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Thursday, November 5, 2026
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हेमंत सरकार के तीन साल: सुखाड़ राहत कार्य में गिरिडीह को राज्य भर में तीसरा व ई-कल्याण में पहला स्थान मिला

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गिरिडीह: (कमलनयन) प्रदेश में महागठबंधन सरकार के शानदार तीन वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में गुरुवार को राज्यस्तरीय विकास-सह-परिसंपत्ति वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन द्वारा प्रोजेक्ट भवन से राज्यस्तरीय कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया गया। इस बाबत गिरिडीह जिले में भी कई लाभुकों के बीच सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिया गया। इस कार्यक्रम में सावित्रीबाई फुले किशोरी समृद्धि योजना, मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना, सुखाड़ राहत योजना, गव्य विकास योजना, प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना, समाज कल्याण व अन्य योजनाओं का लाभ दिया गया। सुखाड़ राहत कार्य में गिरिडीह जिले को राज्य भर में तृतीय स्थान मिला. इसके अलावा ई-कल्याण में गिरिडीह को पहला स्थान प्राप्त हुआ है.

पशुधन विकास की राशि लाभुकों को मिली

कार्यक्रम में वित्तीय वर्ष 2022-23 मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना के लिए चयनित 240 लाभुकों को कुल 74,14,327 रुपए की राशि डीबीटी के माध्यम से उपलब्ध कराया गया है। इसके तहत बकरा विकास योजना, सूकर पालन योजना, ब्रायलर कुक्कुट पालन योजना एवं बैकवार्ड लेयर कुक्कुट पालन योजना के तहत कुल 222 (OSP) लाभुकों 67,90,706 रुपए तथा बकरा विकास योजना, सूकर पालन योजना, ब्रायलर कुक्कुट पालन योजना एवं बैकवार्ड लेयर कुक्कुट पालन योजना के तहत कुल 18 (SCSP) लाभुकों को 06,23,621 रुपए की राशि उपलब्ध करायी गयी। इसके अलावा वित्तीय वर्ष 2022-23 मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना के लिए चयनित कुल 38 लाभुकों को 2050817 रुपए की राशि उपलब्ध करायी गयी है। इसके तहत 29 लाभुकों को दो गाय (OSP), 02 लाभुकों को दो गाय (SCSP), 02 लाभुकों को 05 गाय (OSP), 03 लाभुकों को डीप बोरिंग, वर्मी कंपोस्ट, काउमेट OSP तथा 02 लाभुकों चारा विकास OSP के तहत लाभान्वित किया गया है।

प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति का वितरण किया गया

इसके अलावा वित्तीय वर्ष 2022-23 प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति वितरण योजना के तहत कुल 147437 छात्र छात्राओं के बीच 30,041,5000 रुपए राशि का वितरण किया गया। जिला कृषि पदाधिकारी द्वारा जानकारी दी गई कि गिरिडीह जिले के सभी प्रखण्डों को राज्य सरकार द्वारा सुखाग्रस्त घोषित किया गया है.  इस आलोक में मुख्यमंत्री सुखाड़ राहत योजना के तहत किसानों को राहत प्रदान करने हेतु प्रत्येक किसान को 3500 रुपये की दर से आनुग्राहिक राहत राशि कुल 65,708 (पैसठ हजार सात सौ आठ) किसानों को कुल 22.99.78,000 रुपये राशि (DBT) के माध्यम से भुगतान किया गया है। कार्यक्रम में गिरिडीह के उपायुक्त नमन प्रियेश लकड़ा के अलावा उप विकास आयुक्त शशि भूषण मेहरा, अपर समाहर्ता विल्सन भेंगरा, जिला नजारत उप समाहर्ता सुदेश कुमार, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी, जिला कृषि पदाधिकारी, जिला पशुपालन पदाधिकारी, जिला गव्य विकास पदाधिकारी व अन्य संबंधित अधिकारी ने भी अपनी भागीदारी निभाई।

राम भक्तों के लिए

पारसनाथ की पहाड़ी पर दर्शन करने जा रहे स्कूली बच्चों को रोके जाने पर हुआ हंगामा, विरोध में सड़क जाम, पुलिस ने संभाला मोर्चा

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गिरिडीह (मधुबन) : जैन समुदाय के प्रसिद्ध तीर्थस्थल पारसनाथ की पहाड़ी पर दर्शन करने जा रहे स्कूली बच्चों को रोके जाने से जमकर हंगामा हुआ. इसके विरोध में मधुबन बाजार को बंद कराया गया. वहीं, गैर जैन समाज के लोगों द्वारा सड़क जाम किया गया. गैर जैन धर्मावलंबियों के जैन मंदिरों में प्रवेश पर रोक लगाने से बवाल हुआ है. जानकारी के अनुसार, इधर कुछ दिनों से जैनियों के मंदिर में गैर जैन धर्मावलंबियों के प्रवेश पर रोक लगाने से लोगों में आक्रोश बढ़ ही रहा था कि बुधवार को स्कूली बच्चों को पर्वत पर जाने से कुछ जैन यात्रियों द्वारा रोके जाने से लोगों का गुस्सा बढ़ गया और विरोध शुरू हो गया. विरोध में गैर जैन समाज के लोगों ने मधुबन में बाजार को बंद कराना शुरु कर दिया. इसी बीच दोनों पक्ष के बीच नोकझोंक की भी सूचना है.

