एक लोकप्रिय बॉलीवुड गाने पर बारिश में नाचते एक बुजुर्ग जोड़े का दिल छू लेने वाला वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। वीडियो, जिसे मुंबई, भारत में फिल्माया गया था, जोड़े को संगीत पर झूमते और थिरकते हुए दिखाया गया है, वे बारिश से अपने कपड़े भीगने से बेखबर दिख रहे हैं।
जोड़े के डांस मूव्स पूरी तरह से समकालिक हैं, और वे स्पष्ट रूप से एक-दूसरे की कंपनी का आनंद लेते हैं। वीडियो को लाखों बार देखा गया है, और दर्शक इस जोड़े के प्यार और जीवटता के लिए उनकी प्रशंसा कर रहे हैं।
एक दर्शक ने टिप्पणी की, “यह बहुत सुंदर है।” “वे बहुत प्यार में हैं, और उन्हें नृत्य करना स्पष्ट रूप से पसंद है। यह देखना बहुत हृदयस्पर्शी है।”
एक अन्य दर्शक ने लिखा, “वे हम सभी के लिए प्रेरणा हैं।” “वे हमें दिखाते हैं कि जीवन का आनंद लेने और मौज-मस्ती करने में कभी देर नहीं होती।”
इस कपल के डांस की तारीफ बॉलीवुड सेलिब्रिटीज ने भी की है. अभिनेता अक्षय कुमार ने वीडियो ट्वीट करते हुए लिखा, “यह बहुत प्यारा है। मेरा दिन बना दिया।”
अभिनेत्री प्रियंका चोपड़ा जोनास ने भी वीडियो साझा करते हुए लिखा, “यह बहुत प्यारा है। मुझे उम्रदराज़ जोड़ों को अभी भी इतना प्यार करते हुए देखना अच्छा लगता है।”
बड़े कारोबारी आनंद महिंद्रा ने भी इनकी काफी तारीफ की और इनके वीडियो को ट्विटर पर शेयर किया है
जोड़े की पहचान उजागर नहीं की गई है, लेकिन माना जाता है कि उनकी उम्र 70 के आसपास होगी। कथित तौर पर उनकी शादी को 50 साल से अधिक हो गए हैं, और वे अभी भी बहुत प्यार में हैं।
उनके डांस के वीडियो ने दुनिया भर के लाखों लोगों का दिल जीत लिया है. यह एक अनुस्मारक है कि प्यार की कोई उम्र नहीं होती, और यह सबसे अप्रत्याशित स्थानों में पाया जा सकता है।
एक स्थानीय समाचार चैनल के साथ एक साक्षात्कार में, जोड़े ने कहा कि वे अपने वीडियो को मिल रहे ध्यान से आश्चर्यचकित थे। उन्होंने कहा कि वे बस एक साथ बरसात के दिन का आनंद ले रहे थे, और उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि उनका नृत्य वायरल हो जाएगा।
दंपति ने कहा कि वे दुनिया भर के लोगों से मिले प्यार और समर्थन के लिए आभारी हैं। उन्होंने कहा कि उनका नृत्य आशा और प्रेम का संदेश है और उन्हें उम्मीद है कि यह दूसरों को अपने दिल की बात मानने के लिए प्रेरित करेगा।
बारिश में नाचते बुजुर्ग जोड़े का वीडियो याद दिलाता है कि प्यार एक शक्तिशाली शक्ति है जो किसी भी बाधा को पार कर सकती है। यह दो लोगों की एक खूबसूरत कहानी है जो 50 से अधिक वर्षों से एक साथ हैं, और जो अब भी एक-दूसरे से उतना ही प्यार करते हैं जितना वे उस दिन करते थे जब वे मिले थे।
