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Thursday, July 2, 2026
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विशुनपुर में आयोजित अंचल दिवस में उपायुक्त पहुंचे, जमीन संबंधी मामलों का ऑन-द-स्पॉट समाधान

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गुमला (ब्यूरो प्रमुख ) – गणपत लाल चौरसिया

गुमला : – गुमला जिले के विशुनपुर अंचल में शनिवार को आयोजित अंचल दिवस कार्यक्रम में उपायुक्त दिलेश्वर महत्तो शामिल हुए। इस दौरान अपर समाहर्ता शशिंद्र कुमार बड़ाइक, अंचल अधिकारी विशुनपुर, प्रखंड विकास पदाधिकारी विशुनपुर सहित विभिन्न विभागों के पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित रहे।

अंचल दिवस के अवसर पर बड़ी संख्या में ग्रामीण अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे, जिनमें अधिकांश मामले जमीन से संबंधित थे। कार्यक्रम के दौरान राजस्व एवं भूमि से जुड़े मामलों की सुनवाई करते हुए कई मामलों का मौके पर ही निष्पादन किया गया, वहीं शेष जटिल मामलों के त्वरित समाधान हेतु संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

ग्रामीणों द्वारा भूमि मापी, दाखिल-खारिज, रसीद निर्गमन, सीमांकन एवं अन्य राजस्व संबंधी समस्याएं प्रमुख रूप से रखी गईं। उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि राजस्व मामलों का निष्पादन पारदर्शी, समयबद्ध एवं संवेदनशील तरीके से सुनिश्चित किया जाए, ताकि आम लोगों को अनावश्यक परेशानियों का सामना न करना पड़े।

कार्यक्रम के दौरान उपायुक्त ने ग्रामीणों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं तथा भरोसा दिलाया कि जिला प्रशासन आमजन की समस्याओं के समाधान के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध एवं संवेदनशील है। उन्होंने कहा कि अंचल दिवस जैसे कार्यक्रम प्रशासन और जनता के बीच संवाद को मजबूत बनाने का प्रभावी माध्यम हैं, जिससे लोगों को स्थानीय स्तर पर ही त्वरित समाधान उपलब्ध कराया जा सके।

इस अवसर पर उपायुक्त दिलेश्वर महत्तो ने कहा कि, “अंचल दिवस के माध्यम से प्रशासन की पहुंच अंतिम व्यक्ति तक सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है। जमीन से जुड़े मामले आम लोगों के जीवन से सीधे जुड़े होते हैं, इसलिए इनका समयबद्ध समाधान हमारी प्राथमिकता है। हमारा प्रयास है कि लोगों को बार-बार कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें और अधिकतम मामलों का समाधान स्थानीय स्तर पर ही सुनिश्चित हो।”

उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनहित से जुड़े मामलों में गंभीरता एवं संवेदनशीलता के साथ कार्य करते हुए निर्धारित समयसीमा के भीतर निष्पादन सुनिश्चित करें।

कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों को विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी भी दी गई तथा उन्हें योजनाओं का लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया गया।

राम भक्तों के लिए

सड़क सुरक्षा जागरूकता के मददगारों का सम्मान, सड़क सुरक्षा दल और कॉलेज के छात्र हुए पुरस्कृत

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गुमला (ब्यूरो प्रमुख ) – गणपत लाल चौरसिया

गुमला : – गुमला जिले में समाज सेवा और जीवन रक्षा के एक महत्वपूर्ण संकल्प को सम्मानित करते हुए जिला परिवहन कार्यालय (डीटीओ), गुमला के सौजन्य से एक विशेष सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य सड़क सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रमों में उत्कृष्ट योगदान देने वाले ‘सड़क सुरक्षा दल’ के सक्रिय जांबाजों और कार्तिक उरांव महाविद्यालय के छात्रों को उनके अमूल्य सहयोग के लिए सम्मानित करना था।

समारोह में जिला परिवहन पदाधिकारी ज्ञान शंकर जायसवाल ने सड़क सुरक्षा जागरूकता के क्षेत्र में उत्कृष्ट, निस्वार्थ और सक्रिय भागीदारी निभाने वाले इन सभी युवाओं और जांबाजों की भूरि-भूरि प्रशंसा की। उनके समर्पण और कार्यशालाओं में कड़ी मेहनत को सराहते हुए, डीटीओ ने उन्हें विशेष ‘प्रशंसा प्रमाण पत्र’ प्रदान कर सम्मानित किया।

सड़क सुरक्षा सिर्फ अभियान नहीं, जीवन बचाने का संकल्प है: डीटीओ

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला परिवहन पदाधिकारी ने अपने विचार साझा किए। उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा को केवल एक सरकारी अभियान के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए, बल्कि यह हर नागरिक का एक पवित्र संकल्प होना चाहिए जिससे कीमती जानें बचाई जा सकें।

उन्होंने बताया कि इस व्यापक जन जागरूकता अभियान में कार्तिक उरांव महाविद्यालय के छात्रों और सड़क सुरक्षा दल ने प्रशासन और आम जनता के बीच एक मजबूत सेतु का काम किया है। इन युवाओं के सहयोग से ही आम जनता और वाहन चालकों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करने में अभूतपूर्व सफलता प्राप्त हुई है। डीटीओ ने सम्मानित होने वाले सभी सदस्यों की कर्तव्यनिष्ठा और समाज के प्रति उनके समर्पण की सराहना करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

“सड़क सुरक्षा दल के सदस्यों और कार्तिक उरांव महाविद्यालय के छात्रों ने जिस सक्रियता और ऊर्जा के साथ लोगों को नियमों के प्रति जागरूक किया है, वह अत्यंत सराहनीय है। हमें पूरी उम्मीद है कि भविष्य में भी ये युवा इसी सकारात्मक ऊर्जा और उत्साह के साथ समाज को सुरक्षित बनाने में अपनी अग्रणी भूमिका निभाते रहेंगे।”

जिला परिवहन पदाधिकारी, गुमला

जागरूकता अभियान की प्रमुख गतिविधियां

सड़क सुरक्षा दल और छात्रों के सहयोग से जिले भर में जन जागरूकता के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए:

सघन जागरूकता अभियान: चौक-चौराहों, प्रमुख मार्गों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में वाहन चालकों को रोककर हेलमेट पहनने और कार में सीटबेल्ट लगाने के फायदों के बारे में जागरूक किया गया।

युवाओं से संवाद: स्कूल और कॉलेजों में विशेष सेमिनार और कार्यशालाएं आयोजित की गईं, ताकि युवा पीढ़ी शुरुआत से ही सुरक्षित ड्राइविंग (ओवरस्पीडिंग न करने, स्टंट न करने) की आदत डाल सके।

नियमों के पालन पर जोर: रॉन्ग साइड ड्राइविंग, नशे में गाड़ी चलाना (ड्रिंक एंड ड्राइव) और मोबाइल पर बात करते हुए ड्राइविंग करने के घातक परिणामों के बारे में लोगों को सचेत किया गया।