मधुबन में स्थिति तनावपूर्ण पर, नियंत्रण में

स्थानीय गैर जैन समाज के लोग जमकर नारेबाजी और प्रदर्शन भी कर रहे हैं. मधुबन में स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है. आक्रोशित लोग मधुबन थाना के गेट पर प्रदर्शन कर रहे हैं. वहीं, सूचना मिलते ही एसडीओ, एसडीपीओ पुलिस जवानों के साथ मधुबन पहुंच गए हैं. लोगों को समझाने का प्रयास किया जा रहा है. बता दें कि पारसनाथ की पवित्रता को लेेकर गिरिडीह के डीसी नमन प्रयेश लकड़ा ने वंदना मार्ग में श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर एसडीपीओ और स्थानीय पुलिस को तत्काल मधुबन और आसपास अवैध शराब की खरीद-बिक्री और असामाजिक तत्वों की गतिविधियों पर रोक लगाने का निर्देश दिया है. स्थानीय पुुुुलिस प्रशासन वहां की स्थिति को लेकर गंभीरता बरत रहा है. लेकिन आज की घटना क्यों और कैसे हुुई, इस बारे में संंपूर्ण जानकारी की प्रतीक्षा है. वैसे खबर है कि अभी वहां स्थिति नियंत्रण में बतायी जाती है.

राम भक्तों के लिए

झारखंड की एक्ट्रेस ईशा आलिया की गोली मारकर हत्या, पति-बेटी के साथ कार से जा रही थीं कोलकाता, पुलिस छानबीन में जुटी

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रांची: झारखंड की एक एक्ट्रेस की हावड़ा में गोली मारकर हत्या कर दी गई। एक्ट्रेस का नाम रिया कुमारी उर्फ ईशा आलिया है। रिया ने झारखंड की क्षेत्रीय फिल्मों और एलबम में काम किया है। 22 वर्षीय रिया कुमारी की हत्या कोलकाता जाने के क्रम में रांची-कोलकाता मार्ग पर बुधवार सुबह में उन्हें गोली मारी गई है। घटना हावड़ा जिले बगनान की हुई। महिषरेखा पुल के पास सुबह लगभग छह बजे रिया की गोली मारी गई। बताया जा रहा कि रिया अपने पति प्रकाश कुमार और तीन साल की बेटी के साथ कार से कोलकाता जा रही थीं। रिया के पति प्रकाश कुमार का कहना है कि उसकी हत्या सड़क लुटेरों ने की है। हालांकि पुलिस इसे संदिग्ध मामला मान रही है। रिया के पति प्रकाश से पूछताछ की जा रही है। रिया कुमारी झारखंड में खोरठा और क्षेत्रीय भाषाओं के अलबम में इशा आलिया के नाम से काम करती थी।

पुलिस ने कार को फॉरेंसिक जांच के लिए जब्त किया

प्रकाश भी क्षेत्रीय भाषाओं में फिल्में और अलबम बनाते हैं। उन्होंने पुलिस को बताया कि वह अपनी पत्नी और बच्ची के साथ कार से कोलकाता जा रहे थे। महिषरेखा पुल के पास उन्होंने गाड़ी रोकी तो तीन बदमाश वहां हथियार लहराते हुए पहुंच गए। उन्होंने उनसे लूटपाट की कोशिश की। दोनों ने जब इसका इसका विरोध किया तो एक बदमाश ने रिया पर गोली चला दी। रिया के पति ने बताया कि जैसे ही बदमाश ने गोली मारी तो उनकी पत्नी वहीं गिर पड़ी। इस बीच उन्होंने शोर मचाया तो बदमाश मौके से भाग खड़े हुए। इसके बाद उन्होंने थोड़ा आगे जाकर स्थानीय लोगों से मदद मांगी। इस बीच वहां मौजूद लोगों ने ही पुलिस को घटना की सूचना दी। रिया को तुरंत उलुबेरिया अनुमंडल अस्पताल पहुंचाया गया। हालांकि तब तक देर हो चुकी थी। अस्पताल में डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस के एक अधिकारी ने कहा कि हमने रिया के पति से पूछताछ कर ली है। बेटी बहुत छोटी है. हम उससे बाद में बात कर सकते हैं, क्योंकि हम उसे और परेशान नहीं करना चाहते। हम उन स्थानीय लोगों से भी बात करेंगे, जिनसे मदद के लिए प्रकाश ने संपर्क किया था। उन्होंने बताया कि उनकी कार को फॉरेंसिक जांच के लिए जब्त कर लिया गया है।