गिरिडीह : नगर निगम क्षेत्र के बरगंडा स्थित पुराने पुल के समीप गूगल मैप के सहारे रास्ता खोज रहे तीन युवक उसरी नदी के तेज बहाव में बह गये हैं। तीन में से एक युवक तैर कर बाहर निकल आया और दो का शव दोपहर बाद गोताखोरो ने दो नदी घाटों से बरामद किया है. घटना रविवार देर रात की हैा बताया गया कि हजारीबाग जिले के तीन युवक आनंद चौरसिया, मनीष मेहता और शंकर कुमार मेहता बेंगाबाद से वापस अपने घर हजारीबाग लौट रहे थे। तीनों बाइक पर सवार थे और गूगल मैप (google map) का सहारा लेकर चल रहे थे। गिरिडीह कॉलेज के बाद मैप ने दो रास्ते दिखाये तो ये लोग पुराने पुल की तरफ आ गये, जिसका निर्माण कार्य चल रहा है। यहां आकर तीनों को रास्ता नहीं दिखा। इस दौरान शंकर ने बाइक से उतर कर नदी की धार को मापने की कोशिश करने लगा. इसी क्रम में वह बह गया। शंकर को बहता देख उसके दोनों साथी आनंद और मनीष भी नदी में उतर गये। दोनों शंकर को खोजने लगे लेकिन तेज धार में ये दोनों भी बहने लगे। इस बीच शंकर तैर कर बाहर निकल गया, लेकिन मनीष तथा आनंद का कुछ भी पता नहीं चल सका है। दोपहर बाद अरगाघाट नदी से आनन्द कुमार का शव एवं मैट्रोस घाट से मनीष कुमार का शव बरामद किया गया। इधर घटना के बाद सोमवार को स्थानीय प्रशासन ने बांस से बने अस्थायी पुल को वेरिकेटिंग कर आवागमन बंद कर दिया है.
बोकारो थर्मल – बोकारो थर्मल के रहने वाले मैकेनिक मोहमद रफी अली उस समय सदमे मे हो गए जब वो महीनों बाद अपना खाता अपडेट करना SBI बैंक पहुचे और उनको पता चल की उनके खाते से 2 लाख 65 हजार रुपया छोटे छोटे किस्तों मे साइबर चोरों ने देश के अलग अलग हिस्से की POS सेंटर से निकाल दिया है मामले की रिपोर्ट उन्होंने लोकल थान और बोकारो स्टील सिटी के साइबर थाने मे रिपोर्ट किया है FIR No – SDEN – 16/23 – 27/05/23 , मामले को बीते हुए महीने भर से ज्यादा हो गया है पर अभी तक चोरों का कुछ पता नहीं चल है , इसपर बात करते हुए ठगी के शिकार रफी ने कहा साहब हम बहुत गरीब लोग है बड़ी मुस्किल से एक एक पैसा जोड़ के रखे थे अब अब पैसे की जरूरत है तो पैसा साइबर चोरों ने साफ कर दिया है महीने भर से हम थाने का चक्कर काट रहे हैं पर बाबू लोग आज कल कर रहे हैं,
Thumb क्लोनिंग क्या है और साइबर चोर कैसे करते है thumb क्लोनिंग से फ्रॉड
मामले पर साइबर एक्सपर्ट अशोक कुमार से बात हुई जिन्होंने बताया की आजकल ये फ्रॉड काफी मात्रा मे हो रहा है और ये नए किस्म का साइबर फ्रॉड है, साइबर अपराधी अंगूठे की क्लोनिंग उंगलियों के निशान चुरा लेते हैं और उनका उपयोग उनके बैंक खातों से पैसे निकालने के लिए करते हैं। यह पीड़ित के अंगूठे के निशान को स्कैन करने के लिए बायोमेट्रिक मशीन का उपयोग करके और फिर रबर मोल्ड का उपयोग करके डुप्लिकेट फिंगरप्रिंट बनाकर किया जाता है। डुप्लिकेट फिंगरप्रिंट का उपयोग एटीएम या अन्य पॉइंट-ऑफ-सेल (पीओएस) डिवाइस पर पीड़ित की पहचान को प्रमाणित करने के लिए किया जा सकता है।
हाल के वर्षों में, भारत में थंब क्लोनिंग बैंक धोखाधड़ी के कई हाई-प्रोफाइल मामले सामने आए हैं। एक मामले में, धोखेबाजों के एक गिरोह ने रजिस्ट्री कागजात से 2,000 से अधिक लोगों की उंगलियों के निशान चुरा लिए और उनका इस्तेमाल उनके बैंक खातों से 23 लाख रुपये से अधिक निकालने के लिए किया। एक अन्य मामले में, उंगलियों के निशान की क्लोनिंग करने और 23 लोगों के खातों से 5 लाख रुपये निकालने के आरोप में चार लोगों को गिरफ्तार किया गया था।