दुर्घटना मुक्त गुमला बनाने का लिया गया सामूहिक संकल्प

इस सम्मान समारोह में जिला परिवहन कार्यालय के कई वरीय अधिकारी, सड़क सुरक्षा समिति के सदस्य, कार्तिक उरांव महाविद्यालय के सम्मानित छात्र और सड़क सुरक्षा दल के सभी वॉलंटियर्स उपस्थित थे। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी लोगों ने परिवहन विभाग की इस सकारात्मक पहल का स्वागत किया। समारोह का समापन एक सामूहिक शपथ के साथ हुआ, जिसमें सभी ने व्यक्तिगत और सामाजिक स्तर पर यातायात नियमों का कड़ाई से पालन करने और गुमला जिले को पूर्ण रूप से ‘दुर्घटना मुक्त’ बनाने का दृढ़ संकल्प लिया।

राम भक्तों के लिए

उपायुक्त दिलेश्वर महत्तो ने बिशुनपुर प्रखंड के ग्राम बेती में किया क्षेत्र भ्रमण, जनसंवाद के माध्यम से सुनी ग्रामीणों की समस्याएं

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गुमला (ब्यूरो प्रमुख ) – गणपत लाल चौरसिया

“बेती गांव को मॉडल गांव के रूप में विकसित करने का प्रयास किया जाएगा, ग्रामीणों की भागीदारी सबसे महत्वपूर्ण” — उपायुक्त

गुमला : – गुमला उपायुक्त दिलेश्वर महत्तो द्वारा शनिवार को बिशुनपुर प्रखंड अंतर्गत नरमा पंचायत के ग्राम बेती में विकासात्मक कार्यों का स्थलीय निरीक्षण एवं जनसंवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के दौरान उपायुक्त ने ग्रामीणों से सीधा संवाद स्थापित कर उनकी समस्याओं, आवश्यकताओं एवं सुझावों को गंभीरता से सुना तथा संबंधित विभागीय पदाधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

इस अवसर पर अपर समाहर्ता गुमला शशिंद्र कुमार बड़ाइक, सिविल सर्जन गुमला डॉ. शंभूनाथ चौधरी, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी आरती कुमारी, जिला आपूर्ति पदाधिकारी प्रदीप भगत, जिला कल्याण पदाधिकारी आलोक कुमार सहित कृषि, उद्यान एवं अन्य विभागों के पदाधिकारी तथा प्रखंड विकास पदाधिकारी ,अंचल अधिकारी एवं मुखिया आदि उपस्थित थे।

जनसंवाद कार्यक्रम में जिला समाज कल्याण पदाधिकारी द्वारा महिलाओं एवं गर्भवती माताओं को सरकार द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं एवं लाभों की विस्तृत जानकारी दी गई। वहीं जिला आपूर्ति पदाधिकारी ने राशन एवं जन वितरण प्रणाली से संबंधित योजनाओं की जानकारी देते हुए ग्रामीणों को किसी भी प्रकार के बिचौलियों एवं घूसखोरों से सावधान रहने की अपील की। जिला कल्याण पदाधिकारी द्वारा कल्याण विभाग की योजनाओं की जानकारी दी गई। वहीं कृषि पदाधिकारी ने किसानों को रागी एवं अन्य फसलों की उन्नत खेती, केसीसी एवं फसल बीमा योजनाओं के बारे में जानकारी देते हुए किसानों को आधुनिक कृषि पद्धतियों से जुड़ने के लिए प्रेरित किया।इस दौरान सिविल सर्जन गुमला, सहित सभी विभागीय पदाधिकारियों ने भी अपने अपने विभाग अंतर्गत संचालित विभिन्न योजनाओं एवं उनसे मिलने वाले लाभों के बारे में बताते हुए नागरिकों को जागरूक किया।

ग्रामीणों ने कार्यक्रम के दौरान खेती हेतु सिंचाई व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए नदी से खेतों तक सोलर आधारित जलापूर्ति एवं डीप बोरिंग की मांग रखी। ग्रामीणों द्वारा सुकुआ टांड़, हीरा खाड़ टांड़, लालझी बगीचा, कुम्हार टोला, स्कूल टोली, मुइया बड़ा, सरना चौरा, बैजू टांड़, करंज टांड़, महुआ टांड़, पिपरा टांड़, फकीर टोला सहित कई स्थानों पर सोलर डीप बोरिंग की आवश्यकता से उपायुक्त को अवगत कराया गया। इसके अतिरिक्त सरना चौरा नदी मरम्मत, गार्डवाल निर्माण, धारा कूटा तालाब जीर्णोद्धार, सड़क समस्या, शिक्षकों की आवश्यकता एवं महिला समूहों को स्वरोजगार हेतु सहायता उपलब्ध कराने की मांग भी रखी गई।

ग्रामीणों ने कुसुम खर्रा (उत्तरी कोयल नदी क्षेत्र) को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने का आग्रह भी उपायुक्त के समक्ष रखा।

ग्राम बेती में लगभग 4,50 परिवार निवास करते हैं, जिनमें उरांव, बिरहोर, बिरजिया, खिरवार, भुइयां, लोहार सहित विभिन्न समुदायों के लोग शामिल हैं। इनमें 1,12 परिवार विशेष रूप से पीवीटीजी श्रेणी से संबंधित हैं, जिनमें 62 बिरहोर एवं 50 बिरजिया परिवार शामिल हैं। ग्रामीणों द्वारा खेती एवं वैकल्पिक कृषि गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी की जानकारी दी गई। यहां महिला समूह भी स्वरोजगार से जुड़कर कार्य कर रहे हैं।

उपायुक्त दिलेश्वर महत्तो ने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि,
“आपकी मेहनत और लगन ने इस गांव को एक अलग पहचान दी है। यहां के लोग खेती एवं वैकल्पिक आजीविका में बेहतर कार्य कर रहे हैं। प्रशासन का प्रयास रहेगा कि बेती गांव को मॉडल गांव के रूप में विकसित किया जाए। इसके लिए सभी विभागों एवं ग्रामीणों की सहभागिता आवश्यक है। किसी भी उक्त परिवार को सरकारी योजनाओं से वंचित नहीं रहने दिया जाएगा। आवास, बिजली, पानी एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।”

उन्होंने कहा कि गांव में मटर सहित अन्य फसलों की अच्छी खेती की संभावना है तथा यहां के उत्पादों की मार्केटिंग में एफपीओ के माध्यम से सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा। साथ ही ग्रामीणों से बच्चों को नियमित रूप से विद्यालय भेजने की अपील भी की गई। उपायुक्त ने एमपीसी गठन के प्रस्ताव पर भी सकारात्मक पहल करने की बात कही तथा आंगनबाड़ी से संबंधित समस्याओं के शीघ्र समाधान का आश्वासन दिया।

इस दौरान अपर समाहर्ता शशिंद्र कुमार बड़ाइक ने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि,
“सरकार की योजनाओं का उद्देश्य ग्रामीणों को आत्मनिर्भर बनाना है। यदि गांव के लोग स्वरोजगार एवं रोजगार के लिए आगे बढ़ेंगे तो प्रशासन हर संभव सहयोग प्रदान करेगा। आवश्यकता केवल जागरूकता एवं इच्छाशक्ति की है।”

जनसंवाद कार्यक्रम के पश्चात उपायुक्त ने गांव का भ्रमण किया तथा बिरहोर टोला, आंगनबाड़ी केंद्र, विद्यालय का निरीक्षण किया। उपायुक्त ने आंगनवाड़ी केंद्र के अधूरे कार्यों को एम आई के कार्यपालक अभियंता से अविलंब पूर्ण करने का निर्देश दिया,वहीं विद्यालय के विद्यालय के मरम्मती करते हुए अस्थायी रूप से वहां एमपीसी सेंटर ( बंधन विकास केंद्र) के रूप में भी प्रयोग करने की बात कही। उपायुक्त ने कुसुम खर्रा (उत्तरी कोयल नदी क्षेत्र) का भी निरीक्षण किया जहां के पर्यटन विकास की संभावनाओं को देखते हुए संबंधित पदाधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

