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Wednesday, November 4, 2026
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मेसर्स हरि नारायण भोग, मेसर्स हनुमान फ्लोर मिल और राजकीयकृत मध्य विद्यालय,करौंदी स्कूल में मध्याह्न भोजन का औचक निरीक्षण

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गुमला न्यूज ब्यूरो प्रमुख – गणपत लाल चौरसिया 

गुमला : – गुमला जिले में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने और मिलावटखोरी पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने विभिन्न व्यावसायिक प्रतिष्ठानों व विद्यालयों में औचक जाँच अभियान चलाया। उक्त संयुक्त कार्रवाई खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी प्रकाश चंद्र गुग्गी, कुमार प्रभाकर एवं आशा राज ने की । इस दौरान टीम ने तेलगांव और करौंदी क्षेत्र में सघन निरीक्षण किया।

मिली जानकारी के अनुसार, खाद्य सुरक्षा टीम ने तेलगांव स्थित मेसर्स हरि नारायण भोग’ में छापेमारी कर खाद्य सामग्रियों के रखरखाव, स्वच्छता और गुणवत्ता की जाँच की। इसके उपरांत टीम करौंदी पहुंची, जहां मेसर्स हनुमान फ्लोर मिल का निरीक्षण कर वहां पिसने वाले अनाज व आटे के मानकों की पड़ताल की गई।

इसके साथ ही, टीम ने करौंदी स्थित राजकीय उत्क्रमित मध्य विद्यालय, करौंदी का भी औचक दौरा किया। यहां बच्चों को दिए जाने वाले मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता, रसोई घर की साफ-सफाई और भोजन पकाने में प्रयुक्त होने वाली सामग्रियों (तेल, मसाले, अनाज आदि) की स्थिति का बारीकी से जायजा लिया गया। अधिकारियों ने विद्यालय प्रबंधन और रसोइयों को स्वच्छता के नियमों का कड़ाई से पालन करने तथा बच्चों को हमेशा ताजा, पौष्टिक व सुरक्षित भोजन परोसने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी प्रकाश चंद्र गुग्गी ने स्कूली बच्चों को स्वच्छता और अच्छी सेहत के गुर सिखाए। उन्होंने बच्चों को जागरूक करते हुए कहा कि किसी भी बीमारी से बचाव के लिए भोजन करने से पहले हाथों को अच्छी तरह साफ करना बेहद जरूरी है। इसके साथ ही उन्होंने बच्चों को शारीरिक व मानसिक रूप से तंदुरुस्त रहने के लिए प्रतिदिन व्यायाम करने की भी सलाह दी।
अधिकारियों ने दो टूक शब्दों में कहा कि आम जनता और स्कूली बच्चों के स्वास्थ्य व पोषण के साथ किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। विभाग का यह विशेष जांच अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।

 

राम भक्तों के लिए

SIR-2026: उपायुक्त ने डुमरी प्रखंड सह अंचल कार्यालय स्थित विशेष शिविर का किया निरीक्षण

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गुमला न्यूज ब्यूरो प्रमुख – गणपत लाल चौरसिया 

मतदाताओं से संबंधित मामलों के निष्पादन एवं दस्तावेज सत्यापन की ली जानकारी, अधिकारियों को समयबद्ध कार्रवाई के दिए निर्देश

गुमला : – गुमला जिला में भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार मतदाता सूची विशेष गहन पुनरीक्षण ( एस आई आर ) – 2026 के तहत जिले में संचालित विशेष शिविरों एवं सुनवाई प्रक्रिया की जमीनी स्थिति का जायजा लेने के उद्देश्य से जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह-उपायुक्त, गुमला दिलेश्वर महतो ने आज डुमरी प्रखंड सह अंचल कार्यालय का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने कार्यालय परिसर में आयोजित विशेष शिविर में भाग लेते हुए SIR-2026 के तहत संचालित कार्यों की जानकारी ली। मौके पर प्रखंड विकास पदाधिकारी, डुमरी सहित संबंधित पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित रहे।

उपायुक्त ने शिविर में प्राप्त मामलों, नोटिस से संबंधित प्रकरणों, मतदाताओं द्वारा प्रस्तुत किए गए दस्तावेजों, दस्तावेजों के सत्यापन तथा मामलों के निष्पादन की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने संबंधित पदाधिकारियों से लंबित मामलों की स्थिति एवं उनके निष्पादन के लिए की जा रही कार्रवाई के संबंध में भी जानकारी प्राप्त की।

निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने अधिकारियों एवं कर्मियों को निर्देश दिया कि SIR-2026 के तहत प्राप्त प्रत्येक मामले की जांच उपलब्ध दस्तावेजों एवं संबंधित अभिलेखों के आधार पर निर्धारित निर्वाचन प्रक्रिया के अनुरूप की जाए। उन्होंने कहा कि जिन मामलों में अतिरिक्त दस्तावेज अथवा स्पष्टीकरण की आवश्यकता है, संबंधित मतदाताओं को इसकी स्पष्ट जानकारी उपलब्ध कराई जाए, ताकि प्रक्रिया में अनावश्यक विलंब न हो।

