20.1 C
Ranchi
Friday, November 6, 2026
Advertisement
Home Blog Page 764

गिरिडीह में मना राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस: कस्तूरबा गांधी बालिका स्कूल में CS ने कृमि नियंत्रण की दवाई खिलाई

0

गिरिडीह : कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय में गुरुवार को सिविल सर्जन व अन्य अतिथियों ने राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस का उद्घाटन किया गया। इस दौरान 1-19 वर्ष के सभी बच्चों को अल्बेंडाजोल की दवा खिलाई गई। मौके पर उपस्थित सिविल सर्जन ने कहा कि स्कूलों और आंगनबाड़ी केन्द्रों पर 1-19 वर्ष के सभी बच्चों को कृमि नियंत्रण की दवाई खिलाई जा रही है।

CS ने सभी से सहयोग की अपील की

उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए सभी को सहयोग की अपील की है। अधिक से अधिक बच्चों को दवा को सेवन कराया जाए। उन्होंने कहा कि बच्चों की आंतों में परजीवी होने के कारण वह उनके खराब शारीरिक और मानसिक विकास, एनीमिया और कुपोषण की स्थिति को पैदा करते हैं जो उन्हें लंबे समय की परेशानियों से ग्रसित कर सकता है। जिसकी रोकथाम और निपटारे के लिए कृमि मुक्ति दिवस मनाया जाता है।

25 अप्रैल को कृमि मुक्ति दिवस पर दवा खिलाई जायेगी

सिविल सर्जन ने कहा कि स्कूल न जाने वाले बच्चों को आंगनबाड़ी कार्यकर्ता द्वारा आंगनबाड़ी केन्द्रों में दवाई खिलाई जाएगी। जो बच्चे राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस पर किसी कारण से दवा नहीं खा पाते हैं, उन्हें 25 अप्रैल कृमि मुक्ति दिवस को दवाई खिलाई जायेगी। ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि कोई बच्चा छूट न जाए। एल्बेंडाजोल देने के साथ-साथ साफ-सफाई, शौचालयों के उपयोग, जूते/चप्पल पहनने, हाथ धोने आदि के संदर्भ में व्यवहार में बदलाव भी पुन: संक्रमण की घटनाओं को कम करने के लिए महत्वपूर्ण है। मौके पर सिविल सर्जन, जिला शिक्षा अधीक्षक, डीआरसीएचओ, डीपीएम, एनएचएम, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी व कर्मी उपस्थित थे।  

राम भक्तों के लिए

गिरिडीह डीसी ने तिसरी प्रखंड-सह-अंचल कार्यालय का निरीक्षण किया,अधिकारियों को दिये कई निर्देश

0

गिरिडीह:  जिले के उपायुक्त नमन प्रियेश लकड़ा ने गुरुवार को तिसरी प्रखंड-सह-अंचल कार्यालय का निरीक्षण किया। डीसी ने प्रखंड और अंचल कार्यालय में किए जानेवाले कार्यों की जांच की और पदाधिकारियों-कर्मचारियों को कई आवश्यक दिशा-निर्देश दिये। निरीक्षण के दौरान डीसी ने अलग-अलग विभागों को भंडार पंजी, प्राप्त पत्रों की पंजी, निर्गत पंजी, जन आवेदन पत्रों की पंजी, रोकड़ पंजी, लॉग बुक, अग्रिम पंजी, भू-लगान पंजी, दाखिल खारिज, अंकेक्षण पंजी, नीलाम पत्र वाद, प्रधान सहायक का हैंड नोट बुक व भूमि हस्तांतरण, अतिक्रमण, अवैध जमाबंदी, म्यूटेशन, आगत-निर्गत पंजी, नीलाम पत्रवाद, लगान रसीद, मनरेगा व अन्य विकास योजनाओं का निरीक्षण किया।

डीसी ने म्यूटेशन के लम्बित मामले को जल्द पूरा करने का दिया निर्देश

निरीक्षण के क्रम में डीसी ने मॉडल विद्यालय तिसरी का अवलोकन कर वहां संचालित स्मार्ट क्लास के तहत एलईडी टीवी, पठन-पाठन व अन्य सामग्रियों की जानकारी ली तथा अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिया। दहुआताड़ व खिखुरी पंचायत में कुसुम योजना के तहत संचालित सोलर प्लेट तथा लगाए गए आम बागवानी में इंटर क्रॉपिंग का जायजा लिया। इसके अलावा उन्होंने अंचल में म्यूटेशन के लम्बित मामले को जल्द से जल्द पूरा करने का निर्देश संबंधित अंचलाधिकारी को दिया। डीसी ने प्रखंड विकास पदाधिकारी एवं अंचलाधिकारी से विकास योजनाओं की प्रगति की जानकारी ली तथा आवश्यक दिशा-निर्देश दिया।

