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Thursday, July 2, 2026
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गुमला जिला मुख्यालय सहित जिले के समस्त ईदगाहों में ईद-उल-अज़हा की पहली नमाज़ अदा, प्रशासन रहा अलर्ट मोड पर

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गुमला (ब्यूरो प्रमुख ) – गणपत लाल चौरसिया

गुमला : – गुमला जिला मुख्यालय स्थित ईदगह में सुबह ईद-उल-अज़हा की पहली नमाज़ अकीदत और एहतराम के साथ अदा की गई, साथ ही साथ थाना रोड, बाजार टांड, सिसई रोड, सहित जिला मुख्यालय के लगभग 13 और जिले के समस्त मस्जिदों में नमाज़ मुकम्मल होने के बाद लोगों ने मुल्क में अमन, चैन, सुकून, तरक्की और भाईचारे के लिए दुआ मांगी।

इस मौके पर बड़ी संख्या में अकीदतमंद मौजूद रहे। ईद-उल-अज़हा के पाक पर्व पर लोगों ने एक-दूसरे को गले लगाकर मुबारकबाद दी। उलेमाओं ने अपने बयान में कहा कि ईद-उल-अज़हा कुर्बानी, इंसानियत और आपसी भाईचारे का संदेश देता है।

 

वहीं पर्व को लेकर प्रशासन भी पूरी तरह अलर्ट मोड पर नजर आया। जिला मुख्यालय सहित जिले के समस्त ईदगाह परिसर और मस्जिदों एंव आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस बल की तैनाती की गई थी। जिला के उपायुक्त दिलेश्वर महतो एंव पुलिस कप्तान हरिश बिन जामां सहित जिले के अन्य प्रशासनिक अधिकारियों ने लगातार निगरानी रखते हुए शांतिपूर्ण माहौल में नमाज़ संपन्न कराई।

नमाज़ के बाद ईदगाह परिसर में लोगों के बीच सौहार्द और उत्साह का माहौल देखने को मिला।

गुमला ईदगाह में गुरुवार सुबह 7 बजे ईद-उल-अजहा की नमाज अकीदत और श्रद्धा के साथ अदा की गई। नमाज में बड़ी संख्या में मुस्लिम समुदाय के लोग शामिल हुए। नमाज के दौरान , झारखंड राज्य में अमन, शांति, खुशहाली और तरक्की के लिए विशेष दुआ मांगी गई।

नमाज अदा करने के बाद लोगों ने एक-दूसरे को गले लगाकर ईद-उल-अजहा की मुबारकबाद दी। ईदगाह परिसर में भाईचारे और सौहार्द का माहौल देखने को मिला। बच्चों और युवाओं में भी त्योहार को लेकर खास उत्साह नजर आया।
इस मौके पर बताया गया की ईद-उल-अजहा त्याग, कुर्बानी, इंसानियत और आपसी भाईचारे का संदेश देने वाला पर्व है,समाज में प्रेम, सद्भाव और एकता बनाए रखने की अपील की गयी।
गुमला जिले में
त्योहार को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न कराने के लिए उद्देश्य हे ग्रामीण क्षेत्रों में चौकीदार जवान तैनात रहे और सुरक्षा व्यवस्था पर नजर बनाए रखी गई।

ग्रामीणों और समाज के गणमान्य लोगों ने सभी लोगों से मिल-जुलकर त्योहार मनाने और आपसी भाईचारा बनाए रखने की अपील की।

राम भक्तों के लिए

गुमला के 19वें डीटीओ सत्येंद्र महतो ने संभाला पदभार: कार्यालय को बनाया जाएगा ‘जन-सुलभ’

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गुमला (ब्यूरो प्रमुख ) – गणपत लाल चौरसिया

पूर्व डीटीओ के सभी जनजागरुकता संबंधी कार्य रहेंगे निरंतर जारी

गुमला : – गुमला जिले के परिवहन विभाग में एक नए अध्याय की शुरुआत करते हुए सत्येंद्र महतो ने जिले के 19 वें जिला परिवहन पदाधिकारी (डीटीओ ) के रूप में अपना पदभार ग्रहण कर लिया है। कार्यभार संभालते ही उन्होंने अपनी प्रशासनिक प्राथमिकताएं स्पष्ट कर दी हैं। उन्होंने आम जनता को भरोसा दिलाया है कि परिवहन कार्यालय से जुड़े कार्यों को पब्लिक के लिए पूरी तरह से सुलभ, पारदर्शी और भ्रष्टाचार मुक्त बनाया जाएगा।

पदभार ग्रहण करने के बाद नव-नियुक्त डीटीओ ने पूर्व के उत्कृष्ट कार्यों को आगे बढ़ाने और जनकल्याणकारी योजनाओं पर अपनी स्पष्ट रणनीति साझा की:

पूर्व डीटीओ के जनकल्याण कार्यों को मिलेगी निरंतरता

नए डीटीओ सत्येंद्र महतो ने अपने पूर्ववर्ती अधिकारी (ज्ञान शंकर जायसवाल) के कार्यकाल की भूरि-भूरि प्रशंसा की। उन्होंने स्पष्ट किया कि सड़क सुरक्षा और यातायात सुधार को लेकर पिछले दिनों जो बेहतरीन नींव रखी गई है, वह रुकेगी नहीं बल्कि उसी ऊर्जा के साथ आगे बढ़ेगी।

