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Saturday, July 4, 2026
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बासुकिनाथ में आ चुका है सिंथेटिक पेड़ा…श्रद्धालु रहें सावधान…! जब्त हो चुका है 200 किलो नकली पेड़ा

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दुमका :  राजकीय श्रावणी मेला महोत्सव में महीने भर कांवरियों का हुजूम लगा रहता है. लेकिन यहां प्रसिद्ध प्रसाद के रूप में पेड़ों की भी खूब चर्चा रहती है. पेड़ों की शुद्धता पर कांवरिये बहुत ही पसोपेश में रहते हैं. खासकर असली-नकली पेड़ों को लेकर भ्रम की स्थिति बनी रहती है. आपको हर बार कहा जाएगा कि अगर पेड़ा लेना चाहते हैं, तो जरा सावधान रहें. दुमका के बासुकीनाथ में कई नकली पेड़े की भी दुकान है. खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी की छापामारी के दौरान नकली खोआ का पेड़ा बरामद होने के बाद बासुकीनाथ के प्रसादी दुकान में जांच अभियान चलाया गया. खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी अमित कुमार ने विभिन्न पेड़ा दुकान से करीब 200 किलोग्राम नकली पेड़ा जब्त कर उसे नष्ट कर चुके हैं. इसके बावजूद नकली पेड़े की बिक्री नहीं होगी, इसकी गारंटी कौन देगा, ये अहम प्रश्न है. इस बार सेंथेटिक पेड़े की चर्चा है.

नकली पेड़ा बेचनेवाले दुकानदारों पर होगी सख्त कार्रवाई

खाद्य पदार्थो की स्क्रीनिंग जांच के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा मोबाईल फूड टेस्टिंग लैबोरेटरी (एमएफटीएल) की प्रतिनियुक्ति की गई है. इसी क्रम में शनिवार को बासुकिनाथ स्थित विभिन्न खाद्य प्रतिष्ठानों में खाद्य सामग्रियों की जांच खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी अमित कुमार, दुमका एवं साहिबगंज के दिनेश मरांडी तथा एमएफटीएल के खाद्य विश्लेषक उमेश कुमार एवं अन्य कर्मी द्वारा की गई है. खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी ने नकली पेड़ा बेचनेवाले दुकानदारों पर सख्त कार्रवाई करने की बात कही. श्रावणी मेला में हर दिन हजारों श्रद्धालु बासुकिनाथ धाम पहुंचते हैं, जिनको सुविधा प्रदान करने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह तत्पर है. मेला में श्रद्धालुओं को शुद्ध खाद्य सामग्री मिले, इसको लेकर प्रशासन ने खाद्य सामग्रियों का मानक निर्धारित कर दिया है. समय-समय पर खाद्य सामग्रियों का सैंपल इकट्ठा कर उसकी जांच की जा रही है. बावजूद इसके बासुकिनाथ में धड़ल्ले से मिलावटी मावा वाला सिंथेटिक पेड़ा बिक रहा है. हालांकि अभी तक कोई पकड़ा नहीं गया है.

छापामारी के बाद पेड़ा विक्रेताओं में खलबली

पिछले दिन बासुकिनाथ मंदिर के समीप आठ पेड़ा प्रसादी दुकानों की जांच की गई. जांच के क्रम में पांच दुकानदारों को नकली पेड़ा बेचते हुए पाया गया. खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी अमित राम ने बताया कि गुप्त सूचना के आधार पर आठ पेड़ा दुकानों में छापेमारी की गयी, जिसमें पांच दुकानों में कुल 200 किलोग्राम मिलावटी पेड़ा पाया गया. पेड़े को जब्त कर लिया गया है. खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी टीम के इस अभियान से नकली खोआ का पेड़ा बेचने वालों दुकानदार के बीच हड़कंप जरूर है लेकिन अभी महीने भर लाखों टन पेड़े बनेंगे और बिकेंगे. इसमें असली-नकली की पहचान करना लोगों के मुश्किल साबित होगा.