डीसी ने जनता दरबार लगाकर आमजनों की शिकायतें भी सुनीं

प्रखंड सह अंचल कार्यालय तिसरी के निरीक्षण के दौरान डीसी ने पदाधिकारियों-कर्मियों की उपस्थिति पंजी की भी जांच की। उपस्थिति पंजी की जांच करते हुए डीसी ने सभी को स-समय कार्यालय आकर कार्य निष्पादन का निर्देश दिया। मौके पर कई लोगों ने अपनी शिकायतें डीसी के समक्ष रखी। लोगों की शिकायतों को गंभीरतापूर्वक सुनते हुए डीसी ने संबंधित पदाधिकारियों को निष्पादन के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। डीसी ने वहां जनता दरबार लगाकर आमजनों की शिकायतों को सुना तथा त्वरित समाधान को लेकर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिया।

राम भक्तों के लिए

मधुकम के जतरा टांड में स्व. कोड़े तिर्की की प्रतिमा की स्थापना का लिया गया निर्णय,बंधु तिर्की ने उनके योगदान की सराहना की

0

रांची : राजधानी के मधुकम स्थित जतरा टांड में गुरुवार को एक महत्वपूर्ण बैठक हुई, जिसमें स्व. कोड़े तिर्की स्मारक समिति का गठन किया गया. बैठक में अपने विचार व्यक्त करते हुए पूर्व मंत्री और झारखण्ड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के कार्यकारी अध्यक्ष बंधु तिर्की ने कहा कि पूरे समाज, विशेष रूप से आदिवासियों एवं मूलवासियों के विकास में स्व. कोड़े तिर्की का महत्वपूर्ण योगदान रहा है और हम हमेशा से उनके विचारों के प्रति समर्पित रहे हैं और रहेंगे. साथ ही आम जन के प्रति उनके समर्पण को हमेशा याद रखेंगे.

स्व.कोड़े तिर्की स्मारक समिति का गठन

बैठक में स्व. कोड़े तिर्की स्मारक समिति का गठन किया गया, जिसमें पूर्व शिक्षा मंत्री बंधु तिर्की एवं शशिकांत तिर्की को संरक्षक बनाया गया, जबकि महादेव टोप्पो को अध्यक्ष, बिन्दुल वर्मा को महासचिव, ननकू तिर्की को सचिव और मंटू वर्मा को कोषाध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गयी. इसके अलावा सुजीत वर्मा को प्रवक्ता बनाया गया. बैठक में वीरू तिर्की, ओमप्रकाश चौधरी, बिगल तिर्की, दीपू सिन्हा, सोमरा तिर्की, राजेश टोप्पो, दिनेश केरकेट्टा,संतोष सोनी और अजय लकरा को कार्यकारिणी सदस्य की जिम्मेदारी दी गयी.

28 मई को स्व.कोड़े की प्रतिमा स्थापित की जायेगी

बैठक में निर्णय लिया गया कि आगामी 28 मई को स्व. कोड़े तिर्की की प्रतिमा मधुकम जतरा टांड में स्थापित की जायेगी. बैठक में शिवा कच्छप, कुंदन वर्मा, प्रभात रंजन, रिंकू गुप्ता, संतोष गुप्ता, गोपी तिर्की, शिव कुमार भगत, सुजीत तिर्की, समेल टोप्पो एवं दिनेश तिर्की को विशेष आमंत्रित सदस्य बनाया गया. बैठक की अध्यक्षता महादेव टोप्पो ने की जबकि इसका संचालन राजेश टोप्पो ने की.

राम भक्तों के लिए

पारसनाथ पर्वत जंगल में लगी है आग: डुमरी SDM ने आग पर काबू पाने के लिए ज़रूरी कदम उठाने का लिया निर्णय

0

गिरिडीह: झारखंड के गिरिडीह जिले में स्थित जैन समाज एंव आदिवासी समाज का प्रमुख धार्मिक स्थल पारसनाथ पर्वत के जंगल में इन दिनों आग लगी है, जिसे बुझाने के लिए स्थानीय प्रशासन ने फौरी कार्रवाई शुरू कर दी है, इस क्रम में गुरुवार को मधुबन स्थित गेस्ट हाउस में डुमरी एसडीएम प्रेमलता मुर्मू की अध्यक्षता में एक अहम बैठक हुई। बैठक में पारसनाथ पर्वत क्षेत्र के जंगलों में लगी आग को जल्द से जल्द बुझाने को लेकर ज़रूरी कदम उठाने का निर्णय लिया गया। बैठक में वन विभाग के अधिकारी व मकर संक्रांति मेला समिति के प्रतिनिधि शामिल हुए। इस बाबत एसडीएम प्रेमलता मुर्मू ने कहा कि शुक्रवार से स्थानीय प्रशासन, वन विभाग के कर्मचारी और पारसनाथ संक्रांति मेला समिति के लोगों की ओर से आग बुझाने का काम शुरू किया जाएगा।

हजारीबाग डीएफओ ने भेजी गिरिडीह डीसी को आग बुझाने की कुछ तस्वीरें

बता दें कि गिरिडीह डीसी नमन प्रियेश लकड़ा को हजारीबाग डीएफओ वन्य जीव की ओर से भेजी गई रिपोर्ट के अनुसार कल रात दो दल पारसनाथ पहाड़ी पर रुके थे। और आज सुबह से ही वे लगातार आग बुझाने का काम कर रहे हैं। डीएफओ ने अपनी रिपोर्ट में गिरिडीह डीसी से कहा है हम उम्मीद करते हैं कि एक घंटे के भीतर हम एक स्थान पर आग पर काबू पा लेंगे। उसके बाद वे अन्य स्थानों की तलाश करेंगे।