उन्होंने जनता को आश्वस्त किया कि पूर्व डीटीओ द्वारा शुरू की गई सभी महत्वपूर्ण पहलें और कार्य निरंतर जारी रहेंगे, जिनमें मुख्य रूप से शामिल हैं:

जागरूकता और पीए (पीए) सिस्टम: चौराहों पर लगे पीए सिस्टम के माध्यम से निरंतर जागरूकता संदेश प्रसारित होते रहेंगे।

सघन जांच और जीरो टॉलरेंस: ओवरलोडिंग, नाबालिग ड्राइविंग, और रात के समय (नाइट ऑपरेशन्स) भारी वाहनों की चेकिंग का अभियान पहले की तरह ही सख्ती से जारी रहेगा।

नियमित समीक्षा: दुर्घटना संभावित क्षेत्रों (ब्लैक स्पॉट्स) के सुधार के लिए प्रत्येक माह होने वाली ‘सड़क सुरक्षा समिति’ की मासिक बैठकें आयोजित की जाएंगी।

प्रशासन की पूरी कोशिश होगी कि इन निरंतर प्रयासों से गुमला में सड़क दुर्घटनाओं के ग्राफ में भारी कमी लाई जाए और हादसों को शून्य के स्तर पर लाया जा सके।

जनकल्याणकारी योजनाओं का त्वरित निपटारा

नव-नियुक्त डीटीओ ने यह भी आश्वासन दिया कि दुर्घटना पीड़ितों को मुआवजा दिलाने की पहले से चली आ रही त्वरित निपटारे की पद्धति को आगे भी पूरी संवेदनशीलता के साथ सुचारू रखा जाएगा:

हिट एंड रन योजना: यदि किसी अज्ञात वाहन की टक्कर से हुई दुर्घटना में किसी व्यक्ति की मृत्यु हो जाती है, तो पीड़ित परिवार को सरकार की ओर से ₹ 2 लाख का मुआवजा दिया जाएगा। वहीं, गंभीर रूप से घायल होने वाले व्यक्ति के लिए ₹50,000 की सहायता राशि का प्रावधान है।

गुड सेमेरिटन (नेक नागरिक) पॉलिसी: सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल व्यक्ति को अगर कोई नेक इंसान ‘गोल्डन ऑवर’ (दुर्घटना के ठीक बाद का पहला 1 घंटा) के भीतर अस्पताल पहुंचाकर उसकी जान बचाता है, तो सरकार ऐसे मददगार व्यक्ति को ₹ 2,000 का नकद पुरस्कार और एक प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित करेगी।

हेलमेट अनिवार्यता पर सख्त अपील: “जिंदगी बचाने का सबसे बेहतर उपाय है हेलमेट”

सड़क हादसों के आंकड़ों पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए डीटीओ सत्येंद्र महतो ने वाहन चालकों को बिना हेलमेट सफर न करने की सख्त सलाह दी।

उन्होंने बताया कि जिले में होने वाली ज्यादातर सड़क दुर्घटनाओं में यह देखा गया है कि बाइक सवार (दोपहिया वाहन चालक) ही सबसे ज्यादा मौत का शिकार होते हैं। उन्होंने अपील करते हुए कहा, “अगर चालक ने हेलमेट पहना हो, तो भयानक दुर्घटना होने पर भी सिर पर गंभीर चोट लगने और मौत होने की संभावना काफी कम हो जाती है। इसलिए दुर्घटना में असमय मौत का शिकार होने से बचने के लिए, सफर शुरू करने से पहले हेलमेट लगाना ही जीवन रक्षा का सबसे बेहतर और एकमात्र उपाय है।”

नव-नियुक्त डीटीओ के इस स्पष्ट और सकारात्मक संदेश से गुमला वासियों में यह उम्मीद जगी है कि पूर्व में शुरू किए गए सुधारों की गति धीमी नहीं पड़ेगी और जिले की यातायात व्यवस्था सफलता के नए आयाम तय करेगी।

 

राम भक्तों के लिए

पुलिस कप्तान हरिश बिन जामां की अध्यक्षता में मासिक अपराध समीक्षा बैठक संपन्न

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गुमला (ब्यूरो प्रमुख ) – गणपत लाल चौरसिया