राम भक्तों के लिए

मेरे लिए क्रिकेट का मतलब धोनी है – हार्दिक पाण्ड्या

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पहली बार नाम सुना जब तो सब हंसी उड़ा रहे थे अरे ये कौन है कहाँ कहाँ से प्लयेर ले आए हैं अभी आउट हो जाएगा देख लेना..2004 भारत बनाम बांग्लादेश धोनी पहली बाल पे रन आउट हो भी जाते है ये पहली बार था जब धोनी ने अपने आलोचकों को पहली और आखिरी बार बोलने का मौका दिया।।उसके बाद #पाकिस्तान के खिलाफ #पहलाशतकश्रीलंका की लंका लगाई 183 मार के और उस मैच में बैट को बन्दूक बना के गोली चलाने वाला सेलिब्रेशन जब देखा तो हां उस दिन से उनका फैन हो गया फिर क्या 2007 टी-20 वर्ल्ड कप कामनवेल्थ सीरीज में #ऑस्ट्रेलिया में जाके नई टीम के साथ उसको लगातार 2 फाइनल में हराना #दादा के आखिरी टेस्ट में अंतिम पलो में उनको कप्तानी सौंपना जैसी न जाने कितनी मिसालें पेश की 130 करोड़ लोगों की उम्मीदों का बोझ तीनो फॉरमेट में कप्तानी कर के ढोते रहे जिसकी छांव में पल रहे विराट और रोहित जैसे खिलाड़ी आज विश्व मे अपना लोहा मनवा रहे है कप्तानी के बोझ ने समय से पहले बूढा भी कर दिया लोगों ने इसका भी मज़ाक बनाया जिस #डिविलिर्स की तारीफ करते और धोनी को कोसते हुए तुम लोग थकते नही नहीं उसी ने अभी हाल में धोनी के रिटायरमेंट के बारे मे पूछे जाने पर कहा मैं धोनी को तब भी अपनी टीम का कप्तान बनाउँगा जब वो 80 वर्ष के होंगे भूलिए मत जनाब भारत ने कितने विकेटकीपर बैट्समैन की तलाश की #राहुलद्रविड़उथप्पाकार्तिकनमनओझासाहा सबको ट्राई किया पर 14 सालो से विकेट के पीछे हिमालय की तरह जो डटा रहा उसका नाम है #महेंद्रसिंहधोनी

राम भक्तों के लिए

कोरेक्स और नसीली पदार्थ का सौदागर पकड़ा गया

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हजारीबाग पेलावल ओपी प्रभारी अभिषेक सिंह के द्वारा लगातार नसा के तस्करों पर कसा जा रहा है नकेल

नसिली पदार्थ बेचने वाले सौदागर पेलावाला क्षेत्र छोड़कर भाग रहे है

पेलावल ओपी प्रभारी अभिषेक कुमार सिंह के नेतृत्व में कोरेक्स के मुख्य डीलर 1.कलीम पिता अलाउद्दीन 2.मुख्तार पिता मोहम्मद अली दोनो ग्राम पेलावल थाना पेलावलओपी प्रतिबंधित कोरेक्स सिरप एवम नशीली दवा के साथ गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा गया।थाना प्रभारी के द्वारा लगातार नशा के विरुद्ध अभियान चलाया जा रहा है।
News – Vijay Chaudhary

राम भक्तों के लिए

Goal-Setting for the Students – Sujit Kr. Mukherjee

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The students without any goal in their life are like the radar-less ship which cannot reach its destination. As the radar is the  communication system which in fact, directs the ship to arrive its destination. Similarly, the very first step for any student’s career-setting depends on his goal setting goal-setting is what he or she wants to become in life.

During the school education, the students should have clear idea regarding the subjects of their choice. Besides, at the intermediate level, they should adopt those subjects and should continue in-depth knowledge about the subjects. Now-a-days, there are emerging technologies which is operating our industry and business. Keeping in view the industrial requirements, the ECE Department aims to provide state-of-the-art facilities and knowledge in Electronics and allied areas such as Communication Engineering, ML, IoT and VLSI design.

The Internet of Things (IoT) is a network of connected physical objects embedded with electronics, sensors and software. These connected objects  nodes exchange data over the internet. There will be 22 billion connected  devices in the world by 2025. IoT technology can be used in sectors like Manufacturing, Agriculture, Healthcare, Transportation Media/Advertising, Retail, water and Waste Management, Power Distribution etc. IoT is used in various applications like smart home, smart parking, smart water level monitoring, smart healthcare, smart traffic lighting, smart waste management, smart solar panels, etc.

The Indian Government started the 100 smart cities mission in 2016, which will get completed in 2024. State Governments have used around Rs.2 lakh crore in smart cities projects and Rs,4.5 lakh crore is in pipeline. There are many IoT Applications like Traffic Management, energy harvesting by using solar panels on buildings and LED street lights, saving water using a smart meter, etc. The key enabling technologies for IoT implementation are data analytics, cloud computing and network security. IoT use increases with 5G network deployment in our country. With IoT solutions will be crucial for home automation, security and several other industrial issues. Thousands of jobs related to IoT are arising everyday. The Government of India is planning 5G deployment in few cities by the end of 2022. 5G network is already deployed in many countries like China, Korea, Japan and America. 

