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Wednesday, November 4, 2026
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डेढ़ साल से मुआवजे का इंतजार, अटका रेल ओवरब्रिज का निर्माण

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न्यूज – कहकशां फारूकी 

विस्थापित संघर्ष समिति ने प्रमंडलीय आयुक्त से लगाई गुहार, जल्द भुगतान का मिला आश्वासन

गोमिया (बोकारो)। गोमिया के पलिहारी गुरूडीह पंचायत अंतर्गत निर्माणाधीन रेल ओवरब्रिज का निर्माण भूमि अधिग्रहण के मुआवजे में देरी के कारण प्रभावित हो रहा है। इस मामले को लेकर विस्थापित संघर्ष समिति, गोमिया के प्रतिनिधिमंडल ने उत्तरी छोटानागपुर प्रमंडल के आयुक्त विजय कुमार गुप्ता से मुलाकात कर अधिग्रहित भूमि के मुआवजे का भुगतान शीघ्र कराने की मांग की।

समिति के सचिव राकेश कुमार ने आयुक्त को बताया कि रेल ओवरब्रिजi परियोजना के लिए अक्टूबर 2023 में ग्रामसभा आयोजित की गई थी। जनवरी 2025 में भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी होने के बावजूद संबंधित रैयतों को अब तक मुआवजे का भुगतान नहीं किया गया है। जबकि प्रत्येक संबंधित रैयत को मुआवजा भुगतान से संबंधित नोटिस भी प्राप्त हो चुका है। इसके बावजूद भुगतान में हो रही देरी से रैयतों में असंतोष है और रेल ओवरब्रिज का निर्माण कार्य भी प्रभावित हो रहा है।

प्रतिनिधिमंडल ने आयुक्त से मामले में व्यक्तिगत रूप से हस्तक्षेप कर भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया से जुड़ी शेष कार्रवाई जल्द पूरी कराने तथा रैयतों को मुआवजा भुगतान सुनिश्चित करने का आग्रह किया। समिति ने कहा कि मुआवजे में अनावश्यक विलंब से न केवल भूमि मालिकों को परेशानी हो रही है, बल्कि महत्वपूर्ण रेल ओवरब्रिज परियोजना के निर्माण में भी बाधा उत्पन्न हो रही है।

आयुक्त विजय कुमार गुप्ता ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि वे मामले में स्वयं हस्तक्षेप करेंगे और भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी कर मुआवजा भुगतान के लिए आवश्यक कार्रवाई करेंगे, ताकि रेल ओवरब्रिज का निर्माण कार्य आगे बढ़ सके।
प्रतिनिधिमंडल में सीटू नेता गणेश कुमार, विस्थापित संघर्ष समिति के अध्यक्ष विनय महतो, विस्थापित नेता अरविंद कुमार, सूरज कुमार और नवल किशोर साहू शामिल थे।

राम भक्तों के लिए

विनोबा भावे विश्वविद्यालय का 11वां दीक्षांत समारोह 30 अक्टूबर को, राज्यपाल सह कुलाधिपति श्री संतोष गंगवार होंगे मुख्य

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न्यूज – विजय चौधरी 

पविनोबा भावे विश्वविद्यालय का 11वां दीक्षांत समारोह शुक्रवार 30 अक्टूबर 2026 को विश्वविद्यालय के स्वामी विवेकानंद सभागार में आयोजित किया जाएगा। झारखंड के राज्यपाल सह विश्वविद्यालयों के कुलाधिपति श्री संतोष कुमार गंगवार बतौर मुख्य अतिथि कार्यक्रम को सुशोभित करेंगे।

समारोह में 20 स्नातकोत्तर टॉपर को स्वर्ण पदक कुलाधिपति महोदय के कर कमल से दिया जाएगा। इसके अलावा 09 स्नातक टॉपर को टॉपर होने का प्रमाण पत्र दिया जाएगा। इसके अलावा 36 पीएचडी उपाधि धारकों को उपाधि दी जाएगी।

लोगभवन रांची द्वारा उपलब्ध कराए गए कार्यक्रम के अनुसार माननीय राज्यपाल का आगमन विश्वविद्यालय परिसर में सर्वप्रथम आचार्य विनोबा भावे प्रतिमा स्थल पर होगा। आचार्य की प्रतिमा पर पुष्पांर्पण के बाद कुलाधिपति एकेडमिक शोभायात्रा में सम्मिलित होंगे। इसी समय शोभायात्रा में भाग लेने वाले सदस्यों के साथ ग्रुप फोटोग्राफी भी होगी।

इसके बाद विवेकानंद सभागार में कार्यक्रम का शुभारंभ किया जाएगा। माननीय राज्यपाल सह कुलाधिपति के आगमन के समय तथा प्रस्थान के समय पहले राष्ट्रीय गीत और उसके बाद राष्ट्रगान की प्रस्तुति होगी।

विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो चंद्र भूषण शर्मा इस अवसर पर स्वागत संबोधन सह प्रगति प्रतिवेदन की प्रस्तुति करेंगे।

अतिथियों के अतिरिक्त विश्वविद्यालय मुख्यालय परिसर में कार्यरत सभी शिक्षक को ससमय उपस्थित रहने के लिए आमंत्रित किया गया है। प्रशासनिक भवन तथा स्नातकोत्तर विभाग में कार्यरत शिक्षकेत्तर कर्मचारियों को भी आमंत्रित किया गया है।