गुमला : – गुमला पुलिस अधीक्षक, ( हरिश बिन जामां ) की अध्यक्षता में मासिक अपराध समीक्षा बैठक का आयोजन पुलिस अधीक्षक कार्यालय के सभागार, चन्दाली, गुमला में किया गया। बैठक में पुलिस उपाधीक्षक(मु0), गुमला, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, चैनपुर/गुमला/बसिया, अंचल निरीक्षक, गुमला/चैनपुर/बसिया, सिसई, परिचारी प्रवर, परिचारी, उपस्कर एवं परिचारी, परिवहन पुलिस केन्द्र, गुमला के साथ सभी थाना प्रभारी तथा शाखा प्रभारी उपस्थित रहे। अपराध गोष्ठी प्रारंभ करने के पूर्व माननीय उच्च न्यायालय द्वारा विभिन्न विषयों पर पारित आदेश के संबंध में जानकारी दी गई एवं अनुपालन हेतु आवश्यक निर्देश दिये गये। तत्पश्चात् पुलिस अधीक्षक ( हरिश बिन जामां ) महोदय, गुमला द्वारा बकरीद पर्व को शांतिपूर्ण तरीके से सम्पन्न कराने के लिए महत्वपूर्ण बिन्दुओं पर विस्तृत चर्चा की गई तथा आवश्यक दिशा-निर्देश दिया गया। इसके अतिरिक्त निम्नांकित बिन्दुओं पर विस्तृत चर्चा की एवं आवश्यक निर्देश दिये गयेः-
1. पोस्को / एससी – एसटी अज्ञात हत्या/बलात्कार/अपहरण आदि से संबंधित कांडों की समीक्षा।
2. लूट/गृहभेदन से संबंधित कांडों की समीक्षा।
3. अवैध मादक पदार्थों की बिक्री/तस्करी की रोकथाम हेतु आवश्यक कार्रवाई करना।
4. सूचना अधिकार अधि0/जन शिकायत समाधान कार्यक्रम के तहत् प्राप्त लंबित आवेदन पत्रों का ससमय त्वरित निष्पादन करना।
5. शीर्षवार लंबित/स्थाई वारंट/कुर्की/इस्तेहार का निष्पादन करना।
6. पारपत्र/चरित्र सत्यापन संबंधी पत्रों का ससमय निष्पादन करना।
7. सड़क सुरक्षा से संबंधित कार्रवाई की समीक्षा।
8. इडीएआर / आइआर एडी तथा डायल 112 से संबंधित कार्रवाई के संबंध में समीक्षा।
9. e-Sakshya/Sudarshna/Gandiva App के संबंध में।
10. डायन प्रथा/मानव तस्करी/पलायन एवं महिलाओं से संबंधित अपराधों की रोक-थाम हेतु आमजनों के बीच जागरूकता अभियान चलाने के संबंध में।
सभी थाना प्रभारी को अपने-अपने थाना क्षेत्र में सड़क दुर्घटना को कम करने के उद्देश्य से बिना हेलमेट के/शराब का सेवन कर/तेजी/लापरवाही से वाहन नहीं चलाने, मोटर वाहन अधिनियम के अन्तर्गत कार्यवाही करने तथा नशीली मादक पदार्थों के विरूद्ध जागरूकता अभियान चलाने के संबंध में निर्देश दिये गये। क्षेत्र में नक्सल/अपराधियों के विरूद्ध आसूचना संकलन करने तथा अवैध खनन की रोक थाम हेतु विस्तृत चर्चा की गई एवं आवश्कय निर्देश दिये गये। अपने-अपने क्षेत्र में स्थान एवं समय बदल-बदल कर एंटी क्राईम वाहन चेकिंग चलाने हेतु आवश्यक निर्देश दिये गये। विगत माह में जिन-जिन थाना प्रभारी/पदाधिकारियों का प्रदर्शन औसत से कम रहा उन्हें भविष्य के लिए चेतावनी दी गई तथा जिनका प्रदर्शन अच्छा रहा उन्हें प्रोत्साहित किया गया।

 

राम भक्तों के लिए

उपायुक्त ने बाल सुधार गृह, नारी निकेतन, वृद्धाश्रम एवं बालिका गृह का किया निरीक्षण

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गुमला (ब्यूरो प्रमुख ) – गणपत लाल चौरसिया

व्यवस्थाओं का लिया जायजा, बच्चों एवं महिलाओं को बेहतर भविष्य हेतु किया प्रेरित

गुमला : – गुमला उपायुक्त दिलेश्वर महत्तो द्वारा आज जिले के बाल सुधार गृह, नारी निकेतन, वृद्धाश्रम एवं बालिका गृह का निरीक्षण कर वहां उपलब्ध सुविधाओं एवं व्यवस्थाओं का जायजा लिया गया। निरीक्षण के क्रम में उन्होंने संबंधित पदाधिकारियों को आवश्यक सुधार एवं व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाने हेतु आवश्यक निर्देश दिए।

उपायुक्त ने सर्वप्रथम बाल सुधार गृह का औचक निरीक्षण किया। वर्तमान में वहां रह रहे 68 बच्चों के रहने, खाने-पीने, शिक्षा एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं की विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने बच्चों की शैक्षणिक स्थिति की जानकारी ली तथा बच्चों से संवाद करते हुए उन्हें मन लगाकर पढ़ाई करने के लिए प्रेरित किया। उपायुक्त ने कहा कि शिक्षा ही जीवन को बेहतर दिशा देती है तथा यहां से निकलने के बाद आप सभी शिक्षित एवं अच्छे नागरिक बनकर समाज में अपनी पहचान बनाएं।

निरीक्षण के दौरान बच्चों द्वारा प्रस्तुत झारखंडी संगीत एवं सांस्कृतिक प्रस्तुति को देखकर उपायुक्त ने प्रसन्नता व्यक्त की तथा बच्चों का उत्साहवर्धन किया। इस दौरान उन्होंने बच्चों के रहने के स्थान, क्लास रूम, किचेन, डायनिंग एरिया, एक्टिविटी एरिया सहित अन्य व्यवस्थाओं का निरीक्षण कर आवश्यक सुधार हेतु निर्देश दिए। उपायुक्त ने बच्चों से कहा कि किसी भी प्रकार की समस्या अथवा आवश्यकता होने पर वे बेझिझक जिला प्रशासन को अवगत कराएं। जिला प्रशासन उनके बेहतर भविष्य एवं सर्वांगीण विकास हेतु प्रतिबद्ध है।