(आज सुबह आग बुझाने की गतिविधियों की ली गई तस्वीरें)

300 लोगों की टोली आग बुझाने के संसाधनों से लैस होकर कूच करेंगे

बताया गया कि शुक्रवार की सुबह पांच बज़े लगभग 300 लोग पारसनाथ के जंगलों में आग बुझाने के संसाधनों से लैस होकर एक साथ आग बुझाने के लिए कूच करेंगे। अभियान में बगदाहा, विरनगड़ड़ा, सिंहपुर, पीपराडीह, कोठाटांड, बाघबेड़ा, कुरुआटांड, भोलाटांड़, जोभी सहित अन्य गांवों के लोग भी शामिल रहेंगे। सभी गांवों में एक टीम लीडर का गठन किया गया है। इनमें विजय सोरेन, जागो महतो, संदीप महतो, अशोक कुमार, बालेश्वर महतो व अन्य शामिल है। बैठक में एसडीएम प्रेमलता मुर्मु समेत एसडीपीओ मनोज कुमार, बीडीओ दिनेश कुमार, सीओ विनय प्रकाश तिग्गा, पीरटांड़ थाना प्रभारी दिलशान विरुआ, मधुबन थाना प्रभारी राजू मुंडा, सीआई राम विनोद सिंह, पूर्व प्रमुख सिंकदर हेंब्रम के अलावा वन विभाग के कई अधिकारी एवं मेला समिति के दर्जनों पदाधिकारी व कर्मी उपस्थित थे।

करीब पौने दो हजार एकड़ में आग की लपटों से घिरा है पारसनाथ पर्वत

इस मौके पर सिकन्दर प्रधान ने बताया कि 16 हजार 800 एकड में स्थित पारसनाथ पर्वत क्षेत्र तकरीबन पौने दो हजार एकड में इन दिनों आग की लपटें उठ रही हैं। उन्होंने कहा कि आग पर काबू पाने के लिए सभी एकमत है और अपेक्षित सहयोग कर रहे हैं. कहा कि वन विभाग एंव स्थानीय तीन सौ लोगों की टीम शुक्रवार को अहले सुबह पर्वत पर कूच करेगी और जबतक आग बुझेगी नहीं, नीचे नही आएंगे। इस दौरान टीम के सभी लोगों का खाने-पीने और जरूरी सामान जैन समाज, स्थानीय ग्रामीणों के सौजन्य से गांव के स्थानीय युवकों की टोली पर्वत पर मुहैया करायेगी।

राम भक्तों के लिए

मोदी सरनेम केस में अपील याचिका खारिज, राहुल गांधी जेल जाएं या फिर हाईकोर्ट में अपील करें…!

0

सूरत : मोदी सरनेम केस में सूरत की सेशंस कोर्ट ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी की अपील खारिज कर दी. सूरत कोर्ट के फैसले से कांग्रेसियों में मायूसी छा गई. अब राहुल गांधी के पास दो ही सूरत है- राहुल गांधी हाईकोर्ट में अपील करें या जेल जाएं. क्योंकि अगर इस मामले में वे आगे अपील नहीं करते हैं तो, उन्हें जेल जाना होगा। पर उम्मीद है कि, राहुल गांधी हाईकोर्ट में अपील करेंगे। कांग्रेस नेता राहुल गांधी की सजा पर रोक लगाने की याचिका पर सुनवाई पूरी हो गई थी। इस अहम केस में सूरत सेशंस कोर्ट ने गुरुवार को फैसला सुना दिया। मानहानि केस में दोषी ठहराए जाने के खिलाफ राहुल की याचिका खारिज हो गई। सूरत सेशंस कोर्ट के जज ने सिर्फ एक शब्द में मामला खत्म कर दिया। जज ने कहा- डिसमिस।

राहुल गांधी को 23 मार्च को दोषी ठहराया गया था

मोदी सरनेम मामले में कांग्रेस नेता राहुल गांधी को 23 मार्च को दोषी ठहराया गया था और उन्हें दो साल जेल की सजा सुनाई गई थी। जिसके तुरंत बाद उन्हें लोकसभा से अयोग्य घोषित कर दिया गया था। इसके बाद राहुल गांधी ने सूरत की ट्रायल कोर्ट के खिलाफ 3 अप्रैल को सूरत की सेशंस कोर्ट में एक मुख्य याचिका और दो आवेदन दायर किए थे। सूरत की सेशंस कोर्ट में राहुल गांधी की अपील पर तुरंत राहत मिल गई थी. बता दें कि भाजपा विधायक और गुजरात के पूर्व मंत्री पूर्णेश मोदी ने राहुल गांधी के खिलाफ मानहानि का मामला दर्ज कराया था। सजा सुनाने के 11 दिन बाद राहुल ने सूरत कोर्ट में जमानत और सजा माफी के लिए याचिका लगाई थी।

राम भक्तों के लिए

बिहार के इस गीतकार को नहीं जानने के जुर्म में हॉलीवुड के डाइरेक्टर डैनी बॉयल पर हो गया था केस