गुरुवार को एकेडमिक शोभायात्रा का मॉक ड्रिल तथा मंचिय कार्यक्रम का भी पूर्व अभ्यास किया गया। छात्र कल्याण संघ का अध्यक्ष डॉ विकास कुमार तथा सीसीडीसी प्रो मिथिलेश कुमार सिंह एवं डॉक्टर रखो हरि देर शाम तक सभी प्रकार की तैयारी की समीक्षा करते देखे गए।

विश्वविद्यालय के कुल सचिव श्री सुरेंद्र प्रसाद कुशवाहा परीक्षा नियंत्रक डॉ पंकज कुमार मांझी तथा दीक्षांत समारोह के समन्वयक डॉक्टर विनोद रंजन गुरुवार को सभी व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देते हुए देखे गए।

 

राम भक्तों के लिए

गुमला जिले में श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया करवा चौथ का पर्व, धार्मिक मान्यताएं

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गुमला न्यूज ब्यूरो प्रमुख – गणपत लाल चौरसिया

गुमला : – कमला जिले में प्रेम, विश्वास, समर्पण और अखंड सौभाग्य की कामना का प्रतीक करवा चौथ का पर्व हर्षोल्लास और पारंपरिक श्रद्धा के साथ मनाया गया। इस अवसर पर सुहागिन महिलाओं ने अपने पति की लंबी आयु, उत्तम स्वास्थ्य और दांपत्य जीवन की सुख-समृद्धि की कामना करते हुए व्रत रखा। पारंपरिक परिधानों और सोलह शृंगार से सजी महिलाओं के बीच पर्व को लेकर विशेष उत्साह देखने को मिला। पूजा-अर्चना, व्रत कथा और चंद्र दर्शन की परंपरा के बीच करवा चौथ ने पारिवारिक प्रेम और भारतीय सांस्कृतिक विरासत की सुंदर झलक प्रस्तुत की।

करवा चौथ भारतीय समाज का ऐसा पर्व है, जिसमें धार्मिक आस्था के साथ – साथ भावनात्मक जुड़ाव और पारिवारिक परंपराओं का अनूठा संगम देखने को मिलता है। हालांकि यह पर्व मुख्य रूप से उत्तर भारत में विशेष लोकप्रिय है, लेकिन समय के साथ देश के अन्य हिस्सों में भी इसकी लोकप्रियता बढ़ी है। झारखंड के गुमला जिले में भी इस पर्व के प्रति लोगों की आस्था और उत्साह भारतीय त्योहारों की व्यापक सांस्कृतिक स्वीकार्यता को दर्शाता है।

सुबह से ही करवा चौथ के अवसर पर महिलाओं ने करवा चौथ व्रत और पूजा की तैयारियां शुरू कर दी थीं। पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार, कई महिलाएं सूर्योदय से पहले सरगी ग्रहण कर दिनभर के निर्जला व्रत का संकल्प लेती हैं। इसके बाद पूरे दिन अन्न और जल का त्याग कर पति की दीर्घायु और परिवार की खुशहाली के लिए प्रार्थना की जाती है।
करवा चौथ पर्व के अवसर पर लाल, गुलाबी और अन्य पारंपरिक रंगों के परिधानों, हाथों में रची मेहंदी, चूड़ियों, सिंदूर और आभूषणों से सजी महिलाओं में विशेष उत्साह दिखाई देता है। शाम के समय पूजा की थाली सजाकर महिलाएं करवा चौथ की पूजा अर्चना करती हैं तथा व्रत कथा सुनती हैं। चंद्रमा के उदय होने पर उसे अर्घ्य अर्पित करने और विधि-विधान से व्रत का पारण करने के साथ करवा चौथ पर्व की धार्मिक परंपराएं पूर्ण होती हैं, सनातनी हिंदू धार्मिक परंपरा में करवा चौथ को सुहाग, दांपत्य प्रेम और पारिवारिक मंगलकामना से जुड़ा महत्वपूर्ण व्रत माना जाता है। यह पर्व कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को मनाया जाता है। यहां ‘करवा’ का संबंध पूजा में उपयोग किए जाने वाले मिट्टी के पात्र से है, जबकि ‘चौथ’ का अर्थ चतुर्थी अर्थात चौथा दिन है।

धार्मिक मान्यता के अनुसार, करवा चौथ के दिन व्रत रखने वाली महिलाएं भगवान शिव, माता पार्वती, भगवान गणेश और चंद्रदेव की पूजा करती हैं। माता पार्वती को अखंड और चंद्रदेव की पूजा करती हैं। माता पार्वती को अखंड सौभाग्य और दांपत्य सुख का प्रतीक माना जाता है। ऐसी मान्यता है कि श्रद्धापूर्वक व्रत और पूजा करने से पति के जीवन में सुख-समृद्धि आती है तथा परिवार में शांति और मंगल बना रहता है।
चंद्रमा को अर्घ्य देने की परंपरा भी इस पर्व का महत्वपूर्ण हिस्सा है। भारतीय धार्मिक संस्कृति में चंद्रमा को शीतलता, शांति और मन से जुड़ा प्रतीक माना गया है। इसलिए चंद्र दर्शन के बाद व्रत का पारण करना करवा चौथ की प्रमुख धार्मिक परंपराओं में शामिल है।

इन मान्यताओं का आधार धार्मिक आस्था और लोकपरंपराएं हैं। श्रद्धालु इन्हें विश्वास और भक्ति के साथ निभाते है l

राम भक्तों के लिए

बाबा कार्तिक उरांव की जयंती पर गुमला के पुग्गु में लगभग 5 करोड़ की लागत से बनने वाले वृहद धूमकुड़िया भवन का मंत्री चमरा लिण्डा ने किया शिलान्यास

