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Tuesday, June 30, 2026
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चंदे की लूट की कारस्तानियां सामने आने के बावजूद आरएसएस प्रमुख भागवत और प्रधानमंत्री खामोश क्यों हैं?

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सच कहा जाए तो आज धर्म के व्यापारी सत्ता पर काबिज हो गये हैं। आज के टोपीबाज सनातन के नाम पर मंदिरो को लूट रहे है. सरकार मे बैठे नुमाइंदे हिंदुत्व के नाम पर सत्ता मे बने हैं. साल 2019 में भाजपा सरकार ने एक झटके में हिंदुओं के 51 पौराणिक मंदिरों पर सरकारी कब्जा कर लिया था, ‘चारधाम देवस्थानम प्रबंधन विधेयक’ लाकर जिसके खिलाफ पुरोहितों को सड़कों पर उतरना पड़ा। रामजन्म भूमि में लूट की गाथा सामने आने के बाद भी आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत और हमारे प्रधानमंत्री खामोश हैं.

इसके ठीक उलट, 15 अगस्त 1947 आजादी के तुरंत बाद जब सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण की बात आई, तो नेहरू सरकार ने 1951 में बिना किसी राजनीतिक ड्रामे के सरकारी तंत्र और मंत्रियों के जरिए ट्रस्ट को जमीन और प्रशासनिक सहयोग ट्रांसफर करवाया था।

काशी विश्वनाथ कॉरिडोर के नाम पर प्राचीन भूगोल-इतिहास को उजाड़ दिया गया

​सनातनी आस्था का ढोल पीटने वाली इस सरकार ने साल 2018 से 2021 के बीच काशी विश्वनाथ कॉरिडोर के नाम पर वाराणसी के प्राचीन भूगोल को उजाड़कर रख दिया, जिसमें मणिकर्णिका और दशाश्वमेध घाट के आसपास के करीब 296 से अधिक ऐतिहासिक भवनों और दर्जनों स्वयंभू पौराणिक विग्रहों को मलबे में तब्दील कर दिया गया।

नेहरू जी का विजन मंदिरों पर कब्जा करना नहीं था

दरअसल, देश के प्रथम्र प्रधानमंत्री पं.जवाहरलाल नेहरू जी का विजन मंदिरों पर कब्जा करना नहीं था, बल्कि उन्होंने ‘द होली प्लेसेज एंड रिलिजियस एंडोमेंट्स एक्ट’ बनाकर देश भर के हजारों प्राचीन मंदिरों की अरबों रुपये की संपत्तियों को भू-माफियाओं से हमेशा के लिए सुरक्षित कर दिया था।

जरा याद करो इतिहास, 3 फरवरी 1954 के प्रयागराज महाकुंभ को, जब प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू खुद किसी राजनीतिक फायदे के लिए नहीं बल्कि एक आम सनातनी की तरह त्रिवेणी संगम में स्नान करने पहुंचे थे।

नेहरू सरकार ने उस 1954 के महाकुंभ के भव्य और सुरक्षित आयोजन के लिए अपने पहले ही दशक के बजट में ₹1,20,00,000 (1.2 करोड़ रुपये) से अधिक का भारी-भरकम फंड सीधे जारी किया था, ताकि देश के कोने-कोने से आने वाले करोड़ों सनातनी श्रद्धालुओं को कोई असुविधा न हो।

​साल 2014 से 2022 के बीच देश भर के टीवी चैनलों पर हिंदू-मुस्लिम और मंदिर-मस्जिद के मुद्दों पर 5,000 से अधिक नफरती डिबेट्स कराई गईं ताकि जनता महंगाई और बेरोजगारी भूलकर आपस में लड़ती रहे।

जबकि नेहरू जी ने देश के खजाने का इस्तेमाल समाज को बांटने के लिए नहीं, बल्कि 1950 के दशक में ही आर्कियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया (ASI) का सालाना बजट लाखों रुपये तय करके खजुराहो, कोणार्क और दक्षिण भारत के 400 से अधिक अत्यंत प्राचीन और भव्य मंदिरों के जीर्णोद्धार और दोबारा निर्माण के लिए सीधा फंड जारी किया था।

नेहरू जी के इसी दूरदर्शी फैसले के कारण हमारे वे प्राचीन मंदिर आज भी पूरी दुनिया में सनातन संस्कृति का गौरव बढ़ा रहे हैं, जिन्हें बिना किसी शोर-शराबे और विवाद के सरकारी खजाने से संरक्षित किया गया था।

​आंकड़े गवाह हैं कि दक्षिण भारत के 4 लाख से अधिक हिंदू मंदिरों को सरकारी नियंत्रण से मुक्त कराने का झुनझुना थमाने वाली बीजेपी ने अपने 12 साल के इस कार्यकाल में एक भी बड़े मंदिर को आजाद नहीं किया, बल्कि कैग (CAG) की रिपोर्ट्स के मुताबिक मंदिरों के चढ़ावे का 15% से 20% हिस्सा आज भी प्रशासनिक खर्चों में उड़ाया जा रहा है।

दूसरी तरफ, पंडित नेहरू ने देश के प्राचीन धार्मिक ग्रंथों और वेदों के वैज्ञानिक महत्व को सहेजने के लिए नेशनल म्यूजियम और नेशनल मैनुस्क्रिप्ट लाइब्रेरी की नींव रखी थी, जिसके तहत सनातनी इतिहास की लाखों दुर्लभ पांडुलिपियों को सहेजने के लिए लाखों रुपये का विशेष बजट अलॉट किया गया था।

