टी आंदोलन करने को बाध्य होगी।

बढ़े हुए बिजली बिल की शिकायतों की जांच की मांग

बैठक में अचानक बढ़े हुए बिजली बिल मिलने की शिकायतों का मामला भी उठाया गया। राकेश कुमार ने कहा कि क्षेत्र के दर्जनों उपभोक्ताओं को बढ़े हुए बिल दिए जा रहे हैं, जिससे उन्हें परेशानी हो रही है। उन्होंने ऐसे मामलों की जांच कर बिल में जरूरी सुधार करने की मांग की।

उन्होंने बताया कि जल्द ही पार्टी का प्रतिनिधिमंडल विभाग के सहायक अभियंता से मुलाकात कर बिजली आपूर्ति और बिल से जुड़ी समस्याओं से अवगत कराएगा।

बैठक में प्रखंड कमेटी सदस्य लखन महतो, गौतम पांडे, राजेंद्र प्रजापति, अजय कुमार नायक, भोला स्वर्णकार, केशु कुमार और पूरन मांझी समेत अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।

राम भक्तों के लिए

चांडिल बांध विस्थापितों की 15 सूत्री मांगों को लेकर धरना, तीन माह का अल्टीमेटम

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चांडिल : चांडिल बांध से प्रभावित एवं विस्थापित परिवारों के लंबित अधिकारों, पुनर्वास, मुआवजा, रोजगार तथा पुनर्वास स्थलों की मूलभूत समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर “विस्थापित अधिकार मंच फाउंडेशन” एवं “विस्थापित मुक्ति वाहिनी” के संयुक्त तत्वावधान में बुधवार को चांडिल में एक दिवसीय शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन आयोजित किया गया।
धरना के दौरान संयुक्त मंच ने संबंधित विभागों एवं प्रशासन को तीन माह का समय देते हुए मांगों पर ठोस एवं समयबद्ध कार्रवाई प्रारंभ करने की मांग की। संगठनों ने स्पष्ट कहा कि यदि निर्धारित अवधि के भीतर विस्थापितों की मांगों पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं होती है अथवा समस्याओं के समाधान की दिशा में संतोषजनक पहल नहीं की जाती है, तो लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक तरीके से चरणबद्ध आंदोलन किया जाएगा।

विस्थापितों ने रखी 15 प्रमुख मांगें

संयुक्त मंच की ओर से प्रशासन एवं संबंधित विभागों को 15 सूत्री मांग-पत्र सौंपा गया। इसमें प्रमुख रूप से झारखंड राज्य विस्थापन एवं पुनर्वास आयोग का शीघ्र गठन एवं प्रभावी क्रियान्वयन, पुनर्वास स्थलों के भूखंडों का पट्टा एवं सीमांकन, अवैध कब्जे हटाने, आंशिक रूप से प्रभावित गांवों का पुनः सर्वेक्षण तथा पात्र परिवारों को पूर्ण विस्थापित का दर्जा देने की मांग शामिल है।
इसके अलावा लंबित भूमि, पेड़-पौधे, तालाब, कुआं, बाउंड्री वॉल एवं अन्य परिसंपत्तियों के मुआवजे का तत्काल भुगतान, मत्स्य पालन एवं नौकायन में स्थानीय विस्थापितों को प्राथमिकता, सभी 116 प्रभावित गांवों में समान प्रावधान लागू करने तथा विकास पुस्तिका से संबंधित लंबित कार्यों को पूरा करने की मांग की गई।
विस्थापितों ने पुनर्वास नीति-2012 के तहत मिलने वाले आवास, गृह निर्माण, परिवहन, स्वरोजगार एवं जीवन निर्वाह अनुदान की राशि को वर्तमान महंगाई एवं परिस्थितियों के अनुरूप बढ़ाने तथा पूर्व में आंशिक भुगतान प्राप्त परिवारों को शेष देय राशि का भुगतान करने की भी मांग रखी।