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गुमला न्यूज ब्यूरो प्रमुख – गणपत लाल चौरसिया

गुमला : – गुमला जिला मुख्यालय में महान जननायक बाबा कार्तिक उरांव की जयंती के पावन अवसर पर आज गुमला प्रखंड अंतर्गत ग्राम पुग्गु में एक भव्य शिलान्यास समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में झारखण्ड सरकार के अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग (अल्पसंख्यक को छोड़कर) के मंत्री चमरा लिण्डा द्वारा राज्य संपोषित योजना के अंतर्गत चार करोड़ निन्यानवे लाख बहत्तर हजार पांच सौ रुपये ( ₹4,99,72,500/-) की प्राक्कलित राशि से निर्मित होने वाले वृहद धूमकुड़िया भवन का विधिवत शिलापट्ट अनावरण एवं पूजन कर शिलान्यास किया गया।

इस गरिमामयी अवसर पर जिला परिषद अध्यक्ष किरण माला बाड़ा, उप विकास आयुक्त अनिमेष रंजन, परियोजना निदेशक आईटीडीए, जिला कल्याण पदाधिकारी सहित अन्य संबंधित प्रशासनिक पदाधिकारी, स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।
प्रस्तावित वृहद धूमकुड़िया भवन को आदिवासी संस्कृति के संरक्षण और युवाओं के शैक्षणिक विकास को ध्यान में रखकर बहुउद्देशीय रूप से तैयार किया जा रहा है। इस आधुनिक भवन के भूतल पर एक विशेष प्रशिक्षण हॉल बनेगा, जहाँ मांदर, ढोल, नगाड़ा, झांझ और घंट सहित सभी आवश्यक पारंपरिक वाद्ययंत्र उपलब्ध कराए जाएंगे, ताकि नई पीढ़ी पारंपरिक संगीत और नृत्य कला को सीख सके। इसके साथ ही भवन के ऊपरी तल पर विद्यार्थियों के लिए एक समृद्ध लाइब्रेरी और कोचिंग सेंटर की व्यवस्था होगी, जिससे प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्र-छात्राओं को बेहतर शैक्षणिक माहौल मिल सके। इसके अतिरिक्त, सामाजिक कार्यक्रमों और वैवाहिक आयोजनों के लिए भवन में एक विशाल विवाह हॉल का भी निर्माण कराया जाएगा।
शिलान्यास समारोह को संबोधित करते हुए मंत्री चमरा लिण्डा ने कहा कि जब हम अपने इतिहास, परंपराओं और संस्कृति को समझने लगते हैं, तब यह एहसास होता है कि हमने अपनी विरासत के कुछ महत्वपूर्ण हिस्सों को पीछे छोड़ दिया है। उन्होंने कहा कि जो कुछ हमने खोया है, उसे वापस लाने और आने वाली पीढ़ियों तक पहुँचाने के लिए हमें अपनी संस्कृति को गहराई से जानना और समझना होगा, क्योंकि जुड़ाव पैदा होने पर ही उसे सहेजने की प्रेरणा मिलती है।
उन्होंने ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि आज युवाओं और कॉलेज के विद्यार्थियों में मांदर, नगाड़ा, ढोल और झांझ जैसे पारंपरिक वाद्ययंत्रों तथा लोकगीत-संगीत के प्रति रुचि कम होती जा रही है। उन्होंने रेखांकित किया कि आदिवासी समाज की सांस्कृतिक पहचान में भाषा, रीति-रिवाज, पारंपरिक वेशभूषा और वाद्ययंत्र महत्वपूर्ण आधार हैं, जिन्हें संविधान के तहत भी विशेष पहचान प्राप्त है। इसलिए अपनी भाषा और संस्कृति को संरक्षित रखना हम सभी का सामूहिक दायित्व है।
उन्होंने आगे कहा कि हमारी पारंपरिक धूमकुड़िया व्यवस्था केवल एक स्थान नहीं, बल्कि युवाओं के सीखने, सामाजिक व्यवहार को समझने और सांस्कृतिक मूल्यों को आत्मसात करने का माध्यम थी। सरकार का प्रयास है कि एक ही परिसर में संस्कृति के संरक्षण और युवाओं के शैक्षणिक विकास, दोनों की मजबूत व्यवस्था हो। एक तरफ हमारे बच्चे पारंपरिक वाद्ययंत्र सीखें, तो दूसरी ओर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर डॉक्टर, इंजीनियर और प्रशासनिक सेवा में जाकर समाज का नाम रोशन करें।
उन्होंने उप विकास आयुक्त अनिमेष रंजन जैसे अधिकारियों के कठिन परिश्रम का उदाहरण देते हुए कहा कि सिविल सेवा या अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में सही मार्गदर्शन, उचित पुस्तकों के चयन और अनुभवी दिशा-निर्देश की बड़ी भूमिका होती है। सही मार्गदर्शन मिलने पर ग्रामीण प्रतिभाएं आसानी से अपने लक्ष्य तक पहुँच सकती हैं। इसके साथ ही उन्होंने भवन तक सुगम आवागमन सुनिश्चित करने के लिए प्रस्तावित रास्ते को खुला रखने का भी आग्रह किया।

समारोह में सभी गणमान्य अतिथियों ने बाबा कार्तिक उरांव के चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया। उपस्थित प्रशासनिक पदाधिकारियों ने निर्माण कार्य को गुणवत्तापूर्ण और निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा कराने का भरोसा दिलाया।

