गिरिडीह (कमलनयन) : गिरिडीह एवं इसके आसपास के इलाके में पिछले एक पखवारे से पड़ रही भीषण गर्मी में बिजली संकट की त्रासदी झेल रहे लोगों को निजात दिलाने की मांग को लेकर मंगलवार को झारखंड मुक्ति मोर्चा के वरिष्ठ नेता जिला प्रमुख संजय सिंह अपने समर्थकों के साथ आगे आकर जीएम कार्यालय का घेराव किया। घेराव कार्यक्रम के दौरान जीएम प्रदोष कुमार ने झामुमो शिष्टमंडल की अगुवाई कर रहे श्री सिंह से वार्ता कर आश्वशान दिया कि दो-तीन दिनों के अंतराल में गिरिडीह बिजली समस्या दूर हो जायेगी। दरअसल,ये हर साल का रोना है कि जबतक जनता उग्र नहीं होती है बिजली विभाग जागता नहीं हैं.आरोप है कि बिजली के लिए आम जन को रूला कर फैक्टरियों को 20-22 घंंटे तक बिजली दी जाती है. इसमें डीवीसी के अधिकारियों की भी भूमिका होती है. घेराव करने पर जीएम ने कहा कि दो से तीन दिनों में बिजली की स्थिति में सुधार हो जाएगा. सवाल उठता है कि क्या ये अधिकारी नहीं जानते हैं कि बिजली की जिले में कैसी स्थिति है?
गिरिडीह सर्किल से डीवीसी 70 करोड़ व जेबीवीएनएल 10 करोड़ की राजस्व उगाही करती है
बताया गया कि श्री सिंह ने जीएम से स्पष्ट कहा कि बिजली व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो, पार्टी कैडर और नागरिकों के सहयोग से आंदोलन करेंगे। श्री सिंह ने कहा कि झारखंड में सतारुढ़ हेमंत सोरेन की सरकार नागरिक सुविधाओं को लेकर अत्यंत संजीदा ह्रै। पानी, बिजली, सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य जैसे विभागों की सरकार की ओर से प्रयाप्त संसाधन मुहैया कराये जाने के बावजूद इसमें विभागीय लापरवाही हो रही है. जनता ऐसे कष्ट को बर्दास्त नहीं करेगी। बताया गया कि झामुमो जिला अध्यक्ष के नेतृत्व में जीएम कार्यालय का घेराव कार्यक्रम में संजय सिंह ने कहा कि तीन दिनों में मांगों पर अमल नहीं हुआ तो, डीवीसी स्टेशन में तालाबंदी की जायेगी। झामुमो नेता ने डीवीसी पर भेदभाव करने का आरोप लगाया और कहा कि डीवीसी गिरिडीह सर्किल से 70 करोड़ का राजस्व उगाही करती है और जेबीवीएनएल 10 करोड़ का राजस्व कमाती है। डीवीसी उद्योगों को तो 24 घंटे बिजली देती है और घरेलू उपभोक्ताओं की 12 -12 घंटे तक बिजली काटी जाती है। डीवीसी को गिरिडीह की आम जनता के हितों में अपनी नीति बदलनी होगी।

‘सरकार अपनी है तो क्या हुआ…जनहित में आंदोलन करने से पीछे नहीं हटेंगे’
बता दें कि 04 डिग्री अधिकतम तापमान के कारण गिरिडीह वासियों की दिनचर्या असंतुलित हो गई है. ऊपर से 24 घंटों में महज 10 से 12 घंटे ही बिजली रहती है. इसके कारण लोगों को कई प्रकार की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. साथ ही हेमंत सोरेन सरकार के खिलाफ विरोधियों को तंज कसने का अवसर प्राप्त हो रहा है. सोशल मीडिया में भी कई प्रकार के राज्य सरकार के कामों को लेकर प्रतिक्रियाएं आ रही थी। लेकिन जेएमएम नेता ने आगे आकर अपना फर्ज निभाया और बिजली तंगी को लेकर आंदोलन की चेतावनी देकर यह साफ कर दिया कि सरकार अपनी भी है तो, जनहित में आंदोलन करने से पीछे नहीं हटेंगे।
एक साल से बिजली की तंगी झेल रहे हैं पांच गांव के ग्रामीण
इधर, सीसीएल क्षेत्र अंतर्गत 5 गांव के ग्रामीणों ने मंगलवार को डीसी ऑफिस पहुंचकर बिजली कटौती को लेकर एक आवेदन उपायुक्त के नाम सौंपा। दिए गए आवेदन में बताया गया कि महुआटांड़, बालोडिंगा, केलीबाद, तिनकोनिया ओर कोलीमारन गांव में लगभग 1 साल से बिजली की अधिक कटौती हो रही है। वर्तमान समय में इस भीषण गर्मी में बिजली की आंख मिचौनी खेल के कारण लोगों का जीना मुहाल हो गया है।

बिजली समस्या को लेकर सीसीएल अधिकारियों को भी अवगत कराया गया
आवेदन देने पहुंचे ग्रामवासियों ने बताया कि इस संबंध में कई बार बिजली की समस्या को लेकर सीसीएल पदाधिकारी को भी अवगत कराया गया लेकिन आज तक इसका कोई समाधान नहीं निकला. नतीजा यह है कि गर्मी में लोग बिजली के कारण परेशान हैं। ग्रामीणों ने बताया कि बिजली नहीं रहने के कारण बच्चों की पढ़ाई नहीं हो पा रही है. वहीं खेती-बारी के पटवन काम में दिक्कत हो रही है। बताया गया कि रात में अत्यधिक बिजली की कटौती होती है, जिसके कारण गर्मी में लोग चैन की नींद नहीं सो पाते है. मो इम्तियाज, अब्दुल कयूम, मो सरकार, मो चांद, मो शबीर, मो हफीज, मो अफराज समेत दर्जनों लोग शामिल थे।