कांग्रेस की इसी नीतिगत निष्ठा और सनातन के मूल गौरव को बिना तमाशा बनाए जिंदा रखने की नीयत के कारण ही पारंपरिक हिंदुओं ने हमेशा नेहरू जी और उनकी सरकार का दिल से सम्मान किया।

भाजपा ने सिर्फ कॉरपोरेट इवेंट्स व पीआर स्टंट्स में पैसे उढ़ाने का काम किया 

​साल 2014 से 2022 के केंद्रीय बजटों को खंगाल लीजिए, बीजेपी सरकार ने पारंपरिक संस्कृत पाठशालाओं, वेद विद्यालयों और गुरुकुलों के विकास के लिए कुल सांस्कृतिक बजट का 5% हिस्सा भी नहीं दिया, सारा पैसा सिर्फ कॉरपोरेट इवेंट्स और पीआर स्टंट्स में उड़ा दिया गया।

जबकि नेहरू सरकार के समय सनातन संस्कृति की रीढ़ माने जाने वाले संस्कृत भाषा के प्रचार-प्रसार के लिए विशेष आयोग बनाए गए और धार्मिक मेलों व अमरनाथ यात्रा जैसी कठिन सनातनी परंपराओं के सुचारू संचालन के लिए हर साल जिला प्रशासनों को विशेष फंड्स ट्रांसफर किए जाते थे।

अब देश के हर प्रबुद्ध नागरिक को यह समझना होगा कि कौन वास्तव में सनातन की मर्यादा और उसके ऐतिहासिक गौरव को बिना ढोल पीटे सींच रहा था, और कौन सिर्फ मंदिर तोड़ने और मस्जिद के नाम पर अपनी सत्ता की गद्दी महफूज रखने का खेल खेल रहा है ? अब देखना है कि करोड़ों की उगाही करनेवालों के कारनामों के खिलाफ आखिर कोर्ट कैसे और किस तरह से इंसाफ करता है?  

राम भक्तों के लिए

उपायुक्त की अध्यक्षता में जिला पर्यटन संवर्धन समिति ( डीटीपीसी ) की विशेष बैठक सम्पन्न

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गुमला (ब्यूरो प्रमुख ) – गणपत लाल चौरसिया

सारू पहाड़ सरना पूजा स्थल को पर्यटन क्षेत्र में शामिल करने का निर्णय, पर्यटन स्थलों के उन्नयन एवं विकास से संबंधित कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर बनी सहमति

गुमला : – गुमला उपायुक्त दिलेश्वर महत्तो की अध्यक्षता में गुरुवार को समाहरणालय सभागार में जिला पर्यटन संवर्धन समिति की विशेष बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले के अधिसूचित एवं संभावित पर्यटन स्थलों के संरक्षण, विकास, आधारभूत सुविधाओं के विस्तार, सुरक्षा व्यवस्था, प्रचार-प्रसार तथा पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने से संबंधित विभिन्न प्रस्तावों पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया।

बैठक में स्थानीय सांस्कृतिक एवं धार्मिक विरासत को पर्यटन से जोड़ने पर विशेष बल दिया गया। सर्वसम्मति से सारू पहाड़ सरना पूजा स्थल को जिले के पर्यटन स्थलों की सूची में शामिल करने का निर्णय लिया गया। उपायुक्त ने संबंधित विभागों को स्थल केउ समुचित विकास हेतु विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

बैठक में जिले के अधिसूचित पर्यटन स्थलों के श्रेणी उन्नयन (अपग्रेडेशन) से संबंधित प्रस्तावों पर भी विचार किया गया। इसके तहत आँजन धाम (गुमला) एवं नवरत्नगढ़ किला (सिसई) को श्रेणी-‘बी’ से श्रेणी-‘ए’ में उन्नत करने का प्रस्ताव चर्चा हुई। वहीं बाघमुण्डा जलप्रपात (बसिया) एवं सीरा-सीता (डुमरी) को श्रेणी-‘सी’ से श्रेणी-‘बी’ तथा पम्पापुर ( पालकोट ), देवाकी बाबा धाम एवं मसरिया डैम (घाघरा) तथा गोबर सिल्ली (पालकोट) को श्रेणी-‘डी’ से श्रेणी-‘सी’ में उन्नत करने हेतु , राज्य में उक्त प्रस्ताव को भेजने पर सभी ने सहमति प्रदान की, साथ ही साथ उक्त बैठक में माँ महामाया मंदिर (हापामुनी), महासदाशिव मंदिर (मरदा, रायडीह), कपिलनाथ मंदिर (सिसई), सिदमा शिव मंदिर (बसिया), ट्राइबल म्यूजियम (एराउज), गढ़पहाड़ (रायडीह), पारस डैम (भरनो), कुसुमखर्रा पिकनिक स्पॉट (बिशुनपुर) तथा तेलगांव डैम (गुमला) सहित जिले के अन्य महत्वपूर्ण स्थलों को पर्यटन विभाग से अधिसूचित कराने का प्रस्ताव भी रखा गया।
पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आँजन धाम में प्रतिवर्ष चैत्र पूर्णिमा के अवसर पर आयोजित हनुमान जयंती महोत्सव को राजकीय पर्यटन महोत्सव घोषित कराने का प्रस्ताव पर भी चर्चा हुई।