कार्यालयों में पारदर्शिता और दलाल प्रथा पर रोक की मांग

संयुक्त मंच ने पुनर्वास कार्यालय संख्या-2, विशेष भू-अर्जन कार्यालय तथा अन्य संबंधित कार्यालयों में कथित दलाल प्रथा पर पूर्ण रोक लगाने की मांग की। संगठनों ने कहा कि विस्थापितों से संबंधित सभी कार्य निर्धारित सरकारी प्रक्रिया के तहत सीधे एवं पारदर्शी तरीके से किए जाने चाहिए तथा किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर जिम्मेदार कर्मियों के विरुद्ध कार्रवाई होनी चाहिए।

सोलर प्रोजेक्ट से पहले ग्रामसभा और वैकल्पिक रोजगार की गारंटी मिले

विस्थापित संगठनों ने मांग की कि जलाशय क्षेत्र में प्रस्तावित सोलर प्रोजेक्ट से प्रभावित होने वाले विस्थापित परिवारों के हितों को पहले सुरक्षित किया जाए। परियोजना से पूर्व संबंधित गांवों में विधिवत ग्रामसभा आयोजित कर ग्रामीणों की राय एवं सहमति/अनापत्ति की प्रक्रिया पूरी की जाए तथा मत्स्य पालन एवं मछली पकड़ने पर निर्भर परिवारों के लिए स्थायी वैकल्पिक आजीविका की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

रोजगार एवं भर्ती में विस्थापितों को प्राथमिकता दी जाए

संयुक्त मंच ने भर्ती नियमावली-2025 के प्रावधानों के तहत संबंधित क्षेत्रीय कार्यालयों में भर्ती एवं रोजगार की प्रक्रिया शुरू करने की मांग की। संगठनों ने कहा कि पात्र विस्थापितों को सरकारी नौकरी उपलब्ध कराना संभव नहीं होने की स्थिति में नियमानुसार सम्मानजनक वैकल्पिक रोजगार अथवा उचित पुनर्वास सहायता उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाए।

अधिकारों के निपटारे तक जल भंडारण पर रोक की मांग

धरना के दौरान यह भी मांग रखी गई कि प्रभावित गांवों के विस्थापित परिवारों को भूमि, मुआवजा, अनुदान, पुनर्वास एवं अन्य देय अधिकारों का पूर्ण लाभ दिए बिना प्रभावित भूमि पर जल भंडारण की कार्रवाई आगे न बढ़ाई जाए। पहले विस्थापितों के लंबित अधिकारों एवं पुनर्वास संबंधी दायित्वों का निष्पादन सुनिश्चित किया जाए।

हर महीने प्रगति रिपोर्ट देने की मांग

विस्थापित संगठनों ने चांडिल जलाशय, पुनर्वास एवं विस्थापितों से संबंधित योजनाओं, प्रस्तावों, स्वीकृतियों एवं कार्यों की मासिक प्रगति रिपोर्ट उपलब्ध कराने की मांग की। यह रिपोर्ट विस्थापित अधिकार मंच फाउंडेशन एवं विस्थापित मुक्ति वाहिनी को भी प्रत्येक माह उपलब्ध कराने की मांग की गई, ताकि कार्यों की पारदर्शिता एवं प्रगति की समीक्षा की जा सके।
आंदोलन के अगले चरण में आवश्यकता पड़ने पर अनिश्चितकालीन धरना, भूख हड़ताल, जनसभा, रैली, मशाल जुलूस, विधानसभा घेराव, मुख्यमंत्री आवास का घेराव सहित अन्य शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
 
राम भक्तों के लिए

पीएम मोदी ने 12 सालों में  विकास कर देश का स्वरूप बदला दिया  : बाबूलाल मरांडी

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गिरिडीह में भाजपा ने सेवा ज्योति यात्रा निकाली

गिरिडीह (कमलनयन) : भारतीय जनता पार्टी द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जनसेवा के सफल 25 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में बुधवार को गिरिडीह के ऐतिहासिक झंडा मैदान में ‘विकसित भारत संकल्प सभा’ के तहत सेवा ज्योति यात्रा का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में झारखंड के प्रथम मुख्यमंत्री नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी भाजपा पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डॉ. रवींद्र कुमार राय, बगोदर विधायक सह सचेतक नागेंद्र महतो, पूर्व विधायक गण सहित भाजपा के कई नेता एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