उपायुक्त ने कहा कि जिला प्रशासन का लक्ष्य गुमला के सुदूरवर्ती क्षेत्रों में निवास करने वाले प्रत्येक नागरिक तक सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना है। साथ ही शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, सड़क एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं की बेहतर उपलब्धता सुनिश्चित कर क्षेत्र के समग्र विकास को गति देना प्रशासन की प्राथमिकता है।

राम भक्तों के लिए

CJP : क्षणिक उत्साह से उपजे आंदोलनों को अवसरवादी लपक लेते हैं

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  • अमिता नीरव (पत्रकार)
इतिहास गवाह है, क्षणिक उत्साह में अक्सर सत्ता को अवसरवादी आकर लपक लेते हैं। पहले विश्वयुद्ध के अपमान से उत्तेजित जनता ने हिटलर को हाथों हाथ लिया, ईरान की जनता ने खोमैनी को, हमने महाप्रभु को. परिणाम क्या रहा? फिर से अंतहीन लड़ाई ! कॉकरोच जनता पार्टी शायद यही हश्र होगा. हालांकि सोशल मीडिया के जमाने में सीजेपी को मात्र एक हफ्ते में जितनी तीव्र गति से युवाओं का समर्थन मिला है, वह चौंकानेवाला जरूर है. 

कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) मुझे एक ऐसी चौंध से ज्यादा नहीं लग रही है, जो लोगों की आँखों की रोशनी छीन ले। हालाँकि बचपन में एक सबक सीखा था कि एकाएक यदि कुछ चमकने लगे तो उस पर जरूर शक करो. मगर एक बार दूध से जल चुके हैं। बुद्धि औऱ विवेक दोनों छाछ से जलने के लिए किसी कीमत तैयार नहीं है।

5 अप्रैल को दिल्ली में अन्ना हजारे ने इंडिया अगेंस्ट करप्शन की शुरुआत की। हम सब जानते हैं कि इसकी पृष्ठभूमि कैसे बनी और उसके परिणाम क्या रहे? कांग्रेस का भ्रष्टाचार और उससे ज्यादा इसका प्रचार. बाद के सालों में कई मामलों में मौजूदा सरकार के होते, कांग्रेसी बरी होते रहे हैं।

टू जी घोटाला वो षडयंत्र था, जिसके बारे में पढ़-समझकर बुद्धि काम करना बंद दिया करती है। मीडिया कैसे ‘कुछ-न’ होने को ‘कितना कुछ’ बनाकर पेश कर सकती है। 2017 में जब इस कथित घोटाले को कोर्ट ने एक तरह से ‘न हुआ’ करार दिया, तब असल में ठगे जाने का अहसास हुआ था।

इंडिया अगेंस्ट करप्शन की हकीकत

कितने लोग इस बात की जानकारी रखते हैं कि इंडिया अगेंस्ट करप्शन की शुरूआत से लगभग महीने भर पहले अमेरिका के सैनडियागो में एक मार्च निकाला गया था! 12 मार्च, ठीक वही दिन जो इतिहास में गाँधी के डांडी मार्च के नाम से दर्ज है। 

सैनडियागो से सैन फ्रांसिस्को तक की लगभग 386 किलोमीटर की यात्रा 26 मार्च को खत्म हुई थी। उसी वक्त अमेरिका के लगभग 45 शहरों में इस तरह के मार्च का आयोजन हुआ था। बाद में दुनिया के औऱ आठ देशों में इस तरह के मार्च के आयोजन हुए। क्या लगता है ये सब ऑर्गेनिक था?

जिस इंडियन डायसपोरा के नाम पर हमारे महाप्रभु दुनिया में अपना झंडा गाड़े हुए दिखते हैं, और उनके समर्थक इसे देखकर गुब्बारा हुए घूमते हैं, असल में ये वही डायसपोरा है, जिसने हमारे देश में उस बदलाव की नींव रखी, जिसे हम आज भुगत रहे हैं।

हो सकता है कि इस षडयंत्र की जानकारी अरविंद केजरीवाल को नहीं हो। मगर इस आंदोलन की तफ्तीश करते हुए ये सवाल उठता है कि इसके मंच पर धार्मिक गुरुओं को तो जगह मिली, किसी राजनीतिक व्यक्ति को नहीं मिली, क्यों? जबकि संघ से जुड़ा संगठन इसको सपोर्ट कर रहा था।

एक इंटरव्यू ने गुल पनाग बता रही थी कि वे बस ये देखने गई थी कि आखिर ये क्या आंदोलन है? अऱविंद केजरीवाल ने उन्हें मंच पर बुला लिया। वे आगे बताती हैं कि उस वक्त दर्शकों में सौ-दो-सौ लोग होंगे। मगर टीवी पर जिस तरह से इसे दिखाया गया, उसने उन्हें चकित कर दिया था।

आखिर बदलाव की दिशा क्या और कैसी होगी?

2011 में उत्तरी अफ्रीका के अरब देशों में जो चिंगारी टूनिशिया से शुरू हुई थी, उसकी लपट एशिया के अरब देशों तक भी पहुँची थी। उस अरब स्प्रिंग की लपेट में आए देशों की हकीकतें एक बार समझ लें। टूनिशिया में ही मामला कुछ ठीक है, मिस्त्र कई संघर्षों से गुजरा है, सीरिया, लीबिया बर्बाद हो चुके हैं।

जिस वक्त बांग्लादेश में जेन-जी सड़कों पर उतरा हुआ था, उस वक्त वे तमाम लोग; सिर्फ भारत के ही नहीं, दूसरे दक्षिण एशियाई देशों के भी; जिनकी राजनीतिक समझ की मैं कायल हूँ. वे सब एक सुर में कह रहे थे कि ऑर्गेनिक है। मगर मैं सशंकित थी। क्या हुआ?

ईरान में शाह के शासन से त्रस्त ईरानियों ने वामपंथियों के साथ मिलकर तख्ता पलट कर दिया, फिर क्या हुआ? कट्टरपंथी सत्ता में आ गए और वामपंथियों को जेल, सजा औऱ निर्वासन मिला। ऐसा क्यों हुआ? क्योंकि क्रांति के बाद की कोई रणनीति नहीं थी।

बस बदलाव चाहिए, बदलाव की दिशा क्या और कैसी होगी? इस पर कोई विचार नहीं किया गया। ये ऐसा है कि एक को उतारकर किसी भी अलते-भलते को पकड़कर सत्ता सौंप दो, क्यों? क्योंकि इस वाले से परेशानी है। मगर ये मत सोचिए कि अगला वाला इस जिम्मेदारी को संभाल पाएगा या नहीं?