उक्त बैठक में टांगीनाथ धाम के समग्र विकास के लिए मंदिर परिसर में गार्डवाल, मंदिर तक शेड निर्माण एवं प्राचीन मूर्तियों के संरक्षण संबंधी कार्यों को प्राथमिकता देने पर गुमला उपायुक्त ने निर्देशित किया साथ ही जिले के विभिन्न पर्यटन स्थलों पर आवश्यक सुविधाओं के विकास हेतु साइनेज बोर्ड लगाने, पर्यटन स्थलों के प्रबंधन, रख-रखाव, सुरक्षा एवं साफ-सफाई के लिए आवश्यक सामग्री क्रय करने तथा डीटीपीसी फंड से आधारभूत सुविधाओं का विस्तार करने का निर्णय लिया गया।

आँजन धाम के सौंदर्यीकरण के अंतर्गत सीढ़ियों पर शेड निर्माण, लैंडस्केपिंग, लाइट एंड साउंड सिस्टम विकसित करने सहित अन्य पर्यटक सुविधाओं के विस्तार पर भी विस्तृत चर्चा हुई।

उपायुक्त ने निर्देश दिया कि जिले के सभी पर्यटन स्थलों पर एकल उपयोग वाले प्लास्टिक के उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध सुनिश्चित किया जाए तथा पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए पत्तों से बने दोना-पत्तल के उपयोग को प्रोत्साहित किया जाए।

पर्यटकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए जलप्रपातों एवं जलाशयों में खतरा सूचक बोर्ड लगाने, प्रमुख पर्यटन स्थलों पर सीसीटीवी कैमरे स्थापित करने तथा संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी व्यवस्था सुदृढ़ करने हेतु निर्देश दिए गए।

जिले के पर्यटन स्थलों के व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए नए समाहरणालय भवन, चंदाली परिसर में एलईडी स्क्रीन स्थापित कर उस पर गुमला के प्रमुख पर्यटन स्थलों से संबंधित प्रचारात्मक वीडियो का नियमित प्रदर्शन कराने का प्रस्ताव भी स्वीकृत किया गया।

बैठक में कतरी डैम में वॉच टावर, गज़ीबो, सुरक्षा रेलिंग एवं आरसीसी बेंच निर्माण, पालकोट स्थित गेस्ट हाउस एवं वे-साइड एमेनिटीज़ के अंतर्गत आवश्यक फर्नीचर एवं अन्य सुविधाओं की उपलब्धता तथा अधिसूचित डैम एवं जलप्रपातों में डूबने वाले खतरनाक स्थलों के भराव संबंधी प्रस्तावों पर भी विचार-विमर्श किया गया।

उपायुक्त ने सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिया कि स्वीकृत प्रस्तावों पर समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करते हुए पर्यटन स्थलों का समग्र एवं सुनियोजित विकास किया जाए, ताकि गुमला जिले की प्राकृतिक, सांस्कृतिक एवं धार्मिक धरोहरों को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिल सके तथा स्थानीय लोगों के लिए रोजगार एवं आजीविका के नए अवसर भी सृजित हों।

बैठक में जिला परिषद अध्यक्षा किरण माला बाड़ा, उप विकास आयुक्त अनिमेश रंजन, अपर समाहर्ता राजीव नीरज, जिला खेल पदाधिकारी, जिला परिषद के कार्यपालक अभियंता, ग्रामीण विकास विभाग के कार्यपालक अभियंता, लघु सिंचाई विभाग के कार्यपालक अभियंता, विभिन्न जनप्रतिनिधि सहित संबंधित विभागों के पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित थे।

राम भक्तों के लिए

वज्रपात की चपेट में आने से एक महिला और उसके मवेशियों की घटनास्थल पर हुई दर्दनाक मौत

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गुमला (ब्यूरो प्रमुख ) – गणपत लाल चौरसिया

गुमला : – गुमला सदर थाना स्थित
जोराडांड गांव में बुधवार दोपहर वज्रपात की चपेट में आने से एक महिला और उसकी बैल की भी मौके पर ही मौत हो गयी . मृतका महिला की पहचान गीता उराईन (35 वर्ष), पति मंगरा उरांव, निवासी जोराडांड के रूप में हुई है. प्राप्त जानकारी के अनुसार, बुधवार दोपहर के वक्त एकाएक मौसम का मिजाज बदला और अचानक आंधी, पानी, तूफान और वज्रपात होने लगा. इसी क्रम में गीता उराईन अपने घर से कुछ दूरी पर बंधें बैल-और मवेशियों को खोलकर वापस घर लाने लगी इसी क्रम में एकाएक वज्रपात हुआ जिसकी चपेट में गीता उराईन और उसके मवेशी आ गए और उनकी घटनास्थल पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जिसकी सूचना गुमला सदर थाना को दी गई, सूचना मिलते ही गुमला सदर थाना पुलिस द्वारा तोड़ित कार्रवाई करते हुए, अपने दल बल के साथ सदर थाना पुलिस गुमला सदर अस्पताल पहुंची और उक्त शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम हेतु गुमला सदर अस्पताल स्थित पोस्टमार्टम हाउस भेजवाया गया. और पोस्टमार्टम के बाद उक्त शव को उसके परिजनों को सौंप दिया गया. उक्त शव के गांव पहुंचते ही जोराडांड गांव में मातम छा गया .और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है. उक्त दर्दनाक घटना से पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है l