0

23 जनवरी 2009 को भारत में एक फ़िल्म रिलीज हुई, नाम था “स्लमडॉग मिलियनेयर”। जी हाँ वही फ़िल्म जिसने एक नहीं बल्कि आठ-आठ ऑस्कर अवार्ड्स अपने नाम किए थे। डाइरेक्टर साहब का नाम था डैनी बॉयल, हॉलीवुड के सुप्रसिद्ध निर्देशक और फ़िल्म निर्माता, जो किसी परिचय के मोहताज नहीं हैं। डाइरेक्टर साहब ने फ़िल्म के एक सीन में एक भजन का इस्तमाल किया था जिसके बोल थे..
“दर्शन दो घनश्याम नाथ, मोरी अँखिया प्यासी रे..
मन मंदिर की ज्योति जगा दो, घट घट बासी रे..
फ़िल्म स्लमडॉग के एक क्विज शो में एक सवाल के जबाब में इसे संत सूरदास की रचना बताया गया मतलब की डाइरेक्टर साहब ने भजन को सूरदास का बता दिया जबकि इस भजन के गीतकार थे बिहार के बेतिया जिले में जन्मे सुप्रसिद्ध कवि और गीतों के राजकुमार कहे जाने वाले ‘गोपाल सिंह नेपाली’। फिर क्या था नेपाली जी के सुपुत्र नकुल सिंह नेपाली को ये बात जैसे ही पता चली डाइरेक्टर साहब और फ़िल्म प्रोडक्शन पर बॉम्बे हाई कोर्ट में याचिका दायर कर दी।
आज गोपाल सिंह नेपाली जी की पुण्यतिथि है तो चलिए आपको थोड़ा विस्तार से बताते हैं कि कौन थे गोपाल सिंह नेपाली।
बिहार के बेतिया जिले के कालीबाग दरबार के नेपाली महल में 11 अगस्त 1911 को जन्म हुआ गोपाल सिंह नेपाली का जिनका मूल नाम था गोपाल बहादुर सिंह, नेपाली नाम इनके नाम के साथ इसलिए जुड़ा क्योंकि बाप-दादा थे नेपाल से। पिता फौज में और दादा बेतिया के राज छापखाने में काम करते थे। पढ़ाई तो कुछ खास हो नहीं पाई लेकिन लिखने का शौक बचपन से ही था। उनकी कविताओं में राष्ट्रप्रेम, प्रकृति प्रेम, रोमांस सबकुछ दिखाई देता। राष्ट्रवादी चेतना भी उनकी कविताओं में कूट-कूट कर भरी थी।
वैसे नेपाली जी के कई सारे किस्से हैं लेकिन प्रेमचंद और जयशंकर प्रसाद जी से जुड़े किस्से आपको उनका एक विशेष परिचय देंगे।
बात कुछ ऐसी है कि जब नेपाली जी की प्रेमचंद जी से पहली मुलाकात हुई तो प्रेमचंद जी ने नेपाली जी को कविता सुनाने कहा। नेपाली जी ने कविता सुनाई। प्रेमचंद कविता सुनकर स्तब्ध रह गए और नेपाली जी से कहा….“बरखुर्दार क्या पेट से ही कविता सीखकर पैदा हुए हो?”
ये तो हो गई प्रेमचंद जी और नेपाली जी की मुलाकात की कहानी..अब चलिए जयशंकर प्रसाद जी की ओर..
एक बार नेपाली जी अपने एक मित्र के साथ, जयशंकर जी को बिना बताए उनसे मिलने पहुँच गए। जयशंकर प्रसाद उस वक्त नहा रहे थे तो उन्हें दोनों से बैठने को कहा। जयशंकर प्रसाद नहाते हुए एक कविता गा रहे थे – “पीपल के पत्ते गोल-गोल, कुछ कहते रहते डोल-डोल” जब जयशंकर प्रसाद नहाकर निकले तो नेपाली जी से उनका परिचय माँगा। नेपाली जी कुछ कहते कि उससे पहले ही नेपाली जी के साथ आए मित्र ने जबाब दिया- ये वही कवि है, जिसकी कविता आप अभी नहाते हुए गुनगुना रहे थे।
नेपाली जी ने 4 हिन्दी पत्रिकाओं- ‘रतलाम टाइम्स’, ‘चित्रपट’, ‘सुधा’ और ‘योगी’ का संपादन किया। उत्तर छायावाद के जिन कवियों ने अपनी कविता और गीतों की ओर सबका ध्यान आकर्षित किया उनमें गोपाल सिंह नेपाली जी का नाम बड़े अदब के साथ लिया जाता है। एक बार की बात है कि किसी कवि सम्मलेन में नेपाली जी ने जब मंच से अपनी ये रचना पढ़ी-
सुनहरी सुबह नेपाल की, ढलती शाम बंगाल की
कर दे फीका रंग चुनरी का, दोपहरी नैनीताल की..
क्या दरस-परस की बात यहां, जहां पत्थर में भगवान है
यह मेरा हिन्दुस्तान है, यह मेरा हिन्दुस्तान है..
रामधारी सिंह दिनकर भी वहाँ मौजूद थे और नेपाली की यह गीत सुनकर गदगद हो गए थे।
इतने लोकप्रिय गीत लिखने के बाद भी वे लम्बे समय तक आर्थिक तंगी से घिरे रहे। आखिर में उनकी मुलाक़ात फिल्मिस्तान के तुलाराम जालान से हुई और उन्होंने गोपाल सिंह नेपाली से अनुबंध कर लिया। उसके बाद नेपाली ने सर्वप्रथम फिल्म ‘मजदूर’ के लिए गीत लिखा। उसके बाद अपनी फ़िल्मी करिअर में उन्होंने करीब 60 फिल्मों के लिए 400 से अधिक गीत लिखे।
जिन फिल्मों के लिए उन्होंने गाने लिखे वो हैं- ‘नाग पंचमी’, ‘नवरात्रि’, ‘नई राहें’, ‘जय भवानी’, ‘गजरे’, ‘नरसी भगत’
नरसी भगत में ही नेपाली ने दर्शन दो घनश्याम जैसा बेहतरीन भजन लिखा था..
साहित्य और सिनेमा में अपने उत्कृष्ट योगदान के बावजूद उनके जीते जी उन्हें वह सम्मान नहीं मिल सका जिसके वे असली हकदार थे, उन्होंने लिखा भी-
अफसोस नहीं हमको जीवन में कुछ कर न सके
झोलियां किसी की भर न सके, संताप किसी का हर न सके
अपने प्रति सच्चा रहने का जीवनभर हमने यत्न किया
देखा-देखी हम जी न सके, देखा-देखी हम मर न सके।
आज ही के दिन 17 अप्रैल 1963 में गीतों के इस राजकुमार ने अंतिम सांस ली।
उनकी पूण्यतिथि पर हम उन्हें नमन करते हैं।