 

राम भक्तों के लिए

गुमला में परिवहन विभाग का दोहरा अभियान : ओवरलोडिंग , बिना हेलमेट व कानफोडूवा साइलेंसर पर शिकंजा, अब तक 3.73 लाख का जुर्माना 

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गुमला (ब्यूरो प्रमुख ) – गणपत लाल चौरसिया

गुमला : – गुमला जिले में सड़क सुरक्षा को लेकर परिवहन विभाग ने सख्त रुख अपना लिया है। उपायुक्त गुमला दिलेश्वर महतो के निर्देश पर आज जिला परिवहन पदाधिकारी ने शिकंजा कसा । पिछले सप्ताह गुमला-रायडीह मार्ग पर बिना दस्तावेज व ओवरलोडिंग के खिलाफ कार्रवाई के बाद अब बुधवार को करमटोली रोड पर विशेष अभियान चलाकर ओवरलोडिंग और अवैध साइलेंसर मॉडिफिकेशन पर गाज गिराई गई। जिला परिवहन पदाधिकारी (डीटीओ) ज्ञान शंकर जायसवाल के नेतृत्व में हुई इस जांच में कई वाहनों के कागजात भी जब्त किए गए।

 

करमटोली रोड पर क्या हुआ?

शाम होते ही करमटोली चौक पर जाल बिछाकर टीम ने भारी वाहनों, निजी बसों, टेंपो और बाइकों की जांच शुरू कर दी। डीटीओ ने बताया कि ओवरलोडिंग के कारण ही अधिकतर सड़क हादसे होते हैं। अभियान के दौरान कई ऐसे वाहन पकड़े गए जिनमें तय संख्या से अधिक सवारियां सवार थीं। वहीं, एक नई बात यह रही कि विभाग ने तेज कानफोडूवा आवाज वाले साइलेंसर लगे वाहनों पर भी कार्रवाई की। अधिकारियों के अनुसार, ऐसे बदलाव न केवल ध्वनि प्रदूषण बढ़ाते हैं बल्कि इंजन के प्रदर्शन पर भी बुरा असर डालते हैं।

 

डीटीओ ज्ञान शंकर जायसवाल का कहना है :

“साइलेंसर में अवैध संशोधन कर आवाज तेज करना कानूनन अपराध है। यह लोगों की सेहत के लिए हानिकारक है। ऐसे वाहनों के खिलाफ अभियान जारी रहेगा।”

 

पिछले अभियान की बड़ी वसूली

गुमला-रायडीह मार्ग पर हुए अभियान में परिवहन विभाग ने मोटर वाहन अधिनियम के तहत कुल 2,63,000 रुपये का जुर्माना वसूला था। उस समय मुख्य रूप से बिना फिटनेस, बिना बीमा और ओवरलोडिंग पर कार्रवाई की गई थी। अब इसी कड़ी में करमटोली में कानफोडुवा साइलेंसर मॉडिफिकेशन को भी शामिल किया गया है। आज लगभग 1,10,000 का जुर्माना वसूला गया और चालान काटने की प्रक्रिया चालू ही थी ।

 

चालकों को दी गई सलाह

जुर्माने के साथ-साथ चालकों को जागरूक भी किया गया। विभाग ने सभी से अपील की है :

 

· वाहन का फिटनेस परीक्षण समय पर करवाएं।

· वैध बीमा अवश्य रखें।

· बिना लाइसेंस और परमिट के वाहन न चलाएं।

· साइलेंसर में कोई अवैध बदलाव न करें।

· बिना नंबर लगाए वाहन ना चलाएं ।

· यातायात नियमों का पालन करें, हेलमेट और सीट बेल्ट जरूर लगाएं।

 

प्रशासन का कहना है कि आने वाले दिनों में जिले के अन्य मुख्य मार्गों पर भी इसी तरह के आकस्मिक जांच अभियान जारी रहेंगे। मकसद सिर्फ जुर्माना वसूलना नहीं, बल्कि जिंदगियां बचाना है।

* विशेष जानकारी

* अभियान स्थल करमटोली रोड, गुमला

* मुख्य कार्रवाई ओवरलोडिंग, अवैध साइलेंसर, बिना दस्तावेज, बिना हेलमेट

* पिछली वसूली ₹2,13,000

* आज की वसूली ₹1,10,000

* अगला लक्ष्य गुमला के अन्य प्रमुख मार्ग में

– सुरक्षित रहें, नियम मानेंगुमला में परिवहन विभाग का दोहरा अभियान : ओवरलोडिंग , बिना हेलमेट व कानफोडूवा साइलेंसर पर शिकंजा, अब तक 3.73 लाख का जुर्माना

 

गुमला। जिले में सड़क सुरक्षा को लेकर परिवहन विभाग ने सख्त रुख अपना लिया है। उपायुक्त गुमला दिलेश्वर महतो के निर्देश पर आज जिला परिवहन पदाधिकारी ने शिकंजा कसा । पिछले सप्ताह गुमला-रायडीह मार्ग पर बिना दस्तावेज व ओवरलोडिंग के खिलाफ कार्रवाई के बाद अब बुधवार को करमटोली रोड पर विशेष अभियान चलाकर ओवरलोडिंग और अवैध साइलेंसर मॉडिफिकेशन पर गाज गिराई गई। जिला परिवहन पदाधिकारी (डीटीओ) ज्ञान शंकर जायसवाल के नेतृत्व में हुई इस जांच में कई वाहनों के कागजात भी जब्त किए गए।

 

करमटोली रोड पर क्या हुआ?

शाम होते ही करमटोली चौक पर जाल बिछाकर टीम ने भारी वाहनों, निजी बसों, टेंपो और बाइकों की जांच शुरू कर दी। डीटीओ ने बताया कि ओवरलोडिंग के कारण ही अधिकतर सड़क हादसे होते हैं। अभियान के दौरान कई ऐसे वाहन पकड़े गए जिनमें तय संख्या से अधिक सवारियां सवार थीं। वहीं, एक नई बात यह रही कि विभाग ने तेज कानफोडूवा आवाज वाले साइलेंसर लगे वाहनों पर भी कार्रवाई की। अधिकारियों के अनुसार, ऐसे बदलाव न केवल ध्वनि प्रदूषण बढ़ाते हैं बल्कि इंजन के प्रदर्शन पर भी बुरा असर डालते हैं।

 

डीटीओ का कहना है :

“साइलेंसर में अवैध संशोधन कर आवाज तेज करना कानूनन अपराध है। यह लोगों की सेहत के लिए हानिकारक है। ऐसे वाहनों के खिलाफ अभियान जारी रहेगा।”

पिछले अभियान की बड़ी वसूली

गुमला-रायडीह मार्ग पर हुए अभियान में परिवहन विभाग ने मोटर वाहन अधिनियम के तहत कुल 2,63,000 रुपये का जुर्माना वसूला था। उस समय मुख्य रूप से बिना फिटनेस, बिना बीमा और ओवरलोडिंग पर कार्रवाई की गई थी। अब इसी कड़ी में करमटोली में कानफोडुवा साइलेंसर मॉडिफिकेशन को भी शामिल किया गया है। आज लगभग 1,10,000 का जुर्माना वसूला गया और चालान काटने की प्रक्रिया चालू ही थी ।

 

चालकों को दी गई सलाह

जुर्माने के साथ-साथ चालकों को जागरूक भी किया गया। विभाग ने सभी से अपील की है :

· वाहन का फिटनेस परीक्षण समय पर करवाएं।

· वैध बीमा अवश्य रखें।

· बिना लाइसेंस और परमिट के वाहन न चलाएं।

· साइलेंसर में कोई अवैध बदलाव न करें।

· बिना नंबर लगाए वाहन ना चलाएं ।

· यातायात नियमों का पालन करें, हेलमेट और सीट बेल्ट जरूर लगाएं।

 