इसके पश्चात उपायुक्त ने वृद्धाश्रम का भी निरीक्षण किया। उन्होंने वहां रह रहे बुजुर्गों से मुलाकात कर उनकी आवश्यकताओं एवं सुविधाओं के संबंध में जानकारी ली। उपायुक्त ने बुजुर्गों से संवाद करते हुए पूछा कि उन्हें सभी आवश्यक सुविधाएं नियमित रूप से मिल रही हैं या नहीं। इस दौरान बुजुर्गों द्वारा वहां की व्यवस्थाओं पर संतोष व्यक्त किया गया।

उपायुक्त ने नारी निकेतन एवं बालिका गृह का भी दौरा किया। नारी निकेतन में उन्होंने महिलाओं के कौशल विकास गतिविधियों पर विशेष ध्यान देने की बात कही तथा वहां उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी ली। वहीं बालिका गृह में बच्चियों के रहने, शिक्षा एवं अन्य व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए बच्चियों से संवाद किया एवं उन्हें शिक्षा के प्रति प्रेरित किया। उपायुक्त ने कहा कि जिला प्रशासन सभी बच्चों एवं महिलाओं के उज्ज्वल भविष्य, सुरक्षा एवं बेहतर जीवन हेतु निरंतर प्रयासरत है। किसी भी आवश्यकता अथवा समस्या के समाधान के लिए जिला प्रशासन सदैव उनके साथ खड़ा है।

इस अवसर पर जिला सहायक निदेशक सामाजिक सुरक्षा सह नजारत उपसमाहर्ता ललन कुमार रजक, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी आरती कुमारी, बाल संरक्षण पदाधिकारी अमर कुमार, सहायक जिला जनसंपर्क पदाधिकारी एलीना दास सहित संबंधित पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित थे।

राम भक्तों के लिए

नेहरू ने अपने जमाने के मशहूर कार्टूनिस्ट शंकर से कहा था – मुझे भी मत बख्शना…!

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‘ये देश नहीं बिकने दूंगा…!’ बोलकर महामानव ने अवाम को जगमोहनी बुटी खिलानेे-चटाने का भरपूर प्रयास किया और इसमें वे काफी हद तक सफल रहे. वही दूसरी ओर नौटंकीबाज, जुमलेबाज, झांंसाराम, फेंकू के नाम अबतक हजारों कार्टून बन चुके हैं. कुछ के खिलाफ तो मामले दर्ज हुए. कुछ जेल भी गए. महामानव अपने खिलाफ सुनने की हिम्मत कभी नहीं जुटा पाते. क्योंकि उनका दिल बहुत संकीर्ण है. नेहरू के खिलाफ अर्नगल प्रलाप वे भले माहिर हैं लेकिन उनके पैर की धूल भी नहीं हैं वे.  

पंडित नेहरू खुद की आलोचनाओं को सिर-माथे लेते थे. अपने खिलाफ बननेवाले कार्टूनों से वे कतई विचलित नहीं होते थे, बल्कि उन्हें प्रोत्साहित करते थे. नेहरू ने शासनकाल के मशहूर कार्टूनिस्ट शंकर से एक बार कहा था, ‘शंकर मुझे भी मत बख्शना’. एक आज के नेता हैं जो ट्विटर और फेसबुक पर कार्टूनिस्ट, कॉमेडियन और आम लोगों को नोटिस भिजवा रहे हैं, अकाउंट बंद करवा रहे हैं. कई कार्टूनिस्ट अपनी कला के लिए कार्रवाई का सामना कर रहे हैं.

शंकर ने नेहरू पर करीब 4000 कार्टून बनाए

मशहूर कार्टूनिस्ट शंकर और नेहरू के किस्सा आपने भी कहीं पढ़ा होगा. उस दौर के दिग्गज कार्टूनिस्ट केशव शंकर पिल्लई के कॉलम का उद्घाटन था. शंकर ने नेहरू से कहा कि वे उनके कॉलम का उद्घाटन करें. इसपर नेहरू ने कहा कि उद्घाटन तो मैं जरूर करूंगा, लेकिन एक शर्त पर कि आप हमें भी न बख्शें.

शंकर ने उनको निराश नहीं किया. द प्रिंट में छपे रशेल जॉन के एक आर्टिकल के मुताबिक, शंकर ने नेहरू पर करीब 4000 कार्टून बनाए. कहते हैं कि नेहरू अपनी बेटी इंदिरा को जो चिट्ठियां लिखते थे, उनके साथ शंकर के कार्टून भी भेजते थे. शंकर बड़ी निर्दयता से नेहरू पर कार्टून बनाते थे ​लेकिन नेहरू इसके लिए उनकी तारीफ करते थे. वे नेहरू की निर्दयतापूर्वक आलोचना करके भी उनकी प्रशंसा पाते रहे.

एक बार नेहरू ने कहा, “शंकर के पास एक दुर्लभ उपहार है. वे एक कलात्मक कौशल के साथ, द्वेष या दुर्भावना के बिना, सार्वजनिक मंच पर खुद को प्रदर्शित करने वालों की कमजोरियों को उभारते हैं. हमारे दंभ का पर्दा बार-बार हट जाना अच्छा है.” बाद में शंकर के बनाए कार्टून ‘डोंट स्पेयर मी, शंकर’ शीर्षक से प्रकाशित हुए.