आलेख: अंशुमन आर्यव, संस्थापक काव्यपीडिया

[advanced_iframe src=”//rootrider.in/amazon/hotsaree6.html” width=”100%” height=”700″]

राम भक्तों के लिए

कांग्रेसकर्मियों ने गिरिडीह समाहरणालय का किया घेराव,जनसभा में बड़ी संख्या में युवाओं-महिलाओं की भागीदारी रही

0

गिरिङीह : अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर राष्ट्रीय स्तर पर चलाए जा रहे जय भारत सत्याग्रह आंदोलन के क्रम में बुधवार को गिरिडीह जिला समाहरणालय का घेराव कर जनसभा की गयी। जनसभा में बड़ी संख्या में युवाओं और महिलाओं की भागीदारी रही। रैली की शक्ल में सैकड़ों की संख्या में पार्टी समर्थक गिरिडीह-डुमरी मुख्य मार्ग से होते हुए जिला समाहरणालय पहुंच कर गेट को जाम किया। जनसभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने जमकर मोदी सरकार पर निशाना साधा और कहा कि देश के सभी संसाधनों और गरीब जनता का पैसों को बड़े-बड़े पूंजीपतियों के सौंपने पर आमादा है. राहुल गांधी प्रकरण देश में लोकतंत्र को तार-तार करने का काम किया है.

2024 में मोदी सरकार का पतन तय: सतीश केडिया

जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष धनंजय सिंह, कार्यकारी अध्यक्ष एंव वरीय नेता सतीश केडिया ने कहा कि देश में हर स्तर पर विपक्ष के साथ पक्षपातपूर्ण व्यवहार किया जा रहा है. विपक्ष को समाप्त करने की साजिश की जा रही है। कहा कि 2024 में इस सरकार का पतन तय है। श्री केडिया ने कहा मोदी सरकार विपक्ष मुक्त देश सवाल मुक्त संसद और लोकतंत्र मुक्त तानाशाही का निर्माण करना चाहती है, इसी वजह से एक फर्जी मुकदमे में राहुल जी को फंसा कर उनकी सदस्यता समाप्त कर दी गई।

जनसभा में ये लोग थे शामिल

जनसभा को नरेश वर्मा झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सचिव और गिरिडीह विधानसभा के प्रभारी प्रमोद सिंह, गांडेय विधानसभा प्रभारी मनोज सहाय, महमूद अली खान, मनोज राय, महेश्वर इमाम, अशोक विश्वकर्मा, महेश भगत, प्रोफेसर मुकेश शाह, मोतीलाल शास्त्री, नाजो राय, रघुनंदन सिंह, मदन विश्वकर्मा, हसनैन अली, नेशाब अहमद, मरगूब आलम सहित कई वक्ताओं ने संबोधित किया. इस अवसर पर मुख्य रूप से इतवारी महतो, कैलू राय, यस सिन्हा, बेलाल अहमद,  विमल सिंह, सुरेंद्र राय, गायत्री देवी सहित सैकड़ों की संख्या में कार्यकर्ता शामिल थे।

राम भक्तों के लिए

गढ़वा: भंडरिया में रास्ते की भूमि में अवैध निर्माण: 3 साल के अंदर 6 बार आवेदन,फिर भी CO-SDO ने काम नहीं रोका, अब फरियादी ने लगाई डीसी से गुहार