राम भक्तों के लिए

दिव्यांगजनों को बैटरी चालित व्हीलचेयर की त्वरित उपलब्धता, सदर अस्पताल के सौंदर्यीकरण, शिक्षा, स्वास्थ्य एवं खेल अधोसंरचना को सुदृढ़ करने पर विशेष जोर

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गुमला (ब्यूरो प्रमुख ) – गणपत लाल चौरसिया

गुमला : – गुमला उपायुक्त दिलेश्वर महत्तो की अध्यक्षता में गुरुवार को समाहरणालय सभागार में कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (सीएसआर) से संचालित एवं प्रस्तावित विभिन्न विकासात्मक कार्यों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में स्वास्थ्य, शिक्षा, खेल, मत्स्य, समाज कल्याण सहित विभिन्न विभागों से प्राप्त प्रस्तावों की विस्तृत समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों एवं सीएसआर प्रतिनिधियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

बैठक में उपायुक्त ने निर्देश दिया कि दिव्यांगजनों के लिए बैटरी चालित व्हीलचेयर पर्याप्त संख्या में स्टॉक में उपलब्ध कराई जाए, ताकि आवश्यकता पड़ने पर पात्र लाभुकों को बिना विलंब के व्हीलचेयर उपलब्ध कराई जा सके।
सदर अस्पताल गुमला के सुदृढ़ीकरण एवं सौंदर्यीकरण को लेकर उपायुक्त ने विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (डीपीआर) शीघ्र तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने अस्पताल परिसर में पेवर ब्लॉक निर्माण एवं ब्यूटीफिकेशन से संबंधित सभी प्रस्तावों को अगली समीक्षा बैठक से पूर्व पूर्ण करने को कहा।
बैठक में जानकारी दी गई कि फिशरी कॉलेज परिसर में ओपन जिम की स्थापना हेतु सीएसआर के माध्यम से स्वीकृति प्राप्त हो चुकी है। उपायुक्त ने कार्य को शीघ्र प्रारंभ कराने के निर्देश दिए।
समाहरणालय परिसर में पेयजल की गुणवत्ता को देखते हुए वाटर ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित करने का प्रस्ताव भी बैठक में रखा गया, जिस पर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।
उपायुक्त ने निर्देश दिया कि टीबी मरीजों के बीच पोषण किट का नियमित वितरण सुनिश्चित किया जाए, ताकि उपचार के साथ-साथ मरीजों को पोषण संबंधी सहयोग भी निरंतर मिलता रहे।
शिक्षा के क्षेत्र में उपायुक्त ने कहा कि जिन विद्यालयों में शिक्षकों की कमी है, वहां कंप्यूटर आधारित एवं ऑनलाइन शिक्षण व्यवस्था विकसित करने की दिशा में कार्य किया जाए, जिससे विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित न हो। साथ ही कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय एवं कल्याण विभाग के विद्यालयों के आवश्यक मरम्मत एवं रेनोवेशन कार्य को भी सीएसआर के माध्यम से कराने पर चर्चा की गई।
बैठक में साइंस सेंटर के रेनोवेशन कार्य से संबंधित लंबित भुगतान का शीघ्र निष्पादन करने के निर्देश दिए गए। इसके अलावा प्राथमिक एवं मध्य विद्यालयों में बेंच-डेस्क की कमी को दूर करने तथा 26 नए आंगनबाड़ी केंद्रों में आवश्यक बर्तनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने हेतु प्रस्ताव तैयार करने को कहा गया।
मत्स्य विभाग द्वारा जीआई केज के लिए बैटरी उपलब्ध कराने की मांग रखी गई, जिस पर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। वहीं विद्यार्थियों एवं खिलाड़ियों की सुविधा के लिए बस उपलब्ध कराने तथा खेल सामग्री एवं स्पोर्ट्स उपकरणों की मांग को भी सीएसआर के माध्यम से पूरा करने पर चर्चा की गई।
उपायुक्त ने सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिया कि सीएसआर के माध्यम से प्रस्तावित विकासात्मक कार्यों की प्राथमिकता तय करते हुए समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करें, ताकि योजनाओं का लाभ आमजन तक शीघ्र पहुंच सके।
बैठक में मुख्य रूप से उप विकास आयुक्त अनिमेश रंजन, सिविल सर्जन डॉ. शंभूनाथ चौधरी, जिला योजना पदाधिकारी रमण कुमार, जिला शिक्षा पदाधिकारी कविता खालको, जिला शिक्षा अधीक्षक नूर आलम खां, जिला मत्स्य पदाधिकारी कुसुम लता, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी आरती कुमारी, जिला खेल पदाधिकारी प्रवीण कुमार, हिंडालको कंपनी के प्रतिनिधि सहित संबंधित विभागों के पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित थे।

राम भक्तों के लिए

दान में घोटाला नहीं, ईश कृपा है…इसे समझने के लिए साधना चाहिए, ऑडिट नहीं…पूजा चाहिये… पुलिस नहीं…!