भारत में बायोमेट्रिक्स के बढ़ते उपयोग ने धोखेबाजों के लिए अंगूठे की क्लोनिंग करके बैंक धोखाधड़ी करना आसान बना दिया है। बॉयोमीट्रिक्स, जैसे फ़िंगरप्रिंट, को पासवर्ड और अन्य पारंपरिक प्रमाणीकरण विधियों की तुलना में अधिक सुरक्षित माना जाता है। हालाँकि, यदि धोखेबाज के पास पीड़ित के फिंगरप्रिंट तक पहुंच हो तो उन्हें अधिक आसानी से क्लोन किया जा सकता है।
थंब क्लोनिंग बैंक धोखाधड़ी से खुद को बचाने के लिए क्या करें
किसी भी वेबसाइट या ऐप पर अपनी उंगलियों के निशान दर्ज न करना जिस पर आपको भरोसा नहीं है।
अपनी उंगलियों के निशान को अनधिकृत पहुंच से सुरक्षित रखना। इसमें अपनी उंगलियों के निशान को ऐसी जगह पर नहीं छोड़ना शामिल है जहां उन्हें आसानी से देखा जा सके, जैसे दस्तावेज़ों पर या सार्वजनिक स्थानों पर।
अपने बैंक खाते के विवरण के प्रति सतर्क रहें और किसी भी अनधिकृत लेनदेन की तुरंत अपने बैंक को रिपोर्ट करें।
मजबूत पासवर्ड का उपयोग करना और अपने बैंक खातों के लिए दो-कारक प्रमाणीकरण सक्षम करना।
यदि आपको लगता है कि आप अंगूठे की क्लोनिंग बैंक धोखाधड़ी का शिकार हो गए हैं, तो आपको तुरंत अपने बैंक और पुलिस से संपर्क करना चाहिए।
आप अपना आधार को जहा जरूरत न हो वह न दे , फोटो कॉपी सेंटर पर आधार की कॉपी नया छोड़े
दस्तावेज जमा करने वाले स्थान पर आधार की गजह ड्राइविंग लाइसेन्स या कुछ और दस्तावेज दे
ऐसे किसी अनजान POS सेंटर मे अपना अंगूठा न लगाए जो आपके अंगूठे का क्लोन बनाने वाले साइबर चोरों को देता हो, अंगूठा लगा के पैसा निकालने से परहेज करें |
ऐसे लोगों से दूर रहें जो आपको सस्ते मे सामान दे रहे हो आपका अंगूठा और आधार की कॉपी लेकर
उनकी गहरी नींदों में हसीन सपने होते हैं। जिनको देखते हुए, वह बारम्बार नींदों से जगते हैं। यह सपने, सुख-दुःख से भरे होते हैं। जिन्हें वह अपने बच्चों की आस में जीते हैं। हर माँ बाप अभिभावकों की यही कहानी होती है। बस उन सपनों को वास्तविक दिखाने वाले इस धरा कितने होते हैं। यह विडम्बना नहीं है। यह वास्तविक हैं।
2. उस दिन को याद करोगी, जिस दिन दिल से किसी ने चाहा था। उस पल को याद करोगी, जिस पल नयनों से नयन मिलाये थे। उस गुफ़्तगू को याद करोगी, जिससे वह राह शुरू हुई थी। उस शाम को याद करोगी, जहां रूबरू हुई थी। उस दरम्यान को याद करोगी, जहां उसकी अहमियत का हौसला बढ़ा था। यह सोचते हुए अपने आपसे ज़रूर कहोगी कि हाय तौबा, मैं यह क्या कर बैठी कि कारवाँ भी नहीं चली उसके साथ आजतक। जिसने अपनी धड़कने कर दी मेरी धड़कनों के साथ। यही सोचते हुए अपने आप से सिर्फ़ यही कहोगी। हे मेरे कृष्णा, मैं तो सिर्फ़ तेरी ही राधा हूँ। मैं तो सिर्फ़ तेरी ही पूजा हूँ । मैं तो सिर्फ़ तेरी ही समर्पण हूँ।
3. मैं उनको कभी दग़ाबाज़ नहीं कहता। मैं उनको कभी एहसान फ़रामोश नहीं कहता। मैं उनको कभी चोर नहीं कहता। मैं उनको दर्द देने वाला नहीं कहता। मैं उस समय को नहीं कहता। मैं उनको हमेशा अपना आचार्य कहता हूँ। मैं उनके द्वारा दिये गए अपवादों का अनुसरण करता हूँ। मैं स्वर्णिम भविष्य के पथ पर चलने की कोशिश यूँ करता हूँ कि पुनः ऐसे व्यक्तित्वों से भरी मैली चादरों को नहीं ओढ़ता हूँ जो आसपास की हवाओं मे ख़ुशबू नहीं बिखेर सकते हैं। जो जीवन में ख़ुशी के फूल अंकुरित नहीं कर सकते हैं।
4.