राम भक्तों के लिए

लोगों को वैक्सीन लेने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है, पर सेंटर्स पर उपलब्ध नहीं वैक्सीन, सीएस को नहीं पता, लोगों की परेशानी बढ़ी

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रांची: जिले में कोरोना की आहट से राज्य सरकार भी एलर्ट मोड में आ गई है. झारखडं का स्वास्थ्य विभाग कोरोना के मद्देनजर अस्पतालों में मॉक ड्रिल कर रहा है। लोगों को वैक्सीन लेने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है, लेकिन वैक्सीन उपलब्ध है या नहीं…अगर है तो कहां और कैसे मिलेगी, यह बतानेवाला कोई नहीं है। रांची शहरी क्षेत्र में बनाए  गए वैक्सीन सेंटर में कोविशिल्ड और कोर्विवैक्स वैक्सीन नहीं रहने के कारण लोग बुस्टर डोज से वंचित हैं। वैसे तो रांची जिले के शहरी इलाके में स्वास्थ्य विभाग की ओर से 44 वैक्सीन सेंटर चलाए जा रहे हैं। लोग कोरोना की आशंका दहशत में हैं. लोग एक-दूसरे से सेंटर्स के बारे में पूछताछ करते देखे जा सकते हैं.

वैक्सीन सेंटर्स में उपलब्ध नहीं है बूस्टर डोज

चीन में कोरोना के कहर से भारत भी चौकन्ना जरूर हो गई है, पर अस्पतालों और वैक्सीन की कमी से जूझ रहे गांव से लेकर शहर तक के लोग डरे-सहमे नजर आने लगे हैं. कोराना की चौथी लहर और स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी अलर्ट के बाद लोग अभी से परहेज करने लगे हैं. खास कर बूढ़े-बुजूर्ग लोग जल्द से जल्द बूस्टर डोज लगवा लेना चाहते हैं. दरअसल, वैक्सीन के विकल्प उनके लिए हैं, जो पहली बार वैक्सीन लेने जा रहे हैं। समस्या उनके साथ है जो कोविशिल्ड या कोर्विवैक्स का पहला डोज ले चुके हैं। दूसरे डोज की तारीख भी आ चुकी है, लेकिन वैक्सीन उपलब्ध नहीं होने की वजह से वे सेकेंड डोज नहीं ले सके हैं। खोजबीन के बाद जब लोग वैक्सीन सेंटर्स पहुंचते हैं तो, पता चलता है कि यहां बूस्टर डोज अभी पहुंचा ही नहीं है. इसके कारण ओल्डएज के लोग भयभीत हैं.

सीएस ने वैक्सीन नहीं होने की बात स्वीकारी

दुखद स्थिति तो ये है कि इस संबंध में रांची जिले के सिविल सर्जन डॉ विनोद कुमार ने भी माना है कि दो वैक्सीन ऐसे हैं, जो सेंटर्स पर उपलब्ध नहीं हैं। कोविशिल्ड और कोर्विवैक्स वैक्सीन के लिए रिक्विजेशन एनएचएम को भेज दिया गया है, पर ये दोनों वैक्सीन कब सेंटर्स में उपलब्ध होंगे, इसके बारे में वह कुछ नहीं बता पाए हैं. वहीं सदर में अस्पताल में आयोजित मॉक ड्रिल के मौके पर वैक्सीन की उपलब्धता को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता ने कहा है कि केंद्रीय राज्य मंत्री से बात हुई है। लेकिन उनसे क्या बात हुई यह वो नहीं बता पाए. हालांकि वे यह दावा करने से नहीं चूक रहे कि कोरोना से लड़ने के लिए स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह से तैयार है। अब वैक्सीन कबतक रांची के सेंटर्स में उपलब्ध होगी, यह कहना फिलहाल मुश्किल है.

राम भक्तों के लिए

गिरिडीह: कांबिंग ऑपरेशन में पुलिस को मिली बड़ी सफलता, नक्सली साहित्य सहित कई आपत्तिजनक सामान बरामद

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गिरिडीह: भाकपा माओवादियों के खिलाफ गिरिडीह सीआरपीएफ और जिला पुलिस को सोमवार को बड़ी सफलता मिली है। जानकारी के मुताबिक नक्सल प्रभावित पीरटांड़ थाना इलाके के नवासार गांव के जंगल में नक्सलियों के गुप्त मीटिंग होने की सूचना पर कांबिंग ऑपरेशन शुरू हुआ और जंगल के एक घर से नक्सली साहित्य के साथ रोजमर्रा की घरेलू सामग्री, दवाइयां व कई अन्य सामान बरामद किये गये। कांबिंग ऑपरेशन में सीआरपीएफ सातवीं बटालियन के अधिकारियों के साथ जिला पुलिस बल के जवान शामिल थे।