प्रशासन का कहना है कि आने वाले दिनों में जिले के अन्य मुख्य मार्गों पर भी इसी तरह के आकस्मिक जांच अभियान जारी रहेंगे। मकसद सिर्फ जुर्माना वसूलना नहीं, बल्कि जिंदगियां बचाना है।

 

* विशेष जानकारी

* अभियान स्थल करमटोली रोड, गुमला

* मुख्य कार्रवाई ओवरलोडिंग, अवैध साइलेंसर, बिना दस्तावेज, बिना हेलमेट

* पिछली वसूली ₹2,13,000

* आज की वसूली ₹1,10,000

* अगला लक्ष्य गुमला के अन्य प्रमुख मार्ग से वसूली की गई ।

राम भक्तों के लिए

एक सनकी युवक ने दुर्गा उरांव को कुल्हाड़ी से कटकर अपने बाथरूम में बंद कर दिया था,बाद में गंभीर रूप से घायल दुर्गा उरांव को रांची रिम्स ले जाते वक्त रास्ते में हुई मौत

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गुमला (ब्यूरो प्रमुख ) – गणपत लाल चौरसिया

गुमला : – गुमला जिला अंतर्गत स्थित पालकोट थाना क्षेत्र के लोटवा गांव में एक शादी समारोह के दौरान 27 वर्षीय दुर्गा उरांव की टांगी से काटकर हत्या कर दी गई । गंभीर रूप से घायल दुर्गा को बेहतर इलाज के लिए रिम्स ले जाते समय रास्ते में ही मौत हो गई।

बताया जाता है की मृतक दुर्गा उरांव अपनी मां बंधनी उड़ाइन के साथ 17 मई को अपने मामा की बेटी की शादी समारोह में भाग लेने के लिए लोटवा गांव गयें हुए थे और इसी क्रम में उक्त शादी समारोह के बीच नाच-गाने के दौरान आरोपी युवक ने दुर्गा उरांव को जबरन पड़कर अपने घर ले गया था,

पालकोट थाना पुलिस के समक्ष अपने बयान में मृतक के भाई सोमरा उरांव ने बताया कि गांव का ही गंगा टोप्पो नामक व्यक्ति दुर्गा को अपने घर ले गया था और वहां उसने दुर्गा के सिर पर कुल्हाड़ी से वार किया और उसे घर के बाथरूम में बंद कर दिया था।

सुबह तक जब दुर्गा उरांव के घर नहीं लौटने पर परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की, इसी क्रम में गंगा टोप्पो के घर में खून गिरा देखकर जब उसके बाथरूम की तलाशी ली गई, तो दुर्गा उरांव लहूलुहान स्थिति में वहां पड़ा मिला, तो आनन फानन में उसे इलाज के लिए तुरंत गुमला सदर अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों द्वारा प्राथमिक उपचार के बाद उसकी स्थिति गंभीर होते देखा डॉक्टर ने दुर्गा उरांव को बेहतर इलाज के लिए रांची रिम्स रेफर कर दिया गया, और रांची रिम्स ले जाते वक्त दुर्गा उरांव की रास्ते में ही मौत हो गई।

घटना की सूचना मिलने पर सदर थाना के एसआई

अरविंद कुमार मौके पर पहुंचे। उन्होंने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए गुमला सदर अस्पताल स्थित पोस्टमार्टम हाउस भिजवाया गया और मामले की छानबीन शुरू कर दी है। पुलिस अभियुक्त की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही है। हत्या के पीछे के कारणों का अब तक खुलासा नहीं हुआ है अभियुक्त की गिरफ्तारी के बाद ही उक्त हत्या का खुलासा होगा।

राम भक्तों के लिए

प्रेमिका के घर के सामने प्रेमी ने हाई टेंशन विद्युत टावर से फंन्दे पर लटककर दे दी जान

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गुमला (ब्यूरो प्रमुख ) – गणपत लाल चौरसिया

गुमला : – गुमला और रांची जिले के सीमावर्ती क्षेत्र में एक दिल दहला देने वाली घटना प्रकाश में आई है। बताया जाता है कि एक 18 वर्षीय युवक भरनो थाना क्षेत्र के चेटो परसा गांव निवासी बिरसा उरांव ने प्रेम प्रसंग से उत्पन्न विवाद के बाद उक्त युवक बेड़ों थाना क्षेत्र के कादोजोरा गांव के समक्ष पहुंच कर विद्युत हाई टेंशन टावर पर चढ़कर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। दूसरे दिन प्रातः स्थानीय ग्रामीणों ने टावर से लटकता हुआ शव देखा,फलस्वरूप पूरे इलाके में सनसनी फैल गई और मौके पर लोगों की भारी भीड़ जुट गई। मृतक की पहचान बिरसा उरांव के रूप में हुई है। वह गुमला जिले के भरनो थाना क्षेत्र अंतर्गत चेटो परसा गांव का रहने वाला था।

घटनास्थल पर उपस्थित ग्रामीण के अनुसार उक्त युवक का बेड़ों क्षेत्र की एक युवती के साथ प्रेम – प्रसंग चल रहा था और इसी क्रम में प्रेमी प्रेमिका के घर पहुंच गया जहाँ प्रेमी-प्रेमिका के बीच किसी बात को लेकर विवाद उत्पन्न हो गया इसके बाद उक्त युवक ने अपने प्रेमिका के घर के सामने स्थित विद्युत हाई टेंशन टावर में फांसी का फंदा लगाकर लटक गया, और अपनी ईहलीला समाप्त कर ली ।

जिसका खुलासा उस समय हुआ,जब प्रातः काल स्थानीय ग्रामीणों की नजर उक्त विद्युत हाई टेंशन टावर पर पड़ी। लोगों ने देखा कि एक युवक का शव विद्युत हाई टेंशन टावर से लटका हुआ है।

उक्त दृश्य देखते ही पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई, जितनी मुंह उतनी बातें होने लगी और उक्त घटनास्थल पर धीरे-धीरे बड़ी संख्या में ग्रामीण पहुंचने गए और ग्रामीणों ने उक्त घटना की सूचना भरनो पुलिस को दी, सूचना मिलते ही भरनो थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अपने दल बल के साथ उक्त घटनास्थल पर पहुंची और उन्होंने देखा की उक्त मामला विद्युत हाई टेंशन लाइन से जुड़ी हुई है तो उन्होंने सर्वप्रथम बिजली विभाग से संपर्क किया और उसके कई घंटों के बाद विद्युत आपूर्ति बंद करवाई गई, जिसके बाद काफी सावधानी के साथ उक्त शव को विद्युत टावर से नीचे उतारा गया और उक्त शव को अपने कब्जे में लेकर भानु पुलिस ने उक्त शव को पोस्टमार्टम के लिए गुमला सदर अस्पताल स्थित पोस्टमार्टम हाउस भिजवाया गया,और भरनो पुलिस उक्त मामले की गंभीरता से जांच पड़ताल करते हुए संबंधित लोगों से गहराई से पूछताछ शुरु कर दी है, जांच में प्रेम प्रसंग और आपसी विवाद की बात सामने आ रही है, पुलिस उक्त प्रेमी युवक के परिवार – परिजन और परिचितों से पूछताछ कर रही है, ताकि यह पता चल सके कि आखिर किन परिस्थितियों में युवक ने इतना बड़ा कदम उठाया। मृतक युवक अपने गांव में ट्रैक्टर में मजदूरी करने का काम करता था, और बेड़ों थाना क्षेत्र की एक युवती के साथ उसका प्रेम प्रसंग चल रहा था , मृतक युवक युवती से मिलने उसके घर गया था, उसके बाद दोनों के बीच कुछ ऐसा अप्रत्याशित बात हुई, जिसके फलस्वरुप उक्त युवक ने विद्युत हाई टेंशन टावर में चढ़कर फांसी का फंडा लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। इधर इस घटना के बाद परिजनों का रो रो के बुरा हाल हैं l