न मैं ग़ालिब, न मैं गुलज़ार। न मैं ग़ालिब को, न मैं गुलज़ार को लिखता हूँ। बस मैं सुमित हूँ अपनी ही भाषा को लिखता हूँ। जिसमें जीवन के हर पहलुओं को लेकर लिखता हूँ। कुछ उसे पीठ थपथपा के प्रशंसा करते हैं। कुछ उसे भौहें बनाकर निन्दा करते हैं। कुछ उसे प्रासंगिक कहते हैं। कुछ उसे असंगत कहते हैं। कुछ जीवन की सत्यता का बोध कहते हैं। कुछ जीवन का असत्य कहते हैं। या तो ताना मारने का प्रसंग कहते हैं। परन्तु जो कुछ भी लिखता हूँ, वह जीवन में गुजरे पलों की कथा लिखता हूँ ।
लेखक, सुमित कुमार कस्टम डिपार्टमेन्ट मे बड़े अधिकारी के तौर पर मुंबई मे पदस्थ हैं , लेखन के अलावा अभिनय और चित्र कला में भी निपुण हैं
खलारी, 29 जून : झारखंड के मुख्य सचिव सुखदेव सिंह ने खलारी प्रखण्ड के मैकलुस्कीगंज क्षेत्र का दौरा किया। वे मैकलुस्कीगंज के डेगाड़ेगी नदी, नकटा पहाड़, सर्व धर्म स्थल सहित कई पुराने अंग्रेज जमाने के हेरिटेज बंगलो को देखा। उन्होंने कहा कि मैकलुस्कीगंज का पर्यटन के क्षेत्र में एक अलग पहचान है। पर्यटकों को ज्यादा से ज्यादा सुविधा मिले, इसके लिए विभाग को और बहुत कुछ करना है। उन्होंने साथ आये पर्यटन विभाग के सचिव मनोज कुमार को आदेश दिया कि मैकलुस्कीगंज में पर्यटकों का रुझान बढ़े इसके लिए एक ब्लू प्रिंट तैयार कर उन्हें दे, जिसपर त्वरित गति से इस क्षेत्र के विकास के लिए काम किया जाएगा। मुख्य सचिव व पर्यटन सचिव का स्वागत मैकलुस्कीगंज के ड्रीम डेस्टिनेशन में खलारी अंचलाधिकारी शिशुपाल आर्य ने किया। इस एक दिवसीय दौरे में मुख्य सचिव के साथ पर्यटन सचिव मनोज कुमार, खलारी डीएसपी अनिमेष नैथानी, इंस्पेक्टर फरीद आलम, मैकलुस्कीगंज थाना प्रभारी राणा जंग बहादुर सिंह, खलारी बीपीओ विनय कुमार गुप्ता मौजूद थे।
भारत में साइबर घोटाले के मामलों में वृद्धि देखी जा रही है, लोग ऑनलाइन धोखेबाजों की योजनाओं का शिकार बन रहे हैं और लाखों पैसे खो रहे हैं। इससे भी अधिक परेशान करने वाली बात यह है कि घोटालेबाज लोगों को धोखा देने के लिए लगातार नए तरीके ईजाद कर रहे हैं। इसलिए, भले ही किसी को किसी विशेष घोटाले के बारे में पता हो, नए घोटालों का उद्भव अक्सर लोगों को भ्रमित करता है, जिससे वे इन साइबर धोखाधड़ी का शिकार हो जाते हैं। ऐसा ही एक घोटाला जो वर्तमान में बढ़ रहा है वह है कूरियर या पार्सल घोटाला।
हाल ही में, बेंगलुरु में भारतीय विज्ञान संस्थान के एक पीएचडी छात्र ने एक घोटाले के संबंध में पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के मुताबिक, खुद को FedEx कर्मचारी बताने वाले एक व्यक्ति से कॉल आने के बाद छात्र को 1,34,650 रुपये का नुकसान हुआ। कॉल करने वाले ने दावा किया कि उसे संबोधित एक पैकेज में अवैध वस्तुएं थीं और उसकी पहचान से समझौता किया गया था।