विकसित भारत के संकल्प को आगे बढ़ाने का आह्वान

वक्ताओं ने सभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राजनीतिक और सार्वजनिक जीवन के 25 वर्षों की जनसेवा, सुशासन एवं राष्ट्र निर्माण के कार्यों को लेकर चर्चा की  तथा विकसित भारत के संकल्प को आगे बढ़ाने का आह्वान कर पार्टी-संगठन को सेवा भावना के जरिये मजबूत करने का संकलप लिया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत पीएम मोदी की राजनीतिक यात्रा की प्रेरक कहानियों और  देश के नाम दिए संबोधन को एकसाथ बैठकर सुना। तत्पश्चात श्री मरांडी के नेतृत्व में झंडा मैदान से सेवा ज्योति यात्रा निकाली गई। एक-एक कर  कार्यकर्ताओं ने ज्योति हाथ में लेकर शहर भ्रमण किया।
इस दौरान पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने कहा कि पीएम मोदी के सार्वजनिक एवं राजनीतिक जीवन के शानदार 25 साल पूरा हो गये। 13 साल गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में और अब 12 साल देश के पीएम के रूप में देशवासियों की सेवा में अपने जीवन को खपा रहे हैं।

कहा कि इन 12 सालों में पीएम मोदी ने हिन्दुस्तान का समावेशी विकास कर दुनिया के नक्शे पर भारत का स्वरूप बदल दिया। यही कारण है कि आज पूरा विश्व भारत से मित्रता की और बढ़ता दिखायी दे रहा है।
श्री मरांडी ने कहा कि पीएम मोदी ने सही मायनों में देश का विकास कर जनसेवा का मतलब जनता के बीच रखने का काम किया। पूर्व मुख्यमंत्री श्री मरांडी ने कहा कि देश के युवाओं के बीच भी we wil do it का मंत्र देकर पीएम मोदी ने भारत के विकास में सभी की भागिदारी सुनिश्चत करने का आहवान कर जनमानस को सेवा भावना के लिए प्रेरित किया।

यात्रा में ये लोग थे उपस्थित

सेवा ज्योति यात्रा में पूर्व सांसद रवींद्र राय, विधायक नागेंद्र महतो, पूर्व विधायक निर्भय शाहबादी, पूर्व विधायक जयप्रकाश वर्मा, महानगर अध्यक्ष रंजीत राय, दिनेश यादव, विनय सिंह, संजीव कुमार गुड्डू, मिथुन चंद्रवंशी, राकेश आर्या, शालिनी वैशाखियार, विनीता कुमारी, संदीप डांगीच, हरमिंदर सिंह बग्गा, संजीत सिंह पप्पू, नवीन सिन्हा, जयशंकर सिन्हा, मनोज साहू, सुरेश साहू समेत काफी संख्या मै पार्टी कार्यकताओं-समर्थकों ने भाग लिया।

 

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जर्जर निबंधन कार्यालय में भरभराकर गिरी फॉल्स सीलिंग, बाल-बाल बचा ऑपरेटर लोहे के एंगल समेत सीलिंग गिरी, कंप्यूटर-फर्नीचर क्षतिग्रस्त; अधिवक्ताओं ने नए भवन की उठाई मांग