उन्होंने लंबित मामलों की नियमित समीक्षा करते हुए निर्धारित समय-सीमा के भीतर निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। साथ ही, फील्ड स्तर पर सामने आने वाले कठिन अथवा विशेष मामलों में आवश्यकतानुसार वरीय पदाधिकारियों से मार्गदर्शन प्राप्त कर नियमानुसार कार्रवाई करने को कहा।

उपायुक्त ने विशेष शिविर में उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मियों को निर्देशित किया कि शिविर में आने वाले मतदाताओं को SIR-2026 की प्रक्रिया से संबंधित आवश्यक जानकारी सरल एवं स्पष्ट रूप से उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक मामले में निर्धारित निर्वाचन नियमों एवं दिशा-निर्देशों के अनुरूप निष्पक्ष एवं पारदर्शी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए तथा पात्र मतदाताओं को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।

उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि शिविरों में प्राप्त मामलों की नियमित मॉनिटरिंग की जाए और दस्तावेज सत्यापन सहित सभी प्रक्रियाओं को निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरा किया जाए।

राम भक्तों के लिए

जिला स्तरीय खेलो झारखंड में खिलाड़ियों ने दिखाई प्रतिभा, विजेता टीमों को मिला सम्मान

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गुमला न्यूज ब्यूरो प्रमुख – गणपत लाल चौरसिया 

गुमला : – राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी खेल एवं युवा प्रतिभा प्रोत्साहन योजना के तहत आयोजित जिला स्तरीय खेलो झारखंड प्रतियोगिता 2026 का दो दिवसीय आयोजन 28 एवं 29 सितंबर को उत्साहपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। प्रतियोगिता के तहत अंडर-17 आयुवर्ग में बालक एवं बालिका वर्ग की विभिन्न खेल विधाओं में खिलाड़ियों ने अपनी खेल प्रतिभा, अनुशासन और टीम भावना का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।

जिला स्तरीय प्रतियोगिता में जिले के विभिन्न प्रखंडों से प्रखंड स्तर पर चयनित एवं विजेता खिलाड़ियों तथा टीमों ने हिस्सा लिया। दो दिनों तक विभिन्न खेल मैदानों में खिलाड़ियों के बीच रोमांचक मुकाबले देखने को मिले। एथलेटिक्स के अलावा खो-खो, कबड्डी, वॉलीबाल, हॉकी और फुटबॉल सहित विभिन्न खेल विधाओं में बालक एवं बालिका वर्ग के खिलाड़ियों ने उत्साह के साथ भाग लिया।
प्रतियोगिता में खिलाड़ियों ने अपनी-अपनी खेल विधाओं में बेहतर प्रदर्शन करते हुए जिला स्तर पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। कई मुकाबलों में खिलाड़ियों के बीच कड़ा संघर्ष देखने को मिला। टीम खेलों में खिलाड़ियों की आपसी समझ, अनुशासन, खेल भावना और रणनीतिक कौशल विशेष रूप से देखने को मिला। वहीं एथलेटिक्स की विभिन्न स्पर्धाओं में खिलाड़ियों ने अपनी व्यक्तिगत क्षमता और मेहनत का परिचय दिया।

प्रतियोगिता के समापन अवसर पर आयोजित सम्मान समारोह में जिला शिक्षा अधीक्षक नूर आलम खां मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने प्रतियोगिता के सफल आयोजन पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए खिलाड़ियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि खेल केवल प्रतिस्पर्धा का माध्यम नहीं है, बल्कि इससे बच्चों में अनुशासन, नेतृत्व क्षमता, आत्मविश्वास, टीम भावना और सकारात्मक सोच का विकास होता है। ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों के बच्चों में खेल प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। ऐसे आयोजनों के माध्यम से उन्हें अपनी प्रतिभा को जिला एवं राज्य स्तर पर प्रदर्शित करने का अवसर मिलता है।

समापन समारोह में विभिन्न खेल विधाओं के विजेता एवं उपविजेता खिलाड़ियों तथा टीमों को जिला शिक्षा अधीक्षक नूर आलम खां द्वारा मोमेंटो, मेडल एवं ट्रॉफी प्रदान कर सम्मानित किया गया। पुरस्कार प्राप्त करते समय खिलाड़ियों में विशेष उत्साह और खुशी देखने को मिली। टीमों के खिलाड़ियों एवं उनके साथ आए शिक्षकों तथा प्रशिक्षकों ने भी आयोजन के प्रति संतोष व्यक्त किया।
आयोजन के दौरान खेल शिक्षकों, प्रशिक्षकों एवं संबंधित शिक्षकों की भूमिका भी महत्वपूर्ण रही।

खिलाड़ियों को प्रतियोगिता के दौरान आवश्यक मार्गदर्शन एवं सहयोग प्रदान किया गया। जिला स्तरीय प्रतियोगिता में चयनित प्रतिभावान खिलाड़ियों के प्रदर्शन से यह उम्मीद जगी है कि वे आगे राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में जिले का प्रतिनिधित्व करते हुए बेहतर प्रदर्शन करेंगे।