0

नारायण विश्वकर्मा

गढ़वा : भंडरिया प्रखंड अंतर्गत ग्राम भंडरिया, टोला जोगिया मठ अनुमंडल रंका में रास्ते की भूमि में तार से घेराव कर एवं सर्वसाधारण की भूमि में अवैध मकान निर्माण की बार-बार शिकायत करने के बावजूद अभी तक कोई कार्रवाई नहीं किए जाने से शिकायतकर्ता परेशान हैं. शिकायतकर्ता भंडरिया अंचल में तीन साल के अंदर 6 बार आवेदन दे चुका है। 29 फरवरी 2020 को भंडरिया अंचल में आवेदन देने के बाद पूर्व बीडीओ सह सीओ विपिन भारती स्थल जांच निरीक्षण कर चुके हैं. इसके बाद वर्तमान सीओ मदन महली सर्वसाधारण भूमि का अबतक 5 बार जांच कर चुके हैं. इसके अलावा दो बार पुलिस दल-बल के साथ अवैध मकान निर्माण को रुकवाया जा चुका है। शिकायतकर्ता प्रशांत टोप्पो ने अंतत: गढ़वा डीसी को 8 अप्रैल को आवेदन देकर अविलंब हस्तक्षेप करने की गुहार लगाई है.

सीओ-एसडीओ ने अबतक कोई कार्रवाई नहीं की

बता दें कि मिंज परिवार द्वारा जीएम लैंड पर एक डिसमिल जमीन पर अवैध रूप से मकान बनाने की कोशिश की गई तो प्रशांत टोप्पो ने 20 दिसंबर 2022 को रंका दंडाधिकारी कार्यालय में धारा 144 प्रक्रिया आरंभ करने का आवेदन वकील के माध्यम से भी दिया है. इसके बाद एक बार रिमाइंडर भेजा गया. इस बीच अनुमंडल कार्यालय की ओर से न निर्माण कार्य रुकवाया गया और न धारा 144 लागू की गई. इसके अलावा सीओ द्वारा समय के साथ रिपोर्ट नहीं दी गई। बताया गया कि रास्ते भूमि पर हो रहे निर्माण कार्य होने से 7 घर के परिवार प्रभावित होंगे. वहां बसे अतुल मिंज,साइलेस मिंज और सुजीत मिंज (तीनों भाई) के खिलाफ विरोध करने से कई लोग ऐसे भी हैं,जो इनके समर्थन में उतर जाते हैं. इसके अलावा भंडरिया पंचायत के मुखिया विनय सिंह खरवार और वार्ड सदस्य रजनी टोप्पो ने शुरू में प्रशांत टोप्पो का साथ दिया था,पर अब वे भी पीछे हट गए हैं. बताया जाता है कि अतुल मिंज के परिवार से जेएमएम प्रखंड अध्यक्ष हरिदास तिर्की का मंत्री मिथलेश ठाकुर से अच्छे संबंध हैं. प्रशांत टोप्पो ने बताया कि हरिदास तिर्की ने उसे धमकाते हुए कहा कि ज्यादा होशियार बनते हो,केस करते हो, कुछ नहीं कर पाओगे…केस-फेस से कुछ नहीं होगा.

(एक डिसमिल सरकारी जमीन पर अवैध निर्माण हो चुका है)

रास्ते की भूमि पर बेरोकटोक निर्माण कार्य जारी

कागजात की छानबीन करने और प्रशांत टोप्पो से बातचीत के क्रम में पता चला कि तीन साल से अंचल कार्यालय ने सिर्फ टरकाने का काम किया है. कार्रवाई के नाम पर लीपापोती की जा रही है. यही कारण है कि रास्ते की भूमि और सर्वासाधारण भूमि, जो कि जनता के कार्यों के लिए होता है, पर आवेदन देने के बाद भी लगातार मकान निर्माण कभी रूका नहीं और थाने में फरियाद करना भी अबतक बेकार साबित हुआ है. अधिकारियों को कई बार लिखित शिकायत देने के बावजूद रास्ते की भूमि और सर्वसाधारण भूमि पर 02 अवैध मकान निर्माण कर दिया गया है और किसी भी स्तर से अधिकारी अनुमंडल अधिकारी एवं दंडाधिकारी आंखें मूंदे हुए हैं. सीओ की जांच रिपोर्ट में कोई विवाद नहीं बताया जाना दुर्भाग्यपूर्ण है. अलबत्ता जांच रिपोर्ट कब्जाधारियों के फेवर में है। वहीं सीओ मदन माली इसी अवैध मकान निर्माण को पुलिस दल-बल के साथ दोबारा जांच कर तार से घेराबंदी एवं निर्माण कार्य को दो बार रुकवा चुकी है। हालांकि कागजात में 30 डिसमिल जमीन में से 6 डिसमिल जमीन गैरमजरुआ जमीन और सार्वजनिक रास्ता पंजी-2 में दर्ज है. मिंज परिवार ने 6 डिसमिल जमीन में से एक डिसमिल जमीन में मकान बनवा लिया गया है.शेेष 5 डिसमिल जमीन में निर्माण कार्य जारी है.