पुलिस विरोधी से जुड़ी नारेबाजी के पोस्टर बरामद

बताया जाता है कि पुलिस और सीआरपीएफ के आने की भनक नक्सलियों को लगने के बाद नक्सली भाग खड़े हुए। जिस झोपड़ीनुमा घर में नक्सलियों का दस्ता बैठक कर रहा था। उसी घर से सीआरपीएफ ने तीस मीटर कोडेक तार के साथ एक कंटेनर, 15 से अधिक कंबल, खैनी, नमक के साथ कई घरेलू समान के साथ नक्सली साहित्य और पिट्ठू बैग और सरकार और पुलिस विरोधी नारेबाजी से भरे काफी  पोस्टर बरामद किये है।

सुरक्षा बलों को नुकसान पहुंचाने का था मकसद

जानकारी के अनुसार कंटेनर का इस्तेमाल नक्सलियों द्वारा सुरक्षा बल को नुकसान पहुंचाने के मकसद से रखा गया था। पुलिस और सीआरपीएफ ने नवासार के जिस घर से सामानों को बरामद किया है, वो भी किसी नक्सली संगठन से जुड़े किसी समर्थक का बताया जा रहा है। हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हो पाई है। जानकारी के अनुसार नवासार जंगल के घर में कई बड़े हार्डकोर नक्सली के मौजूद होने की सूचना पर पुलिस और सीआरपीएफ ने कांबिंग ऑपरेशन शुरू किया था।

राम भक्तों के लिए

हे सिद्धभूमि हम शर्मिंदा हैं…! आखिर सर्वे नाले की जमीन किसने हड़पी..? दो जैन संस्थाएं निगल गईं नाला.. दो संस्थाएं, दो नोटिस, एक प्लॉट और एक नाला…!

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रीतू जैन

गिरिडीह: जो नोटिस सात साल पहले अनुमंडल पदाधिकारी के दफ्तर से चला था, उस पर कार्रवाई क्या हुई, पता नहीं..! अब उससे ही मिलता जुलता पत्र अंचल अधिकारी के दफ्तर से निकला है…! कार्रवाई होगी..? अहम सवाल यही है..? कहानी मधुबन में स्थित गुणायतन और सम्मेदाचल विकास कमेटी के बीच बहने वाले उस नाले की है, जिससे बीसपंथी कोठी से लेकर तेरहपंथी और कच्छी भवन की गंदगी बहकर इलायची मति माता जी के आश्रम से होती हुई शाश्वत और प्रकाश भवन के पीछे से निकलकर पश्चिम को ओर बहती थी। इस संबंध में गुणायतन संस्था को डुमरी अनुमंडल पदाधिकारी ने 21 मई 2015 को नोटिस जारी किया था, और ठीक 7 साल 7 महीने बाद कुछ ऐसा ही नोटिस नाले के अतिक्रमण को लेकर पीरटांड़ अंचलाधिकारी ने श्री दिगंबर जैन सम्मेदाचल विकास कमेटी को भेजा है। मतलब पहले नोटिस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई, अब दूसरे नोटिस पर खानापूर्ति करने की तैयारी है…!

सात साल पहले और सात साल बाद

नाले का नोटिस, नतीजा शून्य..
जो अनुमंडल पदाधिकारी न कर

पाए वो अंचल अधिकारी करेंगे..?

2015 के नोटिस को आसान भाषा में ऐसे समझिए?

21 मई 2015 का नोटिस सुभाष जैन, प्रबंधक, गुणायतन न्यास ट्रस्ट को दिया गया।

इस नोटिस में साफ लिखा है कि गुणायतन ने सरकारी बंदोबस्ती भूमि का अवैध तरीके से क्रय किया और अवैध तरीके से जमाबंदी कायम कराकर दखल कब्जा किया..।

नोटिस में कहा गया है कि मौजा मधुबन में थाना नंबर 97, खाता नंबर 36, प्लॉट नंबर 375, रकवा 1.18 एकड़ सर्वे नाला की जांच अंचल अधिकारी, पीरटांड़ से कराई गई।

जांचोपरांत अंचल अधिकारी द्वारा यह प्रतिवेदित किया गया कि उक्त सर्वे नाला का डायवर्सन गुणायतन ट्रस्ट की भूमि पर किया गया है।

प्लॉट नंबर 367,374,377 और 378 में करने हेतु उपायुक्त, गिरिडीह के निर्देश का भी जिक्र है जिसमें कहा गया है कि “गुणायतन ट्रस्ट की जमीन के मध्य बह रहे नाले का डायवर्सन गुणायतन की जमीन के प्लॉट संख्या 367,377 और 378 पर करने में गिरिडीह के उपायुक्त को कोई आपत्ति नहीं है।