खेलो झारखंड प्रतियोगिता का उद्देश्य विद्यालय स्तर से ही बच्चों में खेल प्रतिभा की पहचान कर उन्हें उचित मंच उपलब्ध कराना तथा खेल के प्रति रुचि और प्रतिस्पर्धात्मक भावना को बढ़ावा देना है। जिला स्तरीय आयोजन ने इस उद्देश्य को आगे बढ़ाने के साथ-साथ जिले के विभिन्न प्रखंडों के खिलाड़ियों को एक साझा मंच पर अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर प्रदान किया।

जिला स्तरीय खेलो झारखंड प्रतियोगिता के अंडर-17 वर्ग में कबड्डी बालिका वर्ग में सिसई विजेता तथा रायडीह उपविजेता रहा। कबड्डी बालक वर्ग में घाघरा ने विजेता और गुमला ने उपविजेता का स्थान प्राप्त किया। खो-खो बालिका वर्ग में भरनो विजेता तथा गुमला उपविजेता रहा, जबकि खो-खो बालक वर्ग में सिसई विजेता और भरनो उपविजेता रहा। इसी प्रकार वॉलीबाल बालिका वर्ग में रायडीह विजेता तथा भरनो उपविजेता, जबकि वॉलीबाल बालक वर्ग में बसिया विजेता और घाघरा उपविजेता रहा। फुटबॉल बालिका वर्ग में गुमला की टीम विजयी रहीl

राम भक्तों के लिए

गुमला व सिसई में खाद्य सुरक्षा विभाग का बड़ा एक्शन होटलों और दुकानों की सघन जांच, कोटपा व FSS एक्ट, 2006 के तहत कार्रवाई; छेना में हाइड्रो-मैदा के उपयोग पर रोक

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गुमला न्यूज ब्यूरो प्रमुख – गणपत लाल चौरसिया 

गुमला : – गुमला जिला में नगर और सिसई प्रखंड के नागरिकों के स्वास्थ्य की सुरक्षा तथा बाजार में शुद्ध व मिलावटमुक्त खाद्य सामग्री की उपलब्धता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से खाद्य सुरक्षा विभाग ने सिसई प्रखंड में सघन जांच अभियान चलाया। जांच टीम की अचानक हुई इस कार्रवाई से प्रखंड मुख्यालय समेत आसपास के होटल और किराना व्यवसायियों में दिनभर हड़कंप की स्थिति बनी रही। कई दुकानदार आनन-फानन में अपनी व्यवस्था दुरुस्त करते नजर आए।

यह छापेमारी उपायुक्त गुमला के सख्त निर्देश और अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी सह अभिहित अधिकारी डॉ. धनुर्जय सुम्ब्रई के निर्देश पर उक्त अभियान में खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी प्रकाश चंद्र गुग्गी, कुमार प्रभाकर, आशा राज और तंबाकू निषेध पदाधिकारी वंदना स्मिता होरो ने किया।

निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने क्षेत्र के सभी होटल और मिष्ठान प्रतिष्ठान संचालकों को सख्त हिदायत दी कि छेना की मिठाइयां तैयार करते समय किसी भी सूरत में मैदा और हानिकारक एवं औद्योगिक केमिकल हाइड्रो का प्रयोग न करें। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि मिठाइयों में किसी भी प्रकार की मिलावट या हानिकारक रसायनों का इस्तेमाल जनस्वास्थ्य के साथ गंभीर खिलवाड़ है, जिसे कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

जाँच टीम ने कई दुकानों व होटलों का औचक निरीक्षण कर स्वच्छता व खाद्य सुरक्षा मानकों की पड़ताल की: दीपक लाइन होटल, एक्का रेस्टोरेंट, होटल चंद्रयानी व नीरज किराना स्टोर सहित अन्य स्टोर: इन प्रतिष्ठानों में साफ-सफाई की स्थिति का बारीकी से जायजा लिया गया और संचालकों को स्वच्छता मानकों का कड़ाई से अनुपालन करने का निर्देश दिया गया।
होटल चंद्ररानी (रेडवा, सिसई) यहां निरीक्षण के दौरान वेज और नॉन-वेज खाद्य सामग्री को एक ही फ्रिज में रखा पाया गया। टीम ने इस पर कड़ी आपत्ति जताते हुए संचालक को दोनों सामग्रियों के भंडारण के लिए अलग-अलग व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा सभी कर्मियों द्वारा एप्रन, ग्लव्स और हेडगियर का अनिवार्य रूप से इस्तेमाल करने का कड़ा निर्देश दिया।

टीम ने लकड़ा चाट भंडार, नीरज किराना स्टोर, कुजूर फास्ट फूड (गुमला), राहुल गुप्ता और सूरज स्टोर (सिसई) का भी निरीक्षण कर खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन करने की हिदायत दी।

जाँच के क्रम में राजेश दुकान में साफ-सफाई के निर्देशों की अनदेखी के साथ-साथ तंबाकू नियंत्रण नियमों के उल्लंघन का मामला सामने आया। इस पर तंबाकू निषेध पदाधिकारी की मौजूदगी में कोटपा एक्ट के तहत दुकानदार पर ₹500 का चालान काटते हुए,अर्थदंड वसूला गया। वहीं, दुकान में साफ-सफाई की भारी कमी और एक्सपायर खाद्य सामग्री पाए जाने के कारण खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 (FSSAI Act, 2006) के तहत भी जुर्माना लगाया जाएगा।

अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि आम नागरिकों की सेहत से समझौता करने वाले किसी भी संस्थान को बख्शा नहीं जाएगा। नियमों की अनदेखी करने वालों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी और यह औचक निरीक्षण अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा l

राम भक्तों के लिए

आने वाले त्योहारों को देखते हुए, अपराध समीक्षा बैठक संपन्न

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गुमला न्यूज ब्यूरो प्रमुख – गणपत लाल चौरसिया 

गुमला : – गुमला पुलिस अधीक्षक, ( गुमला पुलिस कप्तान हरिस बिन जामां ) की अध्यक्षता में मासिक अपराध समीक्षा बैठक का आयोजन पुलिस अधीक्षक कार्यालय सभागार, चन्दाली, गुमला में किया गया। बैठक में पुलिस उपाधीक्षक (मु०), गुमला, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, गुमला / बसिया, पुलिस अंचल निरीक्षक, गुमला/चैनपुर/बसिया / सिसई, परिचारी प्रवर एवं परिचारी, परिवहन पुलिस केन्द्र, गुमला के साथ सभी थाना प्रभारी तथा शाखा प्रभारी उपस्थित रहे। अपराध गोष्ठी प्रारंभ करने के पूर्व माननीय उच्च न्यायालय द्वारा POCSO/बलात्कार एवं अन्य विषयों पर जारी निर्देशों का अक्षरशः अनुपालन हेतु आवश्यक निर्देश दिये गये। तत्पश्चात् पुलिस अधीक्षक महोदय, गुमला द्वारा आगामी दुर्गा पूजा को शांतिपूर्ण तरीके से सम्पन्न कराने के लिए महत्वपूर्ण बिन्दुओं पर विस्तृत चर्चा की गई तथा आवश्यक दिशा-निर्देश दिया गया। इसके अतिरिक्त निम्नांकित बिन्दुओं पर विस्तृत चर्चा की एवं आवश्यक निर्देश दिये गयेः-

1. POCSO/SC-ST/ अज्ञात हत्या / बलात्कार / लापता बच्चे / अपहरण आदि से संबंधित कांडों की समीक्षा ।

2. लूट/डकैती/गृहभेदन से संबंधित कांडों की समीक्षा।

3. अवैध मादक पदार्थों की बिक्री / तस्करी की रोकथाम हेतु आवश्यक कार्रवाई करना।

4. सूचना अधिकार अधि०/ जन शिकायत से संबंधित आवेदन पत्रों का ससमय त्वरित निष्पादन करना।

5. शीर्षवार लंबित / स्थाई वारंट/कुर्की/ इस्तेहार का निष्पादन करना।

6. पारपत्र / चरित्र सत्यापन संबंधी पत्रों का ससमय निष्पादन करना।

7. सड़क सुरक्षा से संबंधित कार्रवाई की समीक्षा।

8. eDAR/iRAD तथा डायल 112 से संबंधित कार्रवाई के संबंध में समीक्षा।

9. e-Sakshya App में महत्वपूर्ण कांडों को FIR से लिंग करने की उद्यतन स्थिति के संबंध में।

10. जेल से छुटे अपराधकर्मियों के संबंध में आवश्यक कार्रवाई की समीक्षा।

11. डायन प्रथा / मानव तस्करी / पलायन एवं महिलाओं से संबंधित अपराधों की रोकथाम हेतु आमजनों के बीच जागरूकता अभियान चलाने के संबंध में।

सभी थाना प्रभारी को अपने-अपने थाना क्षेत्र में सड़क दुर्घटना को कम करने के उद्देश्य से बिना हेलमेट के/ शराब का सेवन कर/तेजी / लापरवाही से वाहन नहीं चलाने, मोटर वाहन अधिनियम के अन्तर्गत कार्यवाही करने तथा नशीली मादक पदार्थों के विरूद्ध जागरूकता अभियान चलाने के संबंध में निर्देश दिये गये। क्षेत्र में नक्सल/अपराधियों के विरूद्ध आसूचना संकलन करने तथा अवैध खनन की रोक थाम हेतु विस्तृत चर्चा की गई एवं आवश्यक निर्देश दिये गये। अपने-अपने क्षेत्र में स्थान एवं समय बदल-बदल कर एंटी क्राईम वाहन चेकिंग चलाने हेतु आवश्यक निर्देश दिये गये। विगत माह में जिन-जिन थाना प्रभारी / पदाधिकारियों का प्रदर्शन औसत से कम रहा उन्हें भविष्य के लिए चेतावनी दी गई तथा जिनका प्रदर्शन अच्छा रहा उन्हें प्रोत्साहित किया गया। अपराध समीक्षा बैठक के समाप्ति के पश्चात पुलिस पदाधिकारी व कर्मियों की समस्याओं का निदान हेतु पुलिस सभा का आयोजन किया गया।

राम भक्तों के लिए

जंगली सूअर का शिकार कर उसके मांस को बेचने वाले तीन व्यक्ति गिरफ्तार – भेजे गए जेल

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गुमला न्यूज ब्यूरो प्रमुख – गणपत लाल चौरसिया 