राम भक्तों के लिए

गुमला पुलिस ने बैगन – आर – कर जप्त कर, तलाशी में एक देसी कार्बाइन – जिंदा गली – ( ए0 के0 56 मैगजीन सहित गोली एंव 9 एम 0 एम 0 का गोली ) एंव अन्य सामान बरामद किया गया, अंधेरे का फायदा उठाकर अपराधी हुए फरार

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गुमला न्यूज ब्यूरो प्रमुख – गणपत लाल चौरसिया

बाद में नामजद अपराधी गिरफ्तार, न्यायिक हिरासत में लेते हुए,भेजा गया गुमला जेल

गुमला : – पुलिस अधीक्षक ( जिला पुलिस कप्तान हारिस बिन जामां ) गुमला एक प्रेस कांफ्रेंस आयोजित कर बताया कि मुझे एक गुप्त सूचना मिली कि सिसई थाना क्षेत्र के रोहित शर्मा नामक व्यक्ति अपने 04 – 05 साथियों के साथ ग्राम लेकोटोली निवासी राजेन्द्र यादव के घर पर आया है एवं उन लोगों के पास बड़ी संख्या में अवैध घातक अग्नेयास्त्र हैं, जिससे ये लोग किसी बड़ी घटना को अंजाम देने के फिराक में हैं, उक्त सूचना का सत्यापन एवं त्वरित कार्रवाही हेतु अनुमण्डल पुलिस पदाधिकारी, गुमला ( सुरेश प्रसाद यादव ) के नेतृत्व में एक छापामारी दल का गठन किया गया। छापामारी दल जब रात्रि के करीब 22:45 बजे लेकोटोली गाँव के पास पहुँची तो रास्ते में एक लाल रंग का वैगन – आर – कार खड़ा पाया, जिसमें करीब 0 4 – 05 लोग सवार थे। पुलिस वाहन को देखते ही उक्त कार में सवार सभी लोग उक्त गाड़ी से उतर कर तेजी से इधर-उधर भागने लगे, भाग रहे लोगों को पकड़ने हेतु काफी प्रयास किया गया, परन्तु जंगल-झाड़ एवं रात्रि में अँधेरा होने का फायदा उठा कर भागने में सफल रहे। तत्पश्चात् उक्त लाल रंग के वैगन – आर -कार WAGON-R, कार रजि० JH01AA-9378 का विधिवत् तलाशी लिया गया। तलाशी के क्रम में कार से देशी कारबाईन व गोली (ए0के0 56 मैगजीन सहित गोली व 9 एम०एम० का गोली) एवं अन्य सामान बरामद किया गया। दिनांक-28.10.26 को सघन छापामारी अभियान चलाया गया। जिस दौरान एक अभियुक्त राजेन्द्र यादव को गिरफ्तार किया गया। जिसके निशांनदेही पर ए० के० 56 रायफल व गोली बरामद किया गया।

गिरफ्तार अभियुक्तः-

1. राजेन्द्र यादव, पिता-गंदुर यादव, ग्राम-लेकोटोली, थाना-भरनो,

नामजद अभियुक्तः –

1. रोहित कुमार शर्मा, पिता-नामालूम, पता-ग्राम छारदा, थाना-सिसई तथा 02-03 अन्य अज्ञात व्यक्ति

बरामदगी

1. लोहे का बना करवाईन मैंगजीन सहित-01

2. 9mm राईफल का जिंदा गोली 02

3.

AK 56 का राईफल 01 एवं मैगजीन-02

4. 7.62mm का गोली -34

5. दुर्गा पूजा से संबंधित चंदा पर्चा 01

6. मोबाइल फोन 02

7. लकड़ी एवं लोहे का बना धारदार फरसा 01

छापामारी दलः-

1. श्री सुरेश प्रसाद यादव, अनुमण्डल पुलिस पदाधिकारी, गुमला।

2. श्री विनय कुमार, पुलिस अंचल निरीक्षक, सिसई।

3. पु०अ०नि० संतोष कुमार सिंह, थाना प्रभारी, भरनो।

4. पु०अ०नि० नीरज कुमार, थाना प्रभारी, सिसई।

5. पु०अ०नि० अभिनन्दन कुमार, भरनो थाना।

6. पु०अ०नि० मंटु चौधरी, भरनो थाना।

7. स०अ०नि० अमोद कुमार सिंह, भरनो थाना।

8. भरनो थाना के सशस्त्र बल।

राम भक्तों के लिए

झारखण्ड शिक्षक पात्रता परीक्षा-2026 के मद्देनजर परीक्षा केन्द्रों के 200 मीटर की परिधि में निषेधाज्ञा लागू

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गुमला न्यूज ब्यूरो प्रमुख – गणपत लाल चौरसिया 

31 अक्टूबर की मध्यरात्रि से 1 नवम्बर की मध्यरात्रि तक प्रभावी रहेगा निषेधाज्ञा आदेश

गुमला। झारखण्ड शिक्षक पात्रता परीक्षा-2026 (JTET-2026) के निष्पक्ष, शांतिपूर्ण एवं कदाचारमुक्त संचालन तथा विधि-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से अनुमण्डल दण्डाधिकारी, गुमला अखिलेश कुमार द्वारा भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू की गई है। यह आदेश जिले के निर्धारित परीक्षा केन्द्रों के 200 मीटर की परिधि में दिनांक 31 अक्टूबर 2026 की मध्यरात्रि 12:00 बजे से 1 नवम्बर 2026 की मध्यरात्रि 12:00 बजे तक प्रभावी रहेगा।

झारखण्ड अधिविद्य परिषद्, राँची द्वारा निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार JTET-2026 परीक्षा का आयोजन 1 नवम्बर 2026 को दो पालियों में किया जाएगा। प्रथम पाली पूर्वाह्न 09:30 बजे से अपराह्न 12:00 बजे तक तथा द्वितीय पाली अपराह्न 02:00 बजे से 04:30 बजे तक निर्धारित है।