सर्वे नाले को भरने का कोई भी निर्देश नहीं दिया

उक्त पत्र में सर्वे नाले को भरने के संबंध में कोई भी निर्देश नहीं दिया गया है, फिर भी गुणायतन द्वारा उक्त सर्वे नाले को भरकर गुणायतन की जमीन में मिला लिया और सर्वे नाले का डायवर्सन प्लॉट नंबर 377 की भूमि पर कर दिया गया।

अनुमंडल पदाधिकारी के पत्र में कहा गया है कि गुणायतन ट्रस्ट ने प्लॉट संख्या 377 रकवा 0.90 एकड़ भूमि मौजी तूरी, पिता- हेमलाल तुरी, साकिन– मधुबन को कृषि कार्य एवं परिवार के भरण-पोषण करने के लिए सरकार द्वारा बंदोबस्ती में दी गई थी।

कालांतर में गुणायतन ट्रस्ट द्वारा उक्त भूमि जिसका रकवा 0.85 एकड़ है, को अवैध तरीके से क्रय और जमाबंदी कायम कराकर दखल कब्जा कर लिया गया है, जो अवैध और गैरकानूनी है।

अब 21 दिसंबर 2022 के नोटिस को समझिए..!

  1. यह नोटिस अंचल अधिकारी ने श्री दिगंबर जैन सम्मेदाचल विकास कमेटी को भेजा है।
  2. नोटिस में कहा गया है कि कमेटी द्वारा खाता नंबर 36, प्लॉट नंबर 375, रकवा 1.18 एकड़ भूमि जो सर्वे खतियान में गैर मजरुवा खास जमीन नाला है।
  3. संस्था द्वारा नाले की ढलान को काट कर नाले की भूमि पर कब्जा करने की बात कही गई है।

अब हमारे अहम सवाल पर जरा गौर फरमाएं

  • जब 7 साल 7 महीने पहले अनुमंडल पदाधिकारी की ओर से जो नोटिस भेजा गया था उस पर क्या कार्रवाई हुई?
  • जब प्लॉट संख्या 377 पर नाले को गुणायतन संस्था द्वारा डायवर्ट कर दिया गया तो फिर किस आधार पर श्री सम्मेदाचल विकास कमेटी को अंचल अधिकारी द्वारा नोटिस जारी किया गया ?
  • 2015 के नोटिस में इस बात का जिक्र है के अंचल अधिकारी ने सर्वे नाला के डायवर्सन की रिपोर्ट अनुमंडल पदाधिकारी को भेजी थी, तो क्या मान लिया जाए क्या अंचल अधिकारी ने जो रिपोर्ट भेजी वह फर्जी थी?
  • 2015 के नोटिस में , इस बात का भी जिक्र है कि गुनायतन संस्था ने सर्वे नाले को भरकर गुनायतन की जमीन में मिला लिया, तो फिर सम्मेदाचल विकास कमेटी को नोटिस भेजने का आधार क्या है ? इस बात का जवाब अंचल अधिकारी को देना चाहिए!
  • अनुमंडल पदाधिकारी के नोटिस में इस बात का भी जिक्र है कि ३७७ नंबर प्लॉट मौजी तूरी के नाम से कृषि कार्य एवं परिवार के भरण पोषण करने हेतु सरकार द्वारा बंदोबस्ती में दिया गया है तो क्या मौजी तुरी को उक्त जमीन वापस की गई? अंचल कार्यालय को उस अंचलाधिकारी का नाम बताना चाहिए जिसने 2015 में सर्वे नाला का जांच प्रतिवेदन दिया था?

सवाल उठता है कि जब 377 नंबर प्लॉट पर नाले का डायवर्सन कर दिया गया, और 375 प्लॉट जिसपर सर्वे का नाला था, उसे अपनी जमीन पर मिला लिया गया (जैसा 2015 के नोटिस में लिखा गया है), तो 375 नंबर प्लॉट पर सम्मेदाचल विकास ने कैसे अतिक्रमण किया? ये सबसे बड़ा सवाल है.



राम भक्तों के लिए

राजगीर के शांति स्तूप में मोबाइल स्नैचर सक्रिय, पुलिस निष्क्रिय, मोबाइल खोने वाले पर्यटक परेशान, शिकायत के बावजूद कार्रवाई नहीं

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इंद्रदेव लाल

राजगीर: राजगीर स्थित शांति स्तूप घुमने जाएं तो अपने मोबाइल का विशेष ध्यान रखें…अगर आप चौकन्ना नहीं हैं तो, मोबाइल स्नैचिंग के शिकार हो जाएंगे. मोबाइल गायब होने की शिकायत पर वहां का स्थानीय प्रशासन भी आपका साथ नहीं देगा. क्योंकि वहां स्नैचर गिरोह सक्रिय है और पुलिस पूरी तरह से निष्क्रिय है. पर्यटकों की भारी भीड़ के कारण मोबाइल स्नैचिंग करना वहां आसान है. हजारीबाग के मूल निवासी और मुंबई में कार्यरत भैया नीरव कुमार अपने परिवार के साथ शांति स्तूप घुमने गए थे. तभी फोटो खींचते समय एक लड़के ने भीड़ का फायदा उठाकर उनका मोबाइल लेकर चंपत हो गया. नीरव कुमार तत्काल इसकी सूचना राजगीर थाने में दी. लेकिन 15 दिन बाद भी पुलिस उनका मोबाइल बरामद नहीं कर सकी है. इस बीच नीरव ने कई बार राजगीर थाने में फोन कर संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन थाने में कोई भी फोन रिसीव नहीं कर रहा है.