गुमला : – गुमला जिला अंतर्गत स्थित बनारी ग्राम वन क्षेत्र में जंगली सूअर का शिकार धडल्ले से जारी है, इसी क्रम में जंगली सूअर के मांस की बिक्री करने का एक मामला प्रकाश में आया है, प्राप्त सूचना अनुसार बनारी ग्राम क्षेत्र के वन विभाग को एक गुप्त सूचना मिली की बाजार में जंगली सूअर का मांस बेचा जा रहा है, उक्त सूचना पर वन विभाग की टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए, तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत करने आए हिरासत में लेते हुए उन्हें गुमला जेल भेज दिया गया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, उक्त तीनों आरोपी एक जंगली सूअर को मारकर उसके मांस को बनारी ग्राम के साप्ताहिक बाजार में उसका मांस बेच रहे थे जिन्हें रंगे हांथ , विधिवत गिरफ्तार की गई। पूछताछ में सूअर के मांस बेचे के अपराध की पुष्टि होने पर उक्त आरोपियों पर संबंधित अपराध का मामला दर्ज किया गया, इस कार्रवाई में प्रभारी वनपाल किशोर नंद कुमार, राजेंद्र उरांव, चंद्रशेखर महतो, ऋषि कुमार, होमगार्ड और क्यूआरटी टीम शामिल रही।

राम भक्तों के लिए

झारखंड की सांस्कृतिक पहचान मांदर को मिला GI पंजीकरण, पांच साल की कोशिश लाई रंग

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गुमला न्यूज ब्यूरो प्रमुख – गणपत लाल चौरसिया 

गुमला: झारखंड की संस्कृति, लोक परंपरा और सामुदायिक जीवन की पहचान बन चुकी मांदर की थाप अब एक नई पहचान के साथ दर्ज हो गई है। गुमला जिला प्रशासन और मांदर निर्माण से जुड़े कारीगरों के वर्षों के प्रयास के बाद पारंपरिक लोक वाद्ययंत्र मांदर को भौगोलिक संकेतक यानी GI पंजीकरण मिल गया है। यह उपलब्धि न सिर्फ झारखंड की पारंपरिक कला के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि पीढ़ियों से मांदर बनाने वाले कारीगरों के हुनर को औपचारिक पहचान मिलने की दिशा में भी बड़ा कदम है।

मांदर झारखंड के लोकजीवन का अभिन्न हिस्सा रहा है। पर्व-त्योहार हों, पारंपरिक नृत्य हों या सामाजिक और सामुदायिक आयोजन, मांदर की थाप झारखंड की सांस्कृतिक पहचान को आवाज देती रही है। ऐसे में इसके GI पंजीकरण को स्थानीय परंपरा, कारीगरों के कौशल और पारंपरिक ज्ञान की पहचान के तौर पर देखा जा रहा है।

गुमला से शुरू हुई पहल, पांच साल तक चली प्रक्रिया

मांदर को GI पहचान दिलाने की पहल गुमला से शुरू हुई। इस पूरी प्रक्रिया में जिला प्रशासन, संबंधित संस्थाओं और स्थानीय कारीगरों की भूमिका रही। प्रशासन की ओर से मांदर निर्माण की पारंपरिक तकनीक, कारीगरों के कौशल, स्थानीय संसाधनों और इससे जुड़े सांस्कृतिक संदर्भों को व्यवस्थित रूप से दस्तावेजीकृत किया गया।

इस पहल में तत्कालीन उपायुक्त सुशांत गौरव की महत्वपूर्ण भूमिका रही। उन्होंने मांदर कारीगरों के बीच पहुंचकर उनके पारंपरिक हुनर और मांदर बनाने की प्रक्रिया को समझा। इसके बाद इस कला के दस्तावेजीकरण और GI पंजीकरण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की दिशा में काम शुरू हुआ।

इसके बाद तत्कालीन उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी के कार्यकाल में GI पंजीकरण से जुड़े तकनीकी और प्रक्रियात्मक कार्यों को गति मिली। आवश्यक दस्तावेज, शोध और तकनीकी प्रस्तुतीकरण के साथ प्रक्रिया को आगे बढ़ाया गया। बाद के चरणों में तत्कालीन उपायुक्त प्रेरणा दीक्षित की ओर से भी आवश्यक अनुवर्ती कार्रवाई और समन्वय किया गया।

24 सितंबर 2021 से शुरू हुई औपचारिक प्रक्रिया

मांदर के GI पंजीकरण की औपचारिक प्रक्रिया 24 सितंबर 2021 को आवेदन और प्रकरण विवरण दाखिल करने के साथ शुरू हुई। इसके बाद 18 अक्टूबर 2021 को औपचारिकता जांच प्रतिवेदन प्राप्त हुआ।

प्रक्रिया आगे बढ़ी और 30 जून 2022 को प्रथम अनुपालन जांच-2 जारी हुई। इसके बाद आवश्यक दस्तावेज और जवाब प्रस्तुत किए गए। 6 मई 2024 को अनुपालन जांच का उत्तर दिया गया, जबकि 24 जून 2024 को अतिरिक्त अनुपालन जांच के जवाब के साथ मानचित्र, प्रतीक चिह्न और अंतिम प्रतिवेदन समेत आवश्यक दस्तावेज जमा किए गए।