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न्यूज – कहकशां फारूकी 

गोमिया__ बेरमो अनुमंडल निबंधन कार्यालय, तेनुघाट में मंगलवार की दोपहर उस समय बड़ा हादसा टल गया, जब रजिस्ट्री का काम चलने के दौरान करीब 12:38 बजे अचानक फॉल्स सीलिंग भरभराकर नीचे गिर गई। लोहे के एंगल समेत सीलिंग का पूरा हिस्सा कंप्यूटर ऑपरेटर के काउंटर पर जा गिरा। गनीमत रही कि ऑपरेटर समय रहते वहां से हट गए और बाल-बाल बच गए। घटना में उन्हें हल्की चोट आई है।
फॉल्स सीलिंग गिरने से कार्यालय में अफरा-तफरी मच गई। सीलिंग की शीट, लाइट, पंखा और बिजली के तार टूटकर नीचे बिखर गए। हादसे में कंप्यूटर और कार्यालय के फर्नीचर को भी नुकसान पहुंचा है। घटना के बाद कुछ समय के लिए कार्यालय का कामकाज प्रभावित रहा।
दीवारों में दरार, जगह-जगह सीलन
कार्यालय भवन की जर्जर हालत घटना के बाद साफ नजर आई। भवन की दीवारों में जगह-जगह दरारें हैं और सीलन भी बनी हुई है। अधिवक्ताओं और कार्यालय कर्मियों का कहना है कि भवन काफी पुराना हो चुका है और लंबे समय से इसकी मरम्मत की जरूरत महसूस की जा रही है।
कई बार दी गई सूचना, फिर भी नहीं हुई कार्रवाई
निबंधन पदाधिकारी रितु रंजन ने बताया कि भवन की जर्जर स्थिति के संबंध में भवन निर्माण विभाग, बोकारो प्रमंडल को कई बार लिखित सूचना दी गई है। इसके बावजूद अब तक उचित कार्रवाई नहीं हो सकी है।
हादसे के बाद अधिवक्ताओं एवं नवीस दस्तावेज संघ ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जिला निबंधन पदाधिकारी और उपायुक्त बोकारो से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। संघ ने जर्जर भवन की अविलंब मरम्मत कराने अथवा नए भवन की व्यवस्था करने की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते भवन की स्थिति नहीं सुधारी गई तो भविष्य में इससे भी बड़ा हादसा हो सकता है।

राम भक्तों के लिए

सड़कों पर उमड़ी प्रदर्शनकारियों की भीड़, साप्ताहिक बाजार मंगलवार होने के बावजूद, दुकानें बंद चक्का जाम

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गुमला न्यूज ब्यूरो प्रमुख – गणपत लाल चौरसिया

गुमला : – गुमला जिला मुख्यालय में सुबह होते ही नगर के चौक चौराहे, पड़े वीरान, साथ ही साथ जिले के विभिन्न प्रखंडों के प्रमुख चौराहों पर बड़ी संख्या में ओबीसी समाज के लोग जुटना शुरू हो गए। सैकड़ों की तादाद में प्रदर्शनकारी सड़कों पर उतर आए और अपने अधिकारों की आवाज बुलंद करने लगे। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जब तक उनकी जायज मांगों को पूरा नहीं किया जाता, तब तक उनका यह आंदोलन इसी तरह जारी रहेगा।

इस चक्का जाम और विरोध प्रदर्शन का सीधा असर सड़कों पर चलने वाली गाड़ियों पर पड़ा है। घाघरा के चांदनी चौक पर सैकड़ों समर्थकों के बीच में बैठने के कारण ट्रैफिक पूरी तरह ठप हो गया। इस जाम की वजह से 600 से अधिक बॉक्साइट ट्रकों के साथ-साथ अन्य व्यावसायिक और यात्री वाहनों के पहिये जहां के तहां थम गए।

सड़कों पर लगी गाड़ियों की लंबी कतार

सड़कों पर गाड़ियों की लंबी कतारें लगने और आवागमन पूरी तरह प्रभावित होने से राहगीरों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। मौके पर मौजूद प्रदर्शनकारी शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांग रख रहे हैं और प्रशासन से इस दिशा में ठोस पहल करने की बात कह रहे हैं। वहीं पुलिस और स्थानीय प्रशासन की टीम भी सुरक्षा के लिहाज से पूरे इलाके पर नजर बनाए हुए है।

राम भक्तों के लिए

चंदाली स्थित ईवीएम वेयरहाउस हाउस का उपायुक्त दिलेश्वर महत्तो द्वारा किया गया निरीक्षण

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गुमला न्यूज ब्यूरो प्रमुख – गणपत लाल चौरसिया