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आजकल कुछ लोग मंदिरों, आश्रमों और धार्मिक संस्थाओं के दान में होने वाले झूठे घोटालों को लेकर बहुत परेशान दिखाई देते हैं। वे जांच की मांग कर रहे हैं, एसआईटी बैठाने की बात कर रहे हैं, और कुछ तो हिसाब-किताब तक पूछ रहे हैं। ऐसे लोगों पर मुझे बड़ी दया आती है। मूढ़ मति हैं वे। वे आध्यात्मिक विषयों को सांसारिक दृष्टि से देखने की भूल कर रहे हैं। मिथ्या भौतिक वस्तु के लिए परेशान हैं।

अरे भाई ! दान में घोटाला कोई राजनीतिक या कानूनी विषय नहीं है, यह तो भक्ति का अत्यंत सूक्ष्म और रहस्यमय पक्ष है। भक्त वत्सलता का सजीव उदाहरण। भक्त को निर्धन रखने वाला ईश्वर भला कैसे ईश्वर समझा जायेगा।

सदियों से हमें सिखाया गया है कि ईश्वर की कृपा से रंक राजा बन जाता है। यदि किसी धार्मिक संस्था का साधारण कर्मचारी, ड्राइवर, मुनीम या चपरासी अचानक करोड़पति हो जाए तो इसमें आश्चर्य कैसा? यह तो कृपा का प्रत्यक्ष प्रमाण है। जाकी कृपा पंगु गिरि लांघें सजीव हो उठा। जो लोग पूछते हैं कि उसके खाते में इतने करोड़ रुपये कहाँ से आए, वे वस्तुतः ईश्वरीय लीला पर प्रश्नचिह्न लगा रहे हैं। जो ईश्वर बांझ को पुत्र दे सकता है, अन्धों को आँखें दे सकता है, वो किसी के खाते में क्या कुछ करोङ रुपए नही डाल सकता? जब ऐसा करेगा तभी तो निर्धन को माया देने का मंत्र सार्थक होगा।

हमारे यहां भक्ति के अनेक मार्ग हैं जैसे ज्ञान मार्ग, कर्म मार्ग, भक्ति मार्ग। अब लेटेस्ट दान मार्ग भी विकसित हो चुका है। बल्कि बहुत पॉपुलर भी है। इस भक्ति मार्ग में भक्त दान देता है, कोई संस्था उसे संभालती है, फिर वह धन ईश्वर की रहस्यमय आध्यात्मिक प्रक्रिया से कुछ चुने हुए निर्धन भक्त लोगों के खातों में प्रकट हो जाता है। इसे समझने के लिए साधना चाहिए, ऑडिट नहीं। पूजा चाहिये पुलिस नहीं।

कई लोग कहते हैं कि दान का पैसा मंदिर निर्माण, सेवा या धर्मकार्य में लगना चाहिए। यह विचार अत्यंत पुराना हो चुका है। आधुनिक आध्यात्मिकता का सिद्धांत कहता है कि धर्म का प्रसार तभी होगा जब धर्म से जुड़े लोगों की आर्थिक स्थिति भी मजबूत हो। यदि कोई व्यक्ति धर्म की सेवा करते-करते बंगला, गाड़ी और फार्महाउस का स्वामी बन जाए तो समझिए कि धर्म फल-फूल रहा है। अन्य लोगों को धर्म की वत्सलता का ज्ञान हो जाता है।

जिस संस्था से जितने अधिक करोड़पति निकले, उसे उतना बड़ा आध्यात्मिक केंद्र माना जाना चाहिए

जांच एजेंसियां भी कभी-कभी बड़ी नासमझ होती हैं। वे बैंक स्टेटमेंट, संपत्ति और लेन-देन देखती हैं। जबकि उन्हें ध्यान, समाधि और चमत्कारों और पूजन के प्रायोगिक महत्व पर चकित होना चाहिए और अपना शीश नवाना चाहिए। संभव है कि करोड़ों रुपये किसी अलौकिक आशीर्वाद के रूप में प्रकट हुए हों। आखिर लक्ष्मी जी के आने का कोई निश्चित लेखा-जोखा थोड़े ही होता है। वो कभी किसी भी रूप में आ सकती हैं। टेम्पो चालक के एकाउंट में करोङो की राशि बनकर लक्ष्मी माता ही आ सकती हैं।

मेरा तो मत है कि भविष्य में धार्मिक दान के घोटालों, सोरी व्यवस्था को “आध्यात्मिक उपलब्धि” और ‘ईश कृपा’ घोषित कर देना चाहिए। जिस संस्था से जितने अधिक करोड़पति निकलें, उसे उतना बड़ा आध्यात्मिक केंद्र माना जाए। वहां श्रद्धालुओं की भीड़ और बढ़ेगी, क्योंकि लोग दर्शन के साथ-साथ समृद्धि का शॉर्टकट भी जानना चाहेंगे।

अंततः यही कहा जा सकता है कि दान में घोटाले को घोटाला कहना श्रद्धा की कमी का लक्षण है। सच्चा भक्त प्रश्न नहीं करता, केवल चमत्कार देखता है। हाथ जोड़ता है, जयकारे लगाता है। जब दान की राशि किसी के खाते में चमत्कारिक ढंग से पहुंच जाए, तब उसे जांच का नहीं, जयकारे का विषय समझना चाहिए। आखिर भक्ति में तर्क का क्या काम? जहां आस्था शुरू होती है, वहां हिसाब-किताब समाप्त हो जाता है। सब खत्म करो।

-सर्वेश अस्थाना

 

राम भक्तों के लिए

जिला के पर्यटन स्थलों – धार्मिक स्थलों में पहुंचने वाले श्रद्धालु- पर्यटकों और स्थानीय लोगों को नशीली पदार्थ के प्रति जागरूक किया गया