इसके बाद 30 जनवरी 2025 को परीक्षण प्रतिवेदन जारी हुआ। इसके जवाब में 23 जनवरी 2026 को आवेदक की ओर से उत्तर प्रस्तुत किया गया। कई चरणों की तकनीकी और दस्तावेजी प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब मांदर को GI पंजीकरण मिल गया है।

60 कारीगरों को दिया जा चुका है प्रशिक्षण

GI पंजीकरण की प्रक्रिया के साथ मांदर निर्माण से जुड़े कारीगरों के कौशल और आजीविका को मजबूत करने पर भी काम किया गया। ग्राम जरजट्टा, रायडीह में 40 कारीगरों को मांदर निर्माण का प्रशिक्षण दिया जा चुका है। वहीं पालकोट के टेंगरिया गांव में 20 कारीगरों को प्रशिक्षण मिला है।

अब सिसई प्रखंड के लकेया गांव में अक्टूबर महीने में 20 कारीगरों को मांदर निर्माण का प्रशिक्षण देने की योजना है। इसके अलावा मांदर किसान उत्पादक कंपनी लिमिटेड, ग्राम जरजट्टा के माध्यम से कारीगरों को संगठित कर इस पारंपरिक कला को आजीविका से जोड़ने का प्रयास भी किया जा रहा है।

GI पंजीकरण से कारीगरों के लिए खुल सकते हैं नए अवसर

मांदर को GI पहचान मिलने के बाद इसकी प्रामाणिकता और विशिष्ट भौगोलिक पहचान को औपचारिक मान्यता मिली है। इससे स्थानीय कारीगरों के उत्पाद को व्यापक बाजार से जोड़ने, उनकी कला को पहचान दिलाने और पारंपरिक शिल्प को आर्थिक गतिविधियों से जोड़ने की संभावनाएं बढ़ेंगी।

अब आगे मांदर के संरक्षण और संवर्धन के साथ इसके उत्पादन, कौशल विकास, ब्रांडिंग, बाजार उपलब्धता और विपणन पर भी काम किए जाने की संभावना है। इससे पारंपरिक कला को नई पीढ़ी से जोड़ने और कारीगरों की आजीविका को मजबूत करने में मदद मिल सकती है।

जिला प्रशासन ने कारीगरों को दी बधाई

वर्तमान उपायुक्त दिलीश्वर महतो ने मांदर निर्माण से जुड़े सभी कारीगरों, संबंधित विभागों, अधिकारियों, तकनीकी टीम और इस पूरी प्रक्रिया में सहयोग करने वाले लोगों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि उन कारीगरों की पीढ़ियों से चली आ रही कला, मेहनत और पारंपरिक ज्ञान की पहचान है।

उन्होंने कहा कि मांदर को GI पंजीकरण मिलना झारखंड की पारंपरिक कला और संस्कृति को पहचान दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि है। जिला प्रशासन का प्रयास रहेगा कि GI पंजीकरण के बाद मांदर से जुड़े कारीगरों के कौशल, आजीविका, उत्पादन और बाजार तक पहुंच को और मजबूत किया जाए।

गुमला से शुरू हुआ यह प्रयास अब मांदर की पारंपरिक कला को एक औपचारिक पहचान दिलाने के महत्वपूर्ण पड़ाव तक पहुंच गया है। झारखंड के लोकजीवन में वर्षों से गूंजती रही मांदर की थाप अब उसकी विशिष्ट भौगोलिक पहचान के साथ भी दर्ज हो गई है।

राम भक्तों के लिए

सड़क पर वाहन पार्क किया तो होगी कार्रवाई, झारखंड में परिवहन विभाग सख्त

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न्यूज – कहकशां फारूकी 

अनधिकृत पार्किंग के खिलाफ जिलों में चलेगा अभियान, DTO और MVI को कार्रवाई के निर्देश

रांची: झारखंड में सड़क किनारे या मुख्य और सहायक सड़कों पर बेतरतीब तरीके से वाहन खड़ा करने वालों के खिलाफ अब कार्रवाई की तैयारी तेज कर दी गई है। परिवहन मंत्री दीपक बिरुवा ने लोगों से सड़कों को पार्किंग स्थल के रूप में इस्तेमाल नहीं करने की अपील की है।

मंत्री ने सभी जिलों के उपायुक्तों को जिला परिवहन पदाधिकारी (DTO) और मोटर वाहन निरीक्षक (MVI) के माध्यम से अनधिकृत पार्किंग के खिलाफ अभियान चलाने और नियमों के तहत कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा है। विभाग का मानना है कि सड़क पर खड़े वाहनों की वजह से यातायात प्रभावित होता है और दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ता है।

मुख्य सड़क के साथ सहायक सड़कों पर भी नजर

परिवहन विभाग की कार्रवाई केवल मुख्य सड़कों तक सीमित नहीं रहेगी। सहायक सड़कों पर अनधिकृत तरीके से खड़े वाहनों पर भी कार्रवाई की जाएगी। विभाग ने वाहन मालिकों के साथ गैराज और वाशिंग सेंटर संचालकों से भी सड़क की जगह निर्धारित पार्किंग स्थल का इस्तेमाल करने की अपील की है।