रास्ते की भूमि की फर्जी रसीद भी बनवा ली गई

कागजात के अनुसार रास्ते की भूमि एवं सर्वसाधारण की भूमि, जिसका खाता नं. 456, प्लॉट नं- 426 में कुल रकबा 6 डिसमिल है, जो शिकायतकर्ता के घर के सामने सर्वसाधारण भूमि है, जो पूर्व में भी सार्वजनिक कार्यों के लिए प्रयोग में लाने के लिए कई बार आवेदन दिया गया है. बताया गया कि उक्त भूमि पूर्व में कई लोग यहां मवेशी बांधने के काम में प्रयुक्त किया जा रहा था. लेकिन जब से इस जमीन पर दबंगों की नजर गड़ी है, तबसे इस जमीन को धीरे-धीरे कब्जा किया जाता रहा. मजेदार बात ये है कि भंडरिया अंचल से इसी भूमि की फर्जी रसीद भी बनवा ली गयी है। अवैध रूप से आवास निर्माण होने से रास्ता अवरुद्ध हो गया है. लोगों को आने-जाने में भारी परेशानी हो रही है. चार पहिया वाहन या कृषि कार्य में प्रयुक्त ट्रेक्टर भी यहां से घुसाना मुश्किल है। सीओ मदन महली पर आरोप है कि शिकायतकर्ता को ही घर से बेदखली का दबाव बनाते हुए उससे एक सहमति पत्र पर हस्ताक्षर करा लिया गया है। शिकायतकर्ता ने इसकी शिकायत ऑनलाइन के माध्यम से थाना को अवगत करा दिया है।

(शेष 5 डिसमिल सरकारी जमीन पर मिंज परिवार अवैध निर्माण करा रहा है)

फरियादी को अब डीसी से ही कार्रवाई की उम्मीद

सवाल उठता है कि आखिर क्या कारण है कि सीओ-एसडीओ और भंडरिया थाना वहां चल रहे निर्माण कार्यों पर चुप्पी साधे हुए हैं. आखिर अंचल अधिकारी एवं दंडाधिकारी अवैध मकान निर्माणकर्ता पर इतने मेहरबान क्यों हैं? आरोप है कि अंचल अधिकारी मदन महली एवं अनुमंडल दंडाधिकारी रामनारायण सिंह अवैध निर्माणकर्ताओं से मिले हुए हैं। बताया जाता है कि अवैध मकान बनानेवाले भी आदिवासी परिवार से आते हैं, लेकिन उनकी राजनीतिक और प्रशासनिक पहुंच ऊपर तक है. प्रशांत टोप्पो पर मिंंज परिवार ने छेड़छाड़ व मारपीट का झूठा केस थाने में दर्ज करा रखा है. इसके बाद प्रशांत ने तुरंत काउंटर फाइल कर दिया. समझा जाता है कि प्रशांत टोप्पो को अगर पुलिस-प्रशासन का सहयोग नहीं मिला तो, यहां कभी भी कोई अप्रिय घटना घट सकती है. प्रशांत टोप्पो किसी अप्रिय घटना की आशंका से हमेशा डरा-सहमा सा रहता है. अब देखना है कि गढ़वा डीसी अपने स्तर से क्या कार्रवाई करते हैं.

राम भक्तों के लिए

तम्बाकू से परहेज कर जिंदगी के साथ-साथ आर्थिक नुकसान से भी बचा जा सकता है: अपर समाहर्ता

0
गिरिडीह : अपर समाहर्ता विल्सन भेंगरा की अध्यक्षता में समाहरणालय सभागार में तम्बाकू नियंत्रण कार्यक्रम अंतर्गत जिला तम्बाकू नियंत्रण कोषांग और सोशियो इकोनॉमिक एण्ड एजुकेशनल डेवलपमेंट सोसाइटी (सीड्स) के संयुक्त तत्वावधान में मंगलवार को संवेदीकरण कार्यशाला का आयोजन किया गया। अपर समाहर्ता श्री भेंगरा ने अपने संबोधन में कहा कि तम्बाकू के सेवन से न सिर्फ सेहत पर इसका दुष्प्रभाव पड़ता है बल्कि आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ता है। तम्बाकू से परहेज कर जिंदगी के साथ-साथ आर्थिक नुकसान से भी बचा जा सकता है। उन्होंने तम्बाकू नियंत्रण के लिए छापामार दस्ते के सदस्यों को निर्देश दिया कि शैक्षणिक संस्थानों के 100 गज के दायरे में अवस्थित सभी तम्बाकू उत्पाद बेचने वाले दुकानदारों को हटवाते हुए नियमित रूप से छापामारी की कार्रवाई सुनिश्चित की जाय। सभी अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से अपने-अपने कार्यालयों में तम्बाकू मुक्त क्षेत्र का बोर्ड लगाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार कोविड-19 से लड़ रहे हैं उसी प्रकार हमें तंबाकू को समाप्त करने के लिए लड़ाई लड़नी होगी।

सीड्स के सीईओ ने कहा-तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम को अभियान में तब्दील करना होगा

तम्बाकू नियंत्रण के लिए राज्य सरकार की तकनीकी सहयोगी संस्था सोशियो इकोनॉमिक एण्ड एजुकेशनल डेवलपमेंट सोसाईटी (सीड्स) के कार्यपालक निदेशक दीपक मिश्रा ने राज्य सरकार एवं सीड्स द्वारा संयुक्त रूप से राज्य के सभी 24 जिलों में चलाए जा रहे तम्बाकू नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत COTPA-2003 की विभिन्न धाराओं के बारे में विस्तार से बताया। श्री मिश्रा ने मौजूद अधिकारियों को तंबाकू संबंधित उत्पादों पर रोक लगाने के लिए उठाए जानेवाले कदमों आदि के संबंध में विस्तार से जानकारी दी. श्री मिश्रा ने बताया कि तंबाकू सेवन करना एक खतरनाक आदत है, जहां छोटे-छोटे बच्चे हैं, वहां तो स्थिति और भी अधिक नाजुक बन जाती है। तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम को अभियान के रूप में चलाए जाने के काफी अच्छे परिणाम प्राप्त हो सकते हैं।