The Data Science skills survey 2022 was undertaken to find out different tools, technologies and skills across categories that are imperative for students and  professionals and  for an advanced career in the Data Science domain. As per the Survey, 9 out of 10 Data Science professionals mentioned that knowledge of programming language (R, Python, SAS) is among the most basic skills to start a career in Data Science. this is  followed by knowledge of Statistics and basic ML. More than 3 in 4 professionals claimed that basic Machine Learning understanding is a must have skill for a career in Data Science and is indicative of how far we have come in the field.

Education is a crucial aspect that will empower individuals to make informed decisions about using various natural resources. Addressing this knowledge gap and generating a sense of responsibility can transform the belief systems and behavioral patterns, encouraging them to live more sustainably. Education can bring the much-needed transformation in everyone which is essential for a sustainable future.

Incorporating sustainable development into education will help instill the values/principles of sustainability in young people, spreading awareness beyond the traditional education institutions educating the next generation about sustainability fosters life-long learning, professional growth and community-based learning.

Education for sustainable development encourages careers to take responsibility for building and enjoying a sustainable future.  Educating learners about sustainability strengthens their abilities to solve rapidly changing, interrelated global concerns. As a result, they will be able to develop solution-oriented skills such as critical and creative thinking, problem-solving and decision-making.

Physiotherapy is a branch of medical science in which prevention, diagnosis, treatment and rehabilitation is  done by the use of exercise therapy, electro-therapy, hydro-therapy and other modern equipment and techniques like X-Ray, MRI, blood-test, etc. Physiotherapy, especially chest physiotherapy, has helped in prevention, treatment and rehabilitation in times of Covid-19. The role of physiotherapist is gaining momentum also due to the fact that now people want drugless therapy, with minimum or no side-effects.

Thus, we can enumerate the idea that for establishing a particular goal in student’s life, first of all he or she should collect about the latest trend of different career options which are operating in the global business scenarios and on the basis of those, he has to select his liking of any particular area and should pursue the course thereof and thus he has to set his goal that after completing the course, he has to prepare to become a professional of his area of concern.

The goal-oriented students, on most of the occasions become successful in their life. As those students, at first, understands that what will be their entry-level assignment and  they, at first, try to grab that assignment by practicing right knowledge. In the later period of their career progression, they successively rise into the career ladder.

It is also the  need of the hour, to keep the  feeling that if any student is unable  to grab the Job of his choice, then he or she has to be mentally prepared for starting a small start-up business which can create  job of few more persons. In this manner, the students can enhance their productivity. Thus, it is also the  part of the goal-setting to emerge a mental zeal to grab the Job and at the same time to set-up a  start-up, which in fact, solve the unemployment problem to a large extent.

राम भक्तों के लिए

इंटरनेट पर वाइरल इस वीडियो की करोड़ों लोगों ने तारीफ की

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एक लोकप्रिय बॉलीवुड गाने पर बारिश में नाचते एक बुजुर्ग जोड़े का दिल छू लेने वाला वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। वीडियो, जिसे मुंबई, भारत में फिल्माया गया था, जोड़े को संगीत पर झूमते और थिरकते हुए दिखाया गया है, वे बारिश से अपने कपड़े भीगने से बेखबर दिख रहे हैं।

जोड़े के डांस मूव्स पूरी तरह से समकालिक हैं, और वे स्पष्ट रूप से एक-दूसरे की कंपनी का आनंद लेते हैं। वीडियो को लाखों बार देखा गया है, और दर्शक इस जोड़े के प्यार और जीवटता के लिए उनकी प्रशंसा कर रहे हैं।

एक दर्शक ने टिप्पणी की, “यह बहुत सुंदर है।” “वे बहुत प्यार में हैं, और उन्हें नृत्य करना स्पष्ट रूप से पसंद है। यह देखना बहुत हृदयस्पर्शी है।”

एक अन्य दर्शक ने लिखा, “वे हम सभी के लिए प्रेरणा हैं।” “वे हमें दिखाते हैं कि जीवन का आनंद लेने और मौज-मस्ती करने में कभी देर नहीं होती।”

इस कपल के डांस की तारीफ बॉलीवुड सेलिब्रिटीज ने भी की है. अभिनेता अक्षय कुमार ने वीडियो ट्वीट करते हुए लिखा, “यह बहुत प्यारा है। मेरा दिन बना दिया।”

अभिनेत्री प्रियंका चोपड़ा जोनास ने भी वीडियो साझा करते हुए लिखा, “यह बहुत प्यारा है। मुझे उम्रदराज़ जोड़ों को अभी भी इतना प्यार करते हुए देखना अच्छा लगता है।”