*इन परीक्षा केन्द्रों पर लागू रहेगी निषेधाज्ञा*

जिले के निम्नलिखित परीक्षा केन्द्रों के 200 मीटर की परिधि में निषेधाज्ञा प्रभावी रहेगी:

1. उर्सलाईन बालिका उच्च विद्यालय, गुमला
2. लुथेरन उच्च विद्यालय, मिशन चौक, लोहरदगा रोड, गुमला
3. संत अन्ना बालिका उच्च विद्यालय, दाऊदनगर, पुग्गू, गुमला
4. राजकीय उच्च विद्यालय, करंजटोली, गुमला
5. संत इग्नासियुस उच्च विद्यालय, गुमला
6. डॉन बॉस्को स्कूल, गुमला
7. संत पैट्रिक उच्च विद्यालय, गुमला
8. सरस्वती विद्या मंदिर उच्च विद्यालय, गुमला
9. एस.एस. + 2 उच्च विद्यालय, गुमला
10. नोट्रेडेम स्कूल, बरटोली, गुमला
11. डी.ए.वी. पब्लिक स्कूल, गुमला

*निषेधाज्ञा के तहत प्रमुख प्रतिबंध*

आदेश के अनुसार, निर्धारित परिधि में पाँच या पाँच से अधिक व्यक्तियों के एक साथ एकत्रित होने तथा अस्त्र-शस्त्र के साथ प्रदर्शन करने पर प्रतिबंध रहेगा। पुलिस एवं सरकारी वाहनों को छोड़कर एक साथ तीन से अधिक वाहनों के परिचालन की अनुमति नहीं होगी। निर्धारित अवधि के दौरान परीक्षा केन्द्रों के परिक्षेत्र में ध्वनि विस्तारक यंत्रों एवं वाहनों के माध्यम से इनके प्रयोग पर भी प्रतिबंध रहेगा। आवश्यक परिस्थितियों में सक्षम प्राधिकारी से लिखित अनुमति प्राप्त करने के बाद ही ध्वनि विस्तारक यंत्रों का प्रयोग किया जा सकेगा।

इसके अतिरिक्त, निर्धारित क्षेत्र में घातक हथियार, अग्नेयास्त्र एवं विस्फोटक सामग्री लाने या ले जाने पर प्रतिबंध रहेगा। हालांकि, ड्यूटी पर तैनात सुरक्षाकर्मियों के हथियार एवं लाठी तथा वृद्धजनों और दिव्यांगजनों के सहारे के लिए उपयोग की जाने वाली छड़ी को इससे छूट दी गई है।

सिगरेट एवं अन्य तम्बाकू उत्पाद अधिनियम , 2003 के प्रावधानों के अनुपालन में सभी परीक्षा केन्द्राधीक्षकों को निर्देश दिया गया है कि परीक्षा केन्द्रों के 100 गज की परिधि में सिगरेट अथवा अन्य तम्बाकू उत्पादों की बिक्री न होने देना सुनिश्चित करें।

यह निषेधाज्ञा ड्यूटी पर प्रतिनियुक्त सरकारी कर्मियों, मंदिर, मस्जिद एवं गिरजाघर में पूजा-अर्चना के लिए आने वाले लोगों, शादी-विवाह में शामिल व्यक्तियों तथा शवयात्रा पर लागू नहीं होगी।

उपायुक्त ने परीक्षा के सुचारु एवं शांतिपूर्ण संचालन के लिए सभी संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित करने तथा आम नागरिकों से निषेधाज्ञा का पालन करने की अपील की है।

राम भक्तों के लिए

झारखण्ड शिक्षक पात्रता परीक्षा-2026 की तैयारियों का डीसी एवं एसपी ने किया संयुक्त निरीक्षण, सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त रखने के निर्देश

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गुमला न्यूज ब्यूरो प्रमुख – गणपत लाल चौरसिया

परीक्षा से संबंधित भ्रामक सूचना एवं अफवाहों पर रोक लगाने के लिए गठित होगा साइबर सेल, जिला सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग करेगा संचालन

गुमला : – गुमला जिले में – झारखण्ड अधिविद्य परिषद्, राँची द्वारा दिनांक 01 नवंबर 2026 को आयोजित होने वाली झारखण्ड शिक्षक पात्रता परीक्षा-2026 (JTET-2026) के सफल, निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण संचालन तथा विधि-व्यवस्था संधारण को लेकर आज उपायुक्त दिलेश्वर महतो एवं पुलिस अधीक्षक हारिस बिन ज़मा ने संयुक्त रूप से गुमला जिले के विभिन्न परीक्षा केन्द्रों का निरीक्षण किया। इस दौरान अनुमंडल पदाधिकारी गुमला अखिलेश कुमार, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी गुमला सुरेश प्रसाद यादव, जिला शिक्षा अधीक्षक गुमला नूर आलम खां सहित अन्य सम्बंधित पदाधिकारी एवं कर्मी मौजूद रहें। इस दौरान अधिकारियों ने परीक्षा केन्द्रों पर उपलब्ध आधारभूत सुविधाओं, सीसीटीवी कैमरों, नियंत्रण कक्ष, बैठक व्यवस्था तथा सुरक्षा मानकों का स्थल पर जाकर जायजा लिया और संबंधित पदाधिकारियों एवं विद्यालय के प्रिंसिपलों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