पीड़िता ने आगे बताया कि कॉल करने वाले ने पहचान सत्यापन के लिए उसे किसी ऐसे व्यक्ति से मिलाया, जिसने खुद को मुंबई नारकोटिक्स डिवीजन से होने का दावा किया था। फिर उन्होंने उसे अपने बयान देने के लिए स्काइप कॉल में शामिल होने के लिए कहा और सीबीआई और आरबीआई जैसे संस्थानों के दस्तावेज़ प्रस्तुत किए। घोटालेबाजों ने उसका बैंक स्टेटमेंट भी मांगा और उसके बैंक खातों को सत्यापित करने के लिए पैसे का अनुरोध किया।
उन्होंने खुलासा किया, “उन्होंने खुद को मुंबई नारकोटिक्स डिवीजन का अधिकारी बताया और मुझे अवैध रूप से एमडीएमए की आपूर्ति करने की धमकी दी। बेहद डरी हुई और घबराई हुई मैंने पैसे ट्रांसफर कर दिए।” रिपोर्ट के मुताबिक, पीड़ित ने घोटालेबाज के बैंक खाते में 1,34,650 रुपये ट्रांसफर किए। .
एक अन्य रिपोर्ट किए गए मामले में, मुंबई का एक आईटी पेशेवर साइबर धोखेबाजों का शिकार हो गया, जिन्होंने खुद को नारकोटिक्स विभाग के अधिकारियों के रूप में पेश किया था। इस घोटाले में महिला को 1.97 लाख रुपये का नुकसान हुआ। इसी तरह, कुछ हफ्ते पहले, दिल्ली के एक डॉक्टर को इसी तरह के घोटाले में फंसकर लगभग 4.47 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ था।
इसी तरह का एक मामला हाल ही में वित्तीय सेवा फर्म ज़ेरोधा के संस्थापक और सीईओ नितिन कामथ ने 23 जून को सोशल मीडिया पर उजागर किया था।
कूरियर घोटाला क्या है?
इस नए कूरियर घोटाले में, साइबर धोखेबाज विशेष रूप से युवा लोगों को निशाना बना रहे हैं, जिससे चिंता और परेशानी हो रही है। वे पीड़ितों से संपर्क करते हैं और उन्हें सूचित करते हैं कि उनके नाम पर कथित तौर पर ड्रग्स या अन्य अवैध सामान वाले “कूरियर पार्सल” विदेशों में भेजे जा रहे हैं।
एक बार जब पीड़ित को उनके दावों पर विश्वास हो जाता है, तो घोटालेबाज पीड़ित को स्काइप कॉल में शामिल होने के लिए कहते हैं, जहां वे खुद को नारकोटिक्स विभाग के अधिकारी बताते हैं। कॉल के दौरान, वे पीड़ित के साथ छेड़छाड़ करते हैं और उस पर दबाव डालते हैं। वे पीड़ित से अपना आधार और अन्य पहचान विवरण, साथ ही अपने बैंक खाते की जानकारी देने का अनुरोध करते हैं।
इसके अतिरिक्त, सत्यापन के बहाने, घोटालेबाज पीड़ित से पैसे ट्रांसफर करने के लिए कहते हैं और उन्हें आश्वासन देते हैं कि यह रिफंडेबल है। हालाँकि, एक बार जब पीड़ित पैसे भेज देता है, तो घोटालेबाज सभी संपर्क काट देते हैं, जिससे पीड़ितों को बिना किसी सहारे के अपना पैसा खोना पड़ता है।
कूरियर घोटाले से कैसे सुरक्षित रहें?