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न्यूज – गनपत लाल चौरसिया – ब्यूरो प्रमुख – गुमला

गुमला : – गुमला पर्यटन विभाग, द्वारा जिले के प्रमुख पर्यटन एवं धार्मिक स्थलों— जैसे आंजन धाम, हापामुनी मंदिर, देवाकी बाबा धाम एवं नवरत्नगढ़ किलें क्षेत्रों में मादक पदार्थों के सेवन के विरुद्ध जागरूकता अभियान चलाया गया। अभियान का उद्देश्य पर्यटकों, श्रद्धालुओं एवं स्थानीय नागरिकों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक कर नशामुक्त समाज के निर्माण हेतु प्रेरित करना था।

कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों को मादक पदार्थों के सेवन से होने वाले शारीरिक, मानसिक एवं सामाजिक दुष्प्रभावों की जानकारी दी गई तथा नशे से दूर रहने का संकल्प दिलाया गया। जागरूकता संदेशों एवं जनसंपर्क गतिविधियों के माध्यम से लोगों को स्वस्थ एवं सकारात्मक जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया गया।

पर्यटन विभाग द्वारा बताया गया कि जिले के पर्यटन स्थलों को स्वच्छ, सुरक्षित एवं नशामुक्त बनाए रखने के उद्देश्य से इस प्रकार के जागरूकता अभियान आगे भी निरंतर संचालित किए जाएंगे। स्थानीय नागरिकों एवं पर्यटकों ने अभियान में उत्साहपूर्वक भाग लिया तथा नशामुक्त समाज के निर्माण में सहयोग का आश्वासन दिया।

राम भक्तों के लिए

परिवार से रूठी मां ने दो मासूम बच्चों के साथ कुएं में छलांग लगा कर,जीवन लीला समाप्त कर दी , गांव में पसरा मातम

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न्यूज – गनपत लाल चौरसिया – ब्यूरो प्रमुख – गुमला

घाघरा थाना क्षेत्र के एक गांव में बुधवार को एक हृदयविदारक घटना प्रकाश में आई हैं , जहां एक महिला ने अपने दो मासूम बच्चों. के साथ कुएं में छलांग लगाकर जीवन लीला समाप्त कर ली
गुमला : – गुमला जिला अंतर्गत स्थित घाघरा थाना क्षेत्र
के एक गांव में बुधवार को एक हृदयविदारक घटना प्रकाश में आई हैं, जहां एक महिला ने अपने दो जिगर के दो टुकड़ों,मासूम बच्चों के साथ कुएं में छलांग लगाकर जान दे दी, बताया जा रहा है की उक्त घटना के बाद पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई. मृतकों में परदेशनी कुमारी (27 वर्ष), उनका पुत्र अंश उरांव (5 वर्ष) तथा पुत्री आशमानी कुमारी (4 वर्ष) शामिल हैं, परिजनों के अनुसार
परदेशनी कुमारी का पिछले करीब आठ माह से मानसिक बीमारी का इलाज कांके में चल रहा था.

घर के समीप स्थित कुएं के पास नहाने गई थी महिला

मृतका के पति जगन्नाथ उरांव ने बताया कि बुधवार दोपहर उनकी पत्नी दोनों बच्चों को लेकर घर के समीप स्थित कुएं के पास नहाने के लिए गई थी. दोपहर होने के कारण आसपास कोई मौजूद नहीं था. काफी देर तक पत्नी और बच्चों के घर नहीं लौटने पर बच्चों की दादी गुनिया देवी और बुआ संतोषी कुमारी ने उनकी तलाश शुरू की. खोजबीन के दौरान जगन्नाथ उरांव ने कुएं में झांककर देखा तो पानी में एक कपड़ा दिखाई दिया. इसके बाद ग्रामीणों की मदद से रस्सी और झागर के सहारे कुएं की तलाशी ली गई. तलाशी के दौरान सबसे पहले अंश उरांव का शव दिखाई दिया. इसके बाद बारी-बारी से महिला और दोनों बच्चों के शव कुएं से बाहर निकाले गए. घटना की सूचना मिलते ही घाघरा थाना के एसआई आदित्य कुमार पुलिस बल के साथ घटनास्थल पहुंचे. पुलिस ने तीनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल गुमला भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी. पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है. वहीं एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत से गांव में मातम पसरा हुआ है l

राम भक्तों के लिए

उप विकास आयुक्त ने ग्रामीण आवास, मनरेगा एवं 15 वें वित्त आयोग योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की

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न्यूज – गनपत लाल चौरसिया – ब्यूरो प्रमुख – गुमला