निरीक्षण के क्रम में उर्सलाइन बालिका उच्च विद्यालय, गुमला; संत अन्ना उच्च विद्यालय, पुग्गू; संत इग्नासियुस उच्च विद्यालय, गुमला; डॉन बॉस्को स्कूल, गुमला; संत पैट्रिक उच्च विद्यालय, गुमला सहित अन्य परीक्षा केन्द्रों की व्यवस्थाओं की समीक्षा की गई।

उपायुक्त ने सभी परीक्षा केन्द्रों पर सीसीटीवी कैमरों का कोण निर्धारित मानकों के अनुरूप रखने, प्रत्येक परीक्षा कक्ष में अभ्यर्थियों की बैठक योजना व्यवस्थित करने तथा नियंत्रण कक्ष से निगरानी की प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी परीक्षा केन्द्रों तक परीक्षा संचालन से संबंधित नवीनतम दिशा-निर्देश एवं आवश्यक बदलावों की जानकारी पहुंचाने को भी कहा, ताकि सभी केन्द्रों पर एकरूपता के साथ तैयारियां पूरी की जा सकें।

पुलिस अधीक्षक ने परीक्षा केन्द्रों पर सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ रखने, अभ्यर्थियों की नियमानुसार सघन तलाशी सुनिश्चित करने सहित अन्य आवश्यक निर्देश दिया। साथ ही, बिजली की निर्बाध आपूर्ति, वैकल्पिक विद्युत व्यवस्था, पावर बैकअप एवं जनरेटर के लिए पर्याप्त ईंधन की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया, ताकि परीक्षा के दौरान किसी प्रकार की असुविधा उत्पन्न न हो।

11 परीक्षा केन्द्रों पर 8,061 अभ्यर्थी होंगे शामिल

उल्लेखनीय है कि झारखण्ड शिक्षक पात्रता परीक्षा-2026 का आयोजन रविवार, 01 नवंबर 2026 को जिले के चिह्नित कुल 11 परीक्षा केन्द्रों पर दो पालियों में किया जाएगा। परीक्षा में कुल 8,061 अभ्यर्थी शामिल होंगे।

प्रथम पाली पूर्वाह्न 9:30 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक आयोजित होगी, जिसमें कक्षा 6 से 8 के लिए कुल 4,822 अभ्यर्थी शामिल होंगे। वहीं, द्वितीय पाली अपराह्न 2:00 बजे से 4:30 बजे तक आयोजित होगी, जिसमें कक्षा 1 से 5 के लिए कुल 3,239 अभ्यर्थी परीक्षा देंगे।

*परीक्षा केन्द्रों में प्रवेश एवं तलाशी को लेकर सख्त निर्देश*

परीक्षा के सुचारू संचालन के लिए निर्धारित समय-सीमा एवं सुरक्षा प्रोटोकॉल का अनुपालन अनिवार्य किया गया है। सभी अभ्यर्थियों को परीक्षा प्रारम्भ होने से 30 मिनट पूर्व परीक्षा केन्द्र में प्रवेश करा लिया जाएगा। परीक्षा प्रारम्भ होने से 30 मिनट पूर्व केन्द्र का मुख्य प्रवेश द्वार बंद कर दिया जाएगा। इसकी जिम्मेदारी प्रतिनियुक्त स्टैटिक दंडाधिकारी की होगी। प्रवेश द्वार बंद होने के बाद तथा परीक्षा प्रारम्भ होने पर किसी भी अभ्यर्थी को परीक्षा केन्द्र में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी।

परीक्षा केन्द्रों में प्रशासनिक अधिकारियों एवं परीक्षा प्रक्रिया से सीधे तौर पर जुड़े कर्मियों के अतिरिक्त किसी भी अनधिकृत व्यक्ति का प्रवेश पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा। मीडिया एवं प्रेस कर्मियों के प्रवेश पर भी निर्धारित प्रतिबंध लागू रहेंगे।

*परीक्षा से संबंधित अफवाहों पर रोक के लिए साइबर सेल का गठन*

परीक्षा की निष्पक्षता, पारदर्शिता एवं विश्वसनीयता बनाए रखने के उद्देश्य से जिला प्रशासन, गुमला द्वारा परीक्षा से संबंधित भ्रामक सूचनाओं, अफवाहों एवं साइबर गतिविधियों की निगरानी के लिए साइबर सेल गठित किया जाएगा। इस साइबर सेल का संचालन जिला सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग, गुमला द्वारा किया जाएगा। इसका उद्देश्य परीक्षा से संबंधित भ्रामक खबरों एवं अफवाहों की निगरानी करना, प्राप्त सूचनाओं का सत्यापन कराना तथा संबंधित मामलों को त्वरित कार्रवाई के लिए सक्षम पदाधिकारियों तक पहुंचाना होगा।

परीक्षा से संबंधित किसी भी प्रकार की भ्रामक सूचना, फर्जी प्रश्नपत्र, गलत परीक्षा कार्यक्रम, अनुचित दावे अथवा अफवाहों को सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों से प्रसारित करने से बचें। नागरिक किसी भी सूचना पर बिना सत्यापन के विश्वास न करें और न ही उसे आगे साझा करें। ऐसी किसी भी संदिग्ध सूचना अथवा गतिविधि की जानकारी तत्काल जिला प्रशासन के साइबर सेल को दें, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके।

परीक्षा की निष्पक्षता एवं विधि-व्यवस्था को प्रभावित करने, भ्रामक सूचना फैलाने अथवा साइबर अपराध के माध्यम से अव्यवस्था उत्पन्न करने के मामलों में तथ्यों एवं लागू कानूनों के अनुरूप संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध त्वरित वैधानिक एवं दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। किसी भी अप्रिय घटना की सूचना मिलने पर प्रशासन द्वारा तत्काल आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