चाहे वह कूरियर घोटाला हो या कोई अन्य ऑनलाइन घोटाला, जागरूक रहना ही कुंजी है। ऐसे घोटालों को रोकने और सुरक्षित रहने के लिए आपको यहां 5 बातें ध्यान में रखनी चाहिए: * कूरियर सेवाओं या कानून प्रवर्तन एजेंसियों से होने का दावा करने वाले अप्रत्याशित कॉल या संदेशों से सावधान रहें। * आधिकारिक स्रोतों से जानकारी सत्यापित करें. यदि आपको कोई संदिग्ध संचार प्राप्त होता है, तो सीधे कूरियर कंपनी से संपर्क करके जानकारी को स्वतंत्र रूप से सत्यापित करें। * व्यक्तिगत विवरण, जैसे कि आपका आधार नंबर, बैंक खाता जानकारी, या कोई अन्य संवेदनशील डेटा, विशेष रूप से फ़ोन पर या अपरिचित वेबसाइटों या लिंक के माध्यम से साझा न करें। * कार्रवाई में जल्दबाजी न करें. घोटालेबाज अक्सर पीड़ितों पर जल्दबाजी में निर्णय लेने के लिए दबाव डालने के लिए तात्कालिकता और घबराहट की भावना पैदा करते हैं। कोई भी लेन-देन करने या व्यक्तिगत जानकारी साझा करने से पहले * अपना समय लें, जानकारी इकट्ठा करें और विश्वसनीय व्यक्तियों से परामर्श करें। * यदि आपको कूरियर पार्सल या अप्रत्याशित पैकेज के संबंध में कोई कॉल या संदेश प्राप्त होता है, खासकर यदि आप इसकी उम्मीद नहीं कर रहे थे, तो संदेह के साथ संपर्क करें। कोई भी कार्रवाई करने से पहले विश्वसनीय चैनलों के माध्यम से जानकारी की वैधता सत्यापित करें।
साइबर घोटाले की रिपोर्ट कैसे करें
सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि यदि आपने किसी कूरियर घोटाले या किसी भी प्रकार की साइबर धोखाधड़ी का सामना किया है, तो अपने स्थानीय कानून प्रवर्तन अधिकारियों को इसकी रिपोर्ट करें। आप साइबर क्राइम शिकायत नंबर- 155260 / 1930 पर रिपोर्ट कर सकते हैं या फिर cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त कोई भी व्यक्ति शिकायत दर्ज कराने के लिए नजदीकी पुलिस स्टेशन जा सकता है।
Ranchi – WhatsApp के एक नए स्कैम ने लोगों को चिंता में डाल दिया है. स्कैमर्स अब एक फर्जी संदेश फैलाकर निर्दोष उपयोगकर्ताओं तक पहुंच हासिल करने की कोशिश कर रहे हैं जो रोमांचक नई सुविधाओं के साथ ऐप के नए गुलाबी संस्करण का वादा करता है। हालाँकि, यह संदेश एक घोटाला है, और संदेश में दिए गए लिंक पर क्लिक करने से आपका डिवाइस हैक हो सकता है। विशेष रूप से, व्हाट्सएप को केवल Google Play Store और App Store जैसे वैध स्रोतों से ही डाउनलोड किया जाना चाहिए मुंबई पुलिस ने पिंक व्हाट्सएप घोटाले के बारे में चेतावनी जारी की है, और उन्होंने खुद को सुरक्षित रखने के बारे में कुछ सुझाव दिए हैं: –अज्ञात स्रोतों से आए लिंक पर क्लिक न करें। यदि आपको किसी ऐसे व्यक्ति से संदेश प्राप्त होता है जिसे आप नहीं जानते हैं जिसमें कोई लिंक है, तो उस पर क्लिक न करें। भले ही ऐसा प्रतीत हो कि संदेश आपके किसी जानने वाले का है, फिर भी किसी भी लिंक पर क्लिक करने से पहले सावधान रहें।