पुलिस पर मोबाइल स्नैचर से मिलीभगत का आरोप

नीरव कुमार ने बताया कि जिस दिन उनके मोबाइल की छिनतई हुई, उसी समय थाने में तीन-चार लोग भी अपने मोबाइल गुम या चोरी होने की शिकायत करने थाने पहुंचे थे. लेकिन पुलिस ऐसी शिकायतों पर सक्रियता नहीं दिखाई. थाने में मोबाइल गुम होने या चोरी की शिकायत के लिए एक फार्म बना हुआ है. लेकिन अगर किसी के मोबाइल को मोबाइल स्नैचर उड़ा लेता है तब भी राजगीर थाने में उपलब्ध फॉर्म में अंकित नहीं हो सकता. क्योंकि यहां मोबाइल चोरी या गुम हो जाने की शिकायत के लिए फॉर्म बना हुआ है. वहां लगे सीसीटीवी भी खराब हैं. भुक्तभोगियों ने पुलिस पर मोबाइल स्नैचर से मिलीभगत का आरोप लगाया है. यही कारण है कि मोबाइल स्नैचर आसानी से मोबाइल स्नैचिंग के काम को अंजाम दे रहे हैं. पुलिस अगर सक्रियता दिखाए तो मोबाइल स्नैचर की धर-पकड़ की जा सकती है. शांति स्तूप के आसपास से प्रतिदिन 7-8 मोबाइल गायब हो जाते हैं और लोगों द्वारा स्थानीय प्रशासन से शिकायत करने के बावजूद पुलिस हरकत में नहीं आती और न ही कार्रवाई करने में दिलचस्पी दिखाती है.   

ये है नीरव के मोबाइल के डिटेल्स

नीरव कुमार ने 11 दिसंबर को राजगीर थाने में मोबाइल चोरी हो जाने की शिकायत दर्ज करायी है. नीरव कुमार राजा बंगला रोड, ओकनी (हजारीबाग) के मूल निवासी हैं. उन्होंने 13 अगस्त 2022 मोबाइल खरीदा था. मात्र चार माह में एक लाख से ऊपर के मोबाइल की छिनतई से नीरव काफी परेशान हाल हैं. नीरव ने अपने स्तर से बिहार के कई उच्चाधिकारियों को मोबाइल बरामद करने की गुहार लगायी है. लेकिन अभी तक कहीं सुनवाई नहीं हुई है. उन्होंने बताया कि उनके मोबाइल में पर्सनल डाक्यूमेंट्स मसलन, आधार कार्ड, पैन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, बैंक एकाउंट्स के डिटेल्स आदि लोड हैं. नीरव लंबे समय से मुंबई में एक नेशनल मल्टी कंपनी में सिगमेंट मैनेजर के रूप में कार्यरत हैं.

राम भक्तों के लिए

साहिबगंज पुलिस की बड़ी कार्रवाई: 36 करोड़ से अधिक के अवैध लॉटरी टिकट के साथ विक्रेता गिरफ्तार, पुलिस छानबीन में जुटी

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साहिबगंज: जिले में अवैध लॉटरी कारोबार के तार अब खुलने लगे हैं. पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है. इसी कड़ी में राधानगर पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है. पुलिस लाइन मैदान में डीएसपी जग नारायण तिवारी ने बताया कि 36 करोड़ 15 लाख 75 हजार रुपये की लॉटरी टिकट जब्त किए गए हैं. राधा नगर थाना प्रभारी राकेश कुमार को गुप्त सूचना मिली थी कि मसना गांव में सिठुन नदाब बरहरवा से अवैध लॉटरी के टिकट अपने घर रखे हुए हैं. सूचना मिलते ही राधा नगर थाना प्रभारी राकेश कुमार ने वरीय पदाधिकारियों को जानकारी दी. सूचना मिलते ही राजमहल एसडीपीओ जग नारायण तिवारी के नेतृत्व में छापामारी दल का गठन किया गया. छापेमारी दल के मसना गांव पहुंचते ही एक युवक पुलिस को देखकर भागने लगा. पुलिस ने उसे रोककर पूछताछ की तो उसने अपना नाम सिठुन नदाब बताया. उसके घर और टेंपू की तलाशी लेने पर 29 पैकेट लॉटरी के टिकट बरामद किये गये.