मरीन ड्राइव हादसे के बाद सड़क सुरक्षा पर जोर

बताया गया है कि जमशेदपुर के मरीन ड्राइव में हुए सड़क हादसे के बाद सड़क सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर विभाग की चिंता बढ़ी है। इसी क्रम में सड़कों को आवागमन के लिए खुला रखने और अनधिकृत पार्किंग पर रोक लगाने पर जोर दिया जा रहा है।

गोमिया समेत दूसरे इलाकों में भी दिखेगा असर

परिवहन विभाग के इस अभियान का असर गोमिया समेत राज्य के अन्य शहरी और ग्रामीण इलाकों में भी देखने को मिल सकता है। सड़क किनारे वाहन खड़ा करने वाले वाहन मालिकों के अलावा दुकानदारों और गैराज संचालकों को भी अब सतर्क रहने की जरूरत होगी। विभाग की ओर से लोगों से निर्धारित पार्किंग स्थल का इस्तेमाल करने की अपील की गई है, ताकि सड़क पर वाहनों की आवाजाही सुचारू बनी रहे और दुर्घटनाओं की आशंका को कम किया जा सके।

राम भक्तों के लिए

सेहत से खिलवाड़ नहीं होगा बर्दाश्त, गुमला में होटलों व दुकानों की औचक जांच, एप्रन-ग्लव्स और परिसर की स्वच्छता के साथ व्यक्तिगत स्वच्छता कड़े निर्देश

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न्यूज ब्यूरो प्रमुख – गणपत लाल चौरसिया 

गुमला : – गुमला जिला के आम नागरिकों के स्वास्थ्य की रक्षा और उन्हें शुद्ध, स्वच्छ तथा मिलावटमुक्त खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के संकल्प के साथ खाद्य सुरक्षा विभाग ने गुमला शहरी क्षेत्र में व्यापक स्तर पर औचक छापेमारी अभियान चलाया। इस कार्रवाई से शहर के मिलावटखोरों और नियमों की अनदेखी करने वाले व्यापारियों में हड़कंप मच गया है।

यह पूरी कार्रवाई उपायुक्त , गुमला के स्पष्ट निर्देश तथा अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी सह अभिहित अधिकारी डॉ. धनुर्जय सुम्ब्रई के अनुसार उक्त छापेमारी दल के पदाधिकारी प्रकाश चंद्र गुग्गी, कुमार प्रभाकर एवं आशा राज थे।

उक्त अभियान के दौरान जाँच दल ने शहर के विभिन्न व्यावसायिक इलाकों का रुख किया। इस क्रम में टीम ने मेसर्स होटल राज, मेसर्स श्री मधुवन और मेसर्स पंजाबी मसाला दुकान में औचक निरीक्षण किया । अधिकारियों ने रसोई, स्टोरेज एरिया और खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता का बारीकी से निरीक्षण किया।
कार्रवाई के दौरान मेसर्स पंजाबी मसाला दुकान से मिक्स मसाला, मीट मसाला और हल्दी पाउडर के नमूने विधिवत संग्रह किए गए। अधिकारियों ने बताया कि इन नमूनों को सीलबंद कर जाँच के लिए राज्य खाद्य जाँच प्रयोगशाला, नामकुम भेजा जा रहा है। लैब से रिपोर्ट आने के बाद यदि किसी भी प्रकार की मिलावट या गुणवत्ता में कमी पाई जाती है, तो संबंधित संचालक के विरुद्ध खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

जाँच दल के नेतृत्वकर्ताओं ने कहा कि आगामी त्योहारों के सीजन में मिलावटी खाद्य पदार्थों की बिक्री की आशंका बढ़ जाती है। उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य से किसी भी सूरत में खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसी को ध्यान में रखते हुए यह अभियान अब लगातार और नियमित रूप से रोजाना चलाया जाएगा, ताकि बाजार में केवल शुद्ध और सुरक्षित सामग्री ही बिके।

निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने प्रतिष्ठान संचालकों को सख्त हिदायत देते हुए मानकों का शत-प्रतिशत पालन करने को कहा
अखबार (न्यूजपेपर) के इस्तेमाल पर पूर्ण प्रतिबंध खाद्य पदार्थों को परोसने, तलने के बाद तेल सुखाने या पैक करने के लिए अखबार का उपयोग तुरंत बंद करने का निर्देश दिया गया। अखबार की स्याही में मौजूद जहरीले रसायन स्वास्थ्य के लिए बेहद हानिकारक होते हैं।

व्यक्तिगत स्वच्छता अनिवार्य

खाद्य सामग्री तैयार करने और परोसने वाले सभी कर्मचारियों के लिए एप्रन, ग्लव्स और हेडगियर (सिर ढकने की टोपी) पहनना अनिवार्य किया गया।

परिसर की स्वच्छता

किचन, डाइनिंग और स्टोरेज एरिया में नियमित रूप से उच्च स्तरीय साफ-सफाई बनाए रखने के निर्देश दिए गए।
सभी प्रतिष्ठानों को अपने कर्मियों की मेडिकल फिटनेस रिपोर्ट, उपयोग में आने वाले पानी की वाटर टेस्टिंग रिपोर्ट और प्रतिष्ठान में नियमित पेस्ट कंट्रोल (कीट नियंत्रण) कराने से संबंधित प्रमाण पत्र अनिवार्य रूप से रखने का आदेश दिया गया।
प्रशासन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि अगली जाँच में यदि इन मानकों की अनदेखी पाई गई, तो बिना किसी रियायत के खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत् भारी जुर्माना लगाने के साथ-साथ प्रतिष्ठान का लाइसेंस रद्द करने की कार्रवाई की जाएगी।