गुमला : – गुमला जिला मुख्यालय के चंदाली स्थित ईवीएम वेयरहाउस हाउस का मासिक निरीक्षण जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह उपायुक्त गुमला दिलेश्वर महत्तो ने किया।

निरीक्षण के दौरान उपायुक्त के द्वारा ईवीएम वेयर हाउस की सुरक्षा व्यवस्था से संबंधित आवश्यक पहलुओं, सीसीटीवी व अन्य उपकरणों की स्थिति और रख रखाव आदि की जांच की गई। उन्होंने संपूर्ण परिसर का भ्रमण कर जायजा लिया तथा विद्युत व्यवस्था, बैलट यूनिट हॉल, अग्निशमन व्यवस्था, कमरों के सीलिंग, डबल लॉक की स्थिति एवं निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित अन्य मानदंडों का निरीक्षण कर आवश्यक दिशा निर्देश दिए।

मौके पर उप निर्वाचन पदाधिकारी गुमला, संबंधित प्रशासनिक एवं निर्वाचन शाखा के पदाधिकारी एवं राजनैतिक दलों प्रतिनिधि उपस्थित थें।

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गुमला में SIR को लेकर उपायुक्त ने राजनीतिक दलों के साथ की समीक्षा बैठक, छूटे नोटिस जल्द पूरा कराने के निर्देश

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गुमला न्यूज ब्यूरो प्रमुख – गणपत लाल चौरसिया

गुमला: विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (SIR) को लेकर गुमला समाहरणालय सभागार में उपायुक्त की अध्यक्षता में विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ समीक्षा बैठक हुई। बैठक में चल रही SIR प्रक्रिया की प्रगति, सामने आ रही समस्याओं और उसके समयबद्ध निष्पादन को लेकर चर्चा की गई।

उपायुक्त ने बताया कि SIR की प्रक्रिया 14 अक्टूबर 2026 तक जारी रहेगी। उन्होंने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से प्रक्रिया में सक्रिय सहयोग करने की अपील की, ताकि निर्वाचन कार्य पारदर्शी और त्रुटिरहित तरीके से पूरा किया जा सके।

छूटे नोटिस पूरे कराने पर जोर

बैठक में उपायुक्त ने SIR के तहत लंबित या छूटे हुए नोटिसों को जल्द पूरा कराने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने राजनीतिक दलों से अपने स्तर पर समन्वय कर ऐसे मामलों को समय पर पूरा कराने में सहयोग करने को कहा।

उन्होंने कहा कि प्रक्रिया का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी योग्य मतदाता मतदाता सूची में शामिल होने से वंचित न रहे। इसके लिए प्रशासन और राजनीतिक दलों के बीच बेहतर समन्वय जरूरी है।

बैठक में यह भी बताया गया कि 10 अक्टूबर को सभी बूथों पर आवश्यक प्रक्रियाएं सुनिश्चित की जा रही हैं। उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को SIR से जुड़े कार्यों को तय समयसीमा के भीतर पूरा करने के निर्देश दिए।

राजनीतिक दलों ने दिया सहयोग का भरोसा

बैठक में मौजूद विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने SIR प्रक्रिया को समय पर पूरा कराने में प्रशासन को सहयोग देने का आश्वासन दिया। इस दौरान प्रशासनिक अधिकारियों के साथ निर्वाचन शाखा के संबंधित पदाधिकारी भी मौजूद रहे।

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जन शिकायत निवारण दिवस में दूर-दराज से पहुंचे नागरिक, उपायुक्त ने सुनीं समस्याएं

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गुमला न्यूज ब्यूरो प्रमुख – गणपत लाल चौरसिया

गुमला : – गुमला उपायुक्त दिलेश्वर महतो की अध्यक्षता में मंगलवार को समाहरणालय परिसर में साप्ताहिक जन शिकायत निवारण दिवस का आयोजन किया गया। इस दौरान जिले के विभिन्न प्रखंडों एवं दूर-दराज के क्षेत्रों से आए नागरिकों ने उपायुक्त से मुलाकात कर अपनी समस्याओं एवं शिकायतों से अवगत कराया तथा उनके समाधान के लिए आवेदन सौंपे।