बड़े कारोबारी आनंद महिंद्रा ने भी इनकी काफी तारीफ की और इनके वीडियो को ट्विटर पर शेयर किया है

जोड़े की पहचान उजागर नहीं की गई है, लेकिन माना जाता है कि उनकी उम्र 70 के आसपास होगी। कथित तौर पर उनकी शादी को 50 साल से अधिक हो गए हैं, और वे अभी भी बहुत प्यार में हैं।

उनके डांस के वीडियो ने दुनिया भर के लाखों लोगों का दिल जीत लिया है. यह एक अनुस्मारक है कि प्यार की कोई उम्र नहीं होती, और यह सबसे अप्रत्याशित स्थानों में पाया जा सकता है।

एक स्थानीय समाचार चैनल के साथ एक साक्षात्कार में, जोड़े ने कहा कि वे अपने वीडियो को मिल रहे ध्यान से आश्चर्यचकित थे। उन्होंने कहा कि वे बस एक साथ बरसात के दिन का आनंद ले रहे थे, और उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि उनका नृत्य वायरल हो जाएगा।

दंपति ने कहा कि वे दुनिया भर के लोगों से मिले प्यार और समर्थन के लिए आभारी हैं। उन्होंने कहा कि उनका नृत्य आशा और प्रेम का संदेश है और उन्हें उम्मीद है कि यह दूसरों को अपने दिल की बात मानने के लिए प्रेरित करेगा।

बारिश में नाचते बुजुर्ग जोड़े का वीडियो याद दिलाता है कि प्यार एक शक्तिशाली शक्ति है जो किसी भी बाधा को पार कर सकती है। यह दो लोगों की एक खूबसूरत कहानी है जो 50 से अधिक वर्षों से एक साथ हैं, और जो अब भी एक-दूसरे से उतना ही प्यार करते हैं जितना वे उस दिन करते थे जब वे मिले थे।

 

 

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राम भक्तों के लिए

गुगल मैैप के सहारे रास्ता खोज रहे हजारीबाग के तीन युवक बहती नदी में डूबे, दो की मौत,एक तैर कर बाहर निकला

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गिरिडीह : नगर निगम क्षेत्र के बरगंडा स्थित पुराने पुल के समीप गूगल मैप के सहारे रास्ता खोज रहे तीन युवक उसरी नदी के तेज बहाव में बह गये हैं। तीन में से एक युवक तैर कर बाहर निकल आया और दो का शव दोपहर बाद गोताखोरो ने दो नदी घाटों से बरामद किया है. घटना रविवार देर रात की हैा बताया गया कि हजारीबाग जिले के तीन युवक आनंद चौरसिया, मनीष मेहता और शंकर कुमार मेहता बेंगाबाद से वापस अपने घर हजारीबाग लौट रहे थे। तीनों बाइक पर सवार थे और गूगल मैप (google map) का सहारा लेकर चल रहे थे। गिरिडीह कॉलेज के बाद मैप ने दो रास्ते दिखाये तो ये लोग पुराने पुल की तरफ आ गये, जिसका निर्माण कार्य चल रहा है। यहां आकर तीनों को रास्ता नहीं दिखा। इस दौरान शंकर ने बाइक से उतर कर नदी की धार को मापने की कोशिश करने लगा. इसी क्रम में वह बह गया। शंकर को बहता देख उसके दोनों साथी आनंद और मनीष भी नदी में उतर गये। दोनों शंकर को खोजने लगे लेकिन तेज धार में ये दोनों भी बहने लगे। इस बीच शंकर तैर कर बाहर निकल गया, लेकिन मनीष तथा आनंद का कुछ भी पता नहीं चल सका है। दोपहर बाद अरगाघाट नदी से आनन्द कुमार का शव एवं मैट्रोस घाट से मनीष कुमार का शव बरामद किया गया। इधर घटना के बाद सोमवार को स्थानीय प्रशासन ने बांस से बने अस्थायी पुल को वेरिकेटिंग कर आवागमन बंद कर दिया है.