पुलिसिया पूछताछ जारी

पुलिस ने बताया कि जितनी लॉटरी के टिकट बरामद किए गए हैं,  उसकी अनुमानित कीमत 36 करोड़ 15 लाख 75 हजार रुपये मानी जा रही है. अवैध लॉटरी के टिकट मिलने पर पुलिस ने युवक को गिरफ्तार करते हुए सभी लॉटरी टिकट को जब्त कर लिया है. इस मामले में राधा नगर थाना प्रभारी राकेश कुमार के आवेदन पर थाना कांड सं. 265/22 दर्ज कर पुलिस आगे की कार्रवाई कर रही है. पूछताछ में गिरफ्तार युवक ने बताया कि लॉटरी बरहरवा के मुजम्मिल शेख के यहां से लेकर आ रहा था. पुलिस अवैध लॉटरी टिकट रैकेट के पर्दाफाश के लिए कार्रवाई कर रही है.

राम भक्तों के लिए

JMM ने शहीद निर्मल महतो की जयंती मनायी, विरोधियों को आदिवासी सीएम पच नहीं रहा है: विनोद पांडेय

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रांची : झारखण्ड मुक्ति मोर्चा की रांची जिला समिति द्वारा झारखण्ड आन्दोलन के प्रणेता एवं झारखण्ड मुक्ति मोर्चा के पूर्व केन्द्रीय अध्यक्ष वीर शहीद निर्मल महतो की 72वीं जयन्ती के अवसर पर रांची स्थित शहीद निर्मल महतो चौक पर अवस्थित उनकी आदमकद प्रतिमा पर राज्य समन्वय समिति के सदस्य सह झामुमो के केन्द्रीय महासचिव सह प्रवक्ता विनोद कुमार पांडेय ने रविवार को बतौर मुख्य आतिथि के रूप में माल्यार्पण कर श्रद्धासुमन अर्पित किया। इस मौके पर श्री पांडेय ने कहा कि आज भाजपानीत केंद्र सरकार का रवैया झारखण्डियों के प्रति नकारात्मक रहा है। उन्हें आदिवासी मुख्यमंत्री पच नहीं रहा है। किसी न किसी रूप में भाजपा आदिवासियों को कुचलने का काम कर रही है। झारखण्ड के शहीदों को भी मिटाने का काम कर रही है। हेमन्त सोरेन की सरकार आज जिस तरह से काम कर रही है,  उससे विरोधियों के अंदर खलबली है. 2024 के चुनाव में भी झारखंड में हमारी सरकार बनेगी।

ये लोग थे शामिल

इस मौके पर राज्यसभा सांसद डॉ महुआ माजी, झामुमो केंद्रीय सदस्य पवन जेडिया, जिलाध्यक्ष मुस्ताक आलम, पूर्व केन्द्रीय सदस्य अफरोज अन्सारी,  जिला सचिव डॉ हेमलाल मेहता, जिला उपाध्यक्ष जनक नायक, अश्विनी शर्मा, बीरू साहू, लालजय नाथ शहदेव, आदिल इमाम, जुलफीकार खान, डॉ तालकेश्वर महतो, डॉ बबलू राम, जावेद अख्तर अन्सारी,  जितेन्द्र  गुप्ता, मंटू लाला, सुनील साहू, परविन्दर सिंह नामधारी, अजित नायक,  रमेश साहू, सागर वर्मा, नयनतारा उरांव, मो कयूम, फरीद, उषा उरांव, परवेज आलम गुड्डू, नंदकिशोर चंदेल, राकेश वर्मा, राधा देवी, अजीत नायक, प्रदीप मिर्धा, नीरज वर्मा, मुकेश महतो, राहुल वर्मा, गोपाल पांडे, ओम शर्मा, अजय उरांव, सुरज साहू, अरुण महतो, सुमित कुमार, सहज नाथ महतो, मंगल मिंज, राजेश सिंह, मो अकबर कुरैशी, सृजन, निखिल, सहनावज हुसैन, सद्दाम, कामरान, दिनेश तिग्गा, किशोर कुमार, नईम खान, मो साजिद, विपिन पांडे, मोहन गोस्वामी, विनीत सिंह, गौरव (माही), अमर कुमार महतो, राकुमार प्रजापति, नसीम खान, अब्दुला हबीब, आसिफ, अवधेश, सोमू बनर्जी, मो अदीब अशर्फी, रमजान आदि शामिल थे।

राम भक्तों के लिए

तजाकिस्तान में फंसे 44 मजदूरों की कल होगी वतन वापसी, अन्नपूर्णा देवी, सीएम व श्रम मंत्री के प्रति परिजनों ने जताया आभार

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गिरिडीह : (कमलनयन) झारखड सत्कार के श्रम मंत्री सत्यानंद भोक्ता एवं केन्द्रीय शिक्षा राज्यमंत्री अन्नपूर्णा देवी के सार्थक प्रयास से तजाकिस्तान में फंसे झारखंड के गिरिडीह,  हजारीबाग व बोकारो जिले के सभी 44 मजदूरों की सोमवार सुबह को वतन वापसी होगी। जानकारी के मुताविक वतन वापसी के लिए सुबह 10:50 बजे सभी मजदूर तजाकिस्तान से उड़ान भरेंगे और 12:50 बजे दिल्ली पहुंचेंगे। अपनों की घर वापसी को लेकर परिजनों में खुशी का माहौल है। परिजनों ने केन्द्रीय राज्यमंत्री एंव हेमंत सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया है.