गुमला : – गुमला उप विकास आयुक्त अनिमेश रंजन की अध्यक्षता में बुधवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जिले के सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों, प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के प्रखंड समन्वयकों, मनरेगा बीपीओ एवं 15 वें वित्त आयोग के प्रखंड समन्वयकों के साथ समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण), मनरेगा तथा 15 वें वित्त आयोग से संचालित विभिन्न योजनाओं की प्रखंडवार प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। उप विकास आयुक्त ने योजनाओं के क्रियान्वयन, लक्ष्य प्राप्ति, स्वीकृत एवं पूर्ण योजनाओं की स्थिति, लंबित कार्यों तथा वित्तीय एवं भौतिक प्रगति की जानकारी प्राप्त की।
समीक्षा के दौरान उप विकास आयुक्त ने प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत स्वीकृत आवासों को निर्धारित समय सीमा के भीतर पूर्ण कराने, लाभुकों को समय पर भुगतान सुनिश्चित करने तथा लंबित मामलों के त्वरित निष्पादन का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि सभी पात्र लाभुकों को योजना का लाभ उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है।
मनरेगा योजनाओं की समीक्षा करते हुए उन्होंने अधिक से अधिक मानव दिवस सृजित करने, संचालित योजनाओं में गुणवत्ता बनाए रखने, समय पर मापी एवं भुगतान सुनिश्चित करने तथा जल संरक्षण, पौधारोपण, परिसंपत्ति निर्माण एवं आजीविका संवर्धन से संबंधित कार्यों में तेजी लाने का निर्देश दिया।
वहीं 15 वें वित्त आयोग से संचालित योजनाओं की समीक्षा के क्रम में उन्होंने स्वीकृत योजनाओं को शीघ्र धरातल पर उतारने, प्रगति में तेजी लाने तथा लंबित योजनाओं को निर्धारित समय सीमा के भीतर पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों को योजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग करने तथा किसी भी प्रकार की बाधा आने पर उसका त्वरित समाधान सुनिश्चित करने को कहा।
उप विकास आयुक्त ने सभी संबंधित पदाधिकारियों को योजनाओं के विभिन्न आयामों पर सतत निगरानी रखते हुए लक्ष्य के अनुरूप प्रगति सुनिश्चित करने तथा सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए समन्वित रूप से कार्य करने का निर्देश दिया।

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अंतर्राष्ट्रीय ओलंपिक दिवस पर खेल प्रतिभाओं का हुआ सम्मान, विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं में खिलाड़ियों ने दिखायें अपने दमखम

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न्यूज – गनपत लाल चौरसिया – ब्यूरो प्रमुख – गुमला

गुमला : – गुमला जिला में अंतर्राष्ट्रीय ओलंपिक दिवस के अवसर पर मंगलवार को गुमला जिला प्रशासन एवं जिला खेल विभाग के संयुक्त तत्वावधान में जिले में विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं एवं सम्मान समारोह का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करना, खेल संस्कृति को बढ़ावा देना तथा जिले की खेल प्रतिभाओं को सम्मानित करना था।

कार्यक्रम में उपायुक्त दिलेश्वर महत्तो ने खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों एवं खेल प्रेमियों को संबोधित करते हुए कहा कि गुमला जिले का गौरवशाली इतिहास रहा है और यहां के खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। उन्होंने जिले के अनेक खिलाड़ियों की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि खेल केवल प्रतिस्पर्धा का माध्यम नहीं, बल्कि अनुशासन, समर्पण और उत्कृष्टता का प्रतीक है।

उपायुक्त ने कहा कि जिला प्रशासन खिलाड़ियों के सम्मान, प्रोत्साहन एवं सहयोग के लिए सदैव प्रतिबद्ध है। उन्होंने युवा खिलाड़ियों से अपने खेल कौशल को निरंतर निखारने तथा राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर जिले का नाम रोशन करने का आह्वान किया। उन्होंने सभी खिलाड़ियों को शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

इस अवसर पर जिले के अंतर्राष्ट्रीय, राष्ट्रीय एवं राज्यस्तरीय खिलाड़ियों को सम्मानित किया गया। सम्मानित खिलाड़ियों में पूर्व ओलंपियन एवं हॉकी खिलाड़ी मनोहर टोप्पो, पूर्व एथलेटिक्स खिलाड़ी महावीर राम लोहरा, मो. इरफान, पूर्व फुटबॉल खिलाड़ी मो. सिराज, फुटबॉल खिलाड़ी रेखा उरांव, सुधा अंकिता तिर्की, अंकित टोप्पो, हॉकी खिलाड़ी मनीष कुजूर एवं रितु टोप्पो, एथलेटिक्स खिलाड़ी सुजल कुमार, फ्लोरेन्स बरला, आशा किरण बरला, साकेत मिंज, सुप्रीति कच्छप, वॉलीबॉल खिलाड़ी सोनाक्षी कुमारी, बैडमिंटन खिलाड़ी हर्षित राज, हैंडबॉल खिलाड़ी दीपक कुमार एवं पूनम कुमारी, कुश्ती खिलाड़ी एलिन इंदवार, आशीष कुमार साहु, पूजा कुमारी, कबड्डी खिलाड़ी सलोनी कुमारी, शूटिंग खिलाड़ी सुप्रिया कुमारी, स्वर्ण पदक विजेता ताशा झा तथा थ्रो बॉल खिलाड़ी असुंता टोप्पो शामिल रहे।

कार्यक्रम के अंतर्गत हॉकी, फुटबॉल, एथलेटिक्स एवं बैडमिंटन प्रतियोगिताओं का भी आयोजन किया गया, जिसमें जिले के विभिन्न विद्यालयों एवं खेल संस्थानों के खिलाड़ियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

हॉकी प्रतियोगिता में बालिका वर्ग में उर्सुलाइन कॉन्वेंट गर्ल्स हाई स्कूल, गुमला ने विजेता तथा उर्सुलाइन कॉन्वेंट प्राइमरी स्कूल, गुमला ने उपविजेता का खिताब प्राप्त किया। वहीं बालक वर्ग में सेंट इग्नेशियस हाई स्कूल, गुमला विजेता तथा सेंट जेवियर्स हाई स्कूल, गुमला उपविजेता रहा।