राम भक्तों के लिए

ऐसे तो नहीं जाने वाले हैं मोदी

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गांठ बांध कर रख लीजिये, मजाक उड़ाने से, मीम या कार्टून बनाने से, कोसने या स्यापा करने से मोदी नहीं जाने वाले. उनकी लोकप्रियता में और इजाफा हो रहा है. यदि उन्हें इन बातों से कोई फर्क पड़ने वाला होता, तो पूरी क्रूरता से वे उनका दमन करते, जो यह सब कर रहे हैं. लेकिन कठोर सच है कि इन बातों से उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता. उलटे उनके समर्थकों में उनके प्रति आस्था और बढ़ती जाती है. और हम भी मोदी के खिलाफ भड़ास निकाल कर आत्मतोष का अनुभव करते हैं.

आप कहेंगे, लोकप्रियता में कमी तो आयी है, लेकिन इवीएम और चुनावी धांधली से वे चुनाव जीत रहे हैं. ठीक है, वही सही. तब तो एक तरफ उनके खिलाफ मीम बनते रहेंगे और दूसरी तरफ वे चुनाव जीतते रहेंगे. सिर्फ चुनावी धांधली से 27 लाख लोगों का वोट काट कर बंगाल जैसा अभेद्य किला उन्होंने भेद डाला. चलिये, यह आरोप भी सही, लेकिन वे 27 लाख मतदाता कहां हैं जिनके वोट कटे? न सही 27 लाख, अगर एक लाख लोग भी सड़क पर उतर आते तो कल्पना करें, क्या होता?

मैं रवीश कुमार को और अन्य कई यू ट्यूबरों को पिछले चार-पांच वर्षों से हर रोज मोदी की बखिया उधेड़ते सुनता हूं. सुनता हूं कि देश का लोकतंत्र खत्म हो चुका है. देश में तानाशाही है. भ्रष्टाचार चरम पर है. सुनने में अच्छा लगता है. संतोष भी मिलता है. लेकिन यह भी सोचता हूं कि उनका श्रोता कौन है?

सामान्यतः मध्यम वर्ग और मध्यम वर्ग तो मोदी का परम भक्त है. बौद्धिक विमर्शों में भले वह मोदी के खिलाफ बोले. लेकिन शोषण और उत्पीड़न पर टिकी इस व्यवस्था के गर्भनाल से कस कर जुड़े इस तबके से आप कोई उम्मीद कैसे कर सकते हैं?

ठीक है, युवाओं को काकरोच कहना गलत है. लेकिन युवाओं का एक बड़ा हिस्सा इन बातों से निर्लिप्त है और अपनी रोजी-रोटी की कमाई में लगा है. सच पूछिये तो बेरोजगार वही शिक्षित तबका है जो सरकार और अर्द्ध सरकारी संस्थाओं में एक अदद नौकरी के लिए परेशान है. और इस तबके का भी बड़ा हिस्सा अर्थ व्यवस्था के रसातल में जाने के बावजूद मोदी का परम भक्त है. समाज के निम्न वर्ग और निम्न आर्थिक तबके के लिए उनमें गहरी नफरत भरी है.

आप कहेंगे कि मैं निराशाजनक बातें कर रहा हूं. हो सकता है. लेकिन मैं अपने हिसाब से आज की सच्चाई बयां कर रहा हूं. बदलाव तो तभी आयेगा जब इस सिस्टम के खिलाफ सड़कों पर हाथ लहराते लोग निकलेंगे, जैसा 74 के बिहार आंदोलन के समय निकले थे. लेकिन वह जमाना अब नहीं रहा. उस वक्त मिडिल क्लास आंदोलन की अग्रिम पंक्ति में था. अब मिडिल क्लास आर्थिक रूप से संपन्न होकर उच्च वर्ग की तरफ अग्रसर है. अभी तो वह इसी बात को लेकर उन्माद में भरा है कि मोदी ने मुसलमानों को उनकी औकात बता दी. हिदू धर्म का उत्थान कर रहे हैं.

भारतीय मीडिया तुरंत हमें देशभक्ति का इंजेक्शन लगा देगा

मेन स्ट्रीम मीडिया के एंकर-एंकरनियों को कभी व्यवस्था (सिस्टम) में कोई खोट ही नहीं दिखता. नॉर्वे की महिला पत्रकार ने एक सवाल पूछ लिया तो पूरा भक्त समाज (गोदी मीडिया-अंधभक्त) ऐसे भड़क गया जैसे किसी ने व्हाट्सऐप यूनिवर्सिटी का सर्वर बंद कर दिया हो। सवाल पूछा गया, जवाब नहीं मिला, प्रधानमंत्री जी वहां से ऐसे निकले जैसे स्कूल का बच्चा होमवर्क पूछने पर बाथरूम भाग जाता है। फिर भारतीय मीडिया ने तुरंत देशभक्ति का इंजेक्शन लगा दिया  कि भारत की छवि खराब हो गई. फिर तो पूरा नरेटिव ही बदल जाता है और इस तरह मुद्दे गायब हो जाते हैं.

अरे भाई, जिस नॉर्वे की प्रेस फ्रीडम दुनिया में टॉप पर घूमती है, वहां की पत्रकार सवाल पूछ रही थी। और यहां भारत 157वें नंबर पर बैठा पत्रकारिता का ज्ञान दे रहा है। इसपर कोई सवाल नहीं करेगा कि इन पांच दिनों में देश को क्या मिला।

सच कहूं तो भारत की राजनीति अब कम और इंस्टाग्राम इन्फ्लुएंसर संस्कृति ज्यादा लगने लगी है।

और रही नीचे की विशाल आबादी?

दरअसल, भारतीय समाज हमेशा से राजा और प्रजा के रूप में विभाजित रहा है. और प्रजा की समझ यही रही है कि राजा कोई हो, हमें क्या फर्क पड़ता है. भीषण विषमता ने आज भी समाज को दो खेमों में विभाजित कर रखा है- संगठित क्षेत्र और असंगठित क्षेत्र / हैव और हैव नाट्टस, खाया-पीया अघाया समाज और हर रोज के भोजन के लिए खटता समाज. तो बड़ा तबका राजनीतिक भ्रष्टाचार, लाकतंत्र के क्षरण, आर्थिक बदहाली से उदासीन है. राहर के दाल की कीमत दो-चार रुपये कम भी हो जाये, तो वह भात-सब्जी के साथ ही खाता है. सत्ता में कोई भी आये, उसके आर्थिक हालात नहीं सुधरने वाले. उसे हर दिन के भोजन के लिए खटना और कमाना है और इसी में मौका निकाल थोड़ा हंस, गा लेना है.

हमें इस बात की प्रतीक्षा करनी होगी या इसके लिए प्रयास करना होगा कि वह तबका मानवीय गरिमा के साथ जीने के अधिकार के लिए सड़कों पर उतरे और वर्तमान सत्ता को उखाड़ फेंके. उसके पहले तो हमें हुक्मरानों को ज्ञापन और आवेदन देकर ही काम चलाना होगा.