एजेंट ने मजदूरों का कॉल तक रिसीव नहीं किया

बताते चलें कि दलालों के चक्कर में ज्यादा पैसे की लालसा में सभी 44 मजदूरों को तजाकिस्तान गये थे। लेकिन समय पर तनख्वाह नहीं मिलने, खाने-पीने में हो रही परेशानी की जानकारी मजदूरों ने एजेंट को मोबाइल पर देने की कोशिश की. एजेंट ने मजदूरों का कॉल तक रिसीव नहीं किया। जिससे विवश होकर मजदूरों ने प्रवासी मजदूरों के हित में कार्य करनेवाले सिकन्दर अली के माध्यम से तजाकिस्तान से घर वापसी कराने की गुहार लगाई। सिकन्दर अली ने तत्परता दिखाते हुए अपने प्रवासी ह्वाट्सएप ग्रुप और फेसबुक के माध्यम से सारे मीडिया एवं क्षेत्र के सारे जनप्रतिनिधियों को जानकारी दी। इसके बाद जनप्रतिनिधि एवं विभागीय मंत्री ने उनकी घर वापसी के लिए हरसंभव उपाय कर उनकी वापसी एवं उनके बकाये वेतन का प्रयास किया। फलस्वरूप मजदूरों के दो माह की बकाया राशि का भुगतान हो पाया, और कल घर वापसी भी हो जाएगी.

सिकन्दर अली ने मजदूरों का दिया साथ

इधर, इस मामले को लेकर प्रवासी मजदूरों की आवाज उठाने वाले सिकन्दर अली का कहना है कि यह पहली घटना नहीं है, जब काम की तलाश में मजदूर विदेश जाते हैं। वहां पर उन्हें कई तरह की यातनाएं झेलनी पड़ती है। बड़ी मुश्किल से वे वतन लौट पाते हैं ऐसे में सरकार को इस पर ठोस कदम उठाने की जरूरत है। गिरिडीह से हर साल काम को लेकर दलालों के चक्कर पड़कर काम के लिए विदेश चले जाते हैं और चंद महीनों बाद वहां मजदूरों के समक्ष कई तरह की समस्याएं उत्पन्न हो जाती है. इसके बाद दलाल कुछ कर नहीं पाता या वह फरार हो जाता है. यह सिलसिला लंबे समय से जारी है. लेकिन गरीबी-बेरोजगारी के कारण लोगों को विदेश जाना ज्यादा आसान लगता है.

वतन वापसी करनेवाले मजदूरों की सूची

गिरिडीह के बगोदर प्रखंड के अडवारा के संतोष महतो, सरिया प्रखंड अंतर्गत लुतयानो के तेजो महतो, चिचाकी के दशरथ महतो, नुनूचंद महतो, गणेश महतो, डुमरी प्रखंड अंतर्गत दुधपनियां के नंदू कुमार महतो, खेचगढी के प्रदीप महतो, चेगडो सोहन महतो, गिरि महतो, डुमरी के बीरेन्द्र कुमार, घुजूडीह के नकुल महतो। हजारीबाग जिले के बिष्णुगढ़ अंतर्गत खरना तिलेश्वर महतो, प्रदीप गंजु, रामेश्वर महतो, महाबीर महतो, रीतलाल महतो, गोवर्धन महतो, मीतलाल महतो, भलुआ के जगदीश महतो, बासुदेव महतो, प्रेमचंद महतो, बरहमदेव महतो, गोविंदपुर, बालेश्वर महतो, आशोक सिंह, जोबर के आयोध्या महतो, उमेश महतो, टेकलाल महतो, तालो महतो, बीरू सिंह, संतोष महतो, बंदखारो के मंगर महतो, नारायण महतो, कृष्णा कुमार मंडल, दिलीप महतो, विनय महतो, मनोज कुमार महतो, त्रिभुवन महतो, लालदेव महतो, बसंत मंडल तुलसी महतो, नेरकी के रोहित सिंह, बोकारो जिले के गोमियां प्रखंड अंतर्गत सिधाबारा के मुकेश महतो,महुआटांड के टीको महतो,बोकारो थर्मल के कमलेश अगरिया शामिल हैं।

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