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Saturday, March 7, 2026
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बंधु तिर्की ने पूर्णिया के टेटगामा नरसंहार के पीड़ित परिवार के परिजनों से मिले, डीएम-एसपी से तत्काल दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की 

पूर्णिया/रांची : झारखंड कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष बंधु तिर्की, जो सामाजिक न्याय और आदिवासी-दलित समुदायों के उत्थान के लिए निरंतर संघर्षरत हैं, ने बुधवार को टेटगामा गांव का दौरा किया। उन्होंने पीड़ित परिवार के शोकसंतप्त परिजनों से मुलाकात की, उनके दर्द को समझा, और घटना की विस्तृत जानकारी ली।

ज्ञात हो कि बिहार के पूर्णिया जिले के मुफस्सिल थाना के रजीगंज पंचायत के टेटगामा गांव मे 6-7 जुलाई 2025 की रात एक दिल दहलाने वाली घटना हुई थी, जिसमें अंधविश्वास के कारण एक ही आदिवासी परिवार के पांच लोगों-बाबूलाल उरांव (40), उनकी पत्नी सीता देवी (35), मां मासोमात कातो देवी (65), बेटा मंजीत उरांव (25), और बहू रानी देवी (23) सभी को डायन-बिसाही के आरोप में पहले बेरहमी से मारा-पीटा गया और फिर पेट्रोल छिड़क कर ज़िंदा जला कर मार दिया गया। फिर शवों को बोरे में भर कर ट्रैक्टर में लाद कर खेत के गड्ढे में छिपाया दिया गया था।

इस मामले में 23 नामजद हैं और 150 अज्ञात लोगों के ख़िलाफ़ एफआईआर की गयी. पीड़ित परिवार के अनुसार इस घटना का मुख्य आरोपी स्थानीय नकुल उराँव ही है, जो तांत्रिक का काम करता है और उसी ने गांव वालों को उकसाया था जिसे बाद में पुलिस ने धर दबोचा. साथ ही नकुल उरांव के सहयोगी छोटू उरांव मोहम्मद सनाउल को भी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। 

  टेटगामा गांव में अंधविश्वास का बोलबाला

जांच टीम को पता चला कि गांव में आदिवासी और दलित समुदाय भय, असमानता, और दबंगों के दबदबे के साए में जी रहा है। उनकी आजीविका हाशिए पर है, और सामाजिक-आर्थिक पिछड़ापन उनकी जिंदगी को और कठिन बना रहा है। पीने को शुद्ध पानी नहीं है, काम नहीं है, सड़क नहीं है साथ ही अंधविश्वास का प्रकोप है। इन सबके मद्देनजर झारखंड कांग्रेस कमिटी द्वारा 5 सदस्यीय टीम बनायी गई थी जिनके नेतृव झारखंड कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष बंधु तिर्की कर रहे थे।

श्री तिर्की ने बताया कि पूर्णिया टेटगामा की यह घटना मानवता पर कलंक है। अंधविश्वास और अशिक्षा ने एक निर्दोष परिवार को खत्म कर दिया। यह सिर्फ एक हत्या नहीं, बल्कि सामाजिक कुरीतियों और दबंगों की ताकत का परिणाम है। हमारी सरकार और समाज को मिलकर इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाने होंगे। इस मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए और दोषियों को कठोरतम सजा दी जाए। पीड़ित परिवार को तत्काल आर्थिक सहायता और सुरक्षा प्रदान की जाए।

उन्होेंंने अंधविश्वास के खिलाफ जागरूकता अभियान चलाए और शिक्षा का प्रसार किए जाने की जरूरत बतायी. आदिवासी और दलित समुदायों के लिए आजीविका और सुरक्षा के विशेष उपाय किए जाएं। मौके पर बंधु तिर्की ने परिवार को तत्काल ₹21 हज़ार का आर्थिक सहयोग किया।

तिर्की ने डीएम-एसपी से पीडित परिवारों को मुआवजा देने की मांग की

श्री तिर्की ने पीड़ित परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की और उनके साथ हरसंभव सहायता का वादा किया। घटना से संबंधित जिला पदाधिकारी (DM) एवं पुलिस अधीक्षक से मिल कर जल्द कार्रवाई का आग्रह किया और गांव की मूलभूत समस्याओं को लेकर जागरूकता बढ़ाने का अभियान चलाने की बात कही। सरकार परिवार की आर्थिक स्थिति को देखते हुए त्वरित आर्थिक सहायता व मुआवजा की घोषणा करे।

प्रतिनिधिमंडल में ये लोग थे शामिल

मौके पर प्रतिनिधिमंडल में प्रदेश महासचिव नीरज खलखो, प्रदेश के आदिवासी के अध्यक्ष जोसई मार्डी, राज उरांव, पूर्णिया जिले से अखिल भारतीय आदिवासी विकास परिषद बिहार प्रदेश अध्यक्ष जितेन्द्र उरांव, परिषद् के राष्ट्रीय युवा उपाध्यक्ष आनन्द लकड़ा, कांग्रेस नेता छोटू सिंह उर्फ नीरज सिंह, कांग्रेस जिला अध्यक्ष बिजेंद्र यादव, सुरेन्द्र उरांव, रावण उरांव, चंदन उरांव, एमरॉन बड़ा, दिलीप लकड़ा, राजद नेता उपेन्द्र शर्मा, लाल बहादुर उराँव, विजय उराँव, सीमा उराँव, बीरेंद्र उराँव, स्थानीय जिला परिषद सदस्य राजीव सिंह, मृतक परिवार से खूबलाल उरांव, राजू उरांव, अर्जुन उरांव, रिंकी देवी आदि उपस्थित थे।


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