जिला प्रशासन, गुमला ने जिले के सभी नागरिकों, अभ्यर्थियों एवं अभिभावकों से अपील की है कि वे परीक्षा के सफल संचालन में सहयोग करें, आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें तथा किसी भी अफवाह को फैलाने से बचें। सतर्क नागरिक बनकर संदिग्ध गतिविधियों की सूचना प्रशासन को दें, ताकि परीक्षा शांतिपूर्ण, निष्पक्ष एवं व्यवस्थित वातावरण में संपन्न कराई जा सके।

राम भक्तों के लिए

भारत की जनगणना 2027 के द्वितीय चरण के प्रशिक्षण का शुभारंभ, डिजिटल माध्यम से होगी जनसंख्या गणना

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गुमला न्यूज ब्यूरो प्रमुख – गणपत लाल चौरसिया

उप विकास आयुक्त ने प्रगणकों एवं पर्यवेक्षकों को नागरिकों के साथ विनम्र व्यवहार करने का दिया निर्देश

गुमला : – गुमला जिला में – भारत की जनगणना 2027 के द्वितीय चरण के अंतर्गत जनसंख्या गणना कार्य को लेकर बुधवार को सूचना एवं जनसम्पर्क कार्यालय सभागार, गुमला में प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ उप विकास आयुक्त, गुमला अनिमेष रंजन ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया।

इस अवसर पर उप विकास आयुक्त ने कहा कि जनगणना एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य है, जिसके माध्यम से देश की जनसंख्या से संबंधित आवश्यक आंकड़े संकलित किए जाते हैं। इस कार्य को पारदर्शी, व्यवस्थित एवं त्रुटिरहित ढंग से संपन्न करना सभी संबंधित पदाधिकारियों, पर्यवेक्षकों एवं प्रगणकों की जिम्मेदारी है। उन्होंने निर्देश दिया कि जनगणना कार्य के दौरान सभी पर्यवेक्षक एवं प्रगणक आम नागरिकों के साथ विनम्र, सहज एवं सहयोगात्मक व्यवहार करें तथा निर्धारित दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए अपने दायित्वों का निर्वहन करें।

कार्यक्रम के दौरान जनगणना के प्रथम चरण में उत्कृष्ट कार्य करने वाले दो चार्ज पदाधिकारियों, अशोक कुमार बड़ाईक, अंचल अधिकारी, सिसई तथा नरेश मुंडा, अंचल अधिकारी, बसिया को प्रधान मुख्य जनगणना पदाधिकारी, झारखंड, रांची द्वारा प्रदत्त प्रशस्ति पत्र उप विकास आयुक्त के हाथों प्रदान किया गया। इस अवसर पर उनके कार्यों की सराहना की गई।

जनसंख्या गणना से संबंधित प्रशिक्षण जनगणना कार्य निदेशालय, झारखंड, रांची के उप निदेशक गजेन्द्र गुप्ता एवं सांख्यिकी अन्वेषक राजा शंकर ठाकुर द्वारा दिया जा रहा है। प्रशिक्षण के दौरान प्रशिक्षकों ने जनगणना की प्रक्रिया, कार्यप्रणाली एवं निर्धारित दिशा-निर्देशों की विस्तृत जानकारी दी।

प्रशिक्षकों ने बताया कि जनगणना 2027 के अंतर्गत जनसंख्या गणना का कार्य डिजिटल माध्यम से किया जाएगा। नागरिकों को स्व-गणना का विकल्प भी उपलब्ध रहेगा, जिसके माध्यम से वे निर्धारित पोर्टल पर स्वयं अपनी गणना संबंधी जानकारी दर्ज कर सकेंगे। जनसंख्या गणना के लिए कुल 40 प्रश्न निर्धारित किए गए हैं। प्रशिक्षकों ने सभी प्रतिभागियों को प्रश्नों की प्रकृति, आंकड़ों के संकलन तथा कार्य निष्पादन से संबंधित महत्वपूर्ण बिंदुओं से अवगत कराया।

प्रशिक्षण कार्यक्रम में अनुमंडल पदाधिकारी, गुमला, बसिया एवं चैनपुर, जिला सांख्यिकी पदाधिकारी माधुरी बेक, सभी चार्ज पदाधिकारी, सहायक चार्ज पदाधिकारी तथा जिला जनगणना कोषांग के पदाधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

जिला प्रशासन, गुमला द्वारा जनगणना कार्य से जुड़े सभी पदाधिकारियों एवं कर्मियों से अपेक्षा की गई है कि वे प्रशिक्षण में प्राप्त जानकारी के अनुरूप निर्धारित दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए जनगणना कार्य को सफलतापूर्वक संपन्न कराएं ।

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टीडीएस अनुपालन को लेकर गुमला में जागरूकता कार्यक्रम, सरकारी अधिकारियों को दी गई जरूरी जानकारी

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गुमला न्यूज ब्यूरो प्रमुख – गणपत लाल चौरसिया

उपायुक्त दिलेश्वर महतो ने किया उद्घाटन, समय पर कर कटौती और राशि जमा करने पर दिया जोर

गुमला : – गुमला जिला में – आयकर विभाग, बिहार एवं झारखंड क्षेत्र की ओर से बुधवार को जिला समाहरणालय सभागार, गुमला में टीडीएस (स्रोत पर कर कटौती ) जागरूकता कार्यक्रम–2026 का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन उपायुक्त दिलेश्वर महतो ने किया।