नेहरू ने मॉडर्न टाइम्स में अपने ही खिलाफ लेख लिखा

ये वही नेहरू हैं जिन्होंने नवंबर 1957 में मॉडर्न टाइम्स में अपने ही खिलाफ एक जबर्दस्त लेख लिखा. लेखक का नाम था चाणक्य और लेख का शीर्षक था ‘द राष्ट्रपति’. इस लेख में जनता को नेहरू के तानाशाही रवैये के खिलाफ चेतावनी देते हुए कहा गया था कि नेहरू को इतना मजबूत न होने दो कि वो सीजर हो जाए. बाद में खुलासा हुआ कि नेहरू हर तरफ अपनी तारीफ और जय-जयकार सुनकर उकता चुके थे. उन्हें महसूस हो रहा था कि बिना मजबूत विपक्ष के लोकतंत्र का कोई मतलब नहीं होता. क्या आज आप ऐसी कल्पना कर सकते हैं?

देश की आजादी के लिए एक दशक तक जेल काटनेवाले नेहरू को अपनी आलोचना से आपत्ति नहीं थी. आज देश के लिए नाखून कटाए बगैर देश को लूटनेवालों को अपनी आलोचना से आपत्ति है. क्योंकि उन्हें लोकतंत्र नहीं चाहिए. उन्हें लगता है कि देश जनता का नहीं, उनके पिता जी की जागीर है.

शंकर आज जिंदा होते तो, या तो मुकदमे झेल रहे होते या ट्विटर की नोटिस का जवाब दे रहे होते. नेहरू खुद जिंदा होते तो नेशनल हेराल्ड के फर्जी केस में खुद मुख्य आरोपी होते।

हम कहां से चले थे, कहां पहुंचा दिए गए !

राष्ट्र निर्माता पंडित नेहरू को शत्-शत् नमन

 

 

 

 

राम भक्तों के लिए

यौम-ए-अरफा का रोजा आज, मुस्लिम समुदाय में खास तैयारी

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न्यूज – कहकशां फारुकी

गोमिया_ईद-उल-जुहा से एक दिन पहले मनाए जाने वाले यौम-ए-अरफा को लेकर मुस्लिम समुदाय में खास उत्साह देखा जा रहा है। इस अवसर पर बड़ी संख्या में लोग रोजा रखकर इबादत करेंगे। इस्लामी मान्यता के अनुसार यौम-ए-अरफा का रोजा बेहद फज़ीलत वाला माना जाता है और इसे रखने से पिछले तथा आने वाले एक साल के गुनाह माफ होने की उम्मीद जताई गई है।
गोमिया प्रखंड अवस्थित आईईएल जामा मस्जिद के इमाम साहब मुफ्ति काशिफ रजा ने प्रेस को बताया कि ज़िलहिज्जा महीने की 9 तारीख को यौम-ए-अरफा मनाया जाता है। हज पर गए लाखों मुसलमान इसी दिन मैदान-ए-अरफात में वकूफ करते हैं, जबकि दुनियाभर के मुसलमान रोजा रखकर अल्लाह की इबादत करते हैं। मस्जिदों और घरों में कुरानखानी, तस्बीह, दुआ और नफ्ल इबादत का विशेष इंतजाम किया गया है।
स्थानीय उलेमाओं ने लोगों से अधिक से अधिक इबादत करने, गरीबों और जरूरतमंदों की मदद करने तथा भाईचारे और अमन-चैन की दुआ करने की अपील की है। वहीं ईद-उल-जोहा को लेकर बाजारों में भी रौनक बढ़ गई है और लोग खरीदारी में जुटे हुए हैं।

राम भक्तों के लिए

खड़े हाईवा से टकराई बाइक, दो युवक गंभीर, गांधीनगर थाना पुलिस ने दिखाई तत्परता, घायलों को पहुंचाया अस्पताल

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News – Kahkashan Farooqi 

गोमिया_ गांधीनगर थाना क्षेत्र के डीडी माइंस के समीप कुरपनिया-जरीडीह मुख्य मार्ग पर सोमवार देर रात सड़क हादसे में बाइक सवार दो युवक गंभीर रूप से घायल हो गए।

मिली जानकारी के अनुसार धनंजय कुमार सिंह और संजय कुमार सिंह जनगणना कार्य पूरा कर कुरपनिया से करगली की ओर जा रहे थे। इसी दौरान एक हाईवा के चकमा देने से उनकी बाइक सड़क किनारे खड़े हाईवा से जा टकराई।

घटना की सूचना मिलते ही गांधीनगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों घायलों को तत्काल अपनी गाड़ी से केंद्रीय अस्पताल ढोरी पहुंचाया। चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद दोनों की गंभीर स्थिति को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए बोकारो रेफर कर दिया। बताया जा रहा है कि दोनों युवकों के सिर में गंभीर चोट आई है।

स्थानीय लोगों ने पुलिस की तत्परता और मानवीय पहल की सराहना की है। लोगों का कहना है कि समय पर इलाज मिलने से घायलों की जान बचाने में मदद मिली।

वहीं स्थानीय ग्रामीणों ने डीडी माइंस क्षेत्र में सड़क किनारे अनियंत्रित ढंग से खड़े हाईवा वाहनों पर चिंता जताते हुए प्रशासन से कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि सड़क किनारे भारी वाहनों के खड़े रहने से आए दिन दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है।