केवल आधिकारिक स्रोतों से ही ऐप्स इंस्टॉल करें। आपको केवल आधिकारिक Google Play Store या Apple App Store से ही ऐप्स इंस्टॉल करना चाहिए। यदि आप किसी अनौपचारिक स्रोत से कोई ऐप डाउनलोड करते हैं, तो जोखिम है कि उसमें मैलवेयर हो सकता है। –सावधान रहें कि आप ऑनलाइन कौन सी जानकारी साझा करते हैं। अपनी व्यक्तिगत या वित्तीय जानकारी, जैसे कि अपने लॉगिन क्रेडेंशियल, पासवर्ड या क्रेडिट कार्ड विवरण, ऑनलाइन साझा न करें। इस जानकारी का उपयोग घोटालेबाज आपकी पहचान चुराने या धोखाधड़ी करने के लिए कर सकते हैं।
मैलवेयर के लिए अपने डिवाइस को स्कैन करें. कई एंटीवायरस और एंटी-मैलवेयर प्रोग्राम उपलब्ध हैं। आप अपने डिवाइस को मैलवेयर के लिए स्कैन करने के लिए इनमें से किसी एक प्रोग्राम का उपयोग कर सकते हैं। –अपना पासवर्ड बदलें. यदि आपने किसी छेड़छाड़ किए गए डिवाइस पर अपना लॉगिन क्रेडेंशियल दर्ज किया है, तो आपको अपने सभी ऑनलाइन खातों के लिए अपने पासवर्ड बदल देना चाहिए। –घोटाले की रिपोर्ट पुलिस को दें। यदि आपके साथ धोखाधड़ी हुई है, तो आपको घोटाले की रिपोर्ट पुलिस को देनी चाहिए। इन युक्तियों का पालन करके, आप खुद को पिंक व्हाट्सएप घोटाले से बचाने में मदद कर सकते हैं। ऐसे घोटालेबाजों से सावधान रहें जो लोगों को बेवकूफ बनाने के लिए हमेशा नई तरकीबें लेकर आते रहते हैं। ऑनलाइन सुरक्षा के बारे में समाचार लेख और ब्लॉग पोस्ट पढ़कर नवीनतम घोटालों के बारे में सूचित रहें। यदि कोई प्रस्ताव इतना अच्छा लगता है कि उसका सच्चा होना संभव नहीं है, तो संभवतः वह वैसा ही है। अपनी व्यक्तिगत जानकारी या पैसा देने से पहले प्रश्न पूछने में संकोच न करें। अपने अंतर्मन पर भरोसा रखें—अगर कुछ गलत लगता है, तो संभवत: वह गलत है। यदि कोई स्थिति आपको असहज करती है तो उससे दूर जाने से न डरें। इन टिप्स को फॉलो करके आप खुद को ऑनलाइन घोटालों से बचा सकते हैं।
खलारी, 25 जून : खलारी थाना क्षेत्र के महावीर नगर स्थित पीएलएफआई संगठन के कृष्ण यादव उर्फ सुलतान जी के घर पर रविवार को खलारी पुलिस ने इस्तेहार चिपकाया। पीएलएफआई संगठन का चर्चित नक्सली कृष्ण यादव उर्फ सुलतान जी खलारी थाना क्षेत्र के राय कोलयरी साइडिंग में कृष्णा यादव व मोहन यादव के द्वारा गोली चलाने व लेवी की मांग किये जाने के आरोप में वांक्षित है। अपराधी कृष्णा यादव उर्फ सुलतान जी, पिता स्व रामजी यादव पर अनुमंडलीय न्यायिक दंडाधिकारी शिविल कोर्ट राँची के द्वारा सरेंडर नहीं करने पर गिरफ्तारी वारंट जारी करने के बाद इस्तेहार जारी किया गया है जिसे तामिला करते हुए महावीर नगर स्थित उसके घर पर खलारी पुलिस द्वारा ढोल बजाकर इस्तेहार चिपकाया गया। कृष्णा यादव पर खलारी थाना कांड संख्या 47/2019 धारा 147, 148, 353, 149, व 27 आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज है।जिसे लेकर खलारी पुलिस ने शिविल कोर्ट के जारी आदेश का पालन करते हुऐ बताया कि जल्द ही सरेंडर करें नहीं तो खलारी में बने आवास पर कुर्की किया जायेगा। इस दौरान एसआई बाजो रजक,एसआई संदीप कुमार एवं पुलिस जवान मौके पर मौजूद थे।