AC ने DEO को शैक्षणिक संस्थानों का निरीक्षण करने का निर्देश दिया

कार्यक्रम के दौरान अपर समाहर्ता ने जिला शिक्षा पदाधिकारी को नियमित रूप से जिले में स्थित शैक्षणिक संस्थानों का निरीक्षण करने एवं संस्थानों के 100 गज की दूरी तक किसी भी प्रकार के तंबाकू उत्पादों की बिक्री ना होने देना सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। इसके लिए उन्होंने जिला शिक्षा पदाधिकारी को नियमित रूप से विद्यालय प्रबंधन समिति के साथ बैठक करने एवं उचित दिशा-निर्देश देने का निर्देश दिया। बैठक के दौरान अपर समाहर्ता ने जिला जनसंपर्क पदाधिकारी को अखबारों तथा सोशल मीडिया सहित अन्य माध्यमों का इस्तेमाल करते हुए तम्बाकू पदार्थो से होने वाले नुकसान के प्रति लोगों को जागरूक करने का निदेश दिया। बैठक सिविल सर्जन डॉ एस पी मिश्रा को तंबाकू नियंत्रण के तहत जिले में हो रहे कार्यों की नियमित रूप से समीक्षा करने एवं इससे संबंधित प्रतिवेदन नियमित रूप से जिला तम्बाकू नियंत्रण कोषांग को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। कार्यक्रम के दौरान अपर समाहर्ता ने सभी विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे अपने कार्यालयों में तंबाकू मुक्त संस्थान का साईनेज लगाना सुनिश्चित करें।

कार्यक्रम में ये लोग थे उपस्थित

कार्यशाला में जिले के सभी प्रशासनिक पदाधिकारियों के अलावा पुलिस के अधिकारी भी उपस्थित हुए। अपर समाहर्ता ने सभी प्रतिभागियों को तम्बाकू सेवन नहीं करने की शपथ भी दिलवायी। कार्यशाला में सभी अनुमंडल पदाधिकारी, जिला शिक्षा पदाधिकारी, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी, पुलिस उपाधीक्षक मुख्यालय, तंबाकू नियंत्रण कोषांग के नोडल पदाधिकारी, जिला स्तरीय प्रशासनिक तथा पुलिस पदाधिकारी, सभी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, सभी थाना प्रभारी, सीड्स के प्रतिनिधियों सहित अन्य उपस्थित थे।

 

 

 

 

 

 

       




               

राम भक्तों के लिए

How people are getting ruined in cricket gambling Apps

0

Cricket is a sport that is deeply ingrained in the culture of India. It is not just a sport but a passion for the people of the country. Over the years, cricket has become more than just a game, and with the rise of gambling apps, it has also become a lucrative business for many.

Cricket gambling applications have become increasingly popular in recent years, especially among the youth. These apps promise to provide a platform for fans to participate in online betting and win big. However, what starts as a simple form of entertainment often spirals out of control, leading to severe consequences.

One of the most significant issues with cricket gambling applications is that they are highly addictive. People who get involved in online betting often find it challenging to stop, leading to severe financial problems. In many cases, individuals end up losing their entire savings, and some even go into debt.

The easy accessibility of these applications is another factor that contributes to their widespread usage. All it takes is a few clicks on a smartphone, and users can place their bets instantly. Moreover, with the rise of online payment systems, transferring money has become more accessible than ever before.

Another problem with cricket gambling applications is the lack of regulation. Many of these apps operate illegally, and there is no way to ensure that the outcomes are fair. It is not uncommon for users to lose their money due to cheating or fraudulent practices.

The impact of cricket gambling goes beyond just the financial aspect. It also has severe consequences on mental health. People who are addicted to online betting often experience anxiety, depression, and other mental health issues. The constant pressure to win and the fear of losing can take a toll on a person’s mental well-being.

Moreover, cricket gambling can also have a negative impact on relationships. Individuals who are addicted to online betting often neglect their personal and professional lives, leading to conflicts with family and friends. In some cases, it can even lead to divorce or separation.

The rise of cricket gambling applications is a worrying trend, and it is essential to address this issue. One way to do this is by increasing awareness among the public about the risks of online betting. Educating people about the consequences of gambling addiction and the importance of responsible betting can go a long way in preventing people from falling into this trap.

The government also needs to play a more active role in regulating these apps. Strict laws and regulations must be put in place to ensure that these applications operate legally and fairly. Moreover, there should be penalties for those who engage in fraudulent practices.

Cricket is a game that brings people together and should be enjoyed as such. However, the rise of cricket gambling applications has turned this beloved sport into a source of financial and mental distress for many individuals. It is time to take action to prevent people from getting ruined by these apps and preserve the integrity of the sport.

राम भक्तों के लिए
IIT - Polo Tshirt - Premium