 

राम भक्तों के लिए

साइबर फ्रॉड – थंब क्लोनिंग क्या है और कैसे इससे बचें

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बोकारो थर्मल – बोकारो थर्मल के रहने वाले मैकेनिक मोहमद रफी अली उस समय सदमे मे हो गए जब वो महीनों बाद अपना खाता अपडेट करना SBI बैंक पहुचे और उनको पता चल की उनके खाते से 2 लाख 65 हजार रुपया छोटे छोटे किस्तों मे साइबर चोरों ने देश के अलग अलग हिस्से की POS सेंटर से निकाल दिया है मामले की रिपोर्ट उन्होंने लोकल थान और बोकारो स्टील सिटी के साइबर थाने मे रिपोर्ट किया है FIR No – SDEN – 16/23 – 27/05/23  , मामले को बीते हुए महीने भर से ज्यादा हो गया है पर अभी तक चोरों का कुछ पता नहीं चल है , इसपर बात करते हुए ठगी के शिकार रफी ने कहा साहब हम बहुत गरीब लोग है बड़ी मुस्किल से एक एक पैसा जोड़ के रखे थे अब अब पैसे की जरूरत है तो पैसा साइबर चोरों ने साफ कर दिया है महीने भर से हम थाने का चक्कर काट रहे हैं पर बाबू लोग आज कल कर रहे हैं,

Thumb क्लोनिंग क्या है और साइबर चोर कैसे करते है thumb क्लोनिंग से फ्रॉड

मामले पर साइबर एक्सपर्ट अशोक कुमार से बात हुई जिन्होंने बताया की आजकल ये फ्रॉड काफी मात्रा मे हो रहा है और ये नए किस्म का साइबर फ्रॉड है, साइबर अपराधी अंगूठे की क्लोनिंग उंगलियों के निशान चुरा लेते हैं और उनका उपयोग उनके बैंक खातों से पैसे निकालने के लिए करते हैं। यह पीड़ित के अंगूठे के निशान को स्कैन करने के लिए बायोमेट्रिक मशीन का उपयोग करके और फिर रबर मोल्ड का उपयोग करके डुप्लिकेट फिंगरप्रिंट बनाकर किया जाता है। डुप्लिकेट फिंगरप्रिंट का उपयोग एटीएम या अन्य पॉइंट-ऑफ-सेल (पीओएस) डिवाइस पर पीड़ित की पहचान को प्रमाणित करने के लिए किया जा सकता है।

हाल के वर्षों में, भारत में थंब क्लोनिंग बैंक धोखाधड़ी के कई हाई-प्रोफाइल मामले सामने आए हैं। एक मामले में, धोखेबाजों के एक गिरोह ने रजिस्ट्री कागजात से 2,000 से अधिक लोगों की उंगलियों के निशान चुरा लिए और उनका इस्तेमाल उनके बैंक खातों से 23 लाख रुपये से अधिक निकालने के लिए किया। एक अन्य मामले में, उंगलियों के निशान की क्लोनिंग करने और 23 लोगों के खातों से 5 लाख रुपये निकालने के आरोप में चार लोगों को गिरफ्तार किया गया था।

भारत में बायोमेट्रिक्स के बढ़ते उपयोग ने धोखेबाजों के लिए अंगूठे की क्लोनिंग करके बैंक धोखाधड़ी करना आसान बना दिया है। बॉयोमीट्रिक्स, जैसे फ़िंगरप्रिंट, को पासवर्ड और अन्य पारंपरिक प्रमाणीकरण विधियों की तुलना में अधिक सुरक्षित माना जाता है। हालाँकि, यदि धोखेबाज के पास पीड़ित के फिंगरप्रिंट तक पहुंच हो तो उन्हें अधिक आसानी से क्लोन किया जा सकता है।

थंब क्लोनिंग बैंक धोखाधड़ी से खुद को बचाने के लिए क्या करें

  • किसी भी वेबसाइट या ऐप पर अपनी उंगलियों के निशान दर्ज न करना जिस पर आपको भरोसा नहीं है।
  • अपनी उंगलियों के निशान को अनधिकृत पहुंच से सुरक्षित रखना। इसमें अपनी उंगलियों के निशान को ऐसी जगह पर नहीं छोड़ना शामिल है जहां उन्हें आसानी से देखा जा सके, जैसे दस्तावेज़ों पर या सार्वजनिक स्थानों पर।
  • अपने बैंक खाते के विवरण के प्रति सतर्क रहें और किसी भी अनधिकृत लेनदेन की तुरंत अपने बैंक को रिपोर्ट करें।
  • मजबूत पासवर्ड का उपयोग करना और अपने बैंक खातों के लिए दो-कारक प्रमाणीकरण सक्षम करना।
  • यदि आपको लगता है कि आप अंगूठे की क्लोनिंग बैंक धोखाधड़ी का शिकार हो गए हैं, तो आपको तुरंत अपने बैंक और पुलिस से संपर्क करना चाहिए।
  • आप अपना आधार को जहा जरूरत न हो वह न दे , फोटो कॉपी सेंटर पर आधार की कॉपी नया छोड़े
  • दस्तावेज जमा करने वाले स्थान पर आधार की गजह ड्राइविंग लाइसेन्स या कुछ और दस्तावेज दे
  • ऐसे किसी अनजान POS सेंटर मे अपना अंगूठा न लगाए जो आपके अंगूठे का क्लोन बनाने वाले साइबर चोरों को देता हो, अंगूठा लगा के पैसा निकालने से परहेज करें |
  • ऐसे लोगों से दूर रहें जो आपको सस्ते मे सामान दे रहे हो आपका अंगूठा और आधार की कॉपी लेकर

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राम भक्तों के लिए

एक दिल, हजार अफ़साने – सुमित सरकार

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1.