बरकट्ठा:-(हजारीबाग)प्रखंड क्षेत्र के पंचायत बेलकप्पी अंतगर्त राजकीय बुनियादी विधालय बेलकप्पी कि भूमि का सीमांकन कर चाहरदीवारी निर्माण कार्य कराने को लेकर आम ग्रामीण जनता के द्वारा एक बैठक बेलकप्पी शिवमंदिर प्रांगण में आहूत किया गया।जिस बैठक की अध्यक्षता स्थानीय जिप सदस्य प्रतिनिधि चंद्रकांत पाण्डेय के द्वारा किया गया जबकि संचालन समाजसेवी नंदकिशोर ठाकुर के द्वारा किया गया।जिस बैठक में सर्वसम्मति से उपस्थित आम ग्रामीण जनता के द्वारा निर्णय लिया गया कि विधालय भूमि का मापी करवाया जाय व अतिक्रमित भूमि का सीमांकन किया जाय तत्पश्चात जबतक विधालय भूमि का मापी एवं सीमांकन नहीं किया जाता है तबतक विधालय भूमि का चाहरदीवारी निर्माण कार्य स्थगित करवाने का निर्णय सर्वसम्मति से लिया गया।एवं ग्रामीणों के द्वारा यह भी निर्णय लिया गया कि बेलकप्पी आम रास्ता से श्मशानघाट बेलकप्पी तक आम रास्ता निकाल कर चाहरदीवारी निर्माण कार्य करवाने कि आमजनों में सहमति बनीं।बैठक में मुख्य रूप से देवेन्द्र पाण्डेय,रामजी पाण्डेय,जीतन पाण्डेय,बासुदेव पाण्डेय,जयनंदन पाण्डेय,तेजनारायण पाण्डेय, नंदलाल तिवारी,सुशील पाण्डेय,ललितेश्वर पाण्डेय,सुरेन्द्र पाण्डेय,प्रधानाध्यापक आलोक कुमार तिवारी,विधालय प्रबंधन समिति अध्यक्ष संतोष कुमार पाण्डेय,बिशुन नायक,हुलास नायक,मुकेश कुमार तिवारी,प्रमोद पाण्डेय,अनुज कुमार पाण्डेय,अर्जुन राम,दशरथ राम,सुरेश कुमार पाण्डेय,जितेंद्र पासवान, दिनेश पासवान,राहुल रवानी, कृष्णा नायक,आकाश पासवान,श्याम प्रसाद वर्णवाल,रिंकू माली,रवि गोस्वामी,आशिष पाण्डेय,गौतम रवानी,सुनील कुमार साव,मुकेश मोदी,राजू राम,भोला नायक,सोनू पाण्डेय,सुनील राणा,मुकेश कुमार,अभय पाण्डेय,राकेश कुमार पाण्डेय,प्रीतम राणा,नरेश साव,सुरेंद्र तिवारी,कौशल पाण्डेय,शिवशंकर यादव,बिरेन्द्र राम,शेषनाथ सिंह,अजीत कुमार पाण्डेय,विक्रांत पाण्डेय,कुलदीप पाण्डेय, ब्रह्मदेव पाण्डेय,सुधाकांत पाण्डेय,कृष्णदेव पाण्डेय,आदित्य पाण्डेय,रामाअवतार पाण्डेय के अलावे सैकड़ों लोग उपस्थित थे।
बरकट्ठा प्रखंड क्षेत्र में आज तीन जगहों पर चेचकपी पंचायत, बेलकपी पंचायत और तुईयो पंचायत में जल जीवन मिशन अंतर्गत सोलर आधारित एकल ग्रामीण जलापूर्ति योजना का शिलान्यास किया। जल जीवन मिशन आम आवामो के लिए पेयजल के रूप में वरदान साबित होगा एवं प्रत्येक घर को शुद्ध जल उपलब्ध कराने हेतु संकल्पित है। हमारा लक्ष्य है की समस्त विधानसभा क्षेत्र के हजार परिवारों को शुद्ध पानी मिले। इसी के तहत लगातार कार्य किया जा रहा है।
इस मौके पर साथ में प्रमुख रेणु देवी जी, उप प्रमुख सुरजी देवी जी, भाजपा मंडल अध्यक्ष टुकलाल नायक जी, भोला प्रसाद जी, रीतलाल प्रसाद जी, अनिल कुमार आजाद जी, रवि पासवान जी, पूर्व मुखिया सरजू यादव जी, मुखिया प्रतिनिधि धीरन पांडेय जी, पंचायत समिति संजय साव जी, हीरालाल प्रसाद जी समेत पत्रकार साथीगण एवं भारी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे। News – Vijay Chaudhary