राम भक्तों के लिए

गुमला: सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए प्रशासन सख्त, अवैध कट बंद करने और हेलमेट चेकिंग के निर्देश

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गुमला (ब्यूरो प्रमुख ) – गणपत लाल चौरसिया

गुमला : – गुमला जिले में लगातार हो रही सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने और यातायात व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए जिला प्रशासन ने सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। 21 मई को उपायुक्त (डीसी) की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय मासिक सड़क सुरक्षा समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में स्पष्ट किया गया कि सड़क सुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

बैठक में अपर समाहर्ता, सिविल सर्जन, जिला परिवहन पदाधिकारी, गुमला, बसिया एवं चैनपुर के अनुमंडल पदाधिकारी और पुलिस पदाधिकारी, पथ प्रमंडल के अधिकारी तथा सड़क सुरक्षा समिति के सदस्य और कई गणमान्य अधिकारी उपस्थित थे।

प्रशासन द्वारा लिए गए प्रमुख निर्णय और निर्देश इस प्रकार हैं:

एनएचएआई को निर्देश: अवैध कट बंद होंगे, टोल प्लाजा पर बनेगा ट्रॉमा सेंटर

अवैध कट्स: हाईवे पर मौजूद सभी अनधिकृत कट्स को तत्काल प्रभाव से बंद करने का निर्देश दिया गया है।

सर्विस रोड: आम जनता की शिकायतों पर संज्ञान लेते हुए सर्विस रोड और मुख्य सड़क के बीच के कट्स का कार्य जल्द पूरा करने को कहा गया है।

ट्रॉमा सेंटर और एम्बुलेंस: टोल प्लाजा के समीप ट्रॉमा सेंटर स्थापित करने का प्रस्ताव शीघ्र एनएचएआई के क्षेत्रीय कार्यालय (आरओ) को भेजने का निर्देश दिया गया है। साथ ही, हर समय एम्बुलेंस की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।

यातायात नियम और स्कूली वाहनों पर सख्ती

संयुक्त अभियान: परिवहन विभाग और पुलिस आपसी समन्वय स्थापित कर “संयुक्त प्रवर्तन” अभियान चलाएंगे, जिसका पूरा डेटा मेंटेन किया जाएगा। जिले के ‘ब्लैक स्पॉट’ की नई सूची भी तैयार की जाएगी।

नो हेलमेट, नो चांस: हेलमेट जांच अभियान को और अधिक आक्रामक बनाया जाएगा। अधिक से अधिक लोगों को हेलमेट पहनाने के इरादे से गुमला जिले में हेलमेट बैंक को भी चालू करने हेतु दिशा निर्देश दिया गया ।

स्कूल-कॉलेजों में यातायात नियमों के प्रति जागरूकता अभियान चलेगा।

स्कूली वाहन और मॉडिफिकेशन: क्षमता से अधिक बच्चों को ढोने वाली स्कूली बसों और टेम्पो पर सघन जांच कर कार्रवाई होगी। व्यावसायिक और पुराने वाहनों का फिटनेस टेस्ट अनिवार्य किया गया है। वाहनों में अवैध लाइट, साइलेंसर, बंपर गार्ड या किसी भी प्रकार के मॉडिफिकेशन पर शिकंजा कसा जाएगा।

मानसून पूर्व तैयारी:

गड्ढा भराई और साइनेज: बारिश शुरू होने से पहले सभी मुख्य मार्गों के गड्ढे भरने और सड़क किनारे अनिवार्य रूप से साइन बोर्ड लगाने के सख्त निर्देश दिए गए हैं।

रंबल स्ट्रिप: जिले के सभी मार्गों पर रंबल या रबर स्ट्रिप लगाने का कार्य पूरा किया जाना है। नवडीह टांगरडीह हाई स्कूल के समीप यह कार्य विशेष प्राथमिकता के आधार पर होगा।

प्रमुख सड़क मार्गों की स्थिति एवं निर्देश

समीक्षा बैठक में जिले के विभिन्न मार्गों के लिए विशिष्ट निर्देश जारी किए गए:

गुमला-पालकोट मार्ग: सेमरा पुल का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है।

सिसई-कामडारा-बसिया व नेतरहाट रोड: देविगुडी मोड़ के समीप और नेतरहाट रोड पर झाड़ियों की साफ-सफाई और गार्डवाल का काम जल्द सुनिश्चित करने को कहा गया है।

गुमला-रायडीह रोड: हाई मास्क लाइट लगाने तथा गड्ढों की मरम्मत का आदेश दिया गया है।

गुमला-घाघरा व रायडीह मार्ग: गुमला-घाघरा रोड का काम आरओ दिल्ली की स्वीकृति के इंतजार में है। वहीं, रायडीह मार्ग की मरम्मत के लिए पत्राचार हो चुका है, स्वीकृति मिलते ही काम शुरू होगा।

 

अन्य निर्देश: के.ओ. कॉलेज और उर्मी गोलचक्कर के टी-जंक्शन पर रेडियम स्टीकर लगाने तथा उर्मी बाईपास के कट्स को काम शुरू होने से पहले पूर्णतः बंद करने का निर्देश दिया गया है।

सिसई बसिया रोड में स्थित तालाब पर क्रैश बैरियर के साथ साइन बोर्ड अधिष्ठापन करने का निर्देश दिया है

उर्मी चौक पर स्थित गोलंबर में सड़क दुर्घटना के दृष्टिकोण से रेडियम स्टिकर/रेडियम पेंट कराने, साथ ही अधिष्ठापित हाई मास्क लाइट मरम्मती करने का निर्देश दिया गया

 

*’गोल्डन ऑवर’ के मददगारों को 2000 रुपये का इनाम*

प्रशासन ने दुर्घटना के बाद पहले एक घंटे यानी ‘गोल्डन ऑवर’ में घायलों को अस्पताल पहुंचाने वाले ‘गुड सैमेरिटन्स’ (नेक मददगारों) को प्रोत्साहित करने का फैसला किया है। ऐसे लोगों की सूची तैयार की जाएगी और समय पर पीड़ितों की जान बचाने वालों को 2000 रुपये का पुरस्कार दिया जाएगा। इसके लिए विभाग द्वारा आवश्यक पत्राचार किया जाएगा।

 

डीसी ने अंत में यह सख्त चेतावनी दी है कि यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के साथ-साथ लापरवाह विभागों और संवेदकों (ठेकेदारों) के खिलाफ भी कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

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ईद-उल-जुहा (बकरीद) को लेकर जिला स्तरीय शांति समिति की बैठक आयोजित

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गुमला (ब्यूरो प्रमुख ) – गणपत लाल चौरसिया

शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में पर्व मनाने को लेकर प्रशासन सतर्क

गुमला : – गुमला जिला में आगामी ईद-उल-जुहा (बकरीद) 2026 को शांतिपूर्ण, सौहार्दपूर्ण एवं व्यवस्थित वातावरण में संपन्न कराने को लेकर गुरुवार को उपायुक्त गुमला दिलेश्वर महत्तो एवं पुलिस अधीक्षक हरिश बिन ज़मां की संयुक्त अध्यक्षता में जिला जनसम्पर्क कार्यालय (सूचना भवन) गुमला के सभा-कक्ष में जिला स्तरीय शांति समिति की बैठक आयोजित की गई।