उनकी गहरी नींदों में हसीन सपने होते हैं।
जिनको देखते हुए, वह बारम्बार नींदों से जगते हैं।
यह सपने, सुख-दुःख से भरे होते हैं।
जिन्हें वह अपने बच्चों की आस में जीते हैं।
हर माँ बाप अभिभावकों की यही कहानी होती है।
बस उन सपनों को वास्तविक दिखाने वाले
इस धरा कितने होते हैं।
यह विडम्बना नहीं है।
यह वास्तविक हैं।

2.
उस दिन को याद करोगी,
जिस दिन दिल से किसी ने चाहा था।
उस पल को याद करोगी,
जिस पल नयनों से नयन मिलाये थे।
उस गुफ़्तगू को याद करोगी,
जिससे वह राह शुरू हुई थी।
उस शाम को याद करोगी,
जहां रूबरू हुई थी।
उस दरम्यान को याद करोगी,
जहां उसकी अहमियत का हौसला बढ़ा था।
यह सोचते हुए अपने आपसे ज़रूर कहोगी कि
हाय तौबा, मैं यह क्या कर बैठी
कि कारवाँ भी नहीं चली उसके साथ आजतक।
जिसने अपनी धड़कने कर दी मेरी धड़कनों के साथ।
यही सोचते हुए अपने आप से सिर्फ़ यही कहोगी।
हे मेरे कृष्णा,
मैं तो सिर्फ़ तेरी ही राधा हूँ।
मैं तो सिर्फ़ तेरी ही पूजा हूँ ।
मैं तो सिर्फ़ तेरी ही समर्पण हूँ।

3.
मैं उनको कभी दग़ाबाज़ नहीं कहता।
मैं उनको कभी एहसान फ़रामोश नहीं कहता।
मैं उनको कभी चोर नहीं कहता।
मैं उनको दर्द देने वाला नहीं कहता।
मैं उस समय को नहीं कहता।
मैं उनको हमेशा अपना आचार्य कहता हूँ।
मैं उनके द्वारा दिये गए अपवादों का अनुसरण करता हूँ।
मैं स्वर्णिम भविष्य के पथ पर चलने की कोशिश यूँ करता हूँ कि
पुनः ऐसे व्यक्तित्वों से भरी मैली चादरों को नहीं ओढ़ता हूँ
जो आसपास की हवाओं मे ख़ुशबू नहीं बिखेर सकते हैं।
जो जीवन में ख़ुशी के फूल अंकुरित नहीं कर सकते हैं।

4.

न मैं ग़ालिब, न मैं गुलज़ार।
न मैं ग़ालिब को, न मैं गुलज़ार को लिखता हूँ।
बस मैं सुमित हूँ अपनी ही भाषा को लिखता हूँ।
जिसमें जीवन के हर पहलुओं को लेकर लिखता हूँ।
कुछ उसे पीठ थपथपा के प्रशंसा करते हैं।
कुछ उसे भौहें बनाकर निन्दा करते हैं।
कुछ उसे प्रासंगिक कहते हैं।
कुछ उसे असंगत कहते हैं।
कुछ जीवन की सत्यता का बोध कहते हैं।
कुछ जीवन का असत्य कहते हैं।
या तो ताना मारने का प्रसंग कहते हैं। परन्तु जो कुछ भी लिखता हूँ,
वह जीवन में गुजरे पलों की कथा लिखता हूँ ।

लेखक, सुमित कुमार कस्टम डिपार्टमेन्ट मे बड़े अधिकारी के तौर पर मुंबई मे पदस्थ हैं , लेखन के अलावा अभिनय और चित्र कला में भी निपुण हैं

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राम भक्तों के लिए

मैकलुस्कीगंज का पर्यटन के क्षेत्र में एक अलग पहचान है, पर्यटकों को ज्यादा से ज्यादा सुविधा मिले इसके लिए विभाग को  बहुत कुछ करना है : मुख्य सचिव