राम भक्तों के लिए

बैंक ऑफ बड़ौदा कर्मी की संदिग्ध मौत से सनसनी, परिजनों ने जताई हत्या की आशंका

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News – Kahkashan Farooqi 

गोमिया_ गोमिया स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा शाखा में कार्यरत कर्मचारी सह ग्राहक सेवा सहायक विनय कुमार सिंह चौधरी(50 ) की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत से क्षेत्र में सनसनी फैल गई है। उनका शव गोमिया थाना क्षेत्र के कोठीटांड़ स्टेशन रोड स्थित किराये के मकान से बरामद किया गया। घटना के बाद पुलिस मामले की जांच में जुट गई है, वहीं परिजनों ने हत्या की आशंका जताई है।
जानकारी के अनुसार मृतक पिंड्राजोरा थाना क्षेत्र अंतर्गत kandra गांव निवासी विनय कुमार सिंह चौधरी गोमिया शाखा में कार्यरत थे और स्टेशन रोड स्थित एक मकान में किराये पर रह रहे थे। बुधवार को जब वे बैंक नहीं पहुंचे तो सहकर्मियों ने मोबाइल फोन पर संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। काफी देर तक संपर्क नहीं होने पर बैंक कर्मी उनके आवास पहुंचे, जहां कमरे का दरवाजा अंदर से बंद मिला।

स्थिति संदिग्ध लगने पर इसकी सूचना तत्काल गोमिया थाना पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही गोमिया थाना प्रभारी प्रफुल्ल कुमार महतो फौरन अपने दल_बल केसाथ धटनास्थल पर पहुंची और दरवाजा खुलवाकर कमरे में प्रवेश किया अंदर विनय कुमार सिंह चौधरी का शव बरामद हुआ। घटना की खबर फैलते ही इलाके में लोगों की भीड़ जुट गई और माहौल गमगीन हो गया।
घटना की सूचना मिलने के बाद मृतक के भाई सुख सागर सिंह चौधरी, रमेश कुमार सिंह चौधरी सहित अन्य परिजन भी मौके पर पहुंचे। परिजनों ने मौत को संदिग्ध बताते हुए हत्या की आशंका जताई है। उनका कहना है कि कमरे की स्थिति और शव की अवस्था सामान्य नहीं लग रही थी। उन्होंने मामले की निष्पक्ष एवं गहन जांच कर वास्तविक कारणों का खुलासा करने की मांग की है।
इधर गोमिया थाना पुलिस आसपास के लोगों, मकान मालिक और बैंक कर्मियों से पूछताछ कर रही है। उन्होंने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का स्पष्ट खुलासा हो सकेगा। फिलहाल पुलिस आत्महत्या, हत्या समेत सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखते हुए मामले की छानबीन में जुटी हुई है।

राम भक्तों के लिए

उपायुक्त की अध्यक्षता में साप्ताहिक जन शिकायत निवारण दिवस आयोजित, ग्रामीणों की समस्याओं के त्वरित समाधान हेतु संबंधित अधिकारियों को दिए गए आवश्यक निर्देश

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गुमला (ब्यूरो प्रमुख ) – गणपत लाल चौरसिया

गुमला : – गुमला उपायुक्त दिलेश्वर महत्तो की अध्यक्षता में समाहरणालय सभागार में साप्ताहिक जन शिकायत निवारण दिवस का आयोजन किया गया। जन शिकायत निवारण दिवस में जिले के विभिन्न प्रखंडों एवं सुदूरवर्ती क्षेत्रों से पहुंचे ग्रामीणों एवं नागरिकों ने अपनी समस्याओं एवं मांगों से संबंधित आवेदन उपायुक्त के समक्ष प्रस्तुत किए। उपायुक्त ने सभी आवेदनों को गंभीरतापूर्वक सुनते हुए संबंधित विभागीय पदाधिकारियों को नियमानुसार त्वरित जांच एवं आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

जन शिकायत निवारण दिवस के दौरान जारी प्रखंड अंतर्गत ग्राम परसा निवासी जगरनाथ कवर द्वारा बंदोबस्ती की जमीन के ऑनलाइन दाखिल-खारिज एवं रिकॉर्ड अद्यतन कराने से संबंधित आवेदन प्रस्तुत किया गया। आवेदक ने बताया कि उनके दादा भुसन कवर के नाम से लाल कार्ड के माध्यम से प्राप्त सरकारी बंदोबस्ती भूमि पर परिवार पीढ़ियों से खेती-बारी करता आ रहा है, किंतु लाल कार्ड नष्ट हो जाने के कारण भूमि ऑनलाइन नहीं हो पा रही है। इस पर उपायुक्त ने संबंधित अंचल अधिकारी को मामले की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

वहीं बसिया प्रखंड की दिव्यांग महिला मीना कुमारी द्वारा अपने लाल राशन कार्ड को बीपीएल श्रेणी में परिवर्तित करने हेतु आवेदन दिया गया। आवेदिका ने आर्थिक रूप से अत्यंत कमजोर एवं मजदूर परिवार से होने की बात बताते हुए पर्याप्त खाद्यान्न उपलब्ध नहीं होने की समस्या रखी। उपायुक्त ने जिला आपूर्ति पदाधिकारी को मामले की जांच कर पात्रता के अनुसार आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