फुटबॉल प्रतियोगिता में भी खिलाड़ियों ने उत्कृष्ट खेल कौशल का प्रदर्शन किया। बालिका वर्ग में डे बोर्डिंग ए की टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए विजेता का खिताब अपने नाम किया, जबकि डे बोर्डिंग बी की टीम उपविजेता रही। वहीं बालक वर्ग में ग्रामीण एकादश, गुमला की टीम विजेता बनी तथा संत इग्नासियुस हाई स्कूल, गुमला की टीम उपविजेता रही। प्रतियोगिता के दौरान खिलाड़ियों ने अनुशासन, खेल भावना एवं टीम वर्क का उत्कृष्ट परिचय दिया, जिसकी उपस्थित जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों एवं दर्शकों ने सराहना की।

एथलेटिक्स प्रतियोगिता में 100 मीटर, 600 मीटर दौड़, लंबी कूद एवं गोला फेंक जैसी स्पर्धाओं में खिलाड़ियों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। बालक वर्ग में कामदेव मरांडी, आकाश उरांव एवं आर्यण गोप ने विभिन्न स्पर्धाओं में प्रथम स्थान प्राप्त किया। वहीं बालिका वर्ग में मनीषा उरांव, सुमन कुमारी एवं आदशवी पाल ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए शीर्ष स्थान हासिल किया।

बैडमिंटन प्रतियोगिता में अंडर-14 बालक एकल वर्ग में अनुराग साहु विजेता तथा रोशन राज मरांडी उपविजेता रहे। अंडर-17 बालक एकल वर्ग में राजन कुमार सिंह विजेता एवं रौनक राज उपविजेता बने। अंडर-17 युगल वर्ग में कुबेर कुमार दास एवं अंश कुमार यादव की जोड़ी विजेता रही। विशेष पुरस्कारों के अंतर्गत आदित्य राज को बेस्ट परफॉर्मर तथा पूजा कुमारी को गुमला स्टैंडआउट बैडमिंटन आइकॉन (गर्ल्स) सम्मान प्रदान किया गया।

कार्यक्रम में मुख्य रूप से उप विकास आयुक्त अनिमेश रंजन, अपर समाहर्ता राजीव नीरज, अनुमंडल पदाधिकारी सदर अखिलेश कुमार, जिला सहायक निदेशक सामाजिक सुरक्षा विभाग सह जिला सूचना एवं जनसंपर्क पदाधिकारी ललन कुमार रजक, जिला खेल पदाधिकारी प्रवीण कुमार सहित अन्य पदाधिकारी, खेल प्रशिक्षक, खिलाड़ी एवं खेल प्रेमी उपस्थित थे।

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सऊदी अरब में फंसा बगोदर का मजदूर, परिवार ने लगाई वतन वापसी की गुहार

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न्यूज – कहकशां फारुकी

गोमिया__ रोजगार की तलाश में विदेश जाने वाले मजदूरों की परेशानियां लगातार सामने आ र ही हैं। इसी कड़ी में गिरिडीह जिले के बगोदर थाना क्षेत्र अंतर्गत खेतको निवासी महेंद्र महतो के सऊदी अरब में फंसे होने का मामला प्रकाश में आया है। बताया जाता है कि महेंद्र पिछले करीब पांच माह से सऊदी अरब में फंसे हुए हैं और स्वदेश लौटने में असमर्थ हैं।
महेंद्र महतो के विदेश में फंसे होने से उनके परिवार की आर्थिक स्थिति दिन-प्रतिदिन खराब होती जा रही है। घर पर उनकी पत्नी, वृद्ध माता-पिता तथा तीन बच्चों के भरण-पोषण की जिम्मेदारी है। पत्नी ने बताया कि उनकी पति से बातचीत हो रही है, लेकिन वे वहां गंभीर कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं और किसी भी तरह भारत लौटना चाहते हैं। उन्होंने सरकार और प्रशासन से हस्तक्षेप कर उनके पति की सुरक्षित वतन वापसी सुनिश्चित कराने की मांग की है।
परिजनों के अनुसार, महेंद्र महतो की वापसी में आ रही बाधाओं के कारण पूरा परिवार चिंता में है। वहीं दूसरी ओर, मजदूर स्वयं भी स्वदेश लौटने के लिए परेशान हैं और हर दिन उनके लिए भारी पड़ रहा है।
प्रवासी मजदूरों के हितों के लिए कार्य करने वाले सामाजिक कार्यकर्ता सिकंदर अली ने भी महेंद्र महतो की जल्द वतन वापसी की मांग की है। उन्होंने कहा कि रोजी-रोटी की तलाश में लाखों लोग विदेशों का रुख करते हैं, लेकिन वहां कई बार उन्हें शोषण और प्रतिकूल परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है। सरकार को प्रवासी मजदूरों की सुरक्षा, सहायता और सम्मानजनक रोजगार के लिए ठोस नीति बनानी चाहिए।
सिकंदर अली ने कहा कि क्षेत्र में रोजगार के पर्याप्त अवसर उपलब्ध कराए जाने चाहिए, ताकि युवाओं का पलायन रुके और उन्हें अपने ही राज्य में सम्मानजनक रोजगार मिल सके। उन्होंने केंद्र एवं राज्य सरकार से मामले में पहल कर महेंद्र महतो को शीघ्र स्वदेश वापस लाने की मांग की है।

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