इस दौरान उपायुक्त ने कहा कि टीडीएस कर संग्रहण की एक महत्वपूर्ण व्यवस्था है। सभी विभागीय अधिकारियों को कर कटौती, राशि जमा करने और संबंधित विवरणी दाखिल करने की प्रक्रिया तय समयसीमा के भीतर पूरी करनी चाहिए। उन्होंने सरकारी कार्यों में डिजिटल सुविधाओं का उपयोग करते हुए पारदर्शिता और नियमों के पालन पर जोर दिया।

कार्यक्रम में रांची के आयकर अधिकारी (टीडीएस) मनोज कुमार पंडित ने विभिन्न विभागों के आहरण एवं संवितरण पदाधिकारियों (डीडीओ) को आयकर अधिनियम, 2025 के नए प्रावधानों, टीडीएस कटौती एवं जमा करने की समयसीमा, त्रैमासिक विवरणी दाखिल करने, प्रपत्र 16 एवं 16ए जारी करने तथा ऑनलाइन सुविधाओं के इस्तेमाल की जानकारी दी। उन्होंने करदाताओं को सहायता देने वाली ‘कर साथी’ पहल के बारे में भी बताया।

कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों ने टीडीएस से जुड़ी अपनी समस्याएं और सवाल रखे, जिनका आयकर विभाग के अधिकारियों ने समाधान किया। इस पहल का उद्देश्य सरकारी विभागों में कर अनुपालन की प्रक्रिया को आसान बनाना, गलतियों को कम करना और समय पर जरूरी कार्यवाही सुनिश्चित करना है।

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गुमला में खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्रवाई, कई दुकानों, स्कूलों और कैफे में ताबड़तोड़ जांच, दिए गए कड़े निर्देश; त्योहारों के बाद भी लगातार जारी रहेगा अभियान

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गुमला न्यूज ब्यूरो प्रमुख – गणपत लाल चौरसिया

गुमला : – गुमला जिला में – दीपावली और आगामी पर्व – त्योहारों के मद्देनजर मिलावटखोरी और अमानक खाद्य सामग्री पर रोक लगाने के लिए गुमला जिला प्रशासन और खाद्य सुरक्षा विभाग ने पूरे जिले में सघन जांच अभियान छेड़ दिया है। इस अभियान की शुरुआत खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी प्रकाश चंद्र गुग्गी, कुमार प्रभाकर और आशा राज के संयुक्त नेतृत्व में गुमला शहर के विभिन्न प्रतिष्ठानों, दुकानों और विद्यालयों में औचक निरीक्षण कर की गई। अचानक हुई इस सघन कार्रवाई से पूरे बाजार और व्यवसायियों में हड़कंप मच गया।

जांच टीम ने एसएस गली स्थित मेसर्स मंत्री स्टोर’ का गहन निरीक्षण किया। संचालक को नियमित पेस्ट कंट्रोल कराने, परिसर में उच्च स्तरीय साफ-सफाई बनाए रखने तथा किसी भी सूरत में एक्सपायरी सामग्री नहीं बेचने की सख्त हिदायत दी गई। साथ ही निर्देश दिया गया कि एक्सपायर हो चुके उत्पादों को अलग कमरे में सुरक्षित रखें और वहां स्पष्ट अक्षरों में ‘एक्सपायर्ड प्रोडक्ट’ का बोर्ड लगाएं। इसके अलावा टीम ने मेसर्स आरसी संस’ का भी निरीक्षण कर खाद्य सुरक्षा मानकों की पड़ताल की।

वहीं, बच्चों के स्वास्थ्य और मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता को ध्यान में रखते हुए टीम ने एस.एस. (10 + 2) उच्च विद्यालय, गुमला मध्याह्न भोजन के उपयोग में लाये जानेवाले स्टोर रूम और रसोई घर की जांच की। विद्यालय के प्राचार्य को सलाह दिए गए कि सभी खाद्य सामग्रियों पर FSSAI लेबल, लाइसेंस नंबर, पैकेजिंग तिथि एवं उपयोग की तिथि देखकर ही खरीदारी करें। साथ ही रसोई व स्टोर रूम की नियमित साफ-सफाई रखने तथा खाना बनाने व काटने में लोहे के चाकू का इस्तेमाल पूरी तरह बंद कर सिर्फ स्टील के चाकू का उपयोग करने का आदेश दिया गया। जांच के दौरान विद्यालय से ‘बाबा गोल्ड’ नमक का नमूना लेकर गुणवत्ता जांच के लिए रांची स्थित राज्य खाद्य जाँच प्रयोगशाला भेजा गया।

इसके पश्चात, पालकोट रोड स्थित मेसर्स फ्रेंड्स एंड फैमिली कैफे’ का भी औचक निरीक्षण किया गया। कैफे संचालक को किचन व डाइनिंग एरिया में पूर्ण स्वच्छता बरतने तथा भोजन तैयार करने वाले कर्मचारियों के लिए एप्रन, ग्लव्स और हेडगियर (हेयर कैप) पहनना अनिवार्य करने का निर्देश दिया गया। साथ ही सभी प्रतिष्ठानों में कचरा प्रबंधन हेतु ढक्कन युक्त डस्टबिन लगाने को कहा गया।

खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने कड़े शब्दों में चेतावनी दी है कि यह जांच अभियान केवल त्योहारों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूरे गुमला जिले में लगातार और औचक रूप से जारी रहेगा। नियमों की अनदेखी करने या बिना वैध FSSAI लाइसेंस के कारोबार करने वालों पर भारी जुर्माना लगाने, दुकान सील करने के साथ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत सीधी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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