जन शिकायत निवारण दिवस के दौरान मंडल कारा गुमला में बंद एक बंदी के परिजन द्वारा जेल में मारपीट एवं समुचित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध नहीं कराए जाने से संबंधित शिकायत प्रस्तुत की गई। आवेदक ने अपने पुत्र की सुरक्षा एवं स्वास्थ्य को लेकर चिंता व्यक्त करते हुए मामले की जांच एवं आवश्यक कार्रवाई का अनुरोध किया।

इसी क्रम में एक आवेदक द्वारा प्रधान डाकघर, गुमला में जमा राशि के भुगतान में लंबे समय से हो रहे विलंब से संबंधित समस्या उपायुक्त के समक्ष रखी गई। आवेदक ने बताया कि आर्थिक कठिनाइयों के कारण राशि का भुगतान उनके लिए अत्यंत आवश्यक है तथा मामले के शीघ्र निष्पादन का अनुरोध किया।

वहीं, बरटोली, मौजा कुलाबिरा के ग्रामीणों ने आदिवासी रैयती भूमि से संबंधित शिकायत उपायुक्त के समक्ष रखी। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि कुछ लोगों द्वारा भूमि पर जबरन कब्जा कर आवास निर्माण का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने अवैध कब्जे को रोकने तथा भूमि संबंधी मामले में आवश्यक कार्रवाई किए जाने का अनुरोध किया।

उपायुक्त ने सभी नागरिकों की शिकायतों एवं समस्याओं को गंभीरतापूर्वक सुना तथा संबंधित पदाधिकारियों को आवेदन की जांच कर नियमसंगत एवं समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि जन शिकायत निवारण दिवस का उद्देश्य आम नागरिकों की समस्याओं को सीधे सुनना और उनके समाधान की दिशा में प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करना है।

इस दौरान विभिन्न विभागों के संबंधित पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित रहे।

राम भक्तों के लिए

गुमला सदर अस्पताल में 29 किडनी मरीज एक मशीन के भरोसे

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गुमला न्यूज ब्यूरो प्रमुख – गणपत लाल चौरसिया

गुमला: गुमला सदर अस्पताल के डायलिसिस सेंटर में चार मशीनें लगी हैं, लेकिन इनमें से तीन पिछले करीब दो सप्ताह से खराब हैं। फिलहाल एक ही मशीन के सहारे डायलिसिस चल रहा है। इसका असर उन 29 मरीजों पर पड़ रहा है, जो नियमित इलाज के लिए इसी सेंटर पर निर्भर हैं।

सेंटर में चारों मशीनें ठीक रहने पर एक दिन में करीब 15 मरीजों का डायलिसिस हो सकता है। अभी यह संख्या घटकर करीब 4-5 मरीज प्रतिदिन रह गई है। ऐसे में जिन मरीजों को डॉक्टर की सलाह के मुताबिक सप्ताह में दो या तीन बार डायलिसिस कराना होता है, उन्हें अपनी बारी के लिए इंतजार करना पड़ रहा है।

किसी को तीसरी बार की जरूरत, किसी का इंतजार बढ़ा

58 वर्षीय देशबंधु प्रजापति पिछले करीब तीन साल से किडनी की बीमारी से जूझ रहे हैं। उन्हें सप्ताह में तीन बार डायलिसिस की जरूरत होती है। देशबंधु बताते हैं कि मशीन खराब होने के बाद फिलहाल उन्हें सप्ताह में केवल दो दिन ही डायलिसिस मिल पा रहा है।

वहीं 65 वर्षीय बलदेव प्रसाद का कहना है कि डायलिसिस के लिए कई बार घंटों इंतजार करना पड़ता है। मरीजों के मुताबिक, मशीनों की कमी के कारण इलाज का तय समय और शेड्यूल दोनों प्रभावित हो रहे हैं।