राम भक्तों के लिए

महिला किसानों की मेहनत से आगे बढ़ रहा ‘जोहार रागी’, एफपीसी की चौथी एजीएम में बाजार विस्तार पर जोर

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न्यूज ब्यूरो प्रमुख – गणपत लाल चौरसिया 

नगर भवन में हुई एमवीएम बघिमा पालकोट एफपीसी की वार्षिक आम बैठक, डीसी ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार तक रागी उत्पाद पहुंचाने में सहयोग का दिया आश्वासन

गुमला: एमवीएम बघिमा पालकोट फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड (एफपीसी) की चौथी वार्षिक आम बैठक (एजीएम) सोमवार को नगर भवन, गुमला में आयोजित हुई। बैठक में महिला किसानों के नेतृत्व में संचालित एफपीसी की पिछले एक साल की उपलब्धियों, वित्तीय स्थिति और आगामी कार्ययोजना पर चर्चा हुई। इस दौरान उत्पादन बढ़ाने के साथ उत्पादों की प्रोसेसिंग, पैकेजिंग, ब्रांडिंग और बाजार विस्तार को लेकर भी रणनीति बनाई गई।

कार्यक्रम में उपायुक्त दिलेश्वर महतो मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उनके अलावा जेएसएलपीएस के डीपीएम, एलडीएम गुमला, प्रदान के प्रतिनिधि, बाजार समिति प्रबंधक, लक्ष्य फिजिकल एकेडमी के निदेशक, एफपीसी के निदेशक मंडल के सदस्य और बड़ी संख्या में महिला शेयरधारक मौजूद रहीं।

महिला किसानों की उपलब्धियों की साझा की गई जानकारी

बैठक में एफपीसी की अध्यक्ष ने पिछले एक वर्ष के दौरान कंपनी की गतिविधियों और उपलब्धियों की जानकारी दी। कोषाध्यक्ष ने वित्तीय वर्ष का आय-व्यय विवरण, बैलेंस शीट, वार्षिक कारोबार और कंपनी की वित्तीय स्थिति प्रस्तुत की। वहीं सचिव ने आगामी वित्तीय वर्ष की कार्ययोजना सामने रखी।

कार्ययोजना में नए सदस्यों को जोड़ने, बाजार से बेहतर संपर्क स्थापित करने, खरीद और प्रसंस्करण क्षमता बढ़ाने तथा एफपीसी के उत्पादों को अधिक से अधिक बाजारों तक पहुंचाने पर जोर दिया गया।

‘जोहार रागी’ को बड़े बाजार तक पहुंचाने की तैयारी

बैठक को संबोधित करते हुए उपायुक्त दिलेश्वर महतो ने महिला किसानों के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि एमवीएम बघिमा पालकोट एफपीसी की महिलाएं उत्पादन से लेकर प्रोसेसिंग, पैकेजिंग और मार्केटिंग तक की जिम्मेदारी संभाल रही हैं। उनके अनुसार, इससे महिलाओं की आर्थिक भागीदारी और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा मिल रहा है।

उपायुक्त ने ‘जोहार रागी’ को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने की संभावनाओं पर काम करने की बात कही। उन्होंने उत्पादों की गुणवत्ता, ब्रांडिंग, पैकेजिंग और प्रोसेसिंग को मजबूत करने की जरूरत बताई और जिला प्रशासन की ओर से आवश्यक प्रशासनिक, तकनीकी और ढांचागत सहयोग का आश्वासन दिया।

उन्होंने गुमला के अम्रपाली आम को विदेशी बाजार तक पहुंचाने की पहल का उदाहरण देते हुए कहा कि इसी तरह रागी से तैयार उत्पादों के लिए भी बड़े बाजार तलाशे जा सकते हैं।

बैंकिंग और बाजार से जुड़ाव पर भी चर्चा

कार्यक्रम में जेएसएलपीएस के डीपीएम, एलडीएम गुमला और अन्य अतिथियों ने एफपीसी की गतिविधियों को आगे बढ़ाने के लिए सुझाव दिए। इसमें बैंकिंग और क्रेडिट लिंकेज मजबूत करने, सरकारी आजीविका योजनाओं का लाभ लेने और बाजार समिति के माध्यम से उत्पादों के लिए बेहतर बाजार उपलब्ध कराने पर चर्चा हुई।

साथ ही एफपीसी के उत्पादों की बिक्री के लिए नए बाजार तलाशने और मौजूदा बाजारों में पहुंच बढ़ाने पर भी जोर दिया गया।

बैठक के अंत में एफपीसी के निदेशक मंडल और महिला शेयरधारकों ने उत्पादन, प्रसंस्करण, ब्रांडिंग और बाजार विस्तार के जरिए कंपनी को आगे बढ़ाने की दिशा में काम करने की बात कही। कार्यक्रम का समापन निदेशक मंडल की ओर से धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।

राम भक्तों के लिए
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