रायडीह प्रखंड अंतर्गत कीज्जा पंचायत के नवाटोली, आंवरालोंगडा, बुचीडाही एवं गलगुटरी गांवों में सड़क एवं पेयजल सुविधा उपलब्ध कराने संबंधी सामूहिक आवेदन भी प्रस्तुत किया गया। ग्रामीणों ने बताया कि लगभग एक हजार आदिवासी आबादी वाले इन गांवों में आज तक मूलभूत सुविधाओं का अभाव है तथा वर्षा ऋतु में आवागमन अत्यंत कठिन हो जाता है। साथ ही खराब पड़े चापाकलों एवं पेयजल संकट की समस्या भी रखी गई। आवेदन में शहीद सीआरपीएफ जवान स्वर्गीय पूर्णिमा मुंडा के गांव में बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग भी की गई। उपायुक्त ने संबंधित विभागों को स्थल निरीक्षण कर प्रतिवेदन उपलब्ध कराने तथा योजनाओं की व्यवहार्यता के अनुसार आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

इसी क्रम में दुन्दुरिया डाडू टोली निवासी एक आवेदक द्वारा खतियानी बकास्त भूमि पर अवैध घेराबंदी किए जाने की शिकायत प्रस्तुत की गई। आवेदक ने बताया कि पूर्वजों के नाम दर्ज खतियानी भूमि पर कई पीढ़ियों से खेती की जा रही थी, किंतु वर्तमान में उक्त भूमि पर घेराबंदी कर दी गई है। उपायुक्त ने संबंधित अंचल अधिकारी एवं राजस्व विभाग को मामले की गहन जांच कर प्रतिवेदन समर्पित करने का निर्देश दिया।

मौजा कोयंजारा गढ़टोली निवासी फेतो खड़ियाईन द्वारा भूमि विवाद एवं मारपीट की धमकी से संबंधित आवेदन भी प्रस्तुत किया गया। आवेदिका ने कुछ व्यक्तियों पर जबरन विवाद उत्पन्न करने एवं जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया। उपायुक्त ने संबंधित थाना प्रभारी एवं अंचल अधिकारी को मामले की जांच कर विधिसम्मत कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

इसके अतिरिक्त ग्राम खोरा निवासी लक्ष्मण उरांव द्वारा गलत वंशावली के आधार पर मुआवजा राशि प्राप्त किए जाने की शिकायत दर्ज कराई गई। आवेदक ने भूमि स्वामित्व एवं वंशावली की निष्पक्ष जांच कर वास्तविक लाभुक को मुआवजा दिलाने की मांग की। इस पर उपायुक्त ने संबंधित पदाधिकारियों को दस्तावेजों की जांच कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

उपायुक्त ने कहा कि जन शिकायत निवारण दिवस का उद्देश्य आमजन की समस्याओं का संवेदनशीलता एवं पारदर्शिता के साथ समाधान सुनिश्चित करना है। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को प्राप्त आवेदनों पर समयबद्ध कार्रवाई करते हुए निष्पादन प्रतिवेदन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

राम भक्तों के लिए

गुमला डीटीओ ज्ञान शंकर जायसवाल का स्थानांतरण- शानदार कार्यकाल, कड़े फैसले और अनूठी पहलों के लिए याद किए जाएंगे

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गुमला (ब्यूरो प्रमुख ) – गणपत लाल चौरसिया

गुमला : – गुमला जिले में सड़क सुरक्षा, यातायात प्रबंधन और परिवहन व्यवस्था में आश्चर्यजनक बदलाव लाने वाले जिला परिवहन पदाधिकारी ( डीटीओ ) ज्ञान शंकर जायसवाल का स्थानांतरण हो गया है। उनका कार्यकाल कड़े प्रशासनिक फैसलों, सघन जांच अभियानों और मानवीय संवेदनाओं से भरी अनूठी पहलों का एक बेहतरीन संगम रहा। गुमला की जनता और प्रशासन उनके इस यादगार सेवाकाल के लिए उन्हें भावभीनी विदाई दे रहा है।

पिछले सभी अभियानों और प्रशासनिक कार्यवाहियों पर नजर डालें तो उनका कार्यकाल कई मायनों में ऐतिहासिक रहा:

‘हेलमेट मैन’ का आगमन और जागरूकता की अनूठी मिसाल

‘हेलमेट मैन ऑफ इंडिया’ का दौरा: सड़क सुरक्षा को जन-आंदोलन बनाने के लिए उन्होंने भारत के प्रसिद्ध ‘हेलमेट मैन’ राघवेंद्र जी को विशेष रूप से गुमला आमंत्रित किया। उनके साथ मिलकर विभिन्न कॉलेजों और शिक्षण संस्थानों में वृहद स्तर पर जागरूकता अभियान चलाया गया।

पीए सिस्टम की स्थापना: यातायात को सुगम बनाने के लिए शहर के प्रमुख चौराहों पर पीए (पीए) सिस्टम लगवाया, ताकि आने-जाने वाले सभी लोगों के लिए हेलमेट लगाने का निरंतर संदेश चलता रहे और लोग जागरूक हों।