मरीज 18 से बढ़कर 29 हुए, लेकिन मशीनें कम पड़ गईं

डायलिसिस सेंटर में पिछले एक साल में मरीजों की संख्या बढ़ी है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, पिछले साल यहां करीब 18 मरीज डायलिसिस करा रहे थे, जबकि अब यह संख्या 29 हो चुकी है।

यानी जरूरत बढ़ी, लेकिन फिलहाल उपलब्ध मशीनों में से ज्यादातर काम नहीं कर रही हैं। यही वजह है कि सेंटर की रोजाना की क्षमता का पूरा इस्तेमाल नहीं हो पा रहा है।

दो सप्ताह से खराब, मरम्मत का इंतजार

मशीनों में खराबी की जानकारी करीब दो सप्ताह पहले संबंधित एजेंसी को दिए जाने की बात सामने आई है। सेंटर का संचालन पीपीपी मॉडल के तहत स्क्वाज संजीवनी प्राइवेट लिमिटेड द्वारा किया जा रहा है। मशीनों के रखरखाव और खराबी दूर करने की जिम्मेदारी भी संबंधित एजेंसी की बताई गई है।

इस बीच सेंटर से जुड़े भुगतान का मामला भी सामने आया है। जानकारी के अनुसार, पीपीपी मद में करीब 10 लाख, आयुष्मान योजना में करीब 11 लाख और लोअर इनकम श्रेणी में करीब 5 लाख रुपये बकाया बताए जा रहे हैं। एजेंसी की ओर से भुगतान के लिए अधिकारियों को आवेदन दिए जाने की बात कही गई है। एजेंसी का कहना है कि भुगतान होने के बाद मशीनों को दुरुस्त कराने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

लेकिन इन प्रशासनिक और भुगतान संबंधी मामलों के बीच मरीजों का इलाज प्रभावित हो रहा है। किडनी मरीजों के लिए डायलिसिस को लंबे समय तक टालना कोई सामान्य स्थिति नहीं है।

सेंटर तक पहुंचने में भी परेशानी

डायलिसिस कराने आने वाले मरीजों की मुश्किल सिर्फ मशीनों तक सीमित नहीं है। सेंटर का प्रवेश रास्ता करीब दो फीट चौड़ा बताया जा रहा है। गंभीर मरीजों को वाहन या स्ट्रेचर से अंदर ले जाने में परिजनों को परेशानी होती है।

सेंटर की दीवारों में पानी का रिसाव और सीलन की समस्या की बात भी सामने आई है। मरीजों और उनके परिजनों का कहना है कि जहां नियमित रूप से गंभीर मरीज इलाज के लिए आते हैं, वहां बुनियादी सुविधाओं और सुरक्षित पहुंच पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए।

अस्पताल प्रबंधन ने जल्द ठीक कराने की बात कही

सदर अस्पताल के डीएस डॉ. अनुपम किशोर ने बताया कि चार में से तीन डायलिसिस मशीनें खराब हैं। इसकी जानकारी संबंधित एजेंसी को दे दी गई है। उन्होंने मशीनों को जल्द दुरुस्त कराने और मरीजों को पहले की तरह सुविधा देने की बात कही है।

एजेंसी की ओर से भी मशीनों को जल्द ठीक कराने का आश्वासन दिए जाने की जानकारी है।

अब सवाल मरम्मत में हो रही देरी पर

गुमला में डायलिसिस पर निर्भर मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। ऐसे में चार मशीनों वाले सेंटर में तीन मशीनों का करीब दो सप्ताह तक बंद रहना मरीजों के लिए बड़ी परेशानी बन गया है।

मरीजों के लिए फिलहाल सबसे जरूरी है कि खराब मशीनें जल्द चालू हों और डायलिसिस का नियमित शेड्यूल बहाल किया जाए। साथ ही मशीनों के रखरखाव, सेंटर तक पहुंच और भवन की समस्याओं पर भी स्थायी समाधान निकले, ताकि इलाज के लिए आने वाले मरीजों को बीमारी के साथ व्यवस्था की परेशानी भी न झेलनी पड़े।

राम भक्तों के लिए
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