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खलारी, 29 जून : झारखंड के मुख्य सचिव सुखदेव सिंह ने खलारी प्रखण्ड के मैकलुस्कीगंज क्षेत्र का दौरा किया। वे मैकलुस्कीगंज के डेगाड़ेगी नदी, नकटा पहाड़, सर्व धर्म स्थल सहित कई पुराने अंग्रेज जमाने के हेरिटेज बंगलो को देखा। उन्होंने कहा कि मैकलुस्कीगंज का पर्यटन के क्षेत्र में एक अलग पहचान है। पर्यटकों को ज्यादा से ज्यादा सुविधा मिले, इसके लिए विभाग को और बहुत कुछ करना है। उन्होंने साथ आये पर्यटन विभाग के सचिव मनोज कुमार को आदेश दिया कि मैकलुस्कीगंज  में पर्यटकों का रुझान बढ़े इसके लिए एक ब्लू प्रिंट तैयार कर उन्हें दे, जिसपर त्वरित गति से इस क्षेत्र के विकास के लिए काम किया जाएगा। मुख्य सचिव व पर्यटन सचिव का स्वागत मैकलुस्कीगंज के ड्रीम डेस्टिनेशन में खलारी अंचलाधिकारी शिशुपाल आर्य ने किया। इस एक दिवसीय दौरे में मुख्य सचिव  के साथ पर्यटन  सचिव मनोज कुमार, खलारी डीएसपी अनिमेष नैथानी, इंस्पेक्टर फरीद आलम, मैकलुस्कीगंज थाना प्रभारी राणा जंग बहादुर सिंह, खलारी बीपीओ विनय कुमार गुप्ता मौजूद थे।

 

राम भक्तों के लिए

साइबर क्राइम – क्या है कूरियर घोटाला और इससे कैसे सुरक्षित रहें?

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भारत में साइबर घोटाले के मामलों में वृद्धि देखी जा रही है, लोग ऑनलाइन धोखेबाजों की योजनाओं का शिकार बन रहे हैं और लाखों पैसे खो रहे हैं। इससे भी अधिक परेशान करने वाली बात यह है कि घोटालेबाज लोगों को धोखा देने के लिए लगातार नए तरीके ईजाद कर रहे हैं। इसलिए, भले ही किसी को किसी विशेष घोटाले के बारे में पता हो, नए घोटालों का उद्भव अक्सर लोगों को भ्रमित करता है, जिससे वे इन साइबर धोखाधड़ी का शिकार हो जाते हैं। ऐसा ही एक घोटाला जो वर्तमान में बढ़ रहा है वह है कूरियर या पार्सल घोटाला।

हाल ही में, बेंगलुरु में भारतीय विज्ञान संस्थान के एक पीएचडी छात्र ने एक घोटाले के संबंध में पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के मुताबिक, खुद को FedEx कर्मचारी बताने वाले एक व्यक्ति से कॉल आने के बाद छात्र को 1,34,650 रुपये का नुकसान हुआ। कॉल करने वाले ने दावा किया कि उसे संबोधित एक पैकेज में अवैध वस्तुएं थीं और उसकी पहचान से समझौता किया गया था।

पीड़िता ने आगे बताया कि कॉल करने वाले ने पहचान सत्यापन के लिए उसे किसी ऐसे व्यक्ति से मिलाया, जिसने खुद को मुंबई नारकोटिक्स डिवीजन से होने का दावा किया था। फिर उन्होंने उसे अपने बयान देने के लिए स्काइप कॉल में शामिल होने के लिए कहा और सीबीआई और आरबीआई जैसे संस्थानों के दस्तावेज़ प्रस्तुत किए। घोटालेबाजों ने उसका बैंक स्टेटमेंट भी मांगा और उसके बैंक खातों को सत्यापित करने के लिए पैसे का अनुरोध किया।

उन्होंने खुलासा किया, “उन्होंने खुद को मुंबई नारकोटिक्स डिवीजन का अधिकारी बताया और मुझे अवैध रूप से एमडीएमए की आपूर्ति करने की धमकी दी। बेहद डरी हुई और घबराई हुई मैंने पैसे ट्रांसफर कर दिए।” रिपोर्ट के मुताबिक, पीड़ित ने घोटालेबाज के बैंक खाते में 1,34,650 रुपये ट्रांसफर किए। .