बैठक में शांति समिति के सदस्यों ने बताया कि 28 मई को जिले के विभिन्न प्रखंडों सहित गुमला शहर के 13 स्थानों पर नमाज अदा की जाएगी। नमाज का समय सुबह 6 बजे से 10 बजे तक निर्धारित है। इस दौरान ट्रैफिक नियंत्रण, पेयजल, साफ-सफाई एवं बिजली व्यवस्था पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता बताई गई। सदस्यों ने नो-एंट्री व्यवस्था का सख्ती से पालन कराने, बाजार टांड़ क्षेत्र में साफ-सफाई सुनिश्चित करने, सुंदरीकरण तथा पेयजल व्यवस्था दुरुस्त रखने का आग्रह किया।

बैठक में बिजली की अनियमित आपूर्ति एवं आंधी-तूफान के कारण पेड़ों के गिरने से उत्पन्न समस्याओं पर भी चर्चा हुई। पेड़ों की छंटाई कर विद्युत आपूर्ति बाधित होने की समस्या के समाधान हेतु आवश्यक कार्रवाई करने का आग्रह किया गया।

उपायुक्त दिलेश्वर महत्तो ने कहा कि गुमला जिला सदैव आपसी भाईचारे एवं सौहार्द का प्रतीक रहा है तथा जिले में सभी पर्व-त्योहार शांतिपूर्ण वातावरण में मनाए जाते रहे हैं। उन्होंने कहा कि सभी धर्मों के लोग मिल-जुलकर इस पर्व को मनाएं तथा यह सुनिश्चित करें कि किसी को किसी प्रकार की असुविधा न हो। बैठक में प्राप्त समस्याओं एवं सुझावों के समाधान हेतु संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि बिजली, पानी एवं साफ-सफाई जैसी मूलभूत व्यवस्थाएं सुचारू रहना आवश्यक है, अन्यथा त्योहारों का आनंद प्रभावित होता है। उपायुक्त ने नमाज के समय सुबह 6 बजे से 9:30 बजे तक ट्रैफिक नियंत्रण सुनिश्चित करने तथा पेड़ों की छंटाई कराने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए। अंत में उन्होंने जिलेवासियों को बकरीद की शुभकामनाएं दीं।

पुलिस अधीक्षक हरिश बिन ज़मां ने कहा कि त्योहार का मूल उद्देश्य त्याग, भाईचारा एवं सामाजिक सौहार्द की भावना को मजबूत करना है। उन्होंने लोगों से त्योहार के मूल संदेश को अपने जीवन में अपनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि ट्रैफिक व्यवस्था को बेहतर बनाया जाएगा तथा सुरक्षा के दृष्टिकोण से संवेदनशील स्थलों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी। नगर परिषद को कुर्बानी के अवशेषों के समय पर निष्पादन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। पुलिस अधीक्षक ने लोगों से सोशल मीडिया पर प्रसारित फेक वीडियो एवं अफवाहों से सतर्क रहने तथा बिना सत्यापन किसी भी सामग्री को साझा नहीं करने की अपील की। उन्होंने बताया कि कंट्रोल रूम 24×7 सक्रिय रहेगा।

नगर परिषद अध्यक्ष शकुंतला उरांव ने सभी से मिल-जुलकर पर्व मनाने की अपील करते हुए त्योहार की शुभकामनाएं दीं। वहीं नगर परिषद उपाध्यक्ष रमेश कुमार ने कहा कि नगर परिषद द्वारा पानी, सफाई एवं अन्य नागरिक सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। उन्होंने नागरिकों से नगर परिषद के पोल एवं सार्वजनिक स्थलों पर लगे झंडा-बैनर स्वयं हटाने का आग्रह किया ताकि शहर की सजावट एवं विद्युत व्यवस्था प्रभावित न हो।

अनुमंडल पदाधिकारी (सदर) राजीव नीरज ने कहा कि जहां-जहां नमाज अदा की जाएगी, विशेषकर संवेदनशील क्षेत्रों की जानकारी प्रशासन को उपलब्ध कराई जाए ताकि वहां आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने लोगों से सोशल मीडिया पर किसी भी प्रकार की फेक न्यूज को फॉरवर्ड नहीं करने की अपील की।

एसडीपीओ गुमला सुरेश प्रसाद यादव ने कहा कि गुमला शहर के 13 नमाज स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत रखा जाएगा तथा पुलिस प्रशासन द्वारा लगातार मॉनिटरिंग की जाएगी। थाना चौक क्षेत्र में नो-एंट्री व्यवस्था का सख्ती से पालन कराया जाएगा।

नगर परिषद कार्यपालक अभियंता मनीष कुमार ने बताया कि साफ-सफाई हेतु विशेष टीम तैनात रहेगी तथा पानी की आपूर्ति के लिए 14 टैंकर उपलब्ध रहेंगे। आवश्यकता पड़ने पर संबंधित क्षेत्रों में टैंकर भेजे जाएंगे। उन्होंने बताया कि भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में हाई मास्ट लाइट लगाने का कार्य जारी है तथा बाजार टांड़ क्षेत्र में जर्जर भवनों को हटाने एवं ब्रांच कटिंग का कार्य भी कराया जा रहा है।

बैठक में मुख्य रूप से अपर समाहर्ता गुमला शशिंद्र कुमार बड़ाइक, सिविल सर्जन गुमला शंभूनाथ चौधरी, नगर परिषद अध्यक्ष शकुंतला उरांव, नगर परिषद उपाध्यक्ष रमेश कुमार, एसडीओ सदर राजीव नीरज, एसडीओ चैनपुर पूर्णिमा कुमारी, एसडीओ बसिया जयवंती देवगम, डीसीएलआर बसिया शेखर कुमार, एसडीपीओ चैनपुर श्रुति कुमारी, जिला नजारत उप समाहर्ता ललन कुमार रजक, जिला आपूर्ति पदाधिकारी प्रदीप भगत, नगर परिषद कार्यपालक अभियंता मनीष कुमार, कार्यपालक अभियंता विद्युत आपूर्ति प्रमंडल, जिला सामान्य शाखा प्रभारी पदाधिकारी सुषमा लकड़ा सहित अन्य संबंधित पदाधिकारी, कर्मी एवं शांति समिति के सदस्य उपस्थित थे।

शांति समिति की बैठक के पश्चात उपायुक्त एवं पुलिस अधीक्षक ने सभी प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों के साथ अलग से समीक्षा बैठक भी की।

उपायुक्त ने सभी प्रखंडों के अंचल अधिकारियों एवं प्रखंड विकास पदाधिकारियों को पर्व के दौरान पूर्ण सतर्कता बरतने, क्षेत्रीय गतिविधियों पर निगरानी रखने एवं दुष्प्रचार पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।

पुलिस अधीक्षक ने सभी थाना प्रभारियों एवं संबंधित अधिकारियों को अपने-अपने स्तर पर बैठक आयोजित कर संवेदनशील क्षेत्रों का आकलन करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि बकरीद के दौरान तीन दिनों तक विशेष सतर्कता बरती जाए। आवश्यकता अनुसार अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि कुर्बानी खुले स्थानों पर नहीं की जाएगी तथा कानून व्यवस्था को किसी भी स्थिति में प्रभावित नहीं होने दिया जाएगा। सोशल मीडिया एवं विभिन्न व्हाट्सएप ग्रुपों की निगरानी की जाएगी तथा कुर्बानी से संबंधित अवशेषों के त्वरित निष्पादन पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

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