‘हेलमेट बैंक’ की अभिनव पहल: चालान कटने वालों को मुफ्त हेलमेट बांटने के साथ-साथ उन्होंने जिले में ‘हेलमेट बैंक’ बनाने की शानदार पहल की, जो आने वाले दिनों में जरूरतमंदों को सुरक्षा कवच प्रदान करेगी।

नियम तोड़ने वालों की ‘क्लास’: बिना हेलमेट पकड़े गए लोगों का सिर्फ चालान ही नहीं कटा, बल्कि डीटीओ कार्यालय में उनकी बकायदा ‘क्लास’ लगाई गई और उन्हें जिंदगी की कीमत समझाई गई।

जीरो टॉलरेंस, सघन जांच और कड़े फैसले

रिकॉर्ड जुर्माना और कार्रवाई: सिसई-भरनो मार्ग, गुमला-रायडीह मार्ग, डी.ए.वी., नेट्रोडेम स्कूल सहित जिले के लगभग सभी प्रमुख मार्गों पर सघन चेकिंग अभियान चलाकर यातायात नियम तोड़ने वालों से प्रतिदिन लगभग लाख रुपये की वसूली की गई। भारी जुर्माने मौके पर ही वसूले गए, लेकिन उनका मकसद राजस्व बढ़ाना नहीं, बल्कि लोगों में सुरक्षा के प्रति जिम्मेदारी जगाना था।

नाबालिग ड्राइविंग और ओवरलोडिंग पर प्रहार: स्कूलों (जैसे नेट्रोडैम और डीएवी ) के साथ बैठक कर स्पष्ट चेतावनी दी गई कि नाबालिग छात्रों के गाड़ी चलाने या ऑटो में बच्चों की ओवरलोडिंग होने पर सीधे वाहन जब्ती और स्कूल प्रबंधन पर कार्रवाई होगी।

नाइट ऑपरेशन्स: रात के समय अवैध डैजलिंग लाइट्स, ओवरलोडिंग और बिना कागजात दौड़ रहे भारी वाहनों पर नकेल कसी गई।

यातायात व्यवस्था और बुनियादी ढांचे में सुधार

मासिक बैठकों का नियमित आयोजन: दुर्घटना संभावित क्षेत्रों (ब्लैक स्पॉट्स) की निरंतर समीक्षा और सुधार के लिए प्रत्येक माह ‘सड़क सुरक्षा समिति’ की बैठक अनिवार्य रूप से आयोजित की गई।

बस डिपो और रूट का कायाकल्प: शहर को जाम से मुक्ति दिलाने के लिए सरकारी बस डिपो का व्यवस्थित संचालन शुरू करवाया और बसों का रूट व स्टॉपेज तय किया। ब्लैक स्पॉट्स का सुधार: करमदीपा चौक और के.ओ. कॉलेज बाईपास जैसे दुर्घटना संभावित क्षेत्रों का तकनीकी सुधार करवाकर हादसों में भारी कमी लाई गई।

जन-कल्याणकारी योजनाएं और शीर्ष सम्मान

26 जनवरी को प्रथम पुरस्कार: सड़क सुरक्षा और यातायात सुदृढ़ीकरण पर उनके द्वारा संचालित झांकी को गणतंत्र दिवस (26 जनवरी) के राष्ट्रीय पर्व पर विधायक चमरा लिंडा जी के हाथों प्रथम पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

सड़क सुरक्षा माह का सिरमौर: राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह के दौरान पूरे जिले में नुक्कड़ नाटक, जागरूकता रथ और सर्वाधिक गतिविधियां आयोजित करने के लिए परिवहन विभाग को प्रथम पुरस्कार से नवाजा गया।

गुड सेमेरिटन व ग्राम गाड़ी योजना: सड़क दुर्घटना में घायलों की जान बचाने वाले ‘नेक फरिश्तों’ को सम्मानित किया गया और ग्रामीण कनेक्टिविटी के लिए जीपीएस आधारित ‘मुख्यमंत्री ग्राम गाड़ी योजना’ को धरातल पर उतारा गया।

एक प्रशासनिक अधिकारी से बढ़कर एक मार्गदर्शक के रूप में कार्य करने वाले ज्ञान शंकर जायसवाल की विदाई पर संपूर्ण जिला भावुक है। गुमला सड़क सुरक्षा टीम, परिवहन कार्यालय ( डीटीओ ऑफिस) के कर्मियों और आम जनता की ओर से उन्हें यह विशेष संदेश दिया गया है:

“गुमला की सड़कों को सुरक्षित बनाने, युवाओं में जागरूकता जगाने और ‘हेलमेट बैंक’ जैसी दूरदर्शी सोच के साथ हर नागरिक को सुरक्षा का अहसास कराने के लिए संपूर्ण गुमला जिला आपका हृदय से आभार व्यक्त करता है। बच्चों की सुरक्षा से लेकर आम आदमी के जीवन की रक्षा के लिए आपके द्वारा उठाए गए कड़े और संवेदनशील कदम हमेशा याद रखे जाएंगे। आपके द्वारा स्थापित किए गए उच्च मापदंड आने वाले समय में भी हमारा मार्गदर्शन करते रहेंगे। आपके इस बेहतरीन, अनुशासित और यादगार कार्यकाल के लिए— हम सभी आपके उज्ज्वल भविष्य और नई पदस्थापना के लिए आपको हार्दिक शुभकामनाएँ देते हैं।”

राम भक्तों के लिए
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