एक अन्य रिपोर्ट किए गए मामले में, मुंबई का एक आईटी पेशेवर साइबर धोखेबाजों का शिकार हो गया, जिन्होंने खुद को नारकोटिक्स विभाग के अधिकारियों के रूप में पेश किया था। इस घोटाले में महिला को 1.97 लाख रुपये का नुकसान हुआ। इसी तरह, कुछ हफ्ते पहले, दिल्ली के एक डॉक्टर को इसी तरह के घोटाले में फंसकर लगभग 4.47 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ था।

इसी तरह का एक मामला हाल ही में वित्तीय सेवा फर्म ज़ेरोधा के संस्थापक और सीईओ नितिन कामथ ने 23 जून को सोशल मीडिया पर उजागर किया था।

कूरियर घोटाला क्या है?

इस नए कूरियर घोटाले में, साइबर धोखेबाज विशेष रूप से युवा लोगों को निशाना बना रहे हैं, जिससे चिंता और परेशानी हो रही है। वे पीड़ितों से संपर्क करते हैं और उन्हें सूचित करते हैं कि उनके नाम पर कथित तौर पर ड्रग्स या अन्य अवैध सामान वाले “कूरियर पार्सल” विदेशों में भेजे जा रहे हैं।

एक बार जब पीड़ित को उनके दावों पर विश्वास हो जाता है, तो घोटालेबाज पीड़ित को स्काइप कॉल में शामिल होने के लिए कहते हैं, जहां वे खुद को नारकोटिक्स विभाग के अधिकारी बताते हैं। कॉल के दौरान, वे पीड़ित के साथ छेड़छाड़ करते हैं और उस पर दबाव डालते हैं। वे पीड़ित से अपना आधार और अन्य पहचान विवरण, साथ ही अपने बैंक खाते की जानकारी देने का अनुरोध करते हैं।

इसके अतिरिक्त, सत्यापन के बहाने, घोटालेबाज पीड़ित से पैसे ट्रांसफर करने के लिए कहते हैं और उन्हें आश्वासन देते हैं कि यह रिफंडेबल है। हालाँकि, एक बार जब पीड़ित पैसे भेज देता है, तो घोटालेबाज सभी संपर्क काट देते हैं, जिससे पीड़ितों को बिना किसी सहारे के अपना पैसा खोना पड़ता है।

कूरियर घोटाले से कैसे सुरक्षित रहें?

चाहे वह कूरियर घोटाला हो या कोई अन्य ऑनलाइन घोटाला, जागरूक रहना ही कुंजी है। ऐसे घोटालों को रोकने और सुरक्षित रहने के लिए आपको यहां 5 बातें ध्यान में रखनी चाहिए:
* कूरियर सेवाओं या कानून प्रवर्तन एजेंसियों से होने का दावा करने वाले अप्रत्याशित कॉल या संदेशों से सावधान रहें।
* आधिकारिक स्रोतों से जानकारी सत्यापित करें. यदि आपको कोई संदिग्ध संचार प्राप्त होता है, तो सीधे कूरियर कंपनी से संपर्क करके जानकारी को स्वतंत्र रूप से सत्यापित करें।
* व्यक्तिगत विवरण, जैसे कि आपका आधार नंबर, बैंक खाता जानकारी, या कोई अन्य संवेदनशील डेटा, विशेष रूप से फ़ोन पर या अपरिचित वेबसाइटों या लिंक के माध्यम से साझा न करें।
* कार्रवाई में जल्दबाजी न करें. घोटालेबाज अक्सर पीड़ितों पर जल्दबाजी में निर्णय लेने के लिए दबाव डालने के लिए तात्कालिकता और घबराहट की भावना पैदा करते हैं। कोई भी लेन-देन करने या व्यक्तिगत जानकारी साझा करने से पहले * अपना समय लें, जानकारी इकट्ठा करें और विश्वसनीय व्यक्तियों से परामर्श करें।
* यदि आपको कूरियर पार्सल या अप्रत्याशित पैकेज के संबंध में कोई कॉल या संदेश प्राप्त होता है, खासकर यदि आप इसकी उम्मीद नहीं कर रहे थे, तो संदेह के साथ संपर्क करें। कोई भी कार्रवाई करने से पहले विश्वसनीय चैनलों के माध्यम से जानकारी की वैधता सत्यापित करें।

साइबर घोटाले की रिपोर्ट कैसे करें

सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि यदि आपने किसी कूरियर घोटाले या किसी भी प्रकार की साइबर धोखाधड़ी का सामना किया है, तो अपने स्थानीय कानून प्रवर्तन अधिकारियों को इसकी रिपोर्ट करें। आप साइबर क्राइम शिकायत नंबर- 155260 / 1930 पर रिपोर्ट कर सकते हैं या फिर cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त कोई भी व्यक्ति शिकायत दर्ज कराने के लिए नजदीकी पुलिस स्टेशन जा सकता है।

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